दुनिया-ए-तसव्वुर हम आबाद नहीं करते,
याद आते हो तुम ख़ुद ही हम याद नहीं करते...!!
🤭🤭
याद आते हो तुम ख़ुद ही हम याद नहीं करते...!!
🤭🤭
❤2
विलुप्त हो रही है खिलखिलाती लड़कियां,
मौन पड़ते जा रहे है मुस्कुराने वाले लड़के,,,,,
और तुम कहते हो नया दौर बहुत तरक्की
कर चुका है.....🙂🙃
मौन पड़ते जा रहे है मुस्कुराने वाले लड़के,,,,,
और तुम कहते हो नया दौर बहुत तरक्की
कर चुका है.....🙂🙃
❤2😢2
Forwarded from 𝖴𝗇𝖿𝗈𝗅𝖽𝗂𝗇𝗀 𝗐𝗈𝗋𝖽𝗌 🖤
i don’t know if they miss me the way i miss them.
maybe they do, maybe they don’t. there’s no way to check something like that, and that’s what makes it worse.
because missing someone is a closed system. it doesn’t need the other person to continue. it just runs on its own, like a machine that forgot how to stop.
sometimes i think the real problem isn’t that they’re gone. it’s that nothing in me updated after they left. the world moved forward, they moved forward, but something in my mind is still stuck at a point that no longer exists.
it’s strange how two people can share the same time and still end up with completely different versions of it. for me, it turned into something heavy, something that stayed. for them, it might have just been another phase that ended when it was supposed to.
there’s also this uncomfortable thought that maybe i was never as important as i believed i was. it’s like realising you misread something that was never meant for you.
and the worst is, even if they don’t miss me, it doesn’t change anything here. it doesn’t reduce the weight of it. it just makes it more isolated.
maybe that’s all this is. not love, not loss. just a kind of attachment that outlived its context.
and eventually, even this will fade. not because it resolves, but because everything does.
even things that felt like they would define you forever.
maybe they do, maybe they don’t. there’s no way to check something like that, and that’s what makes it worse.
because missing someone is a closed system. it doesn’t need the other person to continue. it just runs on its own, like a machine that forgot how to stop.
sometimes i think the real problem isn’t that they’re gone. it’s that nothing in me updated after they left. the world moved forward, they moved forward, but something in my mind is still stuck at a point that no longer exists.
it’s strange how two people can share the same time and still end up with completely different versions of it. for me, it turned into something heavy, something that stayed. for them, it might have just been another phase that ended when it was supposed to.
there’s also this uncomfortable thought that maybe i was never as important as i believed i was. it’s like realising you misread something that was never meant for you.
and the worst is, even if they don’t miss me, it doesn’t change anything here. it doesn’t reduce the weight of it. it just makes it more isolated.
maybe that’s all this is. not love, not loss. just a kind of attachment that outlived its context.
and eventually, even this will fade. not because it resolves, but because everything does.
even things that felt like they would define you forever.
❤2
तलाश कीजिए सुकून की ,,
ये जिंदगी के मसले कभी खत्म नहीं होगे..🙌💯
ये जिंदगी के मसले कभी खत्म नहीं होगे..🙌💯
❤5🔥1
वो मुझको छोड़ के जिस आदमी के पास गया,,
बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता..!!
~ परवीन शाकिर साहिबा
बराबरी का भी होता तो सब्र आ जाता..!!
~ परवीन शाकिर साहिबा
🔥2❤1
गुरूर किस बात का करना साहब,
सब "धुआँ धुआँ"हैं
आज मिट्टी के ऊपर है,
तो कल मिट्टी के नीचे,,
सब "धुआँ धुआँ"हैं
आज मिट्टी के ऊपर है,
तो कल मिट्टी के नीचे,,
🥰3❤1
ᴡʜᴇɴ ᴀʜᴍᴀᴅ ꜰᴀʀᴀᴢ ꜱᴀɪᴅ...
𝘒𝘪𝘴𝘪 𝘴𝘩𝘢𝘢𝘮 𝘩𝘶𝘮𝘦𝘪𝘯 𝘣𝘩𝘪 𝘺𝘢𝘢𝘥
𝘬𝘢𝘳 𝘭𝘪𝘺𝘢 𝘬𝘳𝘰,
𝘔𝘢𝘪𝘯 𝘥𝘰𝘴𝘵 𝘱𝘶𝘳𝘢𝘯𝘢 𝘩𝘪 𝘴𝘢𝘩𝘪 𝘮𝘢𝘨𝘢𝘳
𝘻𝘪𝘯𝘥𝘢 𝘩𝘰𝘰𝘯..
ᴀɴᴅ ᴡʜᴇɴ ᴩᴀʀᴠᴇᴇɴ ꜱʜᴀᴋɪʀ ꜱᴀɪᴅ...
𝘛𝘶𝘮𝘯𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘢 𝘵𝘩𝘢 𝘩𝘢𝘳 𝘴𝘩𝘢𝘢𝘮
𝘵𝘦𝘳𝘢 𝘩𝘢𝘢𝘭 𝘱𝘶𝘤𝘩𝘦𝘨𝘦,
𝘛𝘶𝘮 𝘣𝘢𝘥𝘢𝘭 𝘨𝘺𝘦 𝘩𝘰 𝘺𝘢,
𝘛𝘶𝘮𝘩𝘢𝘳𝘦 𝘴𝘦𝘩𝘦𝘳 𝘮𝘢𝘪𝘯 𝘴𝘩𝘢𝘢𝘮 𝘩𝘪
𝘯𝘩𝘪 𝘩𝘰𝘵𝘪??
𝘒𝘪𝘴𝘪 𝘴𝘩𝘢𝘢𝘮 𝘩𝘶𝘮𝘦𝘪𝘯 𝘣𝘩𝘪 𝘺𝘢𝘢𝘥
𝘬𝘢𝘳 𝘭𝘪𝘺𝘢 𝘬𝘳𝘰,
𝘔𝘢𝘪𝘯 𝘥𝘰𝘴𝘵 𝘱𝘶𝘳𝘢𝘯𝘢 𝘩𝘪 𝘴𝘢𝘩𝘪 𝘮𝘢𝘨𝘢𝘳
𝘻𝘪𝘯𝘥𝘢 𝘩𝘰𝘰𝘯..
ᴀɴᴅ ᴡʜᴇɴ ᴩᴀʀᴠᴇᴇɴ ꜱʜᴀᴋɪʀ ꜱᴀɪᴅ...
𝘛𝘶𝘮𝘯𝘦 𝘬𝘢𝘩𝘢 𝘵𝘩𝘢 𝘩𝘢𝘳 𝘴𝘩𝘢𝘢𝘮
𝘵𝘦𝘳𝘢 𝘩𝘢𝘢𝘭 𝘱𝘶𝘤𝘩𝘦𝘨𝘦,
𝘛𝘶𝘮 𝘣𝘢𝘥𝘢𝘭 𝘨𝘺𝘦 𝘩𝘰 𝘺𝘢,
𝘛𝘶𝘮𝘩𝘢𝘳𝘦 𝘴𝘦𝘩𝘦𝘳 𝘮𝘢𝘪𝘯 𝘴𝘩𝘢𝘢𝘮 𝘩𝘪
𝘯𝘩𝘪 𝘩𝘰𝘵𝘪??
🌹😞🤌
❤2
हर परिस्थिति में साथ निभाने वाले
यदि छोड़ कर चले जाएं
तो
निश्चित ही तुमने
उनके धैर्य की
सभी परीक्षाएं ले ली होंगी .....❤️🩹
#heer_writes
यदि छोड़ कर चले जाएं
तो
निश्चित ही तुमने
उनके धैर्य की
सभी परीक्षाएं ले ली होंगी .....❤️🩹
#heer_writes
❤4🔥1
कैसे हम तुमको समझायें
क्या तुमको आभास नहीं है
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
बिना तुम्हारे दीवाना फागुन भी मुझे चिढ़ाये
नयनों का सावन बोलो कैसे तुमको दुलराये
यादों के झुरमुट से हम जब भी तुम्हें निहारें
गालों पर आंसू की भीनी पड़ने लगी फुहारें
उँगली पर दिन गिनते हैं कब से तुमसे नहीं मिले
मौसम के गालों पर दो डिम्पल कब से नहीं खिले
जीवन रूप अलंकृत करने
को तुम सा अनुप्रास नहीं है।
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
मंदिर खड़ी मनौती करती कई जनम की बातें
धागों में बाँधी है हमने प्रीत भरी सौगातें
भावों का ज्वार उठा जब याद हुई पूरनमासी
इस बैरागी मन को जैसे भाया हो संन्यासी
प्रेम तुम्हारा ध्यान लगाये बैठा जैसे साधू
जाने कैसा सम्मोहन है, जाने कैसा जादू
एक तुम्हारे प्रेम से बढ़कर
जीवन में संन्यास नहीं है।
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
#heer_writes
क्या तुमको आभास नहीं है
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
बिना तुम्हारे दीवाना फागुन भी मुझे चिढ़ाये
नयनों का सावन बोलो कैसे तुमको दुलराये
यादों के झुरमुट से हम जब भी तुम्हें निहारें
गालों पर आंसू की भीनी पड़ने लगी फुहारें
उँगली पर दिन गिनते हैं कब से तुमसे नहीं मिले
मौसम के गालों पर दो डिम्पल कब से नहीं खिले
जीवन रूप अलंकृत करने
को तुम सा अनुप्रास नहीं है।
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
मंदिर खड़ी मनौती करती कई जनम की बातें
धागों में बाँधी है हमने प्रीत भरी सौगातें
भावों का ज्वार उठा जब याद हुई पूरनमासी
इस बैरागी मन को जैसे भाया हो संन्यासी
प्रेम तुम्हारा ध्यान लगाये बैठा जैसे साधू
जाने कैसा सम्मोहन है, जाने कैसा जादू
एक तुम्हारे प्रेम से बढ़कर
जीवन में संन्यास नहीं है।
तन तो रह लेता है तुम बिन
पर मन को अभ्यास नहीं है।
#heer_writes
🥰3❤2
अक्सर लोग कहते हैं कि समय के साथ सब ठीक हो जाएगा.... और सच तो ये है कि ठीक हो भी जाता है, लेकिन 'ठीक होना' और 'पहले जैसा होना' दो बिल्कुल अलग बातें हैं।
जब हम किसी गहरे दुख या मुश्किल वक्त से गुज़रते हैं, तो समय हमारे घाव तो भर देता है, पर पीछे कुछ निशान छोड़ जाता है। ये निशान हमारी हार नहीं, बल्कि हमारी गहराई और समझ की पहचान होते हैं।
याद रखिए:
🕰️ लाइफ कभी पीछे नहीं जाती, हम सिर्फ आगे बढ़ते हैं।
🔥 आग से गुज़रकर ही मिट्टी 'सोना' बनती है।
🔱 हर अनुभव हमें यह सिखाता है कि असल में हमारा अपना कौन है।
बदलने का मतलब टूटना नहीं है, बल्कि खुद का एक बेहतर और मज़बूत वर्जन बनना है। वक्त बदलेगा, आप संभलेंगे और यही बदलाव आपको ज़िंदगी की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। ❤️🙌
क्या आप भी मानते हैं कि बदलाव ही ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच है?
जब हम किसी गहरे दुख या मुश्किल वक्त से गुज़रते हैं, तो समय हमारे घाव तो भर देता है, पर पीछे कुछ निशान छोड़ जाता है। ये निशान हमारी हार नहीं, बल्कि हमारी गहराई और समझ की पहचान होते हैं।
याद रखिए:
🕰️ लाइफ कभी पीछे नहीं जाती, हम सिर्फ आगे बढ़ते हैं।
🔥 आग से गुज़रकर ही मिट्टी 'सोना' बनती है।
🔱 हर अनुभव हमें यह सिखाता है कि असल में हमारा अपना कौन है।
बदलने का मतलब टूटना नहीं है, बल्कि खुद का एक बेहतर और मज़बूत वर्जन बनना है। वक्त बदलेगा, आप संभलेंगे और यही बदलाव आपको ज़िंदगी की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। ❤️🙌
क्या आप भी मानते हैं कि बदलाव ही ज़िंदगी का सबसे बड़ा सच है?
❤7👌1
वो मिल जाए तो उसको
संभाल के रखूंगी...💞
उसके माथे को चूम
हर नजर से बचा के रखूंगी ...❤️
संभाल के रखूंगी...💞
उसके माथे को चूम
हर नजर से बचा के रखूंगी ...❤️
🥰4❤2
कभी फुर्सत मिले तो
पढ़ना मेरी आँखों को,
जो बात लफ्ज़ नहीं
कह पाए वो इनमें दफन है..!!
पढ़ना मेरी आँखों को,
जो बात लफ्ज़ नहीं
कह पाए वो इनमें दफन है..!!
❤4
❤2
हाथों की लकीरों में देख लेती हूं तुम्हारा नाम जब भी
फिर खुद में गुरूर से भर जाती हूँ
तुम जब भी कह देते हो मुझे अपना
मै अलग ही सुरूर में भर जाती हूँ
तुम मेरी दुनियां के वो चांद हो
जिसकी चांदनी बन मै बहुत इतराती हूँ
जताती नहीं हूँ तुम्हे अपना प्रेम माना पर
माथे पर बिंदिया तुम्हारे नाम की लगाती हूँ
कोई पूछता है जब भी मुझसे मेरा नाम
अपने नाम के पीछे तुम्हारा नाम बताती हूँ ।
#heer_writes
फिर खुद में गुरूर से भर जाती हूँ
तुम जब भी कह देते हो मुझे अपना
मै अलग ही सुरूर में भर जाती हूँ
तुम मेरी दुनियां के वो चांद हो
जिसकी चांदनी बन मै बहुत इतराती हूँ
जताती नहीं हूँ तुम्हे अपना प्रेम माना पर
माथे पर बिंदिया तुम्हारे नाम की लगाती हूँ
कोई पूछता है जब भी मुझसे मेरा नाम
अपने नाम के पीछे तुम्हारा नाम बताती हूँ ।
#heer_writes
❤3
कुछ लोग ऐसे भी मिलते हैं ज़िंदगी में,
जो पल भर में ही दिल में उतर जाते हैं…
थोड़ी सी बात करके, धीरे-धीरे आदत
बन जाते हैं,
और फिर बिना बताए ही ज़िंदगी से
निकल जाते हैं…
ना उन्हें फर्क पड़ता है,
ना वो कभी समझाते हैं…
बस हम ही बेवजह सोचते रह जाते हैं,
कि शायद कुछ खास था…
शायद गलती किसी की नहीं होती,
बस उम्मीदें थोड़ी ज़्यादा हो जाती हैं…
और दिल उन बातों को भी सच मान लेता है,
जो शायद कभी थीं ही नहीं…
अब समझ आ गया है,
हर मुस्कान के पीछे सच नहीं होता,
और हर बात का मतलब निकालना भी
ज़रूरी नहीं होता…
इसलिए अब खुद को ही समझा लिया है,
ना कोई शिकायत, ना कोई सवाल…
बस इतना ही —
कुछ कहानियां अधूरी ही अच्छी लगती हैं… 🙂
- तेरे रुख से अपना रास्ता मोर के चली,
चांदनी हूं मैं••••
अपनी खुशबू छोर के चली ❤️🩹✨
जो पल भर में ही दिल में उतर जाते हैं…
थोड़ी सी बात करके, धीरे-धीरे आदत
बन जाते हैं,
और फिर बिना बताए ही ज़िंदगी से
निकल जाते हैं…
ना उन्हें फर्क पड़ता है,
ना वो कभी समझाते हैं…
बस हम ही बेवजह सोचते रह जाते हैं,
कि शायद कुछ खास था…
शायद गलती किसी की नहीं होती,
बस उम्मीदें थोड़ी ज़्यादा हो जाती हैं…
और दिल उन बातों को भी सच मान लेता है,
जो शायद कभी थीं ही नहीं…
अब समझ आ गया है,
हर मुस्कान के पीछे सच नहीं होता,
और हर बात का मतलब निकालना भी
ज़रूरी नहीं होता…
इसलिए अब खुद को ही समझा लिया है,
ना कोई शिकायत, ना कोई सवाल…
बस इतना ही —
कुछ कहानियां अधूरी ही अच्छी लगती हैं… 🙂
- तेरे रुख से अपना रास्ता मोर के चली,
चांदनी हूं मैं••••
अपनी खुशबू छोर के चली ❤️🩹✨
❤3
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