गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳
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भाब्रू शिलालेख (बैराठ-कलकत्ता शिलालेख)




खोज - कैप्टन बर्ट ने 1837 में बीजक पहाड़ी से खोजा। वर्तमान में एशियाटिक सोसायटी ऑफ बंगाल, कलकत्ता संग्रहालय में सुरक्षित है



लिपि/भाषा - ब्राह्मी लिपि, प्राकृत भाषा।



यह अशोक के बौद्ध मतानुयायी होने का सबसे पुख्ता प्रमाण है।



अशोक को 'मगध का राजा' (मगधराजे) बताया गया है तथा 'बुद्ध, धम्म, संघ' (त्रिरत्न) के प्रति आस्था प्रकट की गई है।


इसमें बौद्ध धर्म के 7 महत्वपूर्ण ग्रंथों की सूची भी दी गई है।



यह अशोक का सबसे लम्बा लघु शिलालेख है।
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प्रमुख साहित्यिक रचनाएँ (Important Literary Creations)
साहित्यिक स्त्रोतों की सीमाएँ
भारत की प्राचीनतम लौह गलाने की भट्टियाँ



सुनारी (नीम का थाना) से प्राप्त हुईं।
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प्रागैतिहासिक काल पाषाण काल (Prehistoric Period: Stone Age)
वैदिककालीन प्रमुख शब्दावलियाँ (Important Terminologies of Vedic Period)
🔳तीन मिलते-जुलते महत्त्वपूर्ण कथन ➡️

🔳 फ़रिश्ता ➡️"महमूद गजनवी के राज्य में भेड़ और भेड़िए एक ही घाट पर पानी पीते थे।"(महमूद की न्यायप्रियता की प्रशंसा करते हुए।)

🔳हसन निजामी ने कुतुबुद्दीन ऐबक की न्याय व्यवस्था के बारे में कहा था कि ➡️ उसके राज्य में शेर और बकरी एक ही घाट का पानी पीते थे।

🔳गयासुद्दीन तुगलक के बारे में जियाउद्दीन बरनी ने कहा था ➡️ "उसके शासनकाल में शेर और हिरन एक ही घाट का पानी पीते थे।

K.K. khator ✍✍
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Forwarded from No Document No History (वृषभानुदुलारी राधा रानी ...........)
महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन उनका एक हाथी भी था जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।

🐘🐘🐘🐘
महाराणा प्रताप का हाथी रामप्रसाद इतना समझदार व ताकतवर था कि उसने हल्दीघाटी के युद्ध में अकेले ही अकबर के 13 हाथियों को मार गिराया था और उस हाथी को पकडऩे के लिए  7 हाथियों का एक चक्रव्यूह बनाया था और उन पर 14 महावतों को बिठाया तब कहीं जाके उसे बंदी बना पाए थे। अकबर ने उसका नाम बदल कर पीरप्रसाद रखा था।

रामप्रसाद को मुगलों ने गन्ने और पानी दिया पर उस स्वामिभक्त हाथी ने 18 दिन तक मुगलों का न दाना खाया और न पानी पीया और वो शहीद हो गया ।

तब अकबर ने कहा था कि 'जिसके हाथी को मैं मेरे सामने नहीं झुका पाया, उस महाराणा प्रताप को क्या झुका पाऊंगा।'

रामप्रसाद हाथी 🐘
जय महाराणा जय मेवाड़🙏🙏
उच्च या उत्तर पुरापाषाण काल
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टीपू की सेना द्वारा युद्ध में रॉकेट का इस्तेमाल



यह जगजाहिर है कि टीपू की सेना ही पहली सेना या शुरुआती सेनाओं में से एक थी जिसने युद्ध में रॉकेट इस्तेमाल किए.



उनके सिपाही रॉकेट में ब्लेड लगाते थे, जिन्हें दुश्मन की सेनाओं पर फ़ायर किया जाता था.

टीपू को हराने के लिए ब्रितानी इतिहास के सबसे महान योद्धा आर्थर वेलेस्ली की सेवा लेनी पड़ी. वेलेस्ली, जिन्हें हम 'ड्यूक ऑफ़ वेलिंगटन' के नाम से जानते हैं, ने बाद में वाटरलू की लड़ाई में नेपोलियन को हराया.



BBC NEWS
टीपू सुल्तान:समय के साथ बदलने की उसकी इच्छा के प्रतीक थे-



समय के साथ बदलने की उसकी इच्छा के प्रतीक थे-

→ एक नए कैलेंडर को लागू करना, सिक्का ढलाई की नई प्रणाली काम में लाना तथा माप-तौल के नए पैमानों को अपनाना।



← उसे फ्राँसीसी क्रांति में गहरी दिलचस्पी थी। उसने श्रीरंगपट्टम में 'स्वतंत्रता-वृक्ष' लगाया और जैकोबिन क्लब का सदस्य भी बना।

→ उसने वर्ष 1796 के बाद एक आधुनिक नौसेना खड़ी करने की भी कोशिश की थी।

→ उसके समय मैसूर का किसान ब्रिटिश शासित राज्य मद्रास के किसान की तुलना में बहुत अधिक संपन्न और खुशहाल था।




Old ncert 12th class
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
कस्साइट/कस्सी अभिलेख, 1600 ई.पू. (Kassite/Kassi Inscription, 1600 BC)





इन अभिलेखों से यह जानकारी मिलती है कि
ईरानी आर्यों की एक शाखा का भारत आगमन हुआ।


इसमें
अरिसेन और सोमसेन

के नामों के उल्लेख मिलता है।

इस अभिलेख में
शूर्यश, मरूतश और मग

शब्दों का उल्लेख मिलता है।

कस्सी अभिलेख में वायु के देवता को '
बुरिअश

' कहा गया है।
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बुद्ध की माता निम्न में से किस नगर की थी
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बुद्ध का आनंद को उपदेश