जितना इस बार सोचा था वैसा पढ़ा तो नहीं पाया, कारण कुछ भी हो पर खराब तो लगता ही है। फिर भी आप लोगों के साथ एक विशेष जुड़ाव रहता है। इसलिए चाहता हूं कि आप लोग इस परीक्षा में पूरे जोश के साथ बैठे। बर्न आउट मत होने दें खुद को। नेगेटिव लोगों से दूर रहें। दो घंटा जो बीच में मिलता है परीक्षा के उसका भी सदुपयोग करें। डरे नहीं सवाल नहीं आना कोई बड़ी बात नहीं जवाब नहीं आना बड़ी बात है। जिंदगी में भी हर सवाल का सही जवाब नहीं होता हमारे पास फिर भी हम जिंदगी से लड़ते हैं और कुछ ना कुछ उत्तर उन सवालों के ढूंढते हैं। चाहे उत्तर पूर्ण रूप से ऑप्टिमल ना हो। यही काम आपको परीक्षा में करना है। लड़ना है अपने अंदर के डर से और लिखना है जो भी आता है। प्रजेंट अच्छे से करना है। उस पर विशेष ध्यान होना चाहिए। पेपर भरने की मानसिकता से दूर हट कर पेपर को अच्छे से भरने की मानसिकता डिवेलप कीजिए। कम लिखिए पर पढ़ने योग्य लिखिए। हर एक नंबर के लिए लड़ना होता है। कलम ऐसा हो जो आपकी तकलीफ बढ़ाए ना!
कोई ऐसा ज्ञानी नहीं हुआ ना होगा जो परीक्षा को पूर्ण रूप से कह सकता कि मैं सब कुछ अच्छा लिख कर आया हूं। लेकिन हां जितना आता था उतना लिख कर आया हूं या आई हूं यह बेहद आवश्यक है। परीक्षा को खुश मिजाज हो कर दीजिए। कहते हैं कुछ लोग कठिनाइयों से टूट जाते हैं और जो नहीं टूटते वो रिकॉर्ड तोड़ देते हैं l
आपको भी पता है मैं आपको किस श्रेणी में देखना चाहता हूं। परिवार से बात करें मन को शांत करें। लॉस्ट आउट की फीलिंग ना होने दें। अच्छी यादों को याद करें और याद रखें आने वाले १० दिन आपकी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन है। ऐसा इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि इसी का तो आपको इंतजार था अगर यह ना हो आपकी हुनर को कौन पहचान करेगा।
अंत में बस यही कहूंगा कि लोगों की सफलता इस पर निर्भर नहीं करती कि वह कितना जानते हैं अपितु इस पर निर्भर करती है सामने वाले को वह कितना कन्वींस कर पाते कि वह कितना जानते हैं। मेंस और इंटरव्यू यही करना है।
ऐसे कई अवसर आए जब मुझे लगा कि मानो दंगा ही हो जाएगा। सब मेरी ओर देख रहे थे यह हमें सही ही रास्ता दिखाएंगे। मुझे रास्ते का कुछ नहीं पता था। पर यह आभास मैं दूसरों को नहीं होने दे सकता था क्योंकि वह विश्वास की डोर है जो बहुत जरूरी है। मैंने ढूंढा रास्ता मैंने रोके दंगे। आज भी सोचता हूं शायद उससे बेहतर भी उस समय और कुछ सोच सकता था पर फिर लगता है लिमिटेड टाइम में और anxious स्टेट में जो निर्णय लिया वह भले ही सब ऑप्टिमल था पर जरूरी था।
यही मेरा आप लोगों को मूल मंत्र है। एग्जाम के पेपर में प्रश्न चाहे जैसे भी हैं आप निर्णय जरुर लीजिएगा। और उस निर्णय में आपकी सकारात्मक सोच नजर आनी चाहिए। उत्तर के अंत में आप एक सिविल सर्वेंट बनने वाले हैं तो आपसे अपेक्षित है आप एक नई दिशा दें जो सकारात्मक हो। आप उस के पक्ष विपक्ष में तर्क जरूर करें परंतु विपक्ष और उस नियम पॉलिसी इत्यादि में क्या गड़बड़ियां हैं उसी में ना डूब जाएं अपितु उसमें क्या सुधार जरूरी है और लाया जा सकता यह अति आवश्यक होता है और यही अपेक्षित है।
बाकी तो यार यह खेल बहुत पुराना है तुम्हें बस अपना किरदार निभाना है तो डर मत मेरे वीर उठा बान और चला तीर, याद रखना तुम्हें अपने होने का ऋण चुकाना है जैसे मीरा एक दीवानी थी तू भी एक दीवाना है खेल तो बहुत पुराना है तुम्हें अपना बस किरदार निभाना है।
#mehnatDungaSapneNahi
कोई ऐसा ज्ञानी नहीं हुआ ना होगा जो परीक्षा को पूर्ण रूप से कह सकता कि मैं सब कुछ अच्छा लिख कर आया हूं। लेकिन हां जितना आता था उतना लिख कर आया हूं या आई हूं यह बेहद आवश्यक है। परीक्षा को खुश मिजाज हो कर दीजिए। कहते हैं कुछ लोग कठिनाइयों से टूट जाते हैं और जो नहीं टूटते वो रिकॉर्ड तोड़ देते हैं l
आपको भी पता है मैं आपको किस श्रेणी में देखना चाहता हूं। परिवार से बात करें मन को शांत करें। लॉस्ट आउट की फीलिंग ना होने दें। अच्छी यादों को याद करें और याद रखें आने वाले १० दिन आपकी जिंदगी के सबसे अच्छे दिन है। ऐसा इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि इसी का तो आपको इंतजार था अगर यह ना हो आपकी हुनर को कौन पहचान करेगा।
अंत में बस यही कहूंगा कि लोगों की सफलता इस पर निर्भर नहीं करती कि वह कितना जानते हैं अपितु इस पर निर्भर करती है सामने वाले को वह कितना कन्वींस कर पाते कि वह कितना जानते हैं। मेंस और इंटरव्यू यही करना है।
ऐसे कई अवसर आए जब मुझे लगा कि मानो दंगा ही हो जाएगा। सब मेरी ओर देख रहे थे यह हमें सही ही रास्ता दिखाएंगे। मुझे रास्ते का कुछ नहीं पता था। पर यह आभास मैं दूसरों को नहीं होने दे सकता था क्योंकि वह विश्वास की डोर है जो बहुत जरूरी है। मैंने ढूंढा रास्ता मैंने रोके दंगे। आज भी सोचता हूं शायद उससे बेहतर भी उस समय और कुछ सोच सकता था पर फिर लगता है लिमिटेड टाइम में और anxious स्टेट में जो निर्णय लिया वह भले ही सब ऑप्टिमल था पर जरूरी था।
यही मेरा आप लोगों को मूल मंत्र है। एग्जाम के पेपर में प्रश्न चाहे जैसे भी हैं आप निर्णय जरुर लीजिएगा। और उस निर्णय में आपकी सकारात्मक सोच नजर आनी चाहिए। उत्तर के अंत में आप एक सिविल सर्वेंट बनने वाले हैं तो आपसे अपेक्षित है आप एक नई दिशा दें जो सकारात्मक हो। आप उस के पक्ष विपक्ष में तर्क जरूर करें परंतु विपक्ष और उस नियम पॉलिसी इत्यादि में क्या गड़बड़ियां हैं उसी में ना डूब जाएं अपितु उसमें क्या सुधार जरूरी है और लाया जा सकता यह अति आवश्यक होता है और यही अपेक्षित है।
बाकी तो यार यह खेल बहुत पुराना है तुम्हें बस अपना किरदार निभाना है तो डर मत मेरे वीर उठा बान और चला तीर, याद रखना तुम्हें अपने होने का ऋण चुकाना है जैसे मीरा एक दीवानी थी तू भी एक दीवाना है खेल तो बहुत पुराना है तुम्हें अपना बस किरदार निभाना है।
#mehnatDungaSapneNahi
👍2
Not any bogus marketing but २ essays me thoda fayda hota if someone would have had written
Topic 3 of essay 1 can be tackled little bit with revolutions are locomotive one...
आज जैसा भी है उसे भूल कर अब कल की तैयारी करनी है। हर दिन एक नया दिन होता है। और हमें अपना शत-प्रतिशत देना है। कल और परसों ही तय करते हैं क्या आगे का सफर हमारा कैसा होगा। और upsc के लिए तो कल परसों बहुत जरूरी है!
दिमाग शांत करके अधिक से अधिक डायमेंशन में सोचने की कोशिश कीजिएगा। अच्छे हैंडराइटिंग में लिखना है। छोटे-छोटे डायग्राम पाई चार्ट curve इत्यादि बनाने हैं। यहां जरूरी हो वहां समिति के नाम। इसके अतिरिक्त डाटा सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स कोटेशन वे फॉरवर्ड कथा ड्राफ्ट पॉलिसी का जिक्र किया जा सकता है। इसमें भारत सरकार की नीतियां नीति आयोग के संबंधित कागज एआरसी के अतिरिक्त बजट इकोनामिक सर्वे इत्यादि का प्रयोग करें। एक गुड प्रैक्टिसेज का एग्जांपल जरूर दें।
प्रश्न के इर्द-गिर्द घूमने से अच्छा सीधे प्रश्न पर वार करना। पेपर भरने से अच्छा है सुंदर उत्तरों को तैयार करना
जीत और हार में क्या अंतर होता है और वह होता है 2 घंटे के बाद फिर से वही जुनून रखना की आखिरी 1 घंटे में सब कुछ अर्पण कर देना है। जिस प्रकार से रोजर फेडरर ने कितने सालों तक खेलने के बाद भी जीतने की भूख खत्म नहीं हुई और उन्होंने अपने खेल से सबका दिल जीता उसी प्रकार से आपको अपनी लिखावट से अपने उत्तर से एग्जामिनर का दिल जीतना है। 11 अंक की भूख होनी चाहिए।
कल के लिए आप सभी को ढेरों शुभ कामनाओं के साथ
#mehnatDungaSapneNahi मेहनत दूंगा सपने नहीं
दिमाग शांत करके अधिक से अधिक डायमेंशन में सोचने की कोशिश कीजिएगा। अच्छे हैंडराइटिंग में लिखना है। छोटे-छोटे डायग्राम पाई चार्ट curve इत्यादि बनाने हैं। यहां जरूरी हो वहां समिति के नाम। इसके अतिरिक्त डाटा सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स कोटेशन वे फॉरवर्ड कथा ड्राफ्ट पॉलिसी का जिक्र किया जा सकता है। इसमें भारत सरकार की नीतियां नीति आयोग के संबंधित कागज एआरसी के अतिरिक्त बजट इकोनामिक सर्वे इत्यादि का प्रयोग करें। एक गुड प्रैक्टिसेज का एग्जांपल जरूर दें।
प्रश्न के इर्द-गिर्द घूमने से अच्छा सीधे प्रश्न पर वार करना। पेपर भरने से अच्छा है सुंदर उत्तरों को तैयार करना
जीत और हार में क्या अंतर होता है और वह होता है 2 घंटे के बाद फिर से वही जुनून रखना की आखिरी 1 घंटे में सब कुछ अर्पण कर देना है। जिस प्रकार से रोजर फेडरर ने कितने सालों तक खेलने के बाद भी जीतने की भूख खत्म नहीं हुई और उन्होंने अपने खेल से सबका दिल जीता उसी प्रकार से आपको अपनी लिखावट से अपने उत्तर से एग्जामिनर का दिल जीतना है। 11 अंक की भूख होनी चाहिए।
कल के लिए आप सभी को ढेरों शुभ कामनाओं के साथ
#mehnatDungaSapneNahi मेहनत दूंगा सपने नहीं
I hope all of you had written as per your expectations. Paper this year was difficult than the last year which would reflect in the cut off.
If you have a good feel about your mains start preparing for Interviews as soon as possible in case you are not writing any state PCS.
Best wishes for UPPCS mains
Always remember it is not the most intelligent answers that fetches you the most marks, total marks in mains is all about how neatly the content was presented with few good rationale and basic ingredients of an answer
If you have a good feel about your mains start preparing for Interviews as soon as possible in case you are not writing any state PCS.
Best wishes for UPPCS mains
Always remember it is not the most intelligent answers that fetches you the most marks, total marks in mains is all about how neatly the content was presented with few good rationale and basic ingredients of an answer