'ईर्ष्या की सबसे अच्छी दवा है उद्योग और आशा' किसका कथन है-
Anonymous Quiz
37%
रामधारी सिंह दिनकर
35%
पदुम लाल पुन्ना लाल बख्शी
19%
कुबेरनाथ राय
8%
इनमें से कोई नहीं
👍8
'तुलसी का भक्तिमार्ग' निबंध किस भाग में है-
Anonymous Quiz
35%
चिंतामणि भाग 1
38%
चिंतामणि भाग 2
22%
चिंतामणि भाग 3
5%
चिंतामणि भाग 4
👏1
आचार्य शुक्ल के निबंध किस शैली में लिखे गए हैं-
Anonymous Quiz
14%
व्यास
22%
समास
57%
विवरणात्मक
6%
इनमें से कोई नहीं
👍1
👍2🥰2👏1
किसका कथन है 'प्रेम दूसरों की आंखों नहीं अपनी आंखों से देखता है'
Anonymous Quiz
26%
हजारी प्रसाद द्विवेदी
31%
रामस्वरूप चतुर्वेदी
20%
बच्चन सिंह
24%
रामचन्द्र शुक्ल
संशय उत्पन्न करने वाले नाम जो परीक्षा में अक्सर गलत होते हैं। आइये पुनः रिवीजन करें।
________
प्रश्न सरल या कठिन नहीं परिचित और अपरिचित होते हैं।
युग धार _सोहनलाल द्विवेदी
✍युगधारा _नागार्जुन
✍ की गंगा _ केदारनाथ अग्रवाल
✍युग चरण_माखनलाल चतुर्वेदी
✍युगवाणी _ सुमित्रानंदन पंत
✍युगपत_ सुमित्रानंदन पंत
✍युगांत_सुमित्रानंदन पंत
💐स्वर्गीय वीणा _श्रीधर पाठक
💐वीणा _सुमित्रानंदन पंत
✍साहित्य देवता ( निबंध )_माखनलाल चतुर्वेदी
✍समय देवता (कविता) _नरेश मेहता
✍समय के पांव (रेखाचित्र)_माखनलाल चतुर्वेदी
💐काव्य कल्पद्रुम _ सेनापति
💐कवि कल्पद्रुम _ रामदास
💐कवि कुल कंठावरण_ दूलह
💐कवि कुल कल्पतरु _ चिंतामणि
✍ध्रुव चरित-परमानंद दास
✍ध्रुव चरित-मलूक दास
💐उसके हिस्से की धूप (उपन्यास)- मृदुला गर्ग
💐सीढ़ियों पर धूप (काव्य)- रघुवीर सहाय
✍तुमने कहा था (काव्य) - नागार्जुन
✍उसने कहा था (कहानी)-चंद्रधर शर्मा गुलेरी
✍उसने नहीं कहा था (कहानी)- शैलेष मटियानी
💐ईश्वर बड़ा ठठोल है -बालकृष्ण
💐ईश्वर बड़ा विलक्षण है-भारतेंदु
💐ईश्वर भी परेशान है-विष्णु नागर
✍कविता के नए प्रतिमान- नामवर सिंह
✍नई कविता के प्रतिमान- लक्ष्मीकांत वर्मा
💐काव्यानुशासन- हेमचंद्र
💐शब्दानुशासन- हेमचंद्र
💐हिंदी शब्दानुशासन- किशोरी दास वाजपेई
✍कामायनी एक पुनर्विचार(आलोचना)- मुक्तिबोध
✍कामायनी एक पुनर्मूल्यांकन(आलोचना)- रामस्वरूप चतुर्वेदी
💐नये पत्ते-सूर्यकांत त्रिपाठी निराला
💐नीम के पत्ते-रामधारी सिंह दिनकर
✍आत्मनेपद (निबंध) - अज्ञेय
✍आत्मजयी(खंडकाव्य)- कुंवर नारायण
💐यही सच है-मन्नू भंडारी
💐सच यही है(कविता)- मोहनदास नैमिशराय
💐शकुंतला नाटक-राजा लक्ष्मण सिंह
💐शकुंतला नाटक-लल्लू लाल
💐शकुंतला नाटक-नेवाज
✍रसविलास- देव
✍रसविलास- चिंतामणि
💐सुजान विलास- सोमनाथ
💐सुजान चरित-सुदन
💐सुजान विनोद- देव
💐सुजान रसखान- रसखान
💐सुजान सागर- घनानंद
💐सुजान हित प्रबंध- घनानंद
✍हिंदी साहित्य का उद्भव और विकास- हजारी प्रसाद द्विवेदी
✍हिंदी भाषा का उद्भव और विकास- उदय नारायण तिवारी
💐गंगा लहरी-पंडित जगन्नाथ
💐गंगा लहरी-महावीर प्रसाद द्विवेदी
💐जगन्नाथ की रचना गंगा लहरी का अनुवाद)
💐गंगा लहरी- पद्माकर की अंतिम रचना
💐गंगावतरण- जगन्नाथदास रत्नाकर
✍छाया (कहानी) - अज्ञेय
✍छाया (एकांकी)- सुदर्शन
✍छाया ( कहानी संग्रह)- जयशंकर प्रसाद
💐इदन्नमम (उपन्यास)- मैत्रेई पुष्पा
💐इदन्नमम(काव्य) - भवानी प्रसाद मिश्र
💐इत्यलम- अज्ञेय
✍पीली छतरी वाली लड़की ( कहानी)- उदय प्रकाश
✍एक पीली शाम (कविता)- शमशेर बहादुर सिंह
✍पीली आंधी ( उपन्यास) - प्रभा खेतान
💐सिद्धांत पंचाध्यायी- नंददास
💐सिद्धांत पंचमात्रा- राघवानंद
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प्रश्न सरल या कठिन नहीं परिचित और अपरिचित होते हैं।
युग धार _सोहनलाल द्विवेदी
✍युगधारा _नागार्जुन
✍ की गंगा _ केदारनाथ अग्रवाल
✍युग चरण_माखनलाल चतुर्वेदी
✍युगवाणी _ सुमित्रानंदन पंत
✍युगपत_ सुमित्रानंदन पंत
✍युगांत_सुमित्रानंदन पंत
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💐वीणा _सुमित्रानंदन पंत
✍साहित्य देवता ( निबंध )_माखनलाल चतुर्वेदी
✍समय देवता (कविता) _नरेश मेहता
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💐कवि कल्पद्रुम _ रामदास
💐कवि कुल कंठावरण_ दूलह
💐कवि कुल कल्पतरु _ चिंतामणि
✍ध्रुव चरित-परमानंद दास
✍ध्रुव चरित-मलूक दास
💐उसके हिस्से की धूप (उपन्यास)- मृदुला गर्ग
💐सीढ़ियों पर धूप (काव्य)- रघुवीर सहाय
✍तुमने कहा था (काव्य) - नागार्जुन
✍उसने कहा था (कहानी)-चंद्रधर शर्मा गुलेरी
✍उसने नहीं कहा था (कहानी)- शैलेष मटियानी
💐ईश्वर बड़ा ठठोल है -बालकृष्ण
💐ईश्वर बड़ा विलक्षण है-भारतेंदु
💐ईश्वर भी परेशान है-विष्णु नागर
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✍नई कविता के प्रतिमान- लक्ष्मीकांत वर्मा
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💐शब्दानुशासन- हेमचंद्र
💐हिंदी शब्दानुशासन- किशोरी दास वाजपेई
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✍कामायनी एक पुनर्मूल्यांकन(आलोचना)- रामस्वरूप चतुर्वेदी
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💐नीम के पत्ते-रामधारी सिंह दिनकर
✍आत्मनेपद (निबंध) - अज्ञेय
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💐यही सच है-मन्नू भंडारी
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💐शकुंतला नाटक-राजा लक्ष्मण सिंह
💐शकुंतला नाटक-लल्लू लाल
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💐सुजान चरित-सुदन
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✍छाया (कहानी) - अज्ञेय
✍छाया (एकांकी)- सुदर्शन
✍छाया ( कहानी संग्रह)- जयशंकर प्रसाद
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💐इदन्नमम(काव्य) - भवानी प्रसाद मिश्र
💐इत्यलम- अज्ञेय
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✍एक पीली शाम (कविता)- शमशेर बहादुर सिंह
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कामायनी महाकाव्य के बारे में महत्तवपूर्ण कथन*
कामायनी महाकाव्य -जय शंकर प्रसाद
सर्ग – 15
मुख्य छंद – तोटक
कामायनी पर प्रसाद को मंगलाप्रसाद पारितोषिक पुरस्कार मिला है
काम गोत्र में जन्म लेने के कारण श्रद्धा को कामायनी कहा गया है।
प्रसाद ने कामायनी में आदि मानव मनु की कथा के साथ साथ युगीन समस्याओं पर प्रकाश डाला है।
कामायनी का अंगीरस शांत रस है।
कामायनी दर्शन समरसता – आनन्दवाद है।
कामायनी की कथा का आधार ऋग्वेद,छांदोग्य उपनिषद् ,शतपथ ब्राहमण तथा श्री मद्भागवत हैं।
घटनाओं का चयन शतपथ ब्राह्मण से किया गया है।
कामायनी की पूर्व पीठिका प्रेमपथिक है।
कामायनी की श्रद्धा का पूर्व संस्करण उर्वशी है।
कामायनी का हृदय लज्जा सर्ग है।
*कामायनी के विषय में कथन:-*
1. कामायनी मानव चेतना का महाकाव्य है।यह आर्ष ग्रन्थ है।
-©डॉ.नगेन्द्र
2.कामायनी फैंटेसी है।~©मुक्तिबोध
3.कामायनी एक असफल कृति है।-©इन्द्रनाथ मदान
4. कामायनी नये युग का प्रतिनिधि काव्य है।-©नन्द दुलारे वाजपेयी
5.कामायनी ताजमहल के समान है-©सुमित्रानन्दन पंत
6.कामायनी एक रूपक है-©नगेन्द्र
7.कामायनी विश्व साहित्य का आठवाँ महाकाव्य है~©श्यामनारायण
8. कामायनी दोष रहित दोषण सहित रचना ~©रामधारी सिंह दिनकर
9. कामायनी समग्रतः में समासोक्ति का विधान लक्षित करती है~©डॉ नगेन्द्र
10. कामायनी आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि महाकाव्य है~©नामवर सिंह
11. कामायनी आधुनिक हिन्दी साहित्य का सर्वोत्तम महाकाव्य है-©हरदेव बाहरी
12.कामायनी मधुरस से सिक्त महाकाव्य है-©रामरतन भटनाकर
13. कामायनी विराट सांमजस्य की सनातन गाथा है -©विशवंभर मानव
14.कामायनी का कवि दूसरी श्रेणी का कवि है -©हजारी प्रसाद द्विवेदी
15. कामायनी वर्तमान हिन्दी कविता में दुर्लब कृति है- ©हजारी प्रसाद द्विवेदी
16. कामायनी में प्रसाद ने मानवता का रागात्मक इतिहास प्रस्तुत किया है जिस प्रकार निराला ने तुलसीदास के मानस विकास का बड़ा दिव्य और विशाल रंगीन चित्र खिंचा है~©रामचन्द्र शुक्ल
17. कामायनी छायावाद का उपनिषद है-©शांति प्रिय द्विवेदी
18.कामायनी को कंपोजिशन की संज्ञा देने वाले-©रामस्वरूप चतुर्वेदी
19.मुक्तिबोध का कामायनी संबंधि अध्ययन फूहड़ मार्क्सवाद का नमूना है-©बच्चन सिंह
20.कामायनी जीवन की पूनर्रचना है -©मुक्तिबोध
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कामायनी महाकाव्य के बारे में महत्तवपूर्ण कथन*
कामायनी महाकाव्य -जय शंकर प्रसाद
सर्ग – 15
मुख्य छंद – तोटक
कामायनी पर प्रसाद को मंगलाप्रसाद पारितोषिक पुरस्कार मिला है
काम गोत्र में जन्म लेने के कारण श्रद्धा को कामायनी कहा गया है।
प्रसाद ने कामायनी में आदि मानव मनु की कथा के साथ साथ युगीन समस्याओं पर प्रकाश डाला है।
कामायनी का अंगीरस शांत रस है।
कामायनी दर्शन समरसता – आनन्दवाद है।
कामायनी की कथा का आधार ऋग्वेद,छांदोग्य उपनिषद् ,शतपथ ब्राहमण तथा श्री मद्भागवत हैं।
घटनाओं का चयन शतपथ ब्राह्मण से किया गया है।
कामायनी की पूर्व पीठिका प्रेमपथिक है।
कामायनी की श्रद्धा का पूर्व संस्करण उर्वशी है।
कामायनी का हृदय लज्जा सर्ग है।
*कामायनी के विषय में कथन:-*
1. कामायनी मानव चेतना का महाकाव्य है।यह आर्ष ग्रन्थ है।
-©डॉ.नगेन्द्र
2.कामायनी फैंटेसी है।~©मुक्तिबोध
3.कामायनी एक असफल कृति है।-©इन्द्रनाथ मदान
4. कामायनी नये युग का प्रतिनिधि काव्य है।-©नन्द दुलारे वाजपेयी
5.कामायनी ताजमहल के समान है-©सुमित्रानन्दन पंत
6.कामायनी एक रूपक है-©नगेन्द्र
7.कामायनी विश्व साहित्य का आठवाँ महाकाव्य है~©श्यामनारायण
8. कामायनी दोष रहित दोषण सहित रचना ~©रामधारी सिंह दिनकर
9. कामायनी समग्रतः में समासोक्ति का विधान लक्षित करती है~©डॉ नगेन्द्र
10. कामायनी आधुनिक सभ्यता का प्रतिनिधि महाकाव्य है~©नामवर सिंह
11. कामायनी आधुनिक हिन्दी साहित्य का सर्वोत्तम महाकाव्य है-©हरदेव बाहरी
12.कामायनी मधुरस से सिक्त महाकाव्य है-©रामरतन भटनाकर
13. कामायनी विराट सांमजस्य की सनातन गाथा है -©विशवंभर मानव
14.कामायनी का कवि दूसरी श्रेणी का कवि है -©हजारी प्रसाद द्विवेदी
15. कामायनी वर्तमान हिन्दी कविता में दुर्लब कृति है- ©हजारी प्रसाद द्विवेदी
16. कामायनी में प्रसाद ने मानवता का रागात्मक इतिहास प्रस्तुत किया है जिस प्रकार निराला ने तुलसीदास के मानस विकास का बड़ा दिव्य और विशाल रंगीन चित्र खिंचा है~©रामचन्द्र शुक्ल
17. कामायनी छायावाद का उपनिषद है-©शांति प्रिय द्विवेदी
18.कामायनी को कंपोजिशन की संज्ञा देने वाले-©रामस्वरूप चतुर्वेदी
19.मुक्तिबोध का कामायनी संबंधि अध्ययन फूहड़ मार्क्सवाद का नमूना है-©बच्चन सिंह
20.कामायनी जीवन की पूनर्रचना है -©मुक्तिबोध
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Hightech Hindi : दैनिक प्रश्नोत्तरी (अनिवार्य)
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
"प्रश्न सरल या कठिन नहीं होते,प्रश्न परिचित या अपरिचित होते हैं"
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
✍️ नक्सलबाड़ी कविता धूमिल ने लिखी है।
✍️"शिवशम्भू के चिट्ठा" किस पत्रिका में प्रकाशित हुआ - भारत मित्र ।
✍️हड्डियों में छिपा ज्वर नामक कविता चंद्रकांत देवताले की है।
✍️प्रजातंत्र के विरुद्ध कविता धूमिल की है।
✍️लुकमान अली सौमित्र मोहन की रचना है।
✍कंकावती नामक काव्य संग्रह राजकमल चौधरी ने लिखा।
✍अज्ञेय का उपन्यास 'अपने अपने अजबनी' अस्तित्ववादी दर्शन पर केंद्रित है।
✍केदारनाथ सिंह की कविता बाघ में कुल 31 खंड हैं।
✍'दिल्ली में दिन' कविता केदारनाथ सिंह ने लिखी है।
✍केदारनाथ सिंह विशिष्ट शब्दार्थों के कवि हैं ऐसा बच्चन सिंह का कथन है।
✍ 'कविता क्या है' शीर्षक कविता केदारनाथ सिंह के संग्रह 'यहां से देखो' में संग्रहित हैं।
✍✍✍✍✍💐💐✍✍✍✍
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"प्रश्न सरल या कठिन नहीं होते,प्रश्न परिचित या अपरिचित होते हैं"
•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••
✍️ नक्सलबाड़ी कविता धूमिल ने लिखी है।
✍️"शिवशम्भू के चिट्ठा" किस पत्रिका में प्रकाशित हुआ - भारत मित्र ।
✍️हड्डियों में छिपा ज्वर नामक कविता चंद्रकांत देवताले की है।
✍️प्रजातंत्र के विरुद्ध कविता धूमिल की है।
✍️लुकमान अली सौमित्र मोहन की रचना है।
✍कंकावती नामक काव्य संग्रह राजकमल चौधरी ने लिखा।
✍अज्ञेय का उपन्यास 'अपने अपने अजबनी' अस्तित्ववादी दर्शन पर केंद्रित है।
✍केदारनाथ सिंह की कविता बाघ में कुल 31 खंड हैं।
✍'दिल्ली में दिन' कविता केदारनाथ सिंह ने लिखी है।
✍केदारनाथ सिंह विशिष्ट शब्दार्थों के कवि हैं ऐसा बच्चन सिंह का कथन है।
✍ 'कविता क्या है' शीर्षक कविता केदारनाथ सिंह के संग्रह 'यहां से देखो' में संग्रहित हैं।
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श्री लाल शुक्ल को कौन सा नागरिक सम्मान मिला था-
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22%
पद्मश्री
44%
पद्मभूषण
28%
पद्मविभूषण
6%
इनमें से कोई नहीं
👏4👍2
👍5
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🎯रामधारी सिंह दिनकर की प्रमुख रचनाएं
रेणुका हुंकार
कुरुक्षेत्र
उर्वशी
रश्मिरथी
रसवंती
चक्रवाल
हारे को हरिनाम
द्वंद्व – गीत
परशुराम की प्रतीक्षा
नीम के पत्ते
नील कुसुम
सीपी और शंख
आत्मा की आंखें
इतिहास के आंसू
बापू
धूप छांव
नए सुभाषित
बारदोली विजय
धूप और धुआं।
🎯सच्चिदानंद हीरानंद वात्सायन अज्ञेय की प्रमुख रचनाएं
हरी घास पर क्षण भर
इंद्रधनु रौंदे हुए ये
आंगन के पार द्वार
अरि ओ करुणा प्रभामय
सुनहरे शैवाल
बावरा अहेरी
महा वृक्ष के नीचे
भग्नदूत
पूर्वा
चिंता
रूपावरा
कितनी नावों में कितनी बार
तार सप्तक
सागर मुद्रा
नदी के बांक पर छाया
पहले मैं सन्नाटा बुनता हूं।
🎯महादेवी वर्मा की प्रमुख रचनाएं
निहार
नीरजा
साध्य गीत
दीपशिखा
यामा
रश्मि
सप्तपर्णा
संधिनी
आधुनिक कवि।
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कनुप्रिया
ठंडा लोहा
सात गीत वर्ष
अंधा युग।
🎯सुभद्रा कुमारी चौहान की प्रमुख रचनाएं
मुकुल
त्रिधारा
झंडे की इज्जत में
स्वदेश के प्रति
जलियांवाला बाग
झांसी की रानी।
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