कोडरमा के दो युवा आइएएस अधिकारी पढ़ाई के तरीके को ऐसा बनाया, पूरे झारखंड में जिला बना टॉप - Koderma News: Koderma DC Aditya Ranjan and SDO Manish Kumar made Unique Studying Style, Koderma became top in Jharkhandm, Jagran Special, Jharkhand News
https://www.jagran.com/jharkhand/ranchi-koderma-dc-aditya-ranjan-and-sdo-manish-kumar-made-unique-studying-style-koderma-became-top-in-jharkhand-jagran-special-23038453.html
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Dainik Jagran
कोडरमा के दो युवा आइएएस अधिकारी पढ़ाई के तरीके को ऐसा बनाया, पूरे झारखंड में जिला बना टॉप
Koderma News झारखंड के कोडरमा जिले के दो युवा आइएसएस अधिकारी पढ़ाई के तरीकों में बदलाव लाकर सरकारी स्कूल के छात्रों की प्रतिभा में निखार ला रहे हैं। इसका परिणाम वर्ष 2022 की जैक बोर्ड की परीक्षा में देखने को मिला और पूरे झारखंड में जिला टॉप पर रहा।
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We have tried building
मेहनत का पार्क
उम्मीद का पार्क
ऊर्जा कक्ष
सृजन कक्ष
आगंतुक कक्ष
विश्राम कक्ष
And many more in our office, someday I will discuss in detail ❤️
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आगंतुक कक्ष
विश्राम कक्ष
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Road is another very Important project of govt which has to be implemented properly by the administratiom
*मुझसे किसी ने पूछा तुम्हारे गुरु कौन हैं*
मैंने बहुत गहराई से अपने जिंदगी के पन्नों में डुबकियां लगाई,
उसके हर एक पन्नों में मुझे अलग-अलग गुरुओं की दिखी परछाई।।
बचपन में जहां मेरी मां ने मुझे खल्ली पकड़ना सिखाया
वहीं थोड़ा बड़ा हुआ तो पिताजी ने आसमानों में पंख फैलाकर उड़ना सिखाया।।
कभी भाई ने लकड़ी की काठी पकड़ चलना सिखाया
तो छोटी बहन ने दुख में भी मुस्कुराकर हंसना सिखाया।।
पैसे के चश्मे से देखेंगे तो हम गरीब थे
जीवन के मूल्यों के तराजू
हो अगर आपके पास
कर सके अगर हमारा मूल्यांकन
तो हम मूल्यों के पर्वत के शिखर के बेहद करीब थे।।
विद्यालय में शिक्षकों ने किताबी ज्ञान तो दिया ही
पूरे समर्पण भावना से सफलता का वरदान तो दिया ही,
पर जो सबसे महत्वपूर्ण चीज मैंने उनसे सीखी
वह था लोगों के प्रति सम्मान का भाव
इतना धनवान बना दिया गुणों से उन्होंने
की बचपन से महसूस ही नहीं हुआ सुख सुविधा का अभाव।।
आईआईटी में गुरुओं ने मुझे सही रास्ता दिखाया
और आगे चलकर सबसे जरूरी चीज जो थी कि मुझे अच्छा इंसान बनाया
सोचता हूं अगर इस जिंदगी में शिक्षक ना होते तो मेरा क्या होता
मगर फिर लगता है की जिंदगी खुद ही एक शिक्षक है
जब धारावी की गलियों में पढ़ाया करता था
तब भी जिंदगी ने मुझे यही सिखाया
कि शिक्षा और शिक्षक का कभी अपमान नहीं करते
शायद लोग मुझे धारावी के बच्चों ने जो सिखाया है ना सिखाया होता तो लोग इतना मेरे व्यक्तित्व का सम्मान नहीं करते।।
आज भी सीखता हूं उन सभी से जो पूरी लगन से जिंदगी की चुनौतियों से लड़ते हैं
सौभाग्यशाली हूं की रोज सीखने का मौका मिलता है उनसे जो परिश्रम से नही डरते हैं।।
उम्मीद है यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहे
समय का चक्र भले ही बदलता रहे
पर शिक्षक की महिमा कभी कम ना हो
प्रार्थना यही है ईश्वर से
कि मेरे सभी शिक्षकों को स्वस्थ रखें
उनके जिंदगी में कोई परेशानी
या गम ना हो
अरे ऐसा पल कभी ना आने दे
उन दिक्कतों को हल करने के लिए
अपने शिक्षकों के लिए हम ना हो
*हे गुरुवर आशीर्वाद बनाए रखना*
*जिंदगी के इस मंदिर में*
*ज्ञान का लौ जलाए रखना*
-मनीष कुमार
भा. प्रा. से.
हैप्पी टीचर्स डे सभी उन गुरुओं को जिन्होंने मुझे ज्ञानदान दिया और मुझे इस काबिल बनाया की मैं भी ज्ञानदान महादान कर सकूँ💐💐💐💐🙏🙏👏👏
Ps: ये बच्चे बोल नही सकते, इसलिए इनकी आवाज हमे बनना ह
इनका कल रोशन रहे, इसलिए इनका आज हमे बनना है
✍️ बहुत दिनों बाद कुछ दिल के स्याही से जिंदगी के पन्नो पर लिखने की कोशिश की है
#jindagikepanne
मैंने बहुत गहराई से अपने जिंदगी के पन्नों में डुबकियां लगाई,
उसके हर एक पन्नों में मुझे अलग-अलग गुरुओं की दिखी परछाई।।
बचपन में जहां मेरी मां ने मुझे खल्ली पकड़ना सिखाया
वहीं थोड़ा बड़ा हुआ तो पिताजी ने आसमानों में पंख फैलाकर उड़ना सिखाया।।
कभी भाई ने लकड़ी की काठी पकड़ चलना सिखाया
तो छोटी बहन ने दुख में भी मुस्कुराकर हंसना सिखाया।।
पैसे के चश्मे से देखेंगे तो हम गरीब थे
जीवन के मूल्यों के तराजू
हो अगर आपके पास
कर सके अगर हमारा मूल्यांकन
तो हम मूल्यों के पर्वत के शिखर के बेहद करीब थे।।
विद्यालय में शिक्षकों ने किताबी ज्ञान तो दिया ही
पूरे समर्पण भावना से सफलता का वरदान तो दिया ही,
पर जो सबसे महत्वपूर्ण चीज मैंने उनसे सीखी
वह था लोगों के प्रति सम्मान का भाव
इतना धनवान बना दिया गुणों से उन्होंने
की बचपन से महसूस ही नहीं हुआ सुख सुविधा का अभाव।।
आईआईटी में गुरुओं ने मुझे सही रास्ता दिखाया
और आगे चलकर सबसे जरूरी चीज जो थी कि मुझे अच्छा इंसान बनाया
सोचता हूं अगर इस जिंदगी में शिक्षक ना होते तो मेरा क्या होता
मगर फिर लगता है की जिंदगी खुद ही एक शिक्षक है
जब धारावी की गलियों में पढ़ाया करता था
तब भी जिंदगी ने मुझे यही सिखाया
कि शिक्षा और शिक्षक का कभी अपमान नहीं करते
शायद लोग मुझे धारावी के बच्चों ने जो सिखाया है ना सिखाया होता तो लोग इतना मेरे व्यक्तित्व का सम्मान नहीं करते।।
आज भी सीखता हूं उन सभी से जो पूरी लगन से जिंदगी की चुनौतियों से लड़ते हैं
सौभाग्यशाली हूं की रोज सीखने का मौका मिलता है उनसे जो परिश्रम से नही डरते हैं।।
उम्मीद है यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहे
समय का चक्र भले ही बदलता रहे
पर शिक्षक की महिमा कभी कम ना हो
प्रार्थना यही है ईश्वर से
कि मेरे सभी शिक्षकों को स्वस्थ रखें
उनके जिंदगी में कोई परेशानी
या गम ना हो
अरे ऐसा पल कभी ना आने दे
उन दिक्कतों को हल करने के लिए
अपने शिक्षकों के लिए हम ना हो
*हे गुरुवर आशीर्वाद बनाए रखना*
*जिंदगी के इस मंदिर में*
*ज्ञान का लौ जलाए रखना*
-मनीष कुमार
भा. प्रा. से.
हैप्पी टीचर्स डे सभी उन गुरुओं को जिन्होंने मुझे ज्ञानदान दिया और मुझे इस काबिल बनाया की मैं भी ज्ञानदान महादान कर सकूँ💐💐💐💐🙏🙏👏👏
Ps: ये बच्चे बोल नही सकते, इसलिए इनकी आवाज हमे बनना ह
इनका कल रोशन रहे, इसलिए इनका आज हमे बनना है
✍️ बहुत दिनों बाद कुछ दिल के स्याही से जिंदगी के पन्नो पर लिखने की कोशिश की है
#jindagikepanne