ह्रदय....
हमारी देह का सबसे भारी अंग है,
वह कोशिकाओं से नहीं अनुभूतियों से बनता है...😊
हमारी देह का सबसे भारी अंग है,
वह कोशिकाओं से नहीं अनुभूतियों से बनता है...😊
❤3🥰3
खुश्क आँखों में निखरता ग़म तुम्हारा है,,
माँ जानती है उसका लाड़ला इश्क़ में हारा है।। 💔
माँ जानती है उसका लाड़ला इश्क़ में हारा है।। 💔
❤5😍2
हो गई है पीर पर्वत
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी
शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए
- दुष्यंत कुमार 🤍🩵
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए
आज यह दीवार, परदों की तरह हिलने लगी
शर्त थी लेकिन कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए
हर सड़क पर, हर गली में, हर नगर, हर गाँव में
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए
- दुष्यंत कुमार 🤍🩵
❤4❤🔥3🔥1
मुहब्बत में अगर कदर की जाए,
तो बेशक दिल की कबर की जाए,
एहतराम वालो की नहीं ज्यादा ज़िन्दगी,
अब इनको जल्दी बा-ख़बर किया जाए,
आने को लग रही हैं क़यामत,
मोमिन से कहो अब सबर किया जाए,
महबूब की बेखबरी को आज से,
बेहतर हैं कि बेखबर किया जाए।
तो बेशक दिल की कबर की जाए,
एहतराम वालो की नहीं ज्यादा ज़िन्दगी,
अब इनको जल्दी बा-ख़बर किया जाए,
आने को लग रही हैं क़यामत,
मोमिन से कहो अब सबर किया जाए,
महबूब की बेखबरी को आज से,
बेहतर हैं कि बेखबर किया जाए।
🥰2👌2❤🔥1
Forwarded from MOHABBAT 🤍
सिर्फ़ उस शख़्स के ही बस का है
ये परिंदा बस इक क़फ़स का है
तुम जिसे दिल की प्यास कहते हो
वो अँधेरा कुआँ हवस का है
भूलने में महीने जाएँगे
रास्ता भी तो दस बरस का है
पा तो सकता हूँ मैं उसे लेकिन
मसअला सिर्फ़ दस्तरस का है
आज भी वो हसीन है कितनी
जबकि लड़का भी नौ बरस का है
आपकी शक्ल देवता सी है
आपका मन तो राक्षस का है!!
🤍
ये परिंदा बस इक क़फ़स का है
तुम जिसे दिल की प्यास कहते हो
वो अँधेरा कुआँ हवस का है
भूलने में महीने जाएँगे
रास्ता भी तो दस बरस का है
पा तो सकता हूँ मैं उसे लेकिन
मसअला सिर्फ़ दस्तरस का है
आज भी वो हसीन है कितनी
जबकि लड़का भी नौ बरस का है
आपकी शक्ल देवता सी है
आपका मन तो राक्षस का है!!
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❤5
हे ईश्वर इन श्राद्धपक्ष मे उन लोगो की
आत्मा को भी शान्ति दो...🐦⬛
जिनकी आत्मा,मुझे देखकर जलती है
और कुड कुड करती है.!🙈
आत्मा को भी शान्ति दो...🐦⬛
जिनकी आत्मा,मुझे देखकर जलती है
और कुड कुड करती है.!🙈
❤3🥰3😍1
इश्क़ किया है तो तबाही से मत डर
अग़र तबाह हो चुका है तो जम कर इश्क़ कर..
अग़र तबाह हो चुका है तो जम कर इश्क़ कर..
❤4⚡1❤🔥1
मुझे नफ़रत है जुबान की हमदर्दियो से,
अगर तेरे हाथ में ख़जर है तो गले पे रख।
🔪
अगर तेरे हाथ में ख़जर है तो गले पे रख।
🔪
❤🔥4🥰2
मुझे गुनहगार साबित करने की ज़हमत ना उठा ।
क्या क्या क़ुबूल करना है तू बस इतना बता ।।
क्या क्या क़ुबूल करना है तू बस इतना बता ।।
🥰4❤1
जब एक मर्द ने तुम्हें दर्द दिया हो,तो उसका मरहम पानी दूसरे मर्द के पास नहीं जाया जाता दोस्त।
दूसरा मर्द भी तुम्हें घाव ही देगा...।।
#heer_writes
दूसरा मर्द भी तुम्हें घाव ही देगा...।।
#heer_writes
👌4🔥2❤1
मैं थोड़ी दूर तो इस वास्ते भी साथ चला
परखने थे मुझे किरदार जाने वालों के
करूँगा बंद सभी वापसी के दरवाज़े
मैं चेहरे देख लूँ इक बार जाने वालों के
~ 🌷🤍
परखने थे मुझे किरदार जाने वालों के
करूँगा बंद सभी वापसी के दरवाज़े
मैं चेहरे देख लूँ इक बार जाने वालों के
~ 🌷🤍
❤3👌2
जब मैं अंतिम कविता लिखूँगी..
रिश्तों को बेड़ियां लिखूँगी..!!
प्रेम.. दोस्ती को पाखंड लिखूँगी..!!!
सुख को भ्रम और दुःख को सत्य लिखूँगी..!!!
और तुम्हें.... अपनी सबसे बड़ी पीड़ा लिखूँगी🥀
रिश्तों को बेड़ियां लिखूँगी..!!
प्रेम.. दोस्ती को पाखंड लिखूँगी..!!!
सुख को भ्रम और दुःख को सत्य लिखूँगी..!!!
और तुम्हें.... अपनी सबसे बड़ी पीड़ा लिखूँगी🥀
❤7🥰2
और अंत मे....
न शिकवा रहा,
न सवाल रहा,
जिसे दिल ने चाहा,
वो बस ख्याल रहा!
हम जिस सच समझते रहे,
वो एक वहम निकला,
और जिसे अपना कहते रहे,
वो बस एक नाम रहा...!!
#heer_writes
न शिकवा रहा,
न सवाल रहा,
जिसे दिल ने चाहा,
वो बस ख्याल रहा!
हम जिस सच समझते रहे,
वो एक वहम निकला,
और जिसे अपना कहते रहे,
वो बस एक नाम रहा...!!
#heer_writes
❤9😍2
❤️🩹 दिल से खेलना तो हमें भी आता है,
लेकिन जिस खेल में खिलौना टूट जाए,
वो खेल हमें पसंद नहीं... 🥀
लेकिन जिस खेल में खिलौना टूट जाए,
वो खेल हमें पसंद नहीं... 🥀
❤4🥰2
मर्द सम्मान पाकर प्रेम को गहराई से महसूस करते हैं,और स्त्रियां प्रेम पाकर सम्मान को दिल से निभाती हैं शायद प्रेम और सम्मान का रिश्ता भी कुछ ऐसा ही है जहाँ एक मिलता है, वहाँ दूसरा अपने आप जन्म लेने लगता है। 🌹🖤
❤4