Forwarded from MOHABBAT 🤍 (Dr. V)
मुझे पढ़िए तो किताबों की तरह पढ़िए मुझे
आप तो सुबह का अखबार समझते है मुझे!!
🤍
World Introvert's day
आप तो सुबह का अखबार समझते है मुझे!!
🤍
World Introvert's day
😍2
सिर्फ तारीखों में बदलेगा नया साल,
ख्वाहिशों में तो हमेशा तुम ही रहोगे ...🐦⬛️
ख्वाहिशों में तो हमेशा तुम ही रहोगे ...🐦⬛️
❤3
तुम्हें कई बार लिखा है
कभी इश्क, कभी दिल का दर्द ,
कभी राहत ए रूह
तो कभी
अपना गुरुर भी लिखा ।
पर
जब भी
बेहद करीब लिखा
मान या न मान
मैंने तुम्हें सिर्फ
अपना सुकून लिखा है 🌸
कभी इश्क, कभी दिल का दर्द ,
कभी राहत ए रूह
तो कभी
अपना गुरुर भी लिखा ।
पर
जब भी
बेहद करीब लिखा
मान या न मान
मैंने तुम्हें सिर्फ
अपना सुकून लिखा है 🌸
❤5
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❤7🔥4
Mornng...🤍✨
Have an amazing & productive day💖
Keep hustling keep growing & always keep muskurana. 💌🖇️
Stay tuned & stay blessed✨
#мυвαнιℓα_Qυαdri
❤3😍2
किसी के रंग से नहीं रंगने वाली वो,
मैं गले मिलूँगा और रंगीन कर दूँगा उसको !
~🩷
मैं गले मिलूँगा और रंगीन कर दूँगा उसको !
~
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❤6🔥2🕊2
बनाया है मैंने ये घर धीरे-धीरे,
खुले मेरे ख़्वाबों के पर धीरे-धीरे।
किसी को गिराया न ख़ुद को उछाला,
कटा ज़िंदगी का सफर धीरे-धीरे।
जहाँ आप पहुँचे छ्लांगे लगाकर,
वहाँ मैं भी आया मगर धीरे-धीरे।
पहाड़ों की कोई चुनौती नहीं थी,
उठाता गया यूँ ही सर धीरे-धीरे।
न हँस कर न रोकर किसी में उडे़ला,
पिया खुद ही अपना ज़हर धीरे-धीरे।
गिरा मैं कहीं तो अकेले में रोया,
गया दर्द से घाव भर धीरे-धीरे।
ज़मीं खेत की साथ लेकर चला था,
उगा उसमें कोई शहर धीरे-धीरे।
मिला क्या न मुझको ए दुनिया तुम्हारी,
मोहब्बत मिली, मगर धीरे-धीरे...!!
खुले मेरे ख़्वाबों के पर धीरे-धीरे।
किसी को गिराया न ख़ुद को उछाला,
कटा ज़िंदगी का सफर धीरे-धीरे।
जहाँ आप पहुँचे छ्लांगे लगाकर,
वहाँ मैं भी आया मगर धीरे-धीरे।
पहाड़ों की कोई चुनौती नहीं थी,
उठाता गया यूँ ही सर धीरे-धीरे।
न हँस कर न रोकर किसी में उडे़ला,
पिया खुद ही अपना ज़हर धीरे-धीरे।
गिरा मैं कहीं तो अकेले में रोया,
गया दर्द से घाव भर धीरे-धीरे।
ज़मीं खेत की साथ लेकर चला था,
उगा उसमें कोई शहर धीरे-धीरे।
मिला क्या न मुझको ए दुनिया तुम्हारी,
मोहब्बत मिली, मगर धीरे-धीरे...!!
✶✶✶ रामदरश मिश्र ✶✶✶
❤3😍1
Forwarded from #𝔪_𝔯𝔴𝔯𝔦𝔱𝔢𝔯 (Pʀᴀsʜᴀɴᴛ)
"आवारा दिल"
टूट कर भी ये दिल नादान समझता नहीं,
बिखरकर भी न जाने क्यों ये बिखरता नहीं,
कर लेता है यकीं हर बार यूं जैसे ये कुछ जानता नहीं,
साज़िश जितनी भी हो मगर उनकी ये रंजिश मानता नहीं,
ये दिल असल में आवारा है मगर आवारा खुद को मानता नहीं।।
-लफ़्ज-ए-प्रशान्त✍🏻
आवारा❤️ ..1️⃣
टूट कर भी ये दिल नादान समझता नहीं,
बिखरकर भी न जाने क्यों ये बिखरता नहीं,
कर लेता है यकीं हर बार यूं जैसे ये कुछ जानता नहीं,
साज़िश जितनी भी हो मगर उनकी ये रंजिश मानता नहीं,
ये दिल असल में आवारा है मगर आवारा खुद को मानता नहीं।।
-लफ़्ज-ए-प्रशान्त✍🏻
आवारा
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❤6🔥2
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
एक उम्मीद के सिवा और कुछ नहीं यहां
इस घर में रोशनी का यही इंतजाम है !!
🤍
इस घर में रोशनी का यही इंतजाम है !!
🤍
❤8
तुमको तुम्हारे तरीक़े से मारा जाएगा
पहले मोहब्बत की जाएगी फिर छोड़ा जाएगा...💔
पहले मोहब्बत की जाएगी फिर छोड़ा जाएगा...💔
🔥6
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
हमें भी शौक़ ना था दास्ताँ सुनाने का ,
फ़राज़ उसने भी पूछा था हाल वैसे ही !!
🤍
फ़राज़ उसने भी पूछा था हाल वैसे ही !!
🤍
❤10
Mornng...🤍✨
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#мυвαнιℓα_Qυαdri
❤2
मेरी आखों ने पकड़ा है उन्हें कई बार रंगे हाथ,
वो इश्क़ करना तो चाहते हैं, मगर घबराते बहुत हैं
वो इश्क़ करना तो चाहते हैं, मगर घबराते बहुत हैं
😍5
तेरी आज़ाद निगाहे,
मेरी प्यासी खामोशी को कैसे पढेंगी!
~अभि✍
मेरी प्यासी खामोशी को कैसे पढेंगी!
~अभि✍
🥰6❤2