*मुझसे किसी ने पूछा तुम्हारे गुरु कौन हैं*
मैंने बहुत गहराई से अपने जिंदगी के पन्नों में डुबकियां लगाई,
उसके हर एक पन्नों में मुझे अलग-अलग गुरुओं की दिखी परछाई।।
बचपन में जहां मेरी मां ने मुझे खल्ली पकड़ना सिखाया
वहीं थोड़ा बड़ा हुआ तो पिताजी ने आसमानों में पंख फैलाकर उड़ना सिखाया।।
कभी भाई ने लकड़ी की काठी पकड़ चलना सिखाया
तो छोटी बहन ने दुख में भी मुस्कुराकर हंसना सिखाया।।
पैसे के चश्मे से देखेंगे तो हम गरीब थे
जीवन के मूल्यों के तराजू
हो अगर आपके पास
कर सके अगर हमारा मूल्यांकन
तो हम मूल्यों के पर्वत के शिखर के बेहद करीब थे।।
विद्यालय में शिक्षकों ने किताबी ज्ञान तो दिया ही
पूरे समर्पण भावना से सफलता का वरदान तो दिया ही,
पर जो सबसे महत्वपूर्ण चीज मैंने उनसे सीखी
वह था लोगों के प्रति सम्मान का भाव
इतना धनवान बना दिया गुणों से उन्होंने
की बचपन से महसूस ही नहीं हुआ सुख सुविधा का अभाव।।
आईआईटी में गुरुओं ने मुझे सही रास्ता दिखाया
और आगे चलकर सबसे जरूरी चीज जो थी कि मुझे अच्छा इंसान बनाया
सोचता हूं अगर इस जिंदगी में शिक्षक ना होते तो मेरा क्या होता
मगर फिर लगता है की जिंदगी खुद ही एक शिक्षक है
जब धारावी की गलियों में पढ़ाया करता था
तब भी जिंदगी ने मुझे यही सिखाया
कि शिक्षा और शिक्षक का कभी अपमान नहीं करते
शायद लोग मुझे धारावी के बच्चों ने जो सिखाया है ना सिखाया होता तो लोग इतना मेरे व्यक्तित्व का सम्मान नहीं करते।।
आज भी सीखता हूं उन सभी से जो पूरी लगन से जिंदगी की चुनौतियों से लड़ते हैं
सौभाग्यशाली हूं की रोज सीखने का मौका मिलता है उनसे जो परिश्रम से नही डरते हैं।।
उम्मीद है यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहे
समय का चक्र भले ही बदलता रहे
पर शिक्षक की महिमा कभी कम ना हो
प्रार्थना यही है ईश्वर से
कि मेरे सभी शिक्षकों को स्वस्थ रखें
उनके जिंदगी में कोई परेशानी
या गम ना हो
अरे ऐसा पल कभी ना आने दे
उन दिक्कतों को हल करने के लिए
अपने शिक्षकों के लिए हम ना हो
*हे गुरुवर आशीर्वाद बनाए रखना*
*जिंदगी के इस मंदिर में*
*ज्ञान का लौ जलाए रखना*
-मनीष कुमार
भा. प्रा. से.
हैप्पी टीचर्स डे सभी उन गुरुओं को जिन्होंने मुझे ज्ञानदान दिया और मुझे इस काबिल बनाया की मैं भी ज्ञानदान महादान कर सकूँ💐💐💐💐🙏🙏👏👏
Ps: ये बच्चे बोल नही सकते, इसलिए इनकी आवाज हमे बनना ह
इनका कल रोशन रहे, इसलिए इनका आज हमे बनना है
✍️ बहुत दिनों बाद कुछ दिल के स्याही से जिंदगी के पन्नो पर लिखने की कोशिश की है
#jindagikepanne
मैंने बहुत गहराई से अपने जिंदगी के पन्नों में डुबकियां लगाई,
उसके हर एक पन्नों में मुझे अलग-अलग गुरुओं की दिखी परछाई।।
बचपन में जहां मेरी मां ने मुझे खल्ली पकड़ना सिखाया
वहीं थोड़ा बड़ा हुआ तो पिताजी ने आसमानों में पंख फैलाकर उड़ना सिखाया।।
कभी भाई ने लकड़ी की काठी पकड़ चलना सिखाया
तो छोटी बहन ने दुख में भी मुस्कुराकर हंसना सिखाया।।
पैसे के चश्मे से देखेंगे तो हम गरीब थे
जीवन के मूल्यों के तराजू
हो अगर आपके पास
कर सके अगर हमारा मूल्यांकन
तो हम मूल्यों के पर्वत के शिखर के बेहद करीब थे।।
विद्यालय में शिक्षकों ने किताबी ज्ञान तो दिया ही
पूरे समर्पण भावना से सफलता का वरदान तो दिया ही,
पर जो सबसे महत्वपूर्ण चीज मैंने उनसे सीखी
वह था लोगों के प्रति सम्मान का भाव
इतना धनवान बना दिया गुणों से उन्होंने
की बचपन से महसूस ही नहीं हुआ सुख सुविधा का अभाव।।
आईआईटी में गुरुओं ने मुझे सही रास्ता दिखाया
और आगे चलकर सबसे जरूरी चीज जो थी कि मुझे अच्छा इंसान बनाया
सोचता हूं अगर इस जिंदगी में शिक्षक ना होते तो मेरा क्या होता
मगर फिर लगता है की जिंदगी खुद ही एक शिक्षक है
जब धारावी की गलियों में पढ़ाया करता था
तब भी जिंदगी ने मुझे यही सिखाया
कि शिक्षा और शिक्षक का कभी अपमान नहीं करते
शायद लोग मुझे धारावी के बच्चों ने जो सिखाया है ना सिखाया होता तो लोग इतना मेरे व्यक्तित्व का सम्मान नहीं करते।।
आज भी सीखता हूं उन सभी से जो पूरी लगन से जिंदगी की चुनौतियों से लड़ते हैं
सौभाग्यशाली हूं की रोज सीखने का मौका मिलता है उनसे जो परिश्रम से नही डरते हैं।।
उम्मीद है यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहे
समय का चक्र भले ही बदलता रहे
पर शिक्षक की महिमा कभी कम ना हो
प्रार्थना यही है ईश्वर से
कि मेरे सभी शिक्षकों को स्वस्थ रखें
उनके जिंदगी में कोई परेशानी
या गम ना हो
अरे ऐसा पल कभी ना आने दे
उन दिक्कतों को हल करने के लिए
अपने शिक्षकों के लिए हम ना हो
*हे गुरुवर आशीर्वाद बनाए रखना*
*जिंदगी के इस मंदिर में*
*ज्ञान का लौ जलाए रखना*
-मनीष कुमार
भा. प्रा. से.
हैप्पी टीचर्स डे सभी उन गुरुओं को जिन्होंने मुझे ज्ञानदान दिया और मुझे इस काबिल बनाया की मैं भी ज्ञानदान महादान कर सकूँ💐💐💐💐🙏🙏👏👏
Ps: ये बच्चे बोल नही सकते, इसलिए इनकी आवाज हमे बनना ह
इनका कल रोशन रहे, इसलिए इनका आज हमे बनना है
✍️ बहुत दिनों बाद कुछ दिल के स्याही से जिंदगी के पन्नो पर लिखने की कोशिश की है
#jindagikepanne
जितना इस बार सोचा था वैसा पढ़ा तो नहीं पाया, कारण कुछ भी हो पर खराब तो लगता ही है। फिर भी आप लोगों के साथ एक विशेष जुड़ाव रहता है। इसलिए चाहता हूं कि आप लोग इस परीक्षा में पूरे जोश के साथ बैठे। बर्न आउट मत होने दें खुद को। नेगेटिव लोगों से दूर रहें। दो घंटा जो बीच में मिलता है परीक्षा के उसका भी सदुपयोग करें। डरे नहीं सवाल नहीं आना कोई बड़ी बात नहीं जवाब नहीं आना बड़ी बात है। जिंदगी में भी हर सवाल का सही जवाब नहीं होता हमारे पास फिर भी हम जिंदगी से लड़ते हैं और कुछ ना कुछ उत्तर उन सवालों के ढूंढते हैं। चाहे उत्तर पूर्ण रूप से ऑप्टिमल ना हो। यही काम आपको परीक्षा में करना है। लड़ना है अपने अंदर के डर से और लिखना है जो भी आता है। प्रजेंट अच्छे से करना है। उस पर विशेष ध्यान होना चाहिए। पेपर भरने की मानसिकता से दूर हट कर पेपर को अच्छे से भरने की मानसिकता डिवेलप कीजिए। कम लिखिए पर पढ़ने योग्य लिखिए। हर एक नंबर के लिए लड़ना होता है। कलम ऐसा हो जो आपकी तकलीफ बढ़ाए ना!
कोई ऐसा ज्ञानी नहीं हुआ ना होगा जो परीक्षा को पूर्ण रूप से कह सकता कि मैं सब कुछ अच्छा लिख कर आया हूं। लेकिन हां जितना आता था उतना लिख कर आया हूं या आई हूं यह बेहद आवश्यक है। परीक्षा को खुश मिजाज हो कर दीजिए। कहते हैं कुछ लोग कठिनाइयों से टूट जाते हैं और जो नहीं टूटते वो रिकॉर्ड तोड़ देते हैं l
आपको भी पता है मैं आपको किस श्रेणी में देखना चाहता हूं। परिवार से बात करें मन को शांत करें। लॉस्ट आउट की फीलिंग ना होने दें। अच्छी यादों को याद करें और याद रखें आने वाले १० दिन आपकी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन है। ऐसा इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि इसी का तो आपको इंतजार था अगर यह ना हो आपकी हुनर को कौन पहचान करेगा।
अंत में बस यही कहूंगा कि लोगों की सफलता इस पर निर्भर नहीं करती कि वह कितना जानते हैं अपितु इस पर निर्भर करती है सामने वाले को वह कितना कन्वींस कर पाते कि वह कितना जानते हैं। मेंस और इंटरव्यू यही करना है।
ऐसे कई अवसर आए जब मुझे लगा कि मानो दंगा ही हो जाएगा। सब मेरी ओर देख रहे थे यह हमें सही ही रास्ता दिखाएंगे। मुझे रास्ते का कुछ नहीं पता था। पर यह आभास मैं दूसरों को नहीं होने दे सकता था क्योंकि वह विश्वास की डोर है जो बहुत जरूरी है। मैंने ढूंढा रास्ता मैंने रोके दंगे। आज भी सोचता हूं शायद उससे बेहतर भी उस समय और कुछ सोच सकता था पर फिर लगता है लिमिटेड टाइम में और anxious स्टेट में जो निर्णय लिया वह भले ही सब ऑप्टिमल था पर जरूरी था।
यही मेरा आप लोगों को मूल मंत्र है। एग्जाम के पेपर में प्रश्न चाहे जैसे भी हैं आप निर्णय जरुर लीजिएगा। और उस निर्णय में आपकी सकारात्मक सोच नजर आनी चाहिए। उत्तर के अंत में आप एक सिविल सर्वेंट बनने वाले हैं तो आपसे अपेक्षित है आप एक नई दिशा दें जो सकारात्मक हो। आप उस के पक्ष विपक्ष में तर्क जरूर करें परंतु विपक्ष और उस नियम पॉलिसी इत्यादि में क्या गड़बड़ियां हैं उसी में ना डूब जाएं अपितु उसमें क्या सुधार जरूरी है और लाया जा सकता यह अति आवश्यक होता है और यही अपेक्षित है।
बाकी तो यार यह खेल बहुत पुराना है तुम्हें बस अपना किरदार निभाना है तो डर मत मेरे वीर उठा बान और चला तीर, याद रखना तुम्हें अपने होने का ऋण चुकाना है जैसे मीरा एक दीवानी थी तू भी एक दीवाना है खेल तो बहुत पुराना है तुम्हें अपना बस किरदार निभाना है।
#mehnatDungaSapneNahi
कोई ऐसा ज्ञानी नहीं हुआ ना होगा जो परीक्षा को पूर्ण रूप से कह सकता कि मैं सब कुछ अच्छा लिख कर आया हूं। लेकिन हां जितना आता था उतना लिख कर आया हूं या आई हूं यह बेहद आवश्यक है। परीक्षा को खुश मिजाज हो कर दीजिए। कहते हैं कुछ लोग कठिनाइयों से टूट जाते हैं और जो नहीं टूटते वो रिकॉर्ड तोड़ देते हैं l
आपको भी पता है मैं आपको किस श्रेणी में देखना चाहता हूं। परिवार से बात करें मन को शांत करें। लॉस्ट आउट की फीलिंग ना होने दें। अच्छी यादों को याद करें और याद रखें आने वाले १० दिन आपकी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन है। ऐसा इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि इसी का तो आपको इंतजार था अगर यह ना हो आपकी हुनर को कौन पहचान करेगा।
अंत में बस यही कहूंगा कि लोगों की सफलता इस पर निर्भर नहीं करती कि वह कितना जानते हैं अपितु इस पर निर्भर करती है सामने वाले को वह कितना कन्वींस कर पाते कि वह कितना जानते हैं। मेंस और इंटरव्यू यही करना है।
ऐसे कई अवसर आए जब मुझे लगा कि मानो दंगा ही हो जाएगा। सब मेरी ओर देख रहे थे यह हमें सही ही रास्ता दिखाएंगे। मुझे रास्ते का कुछ नहीं पता था। पर यह आभास मैं दूसरों को नहीं होने दे सकता था क्योंकि वह विश्वास की डोर है जो बहुत जरूरी है। मैंने ढूंढा रास्ता मैंने रोके दंगे। आज भी सोचता हूं शायद उससे बेहतर भी उस समय और कुछ सोच सकता था पर फिर लगता है लिमिटेड टाइम में और anxious स्टेट में जो निर्णय लिया वह भले ही सब ऑप्टिमल था पर जरूरी था।
यही मेरा आप लोगों को मूल मंत्र है। एग्जाम के पेपर में प्रश्न चाहे जैसे भी हैं आप निर्णय जरुर लीजिएगा। और उस निर्णय में आपकी सकारात्मक सोच नजर आनी चाहिए। उत्तर के अंत में आप एक सिविल सर्वेंट बनने वाले हैं तो आपसे अपेक्षित है आप एक नई दिशा दें जो सकारात्मक हो। आप उस के पक्ष विपक्ष में तर्क जरूर करें परंतु विपक्ष और उस नियम पॉलिसी इत्यादि में क्या गड़बड़ियां हैं उसी में ना डूब जाएं अपितु उसमें क्या सुधार जरूरी है और लाया जा सकता यह अति आवश्यक होता है और यही अपेक्षित है।
बाकी तो यार यह खेल बहुत पुराना है तुम्हें बस अपना किरदार निभाना है तो डर मत मेरे वीर उठा बान और चला तीर, याद रखना तुम्हें अपने होने का ऋण चुकाना है जैसे मीरा एक दीवानी थी तू भी एक दीवाना है खेल तो बहुत पुराना है तुम्हें अपना बस किरदार निभाना है।
#mehnatDungaSapneNahi
👍2