❝अगर हमारे दिए दर्द को भी
तुमने अमानत समझकर संभाला है,
तो यक़ीन मानो…
तुम्हारे हर आँसू का हिसाब
हमने भी दिल में संभाल रखा है।❞ 🥀❤️
तुमने अमानत समझकर संभाला है,
तो यक़ीन मानो…
तुम्हारे हर आँसू का हिसाब
हमने भी दिल में संभाल रखा है।❞ 🥀❤️
❤1🥰1🙏1
हम तो हैं ख़ामोश यहाँ, वहाँ भी चुप होगा चाँद,
तेरी आँखों के शहर में आज भी ठहरा होगा चाँद। 🌙🥀
जिस दिल में कभी मोहब्बत की रौशनी रहती थी,
उसी दिल में आज कोई दर्द बनकर उतरा होगा चाँद।। 🖤✨
तेरी आँखों के शहर में आज भी ठहरा होगा चाँद। 🌙🥀
जिस दिल में कभी मोहब्बत की रौशनी रहती थी,
उसी दिल में आज कोई दर्द बनकर उतरा होगा चाँद।। 🖤✨
❤2❤🔥1
ऐसे सदमे गुजरने लगे ,
शीशों से बात करने लगे ,,
एक दिन इश्क़ पैदा हुआ ,
और फिर लोग मरने लगे..!!🖤 ✅
शीशों से बात करने लगे ,,
एक दिन इश्क़ पैदा हुआ ,
और फिर लोग मरने लगे..!!
🌸 💛 ⭐️ ❤
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❤5
ईश्वर ने प्रेम तो सब को दिया,
पर प्रेम में स्वयं को शून्य कर,
किसी और के सुख की कामना
करने वाला हृदय सिर्फ स्त्री को दिया❤️ ✅
पर प्रेम में स्वयं को शून्य कर,
किसी और के सुख की कामना
करने वाला हृदय सिर्फ स्त्री को दिया
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❤2
यादों में तुम, बातों में तुम,
हर ख़्वाब में बस तुम्हारा ही ज़िक्र रहा… 🌸🎀
तुमने ख़ामोशी को प्यार की हद लिख दिया,
हमने उसी ख़ामोशी में अपना पूरा इश्क़ पढ़ लिया… ❤️🩹✨
जो बातें लफ़्ज़ों में कभी कह न सके,
वो आँखों ने हर बार बयां की हैं… 🥹🌙
तुमने जो अधूरे ख़्वाब और वादे लिखे,
हमने उनमें भी अपनी पूरी दुनिया सजाई है… 💗🌸
काग़ज़ छोटा पड़ गया तुम्हारा प्यार लिखते-लिखते,
हम तो आज भी तुम्हें दिल के पन्नों पर लिखते हैं… 🎀🫶🏻
और अगर कोई पूछे इश्क़ की आख़िरी हद क्या है,
तो हम बस इतना कहेंगे—
जहाँ तुम्हारी ख़ामोशी ख़त्म हो,
वहीं से हमारा प्यार शुरू होता है… ❤️🩹🌷
हर ख़्वाब में बस तुम्हारा ही ज़िक्र रहा… 🌸🎀
तुमने ख़ामोशी को प्यार की हद लिख दिया,
हमने उसी ख़ामोशी में अपना पूरा इश्क़ पढ़ लिया… ❤️🩹✨
जो बातें लफ़्ज़ों में कभी कह न सके,
वो आँखों ने हर बार बयां की हैं… 🥹🌙
तुमने जो अधूरे ख़्वाब और वादे लिखे,
हमने उनमें भी अपनी पूरी दुनिया सजाई है… 💗🌸
काग़ज़ छोटा पड़ गया तुम्हारा प्यार लिखते-लिखते,
हम तो आज भी तुम्हें दिल के पन्नों पर लिखते हैं… 🎀🫶🏻
और अगर कोई पूछे इश्क़ की आख़िरी हद क्या है,
तो हम बस इतना कहेंगे—
जहाँ तुम्हारी ख़ामोशी ख़त्म हो,
वहीं से हमारा प्यार शुरू होता है… ❤️🩹🌷
❤3❤🔥1
हसरतें कुछ और हैं, वक़्त की चाहतें कुछ और,
हमने माँगा था सुकूँ, ज़िंदगी की आहटें कुछ और।
जिसे अपना समझकर उम्र भर सँजोते रहे,
वक़्त ने लिख दीं मगर उसकी इबारतें कुछ और।
हम सफ़र में थे कि मंज़िल ही बदलती गई,
रास्ते कुछ और थे, उसकी दिशाएँ कुछ और।
ख़्वाब आँखों में थे, तक़दीर की ख़ामोशी में,
हम समझते रहे कहानी, मगर हक़ीक़तें कुछ और।
🌹 🦋 🦋
हमने माँगा था सुकूँ, ज़िंदगी की आहटें कुछ और।
जिसे अपना समझकर उम्र भर सँजोते रहे,
वक़्त ने लिख दीं मगर उसकी इबारतें कुछ और।
हम सफ़र में थे कि मंज़िल ही बदलती गई,
रास्ते कुछ और थे, उसकी दिशाएँ कुछ और।
ख़्वाब आँखों में थे, तक़दीर की ख़ामोशी में,
हम समझते रहे कहानी, मगर हक़ीक़तें कुछ और।
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❤3
चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं!
~💕💕
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं!
~💕💕
❤2🥰1❤🔥1
फंसी रही तुम्हारे हलक मे माफी,
हर बार जुबां ने गुरुर का साथ दिया ....✨
हर बार जुबां ने गुरुर का साथ दिया ....✨
❤1❤🔥1
🦋 💗 🖤
फिर यूँ हुआ की हसरतें पैरों में गिर गई ,
फिर हमने उन्हें रौंदकर किस्सा खत्म कर दिया
🌸 💛 ⭐️ ❤
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❤3❤🔥1⚡1
🦋 💗 🖤
जाकर तुम नदी के किनारे अपने हाथों में पानी उठा लेना ,
जितना उठ गया वो चाहत तुम्हारी और जो ना उठे वो मोहब्बत हमारी..
🌸 💛 ⭐️ ❤
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❤5😍2❤🔥2👌1
काश वो बस इतना सोचती ,
में ये नहीं कर सकती यार वो बहुत रोयेगा..!!
में ये नहीं कर सकती यार वो बहुत रोयेगा..!!
🌸 💛 ⭐️ ❤
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❤2👌2❤🔥1😍1
जब तुम पर गुजरेगी तब जानोगे ,
महबूब से लगी उम्मीदें इंसान का कलेजा फाड़ देती है...!!💌 💙 🦋
महबूब से लगी उम्मीदें इंसान का कलेजा फाड़ देती है...!!
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❤🔥3❤2
अगर कोई पूछे—
तुम्हारे लिए मैं कौन हूँ?
कह देना,
एक खाली जगह हूँ,
जिसे कोई और भर नहीं पाया।
वो आधी चाय,
जो बातों में ठंडी हो गई;
वो नींद,
जो मेरी आवाज़ के बिना आई नहीं।
न रिश्ता लिख सका हमें,
न वक़्त मिटा पाया।
मैं तुम्हारी ज़िंदगी का
बस वो अनकहा हिस्सा हूँ—
जो मिला भी नहीं पूरा,
और खोया भी नहीं कभी।
तुम्हारे लिए मैं कौन हूँ?
कह देना,
एक खाली जगह हूँ,
जिसे कोई और भर नहीं पाया।
वो आधी चाय,
जो बातों में ठंडी हो गई;
वो नींद,
जो मेरी आवाज़ के बिना आई नहीं।
न रिश्ता लिख सका हमें,
न वक़्त मिटा पाया।
मैं तुम्हारी ज़िंदगी का
बस वो अनकहा हिस्सा हूँ—
जो मिला भी नहीं पूरा,
और खोया भी नहीं कभी।
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