👍1
मेरी आंखो को तुम पढ़ लेना
कुछ कहे बिना ही समझ लेना
में कविता हूं बीन काफिले की
थोड़ा वक्त निकाल कर पढ़ लेना
में कश्ती हूं बीच समंदर की
तुम बनके किनारा संभाल लेना
में मंद हवा का झोका हुं
तुम महसूस मुझे कर लेना
कभी गुजरने पर तुम्हारी गली से
कुछ ना सही बस मुस्कुरा देना...!
~ Mitul Parmar
@hindipanktiya
कुछ कहे बिना ही समझ लेना
में कविता हूं बीन काफिले की
थोड़ा वक्त निकाल कर पढ़ लेना
में कश्ती हूं बीच समंदर की
तुम बनके किनारा संभाल लेना
में मंद हवा का झोका हुं
तुम महसूस मुझे कर लेना
कभी गुजरने पर तुम्हारी गली से
कुछ ना सही बस मुस्कुरा देना...!
~ Mitul Parmar
@hindipanktiya
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मेरी जिंदगी में तुम्हारी दखलंदाजी गई नहीं अभी तक 😥
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तुम सांसों में रुकावट डालते हो हिचकियां बनकर 🥺
❤️ @hindipanktiya
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तुम सांसों में रुकावट डालते हो हिचकियां बनकर 🥺
❤️ @hindipanktiya
❤2
एक स्त्री का आंचल इतना बड़ा होना चहिए
जब पुरुष परेशानियों की धूप में तप रहा होतो उसे छांव दे सके.....
❤️❤️🌧
जब पुरुष परेशानियों की धूप में तप रहा होतो उसे छांव दे सके.....
❤️❤️🌧
❤1
हम बता नही सकते
की कितना प्यार है तुमसे
पर जता जरूर सकते है
चाहे तुम्हे जिंदगी में ना बसा सके
पर दिल में तो सजा सकते है..!❤️❤️
~Mitul Parmar
@hindipanktiya
की कितना प्यार है तुमसे
पर जता जरूर सकते है
चाहे तुम्हे जिंदगी में ना बसा सके
पर दिल में तो सजा सकते है..!❤️❤️
~Mitul Parmar
@hindipanktiya
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तू जख्म दे फिर भी … तू मरहम लगता है।
झालिम हो जा तू… फिर भी रहम लगता है।।
❤️🎊
(...) @hindipanktiya (...)
झालिम हो जा तू… फिर भी रहम लगता है।।
❤️🎊
(...) @hindipanktiya (...)
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