Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
इतना मजबूर न कर बात बनाने लग जाएँ
हम तिरे सर की क़सम झूट ही खाने लग जाएँ!!
तू ने क़सम मय-कशी की खाई है 'ग़ालिब'
तेरी क़सम का कुछ ए'तिबार नहीं है!!
तर्क-ए-सितम पे वो जो क़सम खा के रह गए
अरमान दिल में अर्ज़-ए-तमन्ना के रह गए!!
तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म की क़सम
चैन से हैं तेरे सितम की क़सम!!
हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है!!
अब तुम कभी न आओगे यानी कभी कभी
रुख़्सत करो मुझे कोई वादा किए बग़ैर!!
एक इक बात में सच्चाई है उस की लेकिन
अपने वादों से मुकर जाने को जी चाहता है!!
और कुछ देर सितारो ठहरो
उस का व'अदा है ज़रूर आएगा!!
तेरे वादे को कभी झूट नहीं समझूँगा
आज की रात भी दरवाज़ा खुला रक्खूँगा!!
था व'अदा शाम का मगर आए वो रात को
मैं भी किवाड़ खोलने फ़ौरन नहीं गया!!
वो फिर वादा मिलने का करते हैं यानी
अभी कुछ दिनों हम को जीना पड़ेगा!!
झूटे वादे भी नहीं करते आप
कोई जीने का सहारा ही नहीं!!
आप ने झूटा व'अदा कर के
आज हमारी उम्र बढ़ा दी!!
वो और वा'दा वस्ल का क़ासिद नहीं नहीं
सच सच बता ये लफ़्ज़ उन्ही की ज़बाँ के हैं!!
मान लेता हूँ तेरे वादे को
भूल जाता हूँ मैं कि तू है वही!!
आप की क़समों का और मुझ को यक़ीं
एक भी वादा कभी पूरा किया!!
🤍
Promise day
हम तिरे सर की क़सम झूट ही खाने लग जाएँ!!
तू ने क़सम मय-कशी की खाई है 'ग़ालिब'
तेरी क़सम का कुछ ए'तिबार नहीं है!!
तर्क-ए-सितम पे वो जो क़सम खा के रह गए
अरमान दिल में अर्ज़-ए-तमन्ना के रह गए!!
तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म की क़सम
चैन से हैं तेरे सितम की क़सम!!
हम को उन से वफ़ा की है उम्मीद
जो नहीं जानते वफ़ा क्या है!!
अब तुम कभी न आओगे यानी कभी कभी
रुख़्सत करो मुझे कोई वादा किए बग़ैर!!
एक इक बात में सच्चाई है उस की लेकिन
अपने वादों से मुकर जाने को जी चाहता है!!
और कुछ देर सितारो ठहरो
उस का व'अदा है ज़रूर आएगा!!
तेरे वादे को कभी झूट नहीं समझूँगा
आज की रात भी दरवाज़ा खुला रक्खूँगा!!
था व'अदा शाम का मगर आए वो रात को
मैं भी किवाड़ खोलने फ़ौरन नहीं गया!!
वो फिर वादा मिलने का करते हैं यानी
अभी कुछ दिनों हम को जीना पड़ेगा!!
झूटे वादे भी नहीं करते आप
कोई जीने का सहारा ही नहीं!!
आप ने झूटा व'अदा कर के
आज हमारी उम्र बढ़ा दी!!
वो और वा'दा वस्ल का क़ासिद नहीं नहीं
सच सच बता ये लफ़्ज़ उन्ही की ज़बाँ के हैं!!
मान लेता हूँ तेरे वादे को
भूल जाता हूँ मैं कि तू है वही!!
आप की क़समों का और मुझ को यक़ीं
एक भी वादा कभी पूरा किया!!
🤍
Promise day
🕊1
लौट कर आऊंगा शाखाओं पर खुशबू लेकर,
पतझड़ की जद में हूं, जरा मौसम बदलने दो....
पतझड़ की जद में हूं, जरा मौसम बदलने दो....
❤1
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𝐓𝐡𝐞 𝐌𝐚𝐬𝐭𝐞𝐫𝐩𝐢𝐞𝐜𝐞 𝐰𝐢𝐭𝐡 𝐭𝐡𝐞 𝐋𝐞𝐠𝐞𝐧𝐝𝐬 🤍🌸🤌
❤4🥰1
Ye raste...
Ye mod...,
Mere khyal...
Ye asman...
Ye taaare ..
Fool , ret , sham or khamoshi...
Mshrurifiyt, tnhaai...
Httak ye duniya ke log ..
Qul milakr puri kaynat ..
Sirf teri ...
Bs teri ..hi bat krte hain mujhse ...❤️ 🖇️
#мυвαнιℓα_Qυαdri
Ye mod...,
Mere khyal...
Ye asman...
Ye taaare ..
Fool , ret , sham or khamoshi...
Mshrurifiyt, tnhaai...
Httak ye duniya ke log ..
Qul milakr puri kaynat ..
Sirf teri ...
Bs teri ..hi bat krte hain mujhse ...❤️ 🖇️
#мυвαнιℓα_Qυαdri
❤6
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
गले तो लगना है उस सेे कहो अभी लग जाए
यही न हो मेरा उसके बग़ैर जी लग जाए,,
मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं
तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए!!
🤍
Hug day 🫂
यही न हो मेरा उसके बग़ैर जी लग जाए,,
मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं
तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए!!
🤍
Hug day 🫂
❤4
उम्र दराज हो जायेंगे इश्क़ मैं तुम्हारे..
तन्हा रह लेंगे तब तक जब तक तुम ना हुए हमारे..!!
~abhi❤️
तन्हा रह लेंगे तब तक जब तक तुम ना हुए हमारे..!!
~abhi❤️
😍2
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
एक बोसे के तलबगार हैं हम
और माँगें तो गुनहगार हैं हम,
बोसा जो तलब मैं ने किया हँस के वो बोले
ये हुस्न की दौलत है लुटाई नहीं जाती,
बोसा करने जब मैं आगे बढ़ जाऊँ
तुम भी टेढ़ी अपनी गर्दन कर लेना
लजा कर, शर्म खा कर, मुस्कुरा कर
दिया बोसा मगर मुँह को बना कर,
हम को गाली के लिए भी लब हिला सकते नहीं
ग़ैर को बोसा दिया तो मुँह से दिखला कर दिया!!
🤍
Kiss day 💋
और माँगें तो गुनहगार हैं हम,
बोसा जो तलब मैं ने किया हँस के वो बोले
ये हुस्न की दौलत है लुटाई नहीं जाती,
बोसा करने जब मैं आगे बढ़ जाऊँ
तुम भी टेढ़ी अपनी गर्दन कर लेना
लजा कर, शर्म खा कर, मुस्कुरा कर
दिया बोसा मगर मुँह को बना कर,
हम को गाली के लिए भी लब हिला सकते नहीं
ग़ैर को बोसा दिया तो मुँह से दिखला कर दिया!!
🤍
Kiss day 💋
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Forwarded from 𝖴𝗇𝖿𝗈𝗅𝖽𝗂𝗇𝗀 𝗐𝗈𝗋𝖽𝗌 🖤
read a quote that says-
“death is more merciful end than living everyday in agony.”
❤6
मेरे सब्र का इम्तिहान जानते हो फ़राज़ वह मुझसे लिपट कर रोया किसी और के लिए.. 🖤
😍3❤1
उम्र दराज हो जायेंगे इश्क़ मैं तुम्हारे..
तन्हा रह लेंगे तब तक जब तक तुम ना हुए हमारे..!!
~💗
तन्हा रह लेंगे तब तक जब तक तुम ना हुए हमारे..!!
~💗
❤5
लाज़मी है तेरे चेहरे पर तिल का होना ,
खूबसूरत चेहरे पर पहरेदारी भी ज़रूरी हैं𓏧🤍᪲᪲᪲ᥫ᭡⃝🧚🏻♀️
खूबसूरत चेहरे पर पहरेदारी भी ज़रूरी हैं𓏧🤍᪲᪲᪲ᥫ᭡⃝🧚🏻♀️
❤8😍3
Forwarded from MOHABBAT 🤍 ([ उम्र ])
शिकस्त
ये तीसरी शिकस्त है इक्कीस साल में
इक और बार मुझ को मोहब्बत नहीं मिली
जैसे किसी अजीर को मेहनत के बावजूद
उस के अज़ीम काम की उजरत नहीं मिली
जैसे सियाह रात में तारों को अहमियत
जैसे अली के हाथ में दुनिया की सल्तनत
मुझ को मेरे नसीब का कुछ भी नहीं मिला
यानी
ना अहमियत ही मिली और ना सल्तनत
बारिश भी जिस ज़मीन पे बरसी नहीं कभी
ऐसा ही बद-नसीब मैं सहरा हूँ यार देख
मुझ पर मेरे तबिब तवज्जो ज़रा सी हो
इस बार तेरी सोच से गहरा हूँ यार देख
तू जो दिवान बना के उतारे ज़मीन पर
इन जोड़ियों में कोई निशानी अयाँ तो कर
है कौन किस के वास्ते कैसे पता चले
तक़दीर लिखने वाले ये हम को बयां तो कर
मुझ को मिली शिकस्त में तेरा भी हाथ है
मैं तीन बार इश्क़ में वरना न हारता
गर होती मुझ पे तेरी इनायत ज़रा सी भी
मैं भी किसी हसीन की ज़ुल्फ़ें संवारता
तुझ से मेरा गिला भी खुदाया फ़ुज़ूल है
मुझ को करें माफ़ कि मेरी ये भूल है
अब मेरी ज़िंदगी में है ठहराव आ गया
यानी मेरे नसीब में जो है क़बूल है
अल्लाह जी माज़रत, मैं गुनाहगार हो गया
मैं चौथे इश्क़ के लिए तैयार हो गया!!
🤍
Happy Valentine's day ❤️
ये तीसरी शिकस्त है इक्कीस साल में
इक और बार मुझ को मोहब्बत नहीं मिली
जैसे किसी अजीर को मेहनत के बावजूद
उस के अज़ीम काम की उजरत नहीं मिली
जैसे सियाह रात में तारों को अहमियत
जैसे अली के हाथ में दुनिया की सल्तनत
मुझ को मेरे नसीब का कुछ भी नहीं मिला
यानी
ना अहमियत ही मिली और ना सल्तनत
बारिश भी जिस ज़मीन पे बरसी नहीं कभी
ऐसा ही बद-नसीब मैं सहरा हूँ यार देख
मुझ पर मेरे तबिब तवज्जो ज़रा सी हो
इस बार तेरी सोच से गहरा हूँ यार देख
तू जो दिवान बना के उतारे ज़मीन पर
इन जोड़ियों में कोई निशानी अयाँ तो कर
है कौन किस के वास्ते कैसे पता चले
तक़दीर लिखने वाले ये हम को बयां तो कर
मुझ को मिली शिकस्त में तेरा भी हाथ है
मैं तीन बार इश्क़ में वरना न हारता
गर होती मुझ पे तेरी इनायत ज़रा सी भी
मैं भी किसी हसीन की ज़ुल्फ़ें संवारता
तुझ से मेरा गिला भी खुदाया फ़ुज़ूल है
मुझ को करें माफ़ कि मेरी ये भूल है
अब मेरी ज़िंदगी में है ठहराव आ गया
यानी मेरे नसीब में जो है क़बूल है
अल्लाह जी माज़रत, मैं गुनाहगार हो गया
मैं चौथे इश्क़ के लिए तैयार हो गया!!
🤍
Happy Valentine's day ❤️
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