गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳
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पूर्व-मध्य काल ke रचनाकार और रचनाएँ
गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳 pinned «असली संस्कार वही है जो गंदगी हटाकर खुद मिट जाए ! https://youtube.com/watch?v=wBHTyQk6nZ8&si=joOJuCfwnjaO-jA6»
Forwarded from No Document No History (वृषभानुदुलारी राधा रानी ...........)
Important fact👆👆
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तुगलक साम्राज्य का चरमोत्कर्ष
नंदलाल बोस ne संविधान में चित्रण kiya


संविधान को हाथ से लिखा प्रेम बिहारी नारायण रायजादा सक्सेना
प्रत्येक पेज पर हस्ताक्षर
संविधान सभा में शामिल महिलाएँ
नेहरू का वैज्ञानिक दृष्टिकोण







जनवरी 1938 में भारतीय विज्ञान कांग्रेस को दिए गए अपने संदेश में नेहरू ने कहा कि

"सिर्फ विज्ञान ही अकेले भूख, गरीबी और शिक्षा, अंधविश्वास, मृत हो रही परंपरा एवं रीति-रिवाज तथा संसाधनों को भारी बर्बादी से बचा सकता है"।




मार्च 1958 में लोकसभा द्वारा पारित किए गए वैज्ञानिक नीति प्रस्ताव में यही विचार दोहराया गया। नेहरू के विचारों में वैज्ञानिक दृ‌ष्टिकोण एक जीवन जीने का तरीका है। सन 1948 में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ साइंस की आधारशिला रखते हुए नेहरू ने कहा कि "जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया जाना सबसे उचित मार्ग है"। सन 1952 में प्रथम IIT की स्थापना खड़कपुर में की गई। बाद में मद्रास, मुंबई, कानपुर और दिल्ली में भी IIT स्थापित की गई। इन वैज्ञानिक गतिविधियों पर होने वाला व्यय 1948-49 के 1.10 करोड रुपए से बढ़कर 1965-66 में 85.06 करोड़ हो गया।
भारत में आर्थिक नियोजन का पहला प्रयास



सन 1934 में सर एम विश्वेश्वरैया ने अपनी पुस्तक प्लांड इकोनामी इन इंडिया में सुनियोजित विकास के माध्यम से 10 वर्षों में विकास का एक प्रारूप प्रस्तुत किया। उन्होंने कृषि में संलग्न श्रम को उद्योगों से जोड़कर राष्ट्रीय आय को दोगुना करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसे भारत में आर्थिक नियोजन का पहला प्रयास माना जाता है।
गांधी जी important fect👇👇

लंगोटी पहनना 1921

जूता उतरना 1917 champaran styagrh

पगड़ी पहनना छोड1917 Ahmdabad styagrh me
▪️ देश की पहली अंडरग्राउंड रोड - रेल सुरंग को कैबिनेट की मंजूरी

• असम में ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे देश की पहली अंडरग्राउंड रोड - रेल ट्विन सुरंग और 4 लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर को मंजूरी प्रदान।

• सुरंग - गोहपुर-नमालीगढ़ के बीच

• लंबाई - 15.79 किलोमीटर

Important paper 1st
• सर्वप्रथम ऐसा प्रस्ताव वर्ष 1954 में जीवी मावलंकर के खिलाफ लाया गया था।

• लेकिन भारतीय लोकसभा के इतिहास में आज तक किसी भी स्पीकर के खिलाफ उसे हटाने का प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है।

Important paper 1st gk
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Forwarded from No Document No History (वृषभानुदुलारी राधा रानी ...........)
बात दरअसल तबकी है जब प्रथम विश्वयुद्ध समाप्त हो चुका था. गांधीजी शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हो चुके थे. उनकी बबासीर ने अलग ही तबाही मचा रखी थी. जब चीजें हालात से बाहर हो गयी तो गांधीजी अपने बवासीर के ऑपरेशन के लिए मुंबई जो उस समय बॉम्बे के नाम से जाना जाता था वहां पहुंचे. वहां वो डॉक्टर दलाल से मिले. डॉ दलाल ने साफ़ शब्दों में कह दिया कि जब तक आप दूध का सेवन नहीं करते, तब तक मैं आपके स्वास्थ्य को ठीक नहीं कर सकता. लेकिन गांधीजी ने मना कर दिया. उन्होंने कहा कि मैंने शपथ ले रखी है कि मैं कभी भी गाय या भैंस के दूध का सेवन नहीं करूँगा.

इसका स्पष्टीकरण देते हुए उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि गाय और भैंस से दूध निकालने में बर्बरता की जाती है. उस समय एक प्रथा प्रचलित थी जिसे "फूँका" कहते थे जिसमे गाय या भैंस की योनि में हवा फूंकते थे जिससे वो ज्यादा दूध दे.

फिर कस्तूरबा गाँधी ने बकरी के दूध का सुझाव दिया और कहा कि इससे तो आपको कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए. गाधीजी चुप रहे. डॉ दलाल ने भी कस्तूरबा का समर्थन किया और इस प्रकार गांधीजी ने बकरी का दूध पीना स्वीकार किया. फिर उनके बवासीर का सफल ऑपरेशन हुआ और उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ.

अब समस्या थी गांधीजी को रोजाना बकरी का दूध देने की तो इसके लिए बकरी पालना जरुरी था. फिर गांधीजी के लिए बकरी लायी गयी.

गांधीजी के बकरी के बारे में दिलचस्प तथ्य:

गांधीजी की बकरी का नाम निर्मला था और वो जहाँ भी जाते उसे साथ ले के जाते थे ताकि उनको बकरी का ताज़ा दूध पीने को मिल सके.

कहाँ ये भी जाता है कि गांधीजी की बकरी काजू और बादाम खाती थी और उसके और उसके मेंटेनेंस का खर्चा इतना ज्यादा था कि एक बार सरोजिनी नायडू ने कहा था कि "गांधीजी की बकरी देश के लिए बहुत महंगी पड़ रही है "

दरअसल गांधीजी के पास दो बकरियाँ थी एक काली और एक सफ़ेद.


दो बकरी को पालने का एक कारण ये भी हो सकता है कि गांधीजी रंगभेद को नहीं मानते थे. लेकिन अब काली वाली बकरी का नाम निर्मला था या सफ़ेद वाली का ये मुझे नहीं मालूम
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