प्रेमचन्द विशेष सभी के लिए
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प्रेषक : Hindi Sahitya by Hightech Hindi Telegram Channel
✍मूल नाम :धनपत राय
✍जन्म :31 जुलाई 1880, लमही, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
कृतियाँ:
✍उपन्यास : गोदान, गबन, सेवा सदन, प्रतिज्ञा, प्रेमाश्रम, निर्मला, प्रेमा, कायाकल्प, रंगभूमि, कर्मभूमि, मनोरमा, वरदान, मंगलसूत्र (असमाप्त)
✍कहानी : सोज़े वतन, मानसरोवर (आठ खंड), प्रेमचंद की असंकलित कहानियाँ
✍नाटक : कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी
✍बाल साहित्य : रामकथा, कुत्ते की कहानी
✍विचार : प्रेमचंद : विविध प्रसंग, प्रेमचंद के विचार (तीन खंडों में)
✍अनुवाद:आजाद-कथा (उर्दू से, रतननाथ सरशार), पिता के पत्र पुत्री के नाम (अंग्रेजी से, जवाहरलाल नेहरू)
✍संपादन :मर्यादा, माधुरी, हंस, जागरण
✍निधन :8 अक्टूबर 1936
विशेष :प्रगतिशील लेखक संघ के स्थापना सम्मेलन (1936) के अध्यक्ष। इनकी अनेक कृतियों पर फिल्में बन चुकी हैं। विभिन्न देशी-विदेशी भाषाओं में अनुवाद। अमृत राय (प्रेमचंद के पुत्र) ने ‘कलम का सिपाही’ और मदन गोपाल ने ‘कलम का मजदूर’ शीर्षक से उनकी जीवनी लिखी है।
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✍मूल नाम :धनपत राय
✍जन्म :31 जुलाई 1880, लमही, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
कृतियाँ:
✍उपन्यास : गोदान, गबन, सेवा सदन, प्रतिज्ञा, प्रेमाश्रम, निर्मला, प्रेमा, कायाकल्प, रंगभूमि, कर्मभूमि, मनोरमा, वरदान, मंगलसूत्र (असमाप्त)
✍कहानी : सोज़े वतन, मानसरोवर (आठ खंड), प्रेमचंद की असंकलित कहानियाँ
✍नाटक : कर्बला, संग्राम, प्रेम की वेदी
✍बाल साहित्य : रामकथा, कुत्ते की कहानी
✍विचार : प्रेमचंद : विविध प्रसंग, प्रेमचंद के विचार (तीन खंडों में)
✍अनुवाद:आजाद-कथा (उर्दू से, रतननाथ सरशार), पिता के पत्र पुत्री के नाम (अंग्रेजी से, जवाहरलाल नेहरू)
✍संपादन :मर्यादा, माधुरी, हंस, जागरण
✍निधन :8 अक्टूबर 1936
विशेष :प्रगतिशील लेखक संघ के स्थापना सम्मेलन (1936) के अध्यक्ष। इनकी अनेक कृतियों पर फिल्में बन चुकी हैं। विभिन्न देशी-विदेशी भाषाओं में अनुवाद। अमृत राय (प्रेमचंद के पुत्र) ने ‘कलम का सिपाही’ और मदन गोपाल ने ‘कलम का मजदूर’ शीर्षक से उनकी जीवनी लिखी है।
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हिंदी के चार यार:एक तथ्यात्मक परिचय
UGC-NET/JRF, TGT-PGT, FIRST GRADE, HIGHER के लिए अतिमहत्वपूर्ण
1. रवींद्र कालिया
जन्म : 11 नवंबर 1938, जालंधर (पंजाब)
कहानी संग्रह : नौ साल छोटी पत्नी, काला रजिस्टर, गरीबी हटाओ, बाँके लाल, गली कूचे, चकैया नीम, सत्ताइस साल की उमर तक, जरा सी रोशनी, रवींद्र कालिया की कहानियाँ
उपन्यास : खुदा सही सलामत है, ए बी सी डी, 17 रानडे रोड
संस्मरण : स्मृतियों की जन्मपत्री, कामरेड मोनालिज़ा, सृजन के सहयात्री, ग़ालिब छुटी शराब, रवींद्र कालिया के संस्मरण
व्यंग्य : राग मिलावट मालकौंस, नींद क्यों रात भर नहीं आती
संपादन : वागर्थ, नया ज्ञानोदय, गंगा जमुना, वर्ष (प्रख्यात कथाकार अमरकांत पर एकाग्र), मोहन राकेश संचयन, अमरकांत संचयन सहित अनेक पुस्तकों का संपादन
मृत्यु : जनवरी 2016
2. दूधनाथ सिंह
जन्म : 17 अक्टूबर 1936 , सोबंथा, बलिया, उत्तर प्रदेश
उपन्यास : आखिरी कलाम, निष्कासन, नमो अंधकारम्
कहानी संग्रह : सपाट चेहरे वाला आदमी, सुखांत, प्रेमकथा का अंत न कोई, माई का शोकगीत, धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे, तू फू, जलमुर्गिर्यों का शिकार
कविता संग्रह : अगली शताब्दी के नाम, एक और भी आदमी है, युवा खुशबू, सुरंग से लौटते हुए (लंबी कविता), तुम्हारे लिए, एक अनाम कवि की कविताएँ
नाटक : यमगाथा
आलोचना : निराला : आत्महंता आस्था, महादेवी, मुक्तिबोध : साहित्य में नई प्रवृत्तियाँ
संस्मरण : लौट आ ओ धार, सबको अमर देखना चाहता हूँ
साक्षात्कार : कहा-सुनी
संपादन : तारापथ (सुमित्रानंदन पंत की कविताओं का चयन), एक शमशेर भी है, दो शरण (निराला की भक्ति कविताएँ), भुवनेश्वर समग्र, पक्षधर (पत्रिका - आपात काल के दौरान एक अंक का संपादन, जिसे सरकार द्वारा जब्त कर लिया गया.
निधन : 11 जनवरी 2018, इलाहाबाद
3. ज्ञानरंजन
जन्म : 21 नवंबर 1931, अकोला, महाराष्ट्र
मुख्य कृतियाँ
कहानी संग्रह : फेन्स के इधर और उधर, यात्रा, क्षणजीवी, सपना नहीं, प्रतिनिधि कहानियाँ
अन्य : कबाड़खाना
संपादन : पहल (त्रैमासिक पत्रिका), मेरी प्रिय संपादित कहानियाँ
परिचय
4. काशी नाथ सिंह
जन्म : 1 जनवरी 1937, जीयनपुर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
भाषा : हिंदी
विधाएँ : कहानी, उपन्यास, नाटक, संस्मरण, आलोचना
मुख्य कृतियाँ
कहानी संग्रह : लोग बिस्तरों पर, सुबह का डर, कविता की नई तारीख, आदमीनामा, सदी का सबसे बड़ा आदमी, कल की फटेहाल कहानियाँ, प्रतिनिधि कहानियाँ, दस प्रतिनिधि कहानियाँ, कहानी उपाख्यान
उपन्यास : अपना मोर्चा, काशी का अस्सी, रेहन पर रग्घू
संस्मरण : याद हो कि न याद हो, आछे दिन पाछे गए
नाटक : घोआस
आलोचना : आलोचना भी रचना है
शोध प्रबंध : हिंदी में संयुक्त क्रियाएँ
हिंदी साहित्य का सम्पूर्ण मंच : Hightech Hindi
UGC-NET/JRF, TGT-PGT, FIRST GRADE, HIGHER के लिए अतिमहत्वपूर्ण
1. रवींद्र कालिया
जन्म : 11 नवंबर 1938, जालंधर (पंजाब)
कहानी संग्रह : नौ साल छोटी पत्नी, काला रजिस्टर, गरीबी हटाओ, बाँके लाल, गली कूचे, चकैया नीम, सत्ताइस साल की उमर तक, जरा सी रोशनी, रवींद्र कालिया की कहानियाँ
उपन्यास : खुदा सही सलामत है, ए बी सी डी, 17 रानडे रोड
संस्मरण : स्मृतियों की जन्मपत्री, कामरेड मोनालिज़ा, सृजन के सहयात्री, ग़ालिब छुटी शराब, रवींद्र कालिया के संस्मरण
व्यंग्य : राग मिलावट मालकौंस, नींद क्यों रात भर नहीं आती
संपादन : वागर्थ, नया ज्ञानोदय, गंगा जमुना, वर्ष (प्रख्यात कथाकार अमरकांत पर एकाग्र), मोहन राकेश संचयन, अमरकांत संचयन सहित अनेक पुस्तकों का संपादन
मृत्यु : जनवरी 2016
2. दूधनाथ सिंह
जन्म : 17 अक्टूबर 1936 , सोबंथा, बलिया, उत्तर प्रदेश
उपन्यास : आखिरी कलाम, निष्कासन, नमो अंधकारम्
कहानी संग्रह : सपाट चेहरे वाला आदमी, सुखांत, प्रेमकथा का अंत न कोई, माई का शोकगीत, धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे, तू फू, जलमुर्गिर्यों का शिकार
कविता संग्रह : अगली शताब्दी के नाम, एक और भी आदमी है, युवा खुशबू, सुरंग से लौटते हुए (लंबी कविता), तुम्हारे लिए, एक अनाम कवि की कविताएँ
नाटक : यमगाथा
आलोचना : निराला : आत्महंता आस्था, महादेवी, मुक्तिबोध : साहित्य में नई प्रवृत्तियाँ
संस्मरण : लौट आ ओ धार, सबको अमर देखना चाहता हूँ
साक्षात्कार : कहा-सुनी
संपादन : तारापथ (सुमित्रानंदन पंत की कविताओं का चयन), एक शमशेर भी है, दो शरण (निराला की भक्ति कविताएँ), भुवनेश्वर समग्र, पक्षधर (पत्रिका - आपात काल के दौरान एक अंक का संपादन, जिसे सरकार द्वारा जब्त कर लिया गया.
निधन : 11 जनवरी 2018, इलाहाबाद
3. ज्ञानरंजन
जन्म : 21 नवंबर 1931, अकोला, महाराष्ट्र
मुख्य कृतियाँ
कहानी संग्रह : फेन्स के इधर और उधर, यात्रा, क्षणजीवी, सपना नहीं, प्रतिनिधि कहानियाँ
अन्य : कबाड़खाना
संपादन : पहल (त्रैमासिक पत्रिका), मेरी प्रिय संपादित कहानियाँ
परिचय
4. काशी नाथ सिंह
जन्म : 1 जनवरी 1937, जीयनपुर, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
भाषा : हिंदी
विधाएँ : कहानी, उपन्यास, नाटक, संस्मरण, आलोचना
मुख्य कृतियाँ
कहानी संग्रह : लोग बिस्तरों पर, सुबह का डर, कविता की नई तारीख, आदमीनामा, सदी का सबसे बड़ा आदमी, कल की फटेहाल कहानियाँ, प्रतिनिधि कहानियाँ, दस प्रतिनिधि कहानियाँ, कहानी उपाख्यान
उपन्यास : अपना मोर्चा, काशी का अस्सी, रेहन पर रग्घू
संस्मरण : याद हो कि न याद हो, आछे दिन पाछे गए
नाटक : घोआस
आलोचना : आलोचना भी रचना है
शोध प्रबंध : हिंदी में संयुक्त क्रियाएँ
हिंदी साहित्य का सम्पूर्ण मंच : Hightech Hindi
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सुधीश पचौरी की प्रमुख रचनाओं के नाम बताइए - नई कविता का वैचारिक आधार, कविता का अंत, दूरदर्शन की भूमिका, उत्तर आधुनिकता और उत्तर संरचनावाद, नव साम्राज्यवाद और संस्कृति, नामवर के विमर्श, दूरदर्शन विकास से बाजार तक, देरिदा का विखंडन और साहित्य, अशोक बाजपेई का पाठ:कुपाठ
हिंदी साहित्य में प्रयोगवादी पांच कवियों के नाम बताइए - मुक्तिबोध, शमशेर बहादुर सिंह, नेमिचंद्र जैन, नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार
‘नालासोपारा पोस्ट बॉक्स नंबर 203’ किसका उपन्यास है - चित्रा मुद्गल
मोहन राकेश का जन्म कब और कहां हुआ था - 8 जनवरी 1925, झंडी वाली गली, अमृतसर पंजाब
मोहन राकेश की मृत्यु कब हुई - 3 दिसंबर 1972, दिल्ली
‘पुनश्च’ किसकी पत्रों का संकलन है - अश्क दंपति के
‘काले काले बादल छाए, आय न वीर जवाहर लाल’ निराला की कविता किसके विरोध में लिखी गई थी - नेहरु
रीतिकालीन कवियों का प्रिय छंद माना जाता है - कवित्त और सवैया छंद
गांधी के विरोध में निराला ने किस शीर्षक से कविता लिखी - ‘बापू तुम मुर्गी खाते यदि’
नंदकिशोर नवल द्वारा संपादित ‘निराला रचनावली’ कुल कितने खंडों में है - 8 खंड
हिंदी में गेय पदों की परंपरा की शुरुआत किस से मानी जाती है - सिद्धों से
‘कलि कुटिल जीव निस्तार हित तुलसी बाल्मीकि अवतार धरि’ पंक्ति किसकी है - नाभादास की
रामानंद के 12 शिष्यों का जो वर्णन ‘भक्तमाल’ में मिलता है, उनके नाम क्रमशः हैं - अनंतानंद, नर्हायानंद, कबीर, रैदास, सुखानंद, भावानंद, सेना, पद्मावती, सुरसुरानंद, सुरसुरी, धन्ना, पीपा
तुलसीदास प्रमुख रचनाएं और उनकी शैली - रामचरितमानस-दोहा चौपाई शैली, विनय पत्रिका-गीति शैली, गीतावली-कवित्त सवैया शैली, कवितावली-पद शैली, दोहावली-दोहा शैली, बरवै रामायण-बरवै शैली
पुष्टिमार्ग के संस्थापक माने जाते हैं - वल्लभाचार्य
‘प्रवाह जीव’ किसे कहते हैं - प्रवाह जीव से क्या आशय है वह जीव जो सांसारिक प्रवाह में पड़े रहते हैं.
‘मर्यादा जीव’ किसे कहते हैं - मर्यादा से आशय है वह जीव जो विधि निषेध हो का पालन करते हैं.
‘पुष्टिजीव’ किसे कहते हैं - वह जीव जो भगवान का अनुग्रह प्राप्त कर लेते हैं और कृष्ण की नित्य लीला का.
सुधीश पचौरी की प्रमुख रचनाओं के नाम बताइए - नई कविता का वैचारिक आधार, कविता का अंत, दूरदर्शन की भूमिका, उत्तर आधुनिकता और उत्तर संरचनावाद, नव साम्राज्यवाद और संस्कृति, नामवर के विमर्श, दूरदर्शन विकास से बाजार तक, देरिदा का विखंडन और साहित्य, अशोक बाजपेई का पाठ:कुपाठ
हिंदी साहित्य में प्रयोगवादी पांच कवियों के नाम बताइए - मुक्तिबोध, शमशेर बहादुर सिंह, नेमिचंद्र जैन, नलिन विलोचन शर्मा, केसरी कुमार
‘नालासोपारा पोस्ट बॉक्स नंबर 203’ किसका उपन्यास है - चित्रा मुद्गल
मोहन राकेश का जन्म कब और कहां हुआ था - 8 जनवरी 1925, झंडी वाली गली, अमृतसर पंजाब
मोहन राकेश की मृत्यु कब हुई - 3 दिसंबर 1972, दिल्ली
‘पुनश्च’ किसकी पत्रों का संकलन है - अश्क दंपति के
‘काले काले बादल छाए, आय न वीर जवाहर लाल’ निराला की कविता किसके विरोध में लिखी गई थी - नेहरु
रीतिकालीन कवियों का प्रिय छंद माना जाता है - कवित्त और सवैया छंद
गांधी के विरोध में निराला ने किस शीर्षक से कविता लिखी - ‘बापू तुम मुर्गी खाते यदि’
नंदकिशोर नवल द्वारा संपादित ‘निराला रचनावली’ कुल कितने खंडों में है - 8 खंड
हिंदी में गेय पदों की परंपरा की शुरुआत किस से मानी जाती है - सिद्धों से
‘कलि कुटिल जीव निस्तार हित तुलसी बाल्मीकि अवतार धरि’ पंक्ति किसकी है - नाभादास की
रामानंद के 12 शिष्यों का जो वर्णन ‘भक्तमाल’ में मिलता है, उनके नाम क्रमशः हैं - अनंतानंद, नर्हायानंद, कबीर, रैदास, सुखानंद, भावानंद, सेना, पद्मावती, सुरसुरानंद, सुरसुरी, धन्ना, पीपा
तुलसीदास प्रमुख रचनाएं और उनकी शैली - रामचरितमानस-दोहा चौपाई शैली, विनय पत्रिका-गीति शैली, गीतावली-कवित्त सवैया शैली, कवितावली-पद शैली, दोहावली-दोहा शैली, बरवै रामायण-बरवै शैली
पुष्टिमार्ग के संस्थापक माने जाते हैं - वल्लभाचार्य
‘प्रवाह जीव’ किसे कहते हैं - प्रवाह जीव से क्या आशय है वह जीव जो सांसारिक प्रवाह में पड़े रहते हैं.
‘मर्यादा जीव’ किसे कहते हैं - मर्यादा से आशय है वह जीव जो विधि निषेध हो का पालन करते हैं.
‘पुष्टिजीव’ किसे कहते हैं - वह जीव जो भगवान का अनुग्रह प्राप्त कर लेते हैं और कृष्ण की नित्य लीला का.
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