Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
द्वैध शासन:इसने ब्रिटिश प्रशासन की कार्यकारी शाखा में लोकतांत्रिक सिद्धांत की पहली शुरुआत को चिह्नित किया
द्वैध शासन , दोहरी सरकार की व्यवस्था, जिसकी शुरुआत हुई थीभारत सरकार अधिनियम (1919) ब्रिटिश भारत के प्रांतों के लिए बनाया गया था। इसने ब्रिटिश प्रशासन की कार्यकारी शाखा में लोकतांत्रिक सिद्धांत की पहली शुरुआत को चिह्नित किया।भारत में द्वैध शासन व्यवस्था की व्यापक आलोचना के बावजूद, यह ब्रिटिश भारतीय सरकार में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी और भारत की पूर्ण प्रांतीय स्वायत्तता (1935) और स्वतंत्रता (1947) का अग्रदूत थी। द्वैध शासन व्यवस्था को एडविन सैमुअल मोंटेगू (भारत के राज्य सचिव, 1917-22) और लॉर्ड चेम्सफोर्ड (भारत के वायसराय, 1916-21) द्वारा संवैधानिक सुधार के रूप में लागू किया गया था।
द्वैध शासन के सिद्धांत के तहत प्रत्येक प्रांतीय सरकार की कार्यकारी शाखा को सत्तावादी और जन-जिम्मेदार वर्गों में विभाजित किया गया था। पहला वर्ग कार्यकारी पार्षदों से बना था, जिनकी नियुक्ति पहले की तरह ही राजशाही द्वारा की जाती थी। दूसरा वर्ग मंत्रियों से बना था, जिन्हें प्रांतीय विधानमंडल के निर्वाचित सदस्यों में से राज्यपाल द्वारा चुना जाता था। ये जन-जिम्मेदार मंत्री भारतीय थे।
प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों या विषयों को पार्षदों और मंत्रियों के बीच विभाजित किया गया था, जिन्हें क्रमशः आरक्षित और हस्तांतरित विषय नाम दिया गया था। आरक्षित विषय कानून और व्यवस्था के अंतर्गत आते थे और इनमें न्याय , पुलिस, भू-राजस्व और सिंचाई शामिल थे। हस्तांतरित विषयों (अर्थात् भारतीय मंत्रियों के नियंत्रण में आने वाले) में स्थानीय स्वशासन, शिक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य , सार्वजनिक निर्माण और कृषि, वन और मत्स्य पालन शामिल थे। 1935 में प्रांतीय स्वायत्तता की शुरुआत के साथ यह व्यवस्था समाप्त हो गई।
Britannica
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इंसान का चरित्र जानना हो, तो देखो कि वो कमजोरो से कैसा व्यवहार करता है -...
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इंसान का चरित्र जानना हो, तो देखो कि वो कमजोरो से कैसा व्यवहार करता है - एपिकटेटस
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BOOK REVIEW - जयपुर का इतिहास एवं पुरातत्व - डॉ. पुष्यमित्र सिंहदेव
https://youtube.com/watch?v=09HdodmaOCI&si=hdlJhnf44R8Bt03A
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BOOK REVIEW - जयपुर का इतिहास एवं पुरातत्व - डॉ. पुष्यमित्र सिंहदेव
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यह वस्तु टीपू का बाघहै , जो 18वीं सदी की एक यांत्रिक मशीन है जिसमें एक ब्रिटिश सैनिक पर हमला करते हुए लकड़ी के बाघ की एक वास्तविक आकार की प्रतिकृति दिखाई गई है।
इसका निर्माण मैसूर के शासक टीपू सुल्तान ने करवाया था और यह ब्रिटिश औपनिवेशिक ताकतों के खिलाफ उनके प्रतिरोध को दर्शाता है।
इस स्वचालित यंत्र के अंदर एक छिपा हुआ पाइप ऑर्गन है, जो एक क्रैंक को घुमाने पर दहाड़ने और मरते हुए आदमी की चीखों की आवाजें उत्पन्न करता है।
यह वर्तमान में लंदन के विक्टोरिया और अल्बर्ट संग्रहालय में रखा हुआ है।
इसका निर्माण मैसूर के शासक टीपू सुल्तान ने करवाया था और यह ब्रिटिश औपनिवेशिक ताकतों के खिलाफ उनके प्रतिरोध को दर्शाता है।
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Forwarded from No Document No History (वृषभानुदुलारी राधा रानी ...........)
यह एक ऐतिहासिक सोने की अंगूठी है जो भारत के मैसूर राज्य के 18वीं शताब्दी के शासक टीपू सुल्तान की थी।
शिलालेख: अंगूठी पर "राम" नाम उभरी हुई देवनागरी लिपि में अंकित है, जो एक मुस्लिम शासक के लिए असामान्य है और इसने ऐतिहासिक विवाद को जन्म दिया है।
वजन और सामग्री: यह एक भारी सोने की अंगूठी है, जिसका वजन लगभग 42 ग्राम है।
इतिहास: ऐतिहासिक वृत्तांतों के अनुसार, इसे ब्रिटिश सेना ने टीपू सुल्तान के शव से 1799 में युद्ध में उनकी मृत्यु के बाद प्राप्त किया था।
नीलामी: 2014 में, यह अंगूठी लंदन में क्रिस्टी की नीलामी में लगभग 145,000 ब्रिटिश पाउंड में बेची गई थी।
शिलालेख: अंगूठी पर "राम" नाम उभरी हुई देवनागरी लिपि में अंकित है, जो एक मुस्लिम शासक के लिए असामान्य है और इसने ऐतिहासिक विवाद को जन्म दिया है।
वजन और सामग्री: यह एक भारी सोने की अंगूठी है, जिसका वजन लगभग 42 ग्राम है।
इतिहास: ऐतिहासिक वृत्तांतों के अनुसार, इसे ब्रिटिश सेना ने टीपू सुल्तान के शव से 1799 में युद्ध में उनकी मृत्यु के बाद प्राप्त किया था।
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
दुल्हन ही गायब है।
मुस्लिम लीग ने संविधान सभा का बहिष्कार किया जिसके कारण U.K के पूर्व PM विंस्टन चर्चिल ने कहा- संविधान सभा की बैठक एक ऐसा विवाह है जिसकी दुल्हन ही गायब है।
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
संविधान सभा के नियम निर्माण समिति: एकमात्र महिला सदस्य
1अध्यक्ष + 15 सदस्य (सभापति डॉ राजेन्द्र प्रसाद)
नोट - इस समिति में नियुक्त एकमात्र महिला सदस्य - जी. दुर्गाबाई
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https://youtube.com/watch?v=09HdodmaOCI&si=nBSIh8chkbtEIwJP
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BOOK REVIEW - जयपुर का इतिहास एवं पुरातत्व - डॉ. पुष्यमित्र सिंहदेव
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Mayaru)
1935 के एक्ट के संबंध में असत्य कथन है?
Anonymous Quiz
19%
(a) जवाहरलाल नेहरू ने इसकी तुलना ऐसी रेलगाड़ी से की जिसक ब्रेक तो है, लेकिन इंजन नहीं है। 15
21%
(b) मो. अली जिन्ना ने इसे सड़ा हुआ एक्ट की संज्ञा दी।
32%
(c) फजल उल हक ने कहा यह न तो हिंदु राज है और न ही मुस्लिम राज है।
28%
(d) महात्मा गाँधी ने इसे 'गुलामी का अधिकार पत्र कहा।
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
श्रीरंगपट्टनम की संधि की शर्तें
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