दिन कुछ ऐसे गुज़ारता है कोई,
जैसे एहसान उतारता है कोई।
दिल में कुछ यूँ सँभालता हूँ ग़म,
जैसे ज़ेवर सँभालता है कोई।
आइना देख कर तसल्ली हुई,
हम को इस घर में जानता है कोई।
पेड़ पर पक गया है फल शायद,
फिर से पत्थर उछालता है कोई।
देर से गूँजते हैं सन्नाटे,
जैसे हम को पुकारता है कोई।
जैसे एहसान उतारता है कोई।
दिल में कुछ यूँ सँभालता हूँ ग़म,
जैसे ज़ेवर सँभालता है कोई।
आइना देख कर तसल्ली हुई,
हम को इस घर में जानता है कोई।
पेड़ पर पक गया है फल शायद,
फिर से पत्थर उछालता है कोई।
देर से गूँजते हैं सन्नाटे,
जैसे हम को पुकारता है कोई।
⭐️ ⭐️ गुलज़ार साहब⭐️ ⭐️
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤2
Forwarded from MOHABBAT 🤍
त्याग रहा हूं मोह सभी का, खुद को ईश्वर बना रहा हूं
यह अंतिम चोरी है दाऊ तुमको सच-सच बता रहा हूं,
थोड़ा-सा चोरी होता हूं, थोड़ा-थोड़ा बचा रहा हूं
गोकुल मुझको चुरा रहा है, मैं वृंदावन को चुरा रहा हूं!!
🤍
कृष्ण जन्माष्टमी ❤️
यह अंतिम चोरी है दाऊ तुमको सच-सच बता रहा हूं,
थोड़ा-सा चोरी होता हूं, थोड़ा-थोड़ा बचा रहा हूं
गोकुल मुझको चुरा रहा है, मैं वृंदावन को चुरा रहा हूं!!
🤍
कृष्ण जन्माष्टमी ❤️
❤3⚡1😍1
अंततः तुम्हें मुझसे बिछड़ना होगा ,
प्रेम में स्थाईत्व नहीं है..!!💜 ✅
~❤ 🦋 ✅
प्रेम में स्थाईत्व नहीं है..!!
~
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
⚡2❤1👌1
और जो मोहब्बत खोकर हंसते हैं ,
वह फिर क्या खोकर रोते होगे..!!💔
~👻 💔 🔥
वह फिर क्या खोकर रोते होगे..!!
~
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤3⚡2🥰1
काश की वह लौट आई मुझे यह कहने की ,
तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!
~🦋 🫶 🔥
तुम कौन होते हो मुझसे बिछड़ने वाले..!!
~
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤3
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤3🥰2😍1
ज़ख्म जो दिखते नहीं है,
वो दुखते बहुत है..!! 💔💜
~🦋 🍷
वो दुखते बहुत है..!! 💔
~
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤4🥰1
आदत है,लत है,या फिर खुमारी है,
रोज़ एक बार तेरी तसवीर देखने की बीमारी है!
~🩷
रोज़ एक बार तेरी तसवीर देखने की बीमारी है!
~
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤5⚡4
उससे ही मोहब्बत क्यों थी ये बात मत पूछो,
नाम क्या था उसका ये सवाल मुझसे मत पूछो,🖤
उसका ज़िक्र होने पर खामोशी से दिया है
सबको जवाब मैंने,,
मेरी कहानी के बारे में मुझसे मत पूछो....🥀
बड़े प्यार से निकाला गया है मुझको
किसी के दिल से...❤️
दिल अंदर से टूटा है ज़ख्मों के बारे में मत पूछो,
जिसको रखती थी कभी ख्यालों में सबसे पहले,
तुम ऐसे किरदार के बारे में मत पूछो....✨
उसे किसी भी हालत में पाना था मुझको
मेरी नाकामयाबी के बारे में मत पूछो,
और मशरूफ रहती हूं उसके ख्यालों में
उसकी तस्वीर के बारे में मत पूछो,,
उसको खो दिया है मैंने कुछ इस तरह से
मुझसे उसका नाम मत पूछो....!!!🥹
मत पूछो..........🖤
नाम क्या था उसका ये सवाल मुझसे मत पूछो,🖤
उसका ज़िक्र होने पर खामोशी से दिया है
सबको जवाब मैंने,,
मेरी कहानी के बारे में मुझसे मत पूछो....🥀
बड़े प्यार से निकाला गया है मुझको
किसी के दिल से...❤️
दिल अंदर से टूटा है ज़ख्मों के बारे में मत पूछो,
जिसको रखती थी कभी ख्यालों में सबसे पहले,
तुम ऐसे किरदार के बारे में मत पूछो....✨
उसे किसी भी हालत में पाना था मुझको
मेरी नाकामयाबी के बारे में मत पूछो,
और मशरूफ रहती हूं उसके ख्यालों में
उसकी तस्वीर के बारे में मत पूछो,,
उसको खो दिया है मैंने कुछ इस तरह से
मुझसे उसका नाम मत पूछो....!!!🥹
मत पूछो..........🖤
❤4
सबकुछ पा लेने के बाद भी,
तुम्हे खोने का मलाल रह ही जाएगा...
और तुम्हारी कमी कोई भी जीत पूरी नहीं कर सकेगी!💜
#heer_writes
तुम्हे खोने का मलाल रह ही जाएगा...
और तुम्हारी कमी कोई भी जीत पूरी नहीं कर सकेगी!
#heer_writes
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤4
𝙃𝙚 ::❤ 🦋
बड़ी गुस्ताख़ है तुम्हारी याद
इसे तमीज़ सिखा दो !!!
ये दस्तक भी नहीं देती
और सीधे दिल में उतर आती हैं
𝙎𝙝𝙚 ::🌙 🫶
क्यों लगाते हो मेरी याद पर
गुस्ताखी का इल्ज़ाम !!!
अपना घर हो तो
कौन पूछ कर आता है..!!
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
🥰2❤1🔥1😍1
जा-ब-जा दिल को लगाने से कहाँ भूलेगा
हम को वो शख़्स भुलाने से कहाँ भूलेगा🥀
हाँ कई रोज़ से वो याद नहीं आया मगर
वो फ़क़त याद न आने से कहाँ भूलेगा🥀
हम को वो शख़्स भुलाने से कहाँ भूलेगा🥀
हाँ कई रोज़ से वो याद नहीं आया मगर
वो फ़क़त याद न आने से कहाँ भूलेगा🥀
❤4
जो लहरों से आगे नज़र देख पाती,
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ।
वो आवाज़ जो तुमको भी भेद जाती,
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ।
ज़िद का तुम्हारे जो पर्दा सरकता,
तो खिड़कियों से आगे भी तुम देख पाते।
आँखों से आदतों की जो पलकें हटाते,
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ।
मेरी तरह होता खुद पर ज़रा भरोसा,
तो कुछ दूर तुम भी साथ-साथ आते।
रंग मेरी आँखों का बाँटते ज़रा सा,
तो कुछ दूर तुम भी साथ-साथ आते।
नशा आसमान का जो चूमता तुम्हें भी,
हसरतें तुम्हारी नया जन्म पातीं।
खुद दूसरे जन्म में मेरी उड़ान छूने,
कुछ दूर तुम भी साथ-साथ आते...!!
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ।
वो आवाज़ जो तुमको भी भेद जाती,
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ।
ज़िद का तुम्हारे जो पर्दा सरकता,
तो खिड़कियों से आगे भी तुम देख पाते।
आँखों से आदतों की जो पलकें हटाते,
तो तुम जान लेते मैं क्या सोचता हूँ।
मेरी तरह होता खुद पर ज़रा भरोसा,
तो कुछ दूर तुम भी साथ-साथ आते।
रंग मेरी आँखों का बाँटते ज़रा सा,
तो कुछ दूर तुम भी साथ-साथ आते।
नशा आसमान का जो चूमता तुम्हें भी,
हसरतें तुम्हारी नया जन्म पातीं।
खुद दूसरे जन्म में मेरी उड़ान छूने,
कुछ दूर तुम भी साथ-साथ आते...!!
💜 💜 अमिताभ भट्टाचार्य⭐️ ⭐️
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤1😍1
Forwarded from MOHABBAT 🤍
आंसू हो गए फिर खारे मेरे
क्या अब नही तुम सहारे मेरे?
तूने कुछ कहा उसको, बता ना
उसने कुछ पूछा क्या बारे मेरे
हक़ीक़त ही तो छीन सकता है वो
ख़्वाब तो अब भी है सारे मेरे
उसकी याद-ए-नज़र खा गई मुझको
सदके थे जिसने उतारे मेरे
एक फूंक में उड़ गई है ख्वाहिश
मेरी, पलकों से टूटे हैं तारे मेरे
खिला जहां, खिले तेरा चेहरा
खुश रहे तू, जा प्यारे मेरे!!
🤍
क्या अब नही तुम सहारे मेरे?
तूने कुछ कहा उसको, बता ना
उसने कुछ पूछा क्या बारे मेरे
हक़ीक़त ही तो छीन सकता है वो
ख़्वाब तो अब भी है सारे मेरे
उसकी याद-ए-नज़र खा गई मुझको
सदके थे जिसने उतारे मेरे
एक फूंक में उड़ गई है ख्वाहिश
मेरी, पलकों से टूटे हैं तारे मेरे
खिला जहां, खिले तेरा चेहरा
खुश रहे तू, जा प्यारे मेरे!!
🤍
❤4❤🔥1
किस कदर तंग है हालात नहीं देखेगा ,
जिसे आना है वो बरसात नहीं दिखेगा..!!
ये लकीरें तो बिछड़ जाने का बहाना है फकत ,
जो निभाएगा वो कभी हाथ नहीं देखेगा..!!
जिसे आना है वो बरसात नहीं दिखेगा..!!
ये लकीरें तो बिछड़ जाने का बहाना है फकत ,
जो निभाएगा वो कभी हाथ नहीं देखेगा..!!
💛 ⭐️
Please open Telegram to view this post
VIEW IN TELEGRAM
❤3🥰1
हम हँसते रहे, दर्द छुपाते रहे,
वो समझे हमें बस बहलाते रहे।🥀
जिसे जान से भी ज़्यादा चाहा था,
वही हमसे नज़रें चुराते रहे।❤
कभी साथ चलने की क़सम खाई थी,
वो हर मोड़ पर हमको आज़माते रहे।🕊
न पूछा कभी हाल इन धड़कनों का,
बस अपने ही किस्से सुनाते रहे।💕
हम टूट के भी उनसे जुड़े ही रहे,
वो तोड़ के रिश्ते निभाते रहे।💖
अब किससे कहें दिल का ये सारा फ़साना,
हम अपने ही अंदर सिमटते रहे।😥
वो समझे हमें बस बहलाते रहे।🥀
जिसे जान से भी ज़्यादा चाहा था,
वही हमसे नज़रें चुराते रहे।❤
कभी साथ चलने की क़सम खाई थी,
वो हर मोड़ पर हमको आज़माते रहे।🕊
न पूछा कभी हाल इन धड़कनों का,
बस अपने ही किस्से सुनाते रहे।💕
हम टूट के भी उनसे जुड़े ही रहे,
वो तोड़ के रिश्ते निभाते रहे।💖
अब किससे कहें दिल का ये सारा फ़साना,
हम अपने ही अंदर सिमटते रहे।😥
❤4🥰1