प्रिय मित्रों नमस्कार। आज हिंदी TGT का पेपर शानदार आया। अच्छी और श्रेष्ठ तैयारी करने वाले मित्रों को शुभकामना। इस बार का पेपर स्तरीय है और परिणाम पढ़ने वालों के पक्ष में होगा।
आज की परीक्षा से सबक:-
___________________
कई मित्रों को लगता है कि नया प्रश्न/तथ्य/जानकारी क्यों पढ़ें ! परीक्षा में तो कभी आयी नहीं...
उनको आज का TGT का पेपर देखकर सबक मिलेगा की प्रश्न परीक्षार्थी नहीं परीक्षक के विवेक पर निर्भर करता है।
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कई मित्रों को लगता है कि नया प्रश्न/तथ्य/जानकारी क्यों पढ़ें ! परीक्षा में तो कभी आयी नहीं...
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प्रेमचन्द विशेष : UGC-NET-JRF/TGT/PGT
Hightech Hindi presents : Hightech Hindi की प्रस्तुति
मूल नाम :धनपत राय
जन्म :31 जुलाई 1880, लमही, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
भाषा:हिंदी, उर्दूविधाएँ:कहानी, उपन्यास, नाटक, वैचारिक लेख, बाल साहित्यप्रमुख
कृतियाँ:उपन्यास : गोदान, गबन, सेवा सदन, प्रतिज्ञा, प्रेमाश्रम, निर्मला, प्रेमा, कायाकल्प, रंगभूमि, कर्मभूमि, मनोरमा, वरदान, मंगलसूत्र (असमाप्त)
कहानी : सोज़े वतन, मानसरोवर (आठ खंड), प्रेमचंद की असंकलित कहानियाँ
नाटक : कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी
बाल साहित्य : रामकथा, कुत्ते की कहानी
विचार : प्रेमचंद : विविध प्रसंग, प्रेमचंद के विचार (तीन खंडों में)
अनुवाद:आजाद-कथा (उर्दू से, रतननाथ सरशार), पिता के पत्र पुत्री के नाम (अंग्रेजी से, जवाहरलाल नेहरू)
संपादन :मर्यादा, माधुरी, हंस, जागरण
निधन :8 अक्टूबर 1936
विशेष :प्रगतिशील लेखक संघ के स्थापना सम्मेलन (1936) के अध्यक्ष। इनकी अनेक कृतियों पर फिल्में बन चुकी हैं। विभिन्न देशी-विदेशी भाषाओं में अनुवाद। अमृत राय (प्रेमचंद के पुत्र) ने ‘कलम का सिपाही’ और मदन गोपाल ने ‘कलम का मजदूर’ शीर्षक से उनकी जीवनी लिखी है।
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मूल नाम :धनपत राय
जन्म :31 जुलाई 1880, लमही, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
भाषा:हिंदी, उर्दूविधाएँ:कहानी, उपन्यास, नाटक, वैचारिक लेख, बाल साहित्यप्रमुख
कृतियाँ:उपन्यास : गोदान, गबन, सेवा सदन, प्रतिज्ञा, प्रेमाश्रम, निर्मला, प्रेमा, कायाकल्प, रंगभूमि, कर्मभूमि, मनोरमा, वरदान, मंगलसूत्र (असमाप्त)
कहानी : सोज़े वतन, मानसरोवर (आठ खंड), प्रेमचंद की असंकलित कहानियाँ
नाटक : कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी
बाल साहित्य : रामकथा, कुत्ते की कहानी
विचार : प्रेमचंद : विविध प्रसंग, प्रेमचंद के विचार (तीन खंडों में)
अनुवाद:आजाद-कथा (उर्दू से, रतननाथ सरशार), पिता के पत्र पुत्री के नाम (अंग्रेजी से, जवाहरलाल नेहरू)
संपादन :मर्यादा, माधुरी, हंस, जागरण
निधन :8 अक्टूबर 1936
विशेष :प्रगतिशील लेखक संघ के स्थापना सम्मेलन (1936) के अध्यक्ष। इनकी अनेक कृतियों पर फिल्में बन चुकी हैं। विभिन्न देशी-विदेशी भाषाओं में अनुवाद। अमृत राय (प्रेमचंद के पुत्र) ने ‘कलम का सिपाही’ और मदन गोपाल ने ‘कलम का मजदूर’ शीर्षक से उनकी जीवनी लिखी है।
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अल्प विराम (Comma) [ , ]
जहाँ थोड़ी सी देर रुकना पड़े, वहाँ अल्प विराम चिन्ह (Alp Viram) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : नदी, पहाड़, खेत, हवा
उदाहरण : राम, सीता और लक्ष्मण जंगल गए ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
अर्द्ध विराम (Semicolon) [ ; ]
जहाँ अल्प विराम (Alp Viram) की अपेक्षा कुछ अधिक देर तक रुकना पड़े, वहाँ अर्द्ध विराम (Ardh Viram) का प्रयोग करते है ।
उदाहरण : सूर्यास्त हो गया; लालिमा का स्थान कालिमा ने ले लिया ।
उदाहरण : सूर्योदय हो गया; चिड़िया चहकने लगी और कमल खिल गए ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
उप विराम (Colon) [ : ]
जब किसी कथन को अलग दिखाना हो तो वहाँ पर उप विराम (Up Viram) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : प्रदूषण : एक अभिशाप ।
उदाहरण : विज्ञान : वरदान या अभिशाप ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
पूर्ण विराम (Full Stop) [ । ]
वाक्य के समाप्त होने पर पूर्ण विराम चिन्ह (Purn Viram) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : राम घर जाता है ।
उदाहरण : पेड़ से हमें फल प्राप्त होते हैं ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
प्रश्न चिन्ह (Question Mark) [ ? ]
प्रश्न चिन्ह (Prashn Chinh) का प्रयोग प्रश्नवाचक वाक्यों के अंत में किया जाता है ।
उदाहरण : वह क्या लिख रहा है ?
उदाहरण : ताजमहल किसने बनवाया ?
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
विस्मयबोधक चिन्ह (Exclamation Mark) [ ! ]
यह विस्मयादिबोधक चिन्ह (Vismahadibodhak Chinh) अव्यय शब्द के आगे लगाया जाता है ।
उदाहरण : हाय !, आह !, छि !, अरे !, शाबाश !
उदाहरण : हाय ! वह मारा गया ।
उदाहरण : आह ! कितना सुहावना मौसम है ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
निर्देशक चिन्ह (Dash) [ ― ]
निर्देशक चिन्ह (Nirdeshak Chinh) का प्रयोग विषय, विवाद, सम्बन्धी, प्रत्येक शीर्षक के आगे, उदाहरण के पश्चात, कथोपकथन के नाम के आगे किया जाता है । इसको रेखा चिन्ह (Rekha Chinh) के नाम से भी जाना जाता है ।
उदाहरण : जैसे ― अनार, आम, संतरा ।
उदाहरण : अध्यापक ― तुम जा सकते हो ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
कोष्ठक चिन्ह (Bracket) [ (),{},[] ]
कोष्ठक चिन्ह (Koshthak Chinh) का प्रयोग अर्थ को और अधिक स्पस्ट करने के लिए शब्द अथवा वाक्यांश को कोष्ठक के अन्दर लिखकर किया जाता है ।
उदाहरण : विश्वामित्र (क्रोध में काँपते हुए) ठहर जा ।
उदाहरण : धर्मराज (युधिष्ठिर) सत्य और धर्म के संरक्षक थे ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
उद्धरण या अवतरण चिन्ह (Inverted Commas) [ " " ]
किसी कथन को ज्यों का त्यों उद्धृत करने के लिए उद्धरण या अवतरण चिन्ह (Uddharan or Avtaran Chinh) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : महा कवि तुलसीदास ने सत्य कहा है ― "पराधीन सपनेहु सुख नाहीं" ।
उदाहरण : भारतेंदु जी ने कहा, "हिंदी, हिन्दू, हिंदुस्तान" ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
योजक चिन्ह (Hyphen) [ - ]
योजक चिन्ह (Yojak Chinh) का प्रयोग समस्त पदों के मध्य में किया जाता है ।
उदाहरण : सुख-दुःख, लाभ-हानि, दिन-रात, यश-अपयश, तन-मन-धन ।
उदाहरण : देश के दीवानों ने तन-मन-धन से देश की रक्षा के लिए प्रयत्न किया ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
लाघव चिन्ह (Sign of Abbreviation) [ ० ]
किसी बड़े शब्द को संक्षेप में लिखने के लिए कुछ अंश लिखकर लाघव चिन्ह (Laghav Chinh) लगा दिया जाता है । इसको संक्षेपण चिन्ह (Sankshepan Chinh) भी कहते हैं ।
उदाहरण : उत्तर प्रदेश के लिए ― उ० प्र० ।
उदाहरण : डॉक्टर के लिए ― डॉ० ।
उदाहरण : इंजिनियर के लिए ― इंजी० ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
विवरण चिन्ह (Sign of Following) [ :- ]
विवरण चिन्ह (Vivran Chinh) का प्रयोग वाक्यांश के विषयों में कुछ सूचक निर्देश आदि देने के लिए किया जाता है ।
उदाहरण : वनों से निम्न लाभ हैं :-
उदाहरण : इस देश में बड़ी - बड़ी नदियाँ हैं :-
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
विस्मरण चिन्ह या त्रुटिपूरक चिन्ह [ ^ ]
विस्मरण चिन्ह (Vismaran Chinh) का प्रयोग लिखते समय किसी शब्द को भूल जाने पर किया जाता है ।
उदाहरण : मैं पिताजी के साथ ^ गया ।
उदाहरण : हमें रोजाना अपना कार्य ^ चाहिए ।
∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆∆
पद्लोप चिन्ह (Mark of Ellipsis) [ ... ]
उदाहरण : राम ने मोहन को गली दी ... ।
उदाहरण : मैं सामान उठा दूंगा पर ... ।
प्रेषक : Hightech Hindi YouTube Channel
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अल्प विराम (Comma) [ , ]
जहाँ थोड़ी सी देर रुकना पड़े, वहाँ अल्प विराम चिन्ह (Alp Viram) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : नदी, पहाड़, खेत, हवा
उदाहरण : राम, सीता और लक्ष्मण जंगल गए ।
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अर्द्ध विराम (Semicolon) [ ; ]
जहाँ अल्प विराम (Alp Viram) की अपेक्षा कुछ अधिक देर तक रुकना पड़े, वहाँ अर्द्ध विराम (Ardh Viram) का प्रयोग करते है ।
उदाहरण : सूर्यास्त हो गया; लालिमा का स्थान कालिमा ने ले लिया ।
उदाहरण : सूर्योदय हो गया; चिड़िया चहकने लगी और कमल खिल गए ।
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उप विराम (Colon) [ : ]
जब किसी कथन को अलग दिखाना हो तो वहाँ पर उप विराम (Up Viram) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : प्रदूषण : एक अभिशाप ।
उदाहरण : विज्ञान : वरदान या अभिशाप ।
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पूर्ण विराम (Full Stop) [ । ]
वाक्य के समाप्त होने पर पूर्ण विराम चिन्ह (Purn Viram) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : राम घर जाता है ।
उदाहरण : पेड़ से हमें फल प्राप्त होते हैं ।
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प्रश्न चिन्ह (Question Mark) [ ? ]
प्रश्न चिन्ह (Prashn Chinh) का प्रयोग प्रश्नवाचक वाक्यों के अंत में किया जाता है ।
उदाहरण : वह क्या लिख रहा है ?
उदाहरण : ताजमहल किसने बनवाया ?
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विस्मयबोधक चिन्ह (Exclamation Mark) [ ! ]
यह विस्मयादिबोधक चिन्ह (Vismahadibodhak Chinh) अव्यय शब्द के आगे लगाया जाता है ।
उदाहरण : हाय !, आह !, छि !, अरे !, शाबाश !
उदाहरण : हाय ! वह मारा गया ।
उदाहरण : आह ! कितना सुहावना मौसम है ।
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निर्देशक चिन्ह (Dash) [ ― ]
निर्देशक चिन्ह (Nirdeshak Chinh) का प्रयोग विषय, विवाद, सम्बन्धी, प्रत्येक शीर्षक के आगे, उदाहरण के पश्चात, कथोपकथन के नाम के आगे किया जाता है । इसको रेखा चिन्ह (Rekha Chinh) के नाम से भी जाना जाता है ।
उदाहरण : जैसे ― अनार, आम, संतरा ।
उदाहरण : अध्यापक ― तुम जा सकते हो ।
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कोष्ठक चिन्ह (Bracket) [ (),{},[] ]
कोष्ठक चिन्ह (Koshthak Chinh) का प्रयोग अर्थ को और अधिक स्पस्ट करने के लिए शब्द अथवा वाक्यांश को कोष्ठक के अन्दर लिखकर किया जाता है ।
उदाहरण : विश्वामित्र (क्रोध में काँपते हुए) ठहर जा ।
उदाहरण : धर्मराज (युधिष्ठिर) सत्य और धर्म के संरक्षक थे ।
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उद्धरण या अवतरण चिन्ह (Inverted Commas) [ " " ]
किसी कथन को ज्यों का त्यों उद्धृत करने के लिए उद्धरण या अवतरण चिन्ह (Uddharan or Avtaran Chinh) का प्रयोग करते हैं ।
उदाहरण : महा कवि तुलसीदास ने सत्य कहा है ― "पराधीन सपनेहु सुख नाहीं" ।
उदाहरण : भारतेंदु जी ने कहा, "हिंदी, हिन्दू, हिंदुस्तान" ।
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उदाहरण : सुख-दुःख, लाभ-हानि, दिन-रात, यश-अपयश, तन-मन-धन ।
उदाहरण : देश के दीवानों ने तन-मन-धन से देश की रक्षा के लिए प्रयत्न किया ।
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लाघव चिन्ह (Sign of Abbreviation) [ ० ]
किसी बड़े शब्द को संक्षेप में लिखने के लिए कुछ अंश लिखकर लाघव चिन्ह (Laghav Chinh) लगा दिया जाता है । इसको संक्षेपण चिन्ह (Sankshepan Chinh) भी कहते हैं ।
उदाहरण : उत्तर प्रदेश के लिए ― उ० प्र० ।
उदाहरण : डॉक्टर के लिए ― डॉ० ।
उदाहरण : इंजिनियर के लिए ― इंजी० ।
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उदाहरण : वनों से निम्न लाभ हैं :-
उदाहरण : इस देश में बड़ी - बड़ी नदियाँ हैं :-
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उदाहरण : मैं पिताजी के साथ ^ गया ।
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वहां प्रतिदिन सक्रिय रहने वाले सदस्य ही जुड़ेंगे।
जो भी मित्र नियमति सक्रिय रह सकते हैं। वे फेसबुक पर मैसेंजर पर जुड़ने के लिए मैसेज करें।
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अतिमहत्वपूर्ण प्रश्नों की श्रृंखला : 01
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[यह प्रश्नोत्तरी वीडियो फ़ॉर्म में आपको हमारे Hightech Hindi Youtube Channel पर उपलब्ध है]
✍ सरस्वती पत्रिका का सम्पादन किस प्रेस से होता था - इंडियन प्रेस, प्रयाग
✍सरस्वती पत्रिका के प्रथम अंक एवम उसमें कुल कितने पृष्ठ थे - चार आना, 32 पृष्ठ
✍ हंस पत्रिका वर्तमान में किस प्रेस से निकलती है - अक्षर प्रकाशन
✍ उद्दंत मार्तण्ड हिंदी पत्र कब बन्द हो गया- 4 दिसम्बर, 1827
✍ भगत सिंह का फांसी अंक किस पत्र ने निकालकर तहलका मचा दिया था - अभ्युदय, सम्पादक - मदन मोहन मालवीय
✍ "कर्म है अपना जीवन प्रण, कर्म पर हो जाओ बलिदान" किस पत्र का मोटो था - कर्मवीर
✍आलोचना नामक पत्रिका के प्रथम सम्पादक कौन थे - शिवदान सिंह चौहान
✍भारत नामक पत्र कहां से निकलता था और सम्पादक कौन थे - नन्द दुलारे वाजपेयी, इलाहाबाद, अर्ध साप्ताहिक
✍हिंदी नवजीवन पत्र गांधी जी के नाम से छपता था किन्तु उसका पूरा सम्पादकीय कार्य कौन देखता था - हरिभाऊ उपाध्याय
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✍ सरस्वती पत्रिका का सम्पादन किस प्रेस से होता था - इंडियन प्रेस, प्रयाग
✍सरस्वती पत्रिका के प्रथम अंक एवम उसमें कुल कितने पृष्ठ थे - चार आना, 32 पृष्ठ
✍ हंस पत्रिका वर्तमान में किस प्रेस से निकलती है - अक्षर प्रकाशन
✍ उद्दंत मार्तण्ड हिंदी पत्र कब बन्द हो गया- 4 दिसम्बर, 1827
✍ भगत सिंह का फांसी अंक किस पत्र ने निकालकर तहलका मचा दिया था - अभ्युदय, सम्पादक - मदन मोहन मालवीय
✍ "कर्म है अपना जीवन प्रण, कर्म पर हो जाओ बलिदान" किस पत्र का मोटो था - कर्मवीर
✍आलोचना नामक पत्रिका के प्रथम सम्पादक कौन थे - शिवदान सिंह चौहान
✍भारत नामक पत्र कहां से निकलता था और सम्पादक कौन थे - नन्द दुलारे वाजपेयी, इलाहाबाद, अर्ध साप्ताहिक
✍हिंदी नवजीवन पत्र गांधी जी के नाम से छपता था किन्तु उसका पूरा सम्पादकीय कार्य कौन देखता था - हरिभाऊ उपाध्याय
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निम्नवत पंक्तियां किसकी है-
1. 'क्या करूँ जो शम्भुधन टूटा तुम्हारा'
2. 'तुम विद्युत बन आओ पाहुन, मेरे नयनों पर पग धर धर'
3. 'हेर प्यारे को सेज पास/नम्रमुख हंसी खिली'
4. 'हम नहीं कहते कि हम को छोड़कर स्रोतस्विनी बह जाए'
5. 'विश्वजन की अर्चना में नहीं बाधक था इस व्यष्टि का अभिमान'
प्रेषक : Hightech Hindi YouTube Channel
1. 'क्या करूँ जो शम्भुधन टूटा तुम्हारा'
2. 'तुम विद्युत बन आओ पाहुन, मेरे नयनों पर पग धर धर'
3. 'हेर प्यारे को सेज पास/नम्रमुख हंसी खिली'
4. 'हम नहीं कहते कि हम को छोड़कर स्रोतस्विनी बह जाए'
5. 'विश्वजन की अर्चना में नहीं बाधक था इस व्यष्टि का अभिमान'
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आज के प्रश्न : किसका कथन है-
1. 'करुणा सेंत का सौदा नहीं है'
2. 'कविता दो शब्दों के बीच नीरवता में रहती है'
3. 'जीवन विवेक ही साहित्य विवेक है'
4. 'मनुष्य की श्रेष्ठ साधनाएं ही संस्कृति हैं'
5. 'पंडिताई भी एक बोझ है'
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(यह सभी प्रश्न परीक्षा में आए हुए हैं।)
1. 'करुणा सेंत का सौदा नहीं है'
2. 'कविता दो शब्दों के बीच नीरवता में रहती है'
3. 'जीवन विवेक ही साहित्य विवेक है'
4. 'मनुष्य की श्रेष्ठ साधनाएं ही संस्कृति हैं'
5. 'पंडिताई भी एक बोझ है'
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(यह सभी प्रश्न परीक्षा में आए हुए हैं।)
आज के प्रश्न : Hightech Hindi
1. जान जेशुआ केटलर किस देश के निवासी थे-
2. गार्सा-द-तासी का सम्बंध किस देश से है-
3. हिंदी साहित्य का विवेचनात्मक इतिहास किसने लिखा-
4. हिंदी साहित्य विमर्श किसकी पुस्तक है-
5. हिंदी भाषा का विकास नामक पुस्तक किसने लिखी-
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1. जान जेशुआ केटलर किस देश के निवासी थे-
2. गार्सा-द-तासी का सम्बंध किस देश से है-
3. हिंदी साहित्य का विवेचनात्मक इतिहास किसने लिखा-
4. हिंदी साहित्य विमर्श किसकी पुस्तक है-
5. हिंदी भाषा का विकास नामक पुस्तक किसने लिखी-
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मैसेज वही लोग करें जो सक्रिय रहें नियमित। यह समूह NTA NET-JRF को समर्पित है।
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