*आगे की रणनीति:-*
अपनी कैटेगरी के अनुसार जो स्टुडेंट्स कट ऑफ के आसपास है तो भी जब तक फाइनल रिजल्ट नहीं आए तब तक पढ़ते रहना चाहिए।
इसके अलावा विभिन्न स्टुडेंट्स के लिए मेरे अनुसार यह रणनीति होनी चाहिए-
▶️ जो स्टुडेंट्स पहले से सरकारी जाॅब में है और स्कूल व्याख्याता का टारगेट बना रखा था... आगे भी यदि आपका इरादा तैयारी का है तो बिना भर्ती का इंतजार किए पढ़ना शुरू करे... मैटर आपके पास कम्पलिट है,टाॅपिक वाइज 2-2 व्याख्याएं है और साथ में प्रैक्टिस सेट रखे... वैसे भी आपके पास पढ़ने के लिए जाॅब के साथ कम टाइम रहता तो Long term में पढ़ना शुरू करना आपके लिए सबसे बेस्ट रहेगा।
▶️ वे स्टुडेंट्स जिन्होंने टीचिंग एसोसिएट भर्ती का फाॅर्म भर रखा है।
उनमे जो अभी नेट की परीक्षा दे रहे हैं वो तो 25 जून तक जैसे बताया वैसे नेट परीक्षा पर ध्यान दें और इसके बाद टीचिंग एसोसिएट की तैयारी शुरू करें और अन्य स्टुडेंट्स अभी से इसकी तैयारी शुरू करें।
इसका सेलेब्स आपको बता दिया ... स्कूल व्याख्याता से केवल इतिहास दर्शन व अर्थव्यवस्था अलग है और जीके में साइंस-गणित-अ़ग्रेजी वगैरह नहीं है।
भारतीय इतिहास,विश्व इतिहास व राजस्थान इतिहास का कम्पलिट कन्टेंट/व्याख्या आपके पास है और साथ में भारतीय इतिहास,विश्व इतिहास व राजस्थान इतिहास के अलग-अलग प्रैक्टिस सेट रखें...बुक वगैरह अभी आपने पढ़ रखी है व रिविजन चल रहा था इसलिए क्रम से 1-1 टाॅपिक की व्याख्या पढ़कर प्रैक्टिस सेट हल करें और चार महिने में 3-3 बार रिवाइज कर दो।
इसके अलावा साथ में इतिहास दर्शन,अर्थव्यवस्था व जीके के भूगोल व राजनीतिक विज्ञान का जो पार्ट है उसमें 1-1 सब्जेक्ट का पढ़ने का शेड्यूल बनाकर तैयार करें।
वैसे यह तैयारी आपकी एक तरह स्कूल व्याख्याता की ही शुरू हो जाएगी।
शेड्यूल शुरू करने के मैसेज आ रहे थे तो बात यह है कि इस दी हुई टाॅपिक वाइज 2-2 व्याख्या से परीक्षा क्रैक की जा सकती है फिर भी इस टीचिंग एसोसिएट के लिए टेस्ट पेपर का अभ्यास हो तो इसके लिए जुलाई से शेड्यूल शुरू कर देंगे तब तक आप पढ़ते रहिए।
▶️ वो स्टुडेंट्स जो न सरकारी जाॅब में है और न ही टीचिंग एसोसिएट का फाॅर्म भर रखा है।
वे सबसे पहले तो एक लक्ष्य निर्धारित करें कि तैयारी ग्रेड थर्ड की करनी है या ग्रेड फर्स्ट की... भर्तियां सभी आएगी और तैयारी शुरू करने का सबसे बेस्ट समय Long term ही होता है।
यदि ग्रेड फर्स्ट का ही टारगेट है तो सबसे पहली महत्वपूर्ण बात तो यह है कि पेपर कमजोर रहा उसका कारण जानिए... क्या आपके पास पढ़ने के लिए मैटर पर्याप्त नहीं था तो वो कम्पलिट करें और यदि मैटर कम्पलिट था लेकिन रिविजन नहीं कर पाए तो उस पर ध्यान दो... ऐसे किताबें चेंज करने से सफलताएं नहीं मिलती है क्योंकि किताबों वालों का तो कवर पेज चेंज करके नए एडिशन निकालना है।
इसलिए यदि ग्रेड फर्स्ट का टारगेट है तो अभी से एक शेड्यूल बनाकर धीरे-धीरे तैयारी शुरू करे... वैसे व्याख्या/कन्टेंट जो टाॅपिक वाइज 2-2 बनाकर दी हुई है उससे आसानी से परीक्षा क्रैक की जा सकती थी फिर भी पढ़ने का एक शेड्यूल बना रहे हैं व साथ में टेस्ट पेपर हो तो इसके लिए जुलाई से सेल्फ स्टडी आधारित व्हाट्सएप ग्रुप का शेड्यूल शुरू कर देंगे तब तक आप शुरुआत करें।
अपनी कैटेगरी के अनुसार जो स्टुडेंट्स कट ऑफ के आसपास है तो भी जब तक फाइनल रिजल्ट नहीं आए तब तक पढ़ते रहना चाहिए।
इसके अलावा विभिन्न स्टुडेंट्स के लिए मेरे अनुसार यह रणनीति होनी चाहिए-
▶️ जो स्टुडेंट्स पहले से सरकारी जाॅब में है और स्कूल व्याख्याता का टारगेट बना रखा था... आगे भी यदि आपका इरादा तैयारी का है तो बिना भर्ती का इंतजार किए पढ़ना शुरू करे... मैटर आपके पास कम्पलिट है,टाॅपिक वाइज 2-2 व्याख्याएं है और साथ में प्रैक्टिस सेट रखे... वैसे भी आपके पास पढ़ने के लिए जाॅब के साथ कम टाइम रहता तो Long term में पढ़ना शुरू करना आपके लिए सबसे बेस्ट रहेगा।
▶️ वे स्टुडेंट्स जिन्होंने टीचिंग एसोसिएट भर्ती का फाॅर्म भर रखा है।
उनमे जो अभी नेट की परीक्षा दे रहे हैं वो तो 25 जून तक जैसे बताया वैसे नेट परीक्षा पर ध्यान दें और इसके बाद टीचिंग एसोसिएट की तैयारी शुरू करें और अन्य स्टुडेंट्स अभी से इसकी तैयारी शुरू करें।
इसका सेलेब्स आपको बता दिया ... स्कूल व्याख्याता से केवल इतिहास दर्शन व अर्थव्यवस्था अलग है और जीके में साइंस-गणित-अ़ग्रेजी वगैरह नहीं है।
भारतीय इतिहास,विश्व इतिहास व राजस्थान इतिहास का कम्पलिट कन्टेंट/व्याख्या आपके पास है और साथ में भारतीय इतिहास,विश्व इतिहास व राजस्थान इतिहास के अलग-अलग प्रैक्टिस सेट रखें...बुक वगैरह अभी आपने पढ़ रखी है व रिविजन चल रहा था इसलिए क्रम से 1-1 टाॅपिक की व्याख्या पढ़कर प्रैक्टिस सेट हल करें और चार महिने में 3-3 बार रिवाइज कर दो।
इसके अलावा साथ में इतिहास दर्शन,अर्थव्यवस्था व जीके के भूगोल व राजनीतिक विज्ञान का जो पार्ट है उसमें 1-1 सब्जेक्ट का पढ़ने का शेड्यूल बनाकर तैयार करें।
वैसे यह तैयारी आपकी एक तरह स्कूल व्याख्याता की ही शुरू हो जाएगी।
शेड्यूल शुरू करने के मैसेज आ रहे थे तो बात यह है कि इस दी हुई टाॅपिक वाइज 2-2 व्याख्या से परीक्षा क्रैक की जा सकती है फिर भी इस टीचिंग एसोसिएट के लिए टेस्ट पेपर का अभ्यास हो तो इसके लिए जुलाई से शेड्यूल शुरू कर देंगे तब तक आप पढ़ते रहिए।
▶️ वो स्टुडेंट्स जो न सरकारी जाॅब में है और न ही टीचिंग एसोसिएट का फाॅर्म भर रखा है।
वे सबसे पहले तो एक लक्ष्य निर्धारित करें कि तैयारी ग्रेड थर्ड की करनी है या ग्रेड फर्स्ट की... भर्तियां सभी आएगी और तैयारी शुरू करने का सबसे बेस्ट समय Long term ही होता है।
यदि ग्रेड फर्स्ट का ही टारगेट है तो सबसे पहली महत्वपूर्ण बात तो यह है कि पेपर कमजोर रहा उसका कारण जानिए... क्या आपके पास पढ़ने के लिए मैटर पर्याप्त नहीं था तो वो कम्पलिट करें और यदि मैटर कम्पलिट था लेकिन रिविजन नहीं कर पाए तो उस पर ध्यान दो... ऐसे किताबें चेंज करने से सफलताएं नहीं मिलती है क्योंकि किताबों वालों का तो कवर पेज चेंज करके नए एडिशन निकालना है।
इसलिए यदि ग्रेड फर्स्ट का टारगेट है तो अभी से एक शेड्यूल बनाकर धीरे-धीरे तैयारी शुरू करे... वैसे व्याख्या/कन्टेंट जो टाॅपिक वाइज 2-2 बनाकर दी हुई है उससे आसानी से परीक्षा क्रैक की जा सकती थी फिर भी पढ़ने का एक शेड्यूल बना रहे हैं व साथ में टेस्ट पेपर हो तो इसके लिए जुलाई से सेल्फ स्टडी आधारित व्हाट्सएप ग्रुप का शेड्यूल शुरू कर देंगे तब तक आप शुरुआत करें।
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"पछतावे में जीने से अच्छा है एक बार फिर से पूरी ताकत झोंक दी जाए"
https://youtube.com/shorts/JIvVfBjCvhE?si=aAHq0aqOxGpqtGw_
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"पछतावे में जीने से अच्छा है एक बार फिर से पूरी ताकत झोंक दी जाए"
#motivation #selfimprovement #motivational #success
Forwarded from गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳
https://youtube.com/@historyforrpsc?si=GbL94wRtoybviJKO
जो लोग इतिहास विषय से स्कूल लेक्चरर व अस्सिटेंट प्रोफेसर की तैयारी कर रहे है वो हमारे इस YOUTUBE चैनल को जॉइन कर लीजिए
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Forwarded from गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳
हेलो! 👋
हमारे चैनल में आपका स्वागत है।
हमारे चैनल से जुड़ने के लिए आपका धन्यवाद
यहाँ आपको राजस्थान GK और इंडिया GK से जुड़ी जानकारी मिलेगी।
इसी के साथ आप हमारे यूट्यूब चैनल को भी सब्सक्राइब कर सकते हैं जिस पर आपको राजस्थान GK से संबंधित और करंट GK से संबंधित मैटर मिलेगा और बहुत सारी बुक्स के रिव्यू भी उपलब्ध हो जाएंगे
https://youtube.com/@historyforrpsc?si=NoUXNjWYxDElb2N2
हमें उम्मीद है कि आपको यहाँ अच्छा लगेगा।
आप हमारे चैनल को आपके अन्य साथियों को जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें भी शेयर कर सकते हैं
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Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
📊 प्रश्न: धर्मरत्न तथा कश्यप मातंग नामक भारतीय बौद्ध भिक्षु किस देश में एक श्वेत अश्व तथा बहुसंख्यक पवित्र ग्रंथ लेकर गए थे?
Anonymous Quiz
30%
तिब्बत
42%
खोतान
12%
कुची
16%
चीन
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
व्याख्या (Explanation):
कुषाण शासक विम कडफिसस के समय 65 ई. में ये बौद्ध भिक्षु चीनी सम्राट मिंगती (हान वंशी) के दरबार में गए थे। सम्राट ने इनके रहने के लिए लोयांग में 'श्वेताश्व विहार' का निर्माण करवाया था।
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
प्रसिद्ध इतिहासकार मजूमदार के अनुसार "संसार का आठवां आश्चर्य" किसे कहा गया है?
Anonymous Quiz
3%
आनन्द मंदिर
15%
चम्पा का माइसन मंदिर
53%
जावा का बोरोबुदुर स्तूप
29%
अंगकोरवाट का मंदिर
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
व्याख्या (Explanation):
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित बोरोबुदुर के भव्य स्तूप को मजूमदार ने संसार का आठवां महान आश्चर्य कहा है। इसका निर्माण 750-850 ई. के मध्य शैलेन्द्र राजाओं के संरक्षण में हुआ था।
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित बोरोबुदुर के भव्य स्तूप को मजूमदार ने संसार का आठवां महान आश्चर्य कहा है। इसका निर्माण 750-850 ई. के मध्य शैलेन्द्र राजाओं के संरक्षण में हुआ था।
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
ब्रह्मा, विष्णु तथा शिव को समर्पित 'त्रिमूर्ति' का प्रसिद्ध प्रम्बनन मंदिर कहाँ स्थित है?
Anonymous Quiz
9%
मलाया
60%
प्रम्बनन
25%
बाली
7%
चम्पा
Forwarded from Gurukul History Education (History PYQs) (Narvada Dubey)
व्याख्या (Explanation):
प्रम्बनन (चांडी लोरो जोगग्रंग) को जावा का सबसे बड़ा हिन्दू स्मारक माना जाता है। यहां मुख्य मूर्ति शिव की है। यहां कुल 8 - ब्रह्मा, विष्णु, शिव के मंदिर हैं।
प्रम्बनन मंदिर जावा (इण्डोनेशिया) में है।
प्रम्बनन (चांडी लोरो जोगग्रंग) को जावा का सबसे बड़ा हिन्दू स्मारक माना जाता है। यहां मुख्य मूर्ति शिव की है। यहां कुल 8 - ब्रह्मा, विष्णु, शिव के मंदिर हैं।
प्रम्बनन मंदिर जावा (इण्डोनेशिया) में है।
Intimation for Allocation of Examination City to the Applicants of UGC-NET June 2026 | University Grants Commission (UGC)
https://examinationservices.nic.in/AdmitCard/AuthForAdvanceCity/Login?enc=DJ8reokIYhe/x0Hlb6GKa1WP/TikfUVRt32lPwUBK3s=
https://examinationservices.nic.in/AdmitCard/AuthForAdvanceCity/Login?enc=DJ8reokIYhe/x0Hlb6GKa1WP/TikfUVRt32lPwUBK3s=
https://examinationservices.nic.in/AdmitCard/AuthForAdvanceCity/Login?enc=DJ8reokIYhe/x0Hlb6GKa1WP/TikfUVRt32lPwUBK3s=
https://examinationservices.nic.in/AdmitCard/AuthForAdvanceCity/Login?enc=DJ8reokIYhe/x0Hlb6GKa1WP/TikfUVRt32lPwUBK3s=
👍3
अच्छे कर्म किया करो क्योंकि ऊपर वाला seen भी करता है और reply भी करता है !
https://youtube.com/shorts/l32gZ0Q31ww?si=AhzxVWfKlWwvrXQO
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अच्छे कर्म किया करो क्योंकि ऊपर वाला seen भी करता है और reply भी करता है !
#motivation #selfimprovement #selfmotivation #suscess #motivational...
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Forwarded from No Document No History (वृषभानुदुलारी राधा रानी ...........)
*Topic:- सिन्धु सभ्यता/हङप्पा सभ्यता*
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो कन्फ्यूज करते हैं,इन्हें समझे 👇
▶️ *रहमान ढेरी* पुरास्थल पाकिस्तान के पंजाब में और *ढेर* पुरास्थल भारत के पंजाब में है।
▶️ *माण्डा* पुरास्थल जम्मू में चिनाब नदी के तट पर है,जो सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का भारतीय सीमा में सर्वाधिक उत्तरी पुरास्थल है और *माण्डी* पुरास्थल उत्तरप्रदेश में है,जो हङप्पा सभ्यता का टकसाल गृह (Mint House) था।
▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता की नगर योजना के दो भाग थे...एक पश्चिमी टीला और दूसरा पूर्वी टीला।
(१) पश्चिमी टीला नगर से ऊंचा होता था तथा यह दुर्ग या किला क्षेत्र कहलाता था।
(२) पूर्वी टीले को निचला नगर कहते थे,यहां सामान्य जनता रहती थी और इसे आवासीय क्षेत्र कहा जाता था।
इस नगर के जो दो भाग थे , उनमें पश्चिमी भाग यानि दुर्ग क्षेत्र रक्षा प्राचीर से घिरा हुआ होता था और पूर्वी टीला यानि निचला नगर रक्षा प्राचीर से घिरा हुआ नहीं था।
इस रक्षा प्राचीर (चारदिवारी) से सम्बन्धित तीन महत्वपूर्ण तथ्य 👇
(१) कालीबंगा में दुर्ग व नगर अलग-अलग रक्षा प्राचीर से घिरे थे...इसका तात्पर्य है कि इस सभ्यता की नगर योजना में केवल दुर्ग ही रक्षा प्राचीर से घिरा था लेकिन कालीबंगा एक ऐसा नगर था जिसमें पूर्वी टीला भी रक्षा प्राचीर से घिरा था और वो भी अलग- अलग यानि दुर्ग क्षेत्र के अलग दीवार थी और पूर्वी टीले के अलग दीवार।
(२) लोथल व सुरकोटङा एक ही रक्षा प्राचीर से घिरे थे...इसका तात्पर्य है कि इन दोनों नगर में दुर्ग के साथ पूर्वी टीला भी दीवार से घिरा था लेकिन यह दीवार दोनों के एक ही थी।
(३) चन्हूदङो से एक ही टीला मिला है जिसके चारों ओर कोई रक्षा प्राचीर नहीं है...इसका तात्पर्य है कि चन्हूदङो से दुर्ग नहीं मिला है तो फिर रक्षा प्राचीर भी नहीं है, यहां केवल पूर्वी टीला भी था।
▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा नगर या सबसे बड़ा स्थल कौनसा है?
नवीन अनुसन्धान के कारण इसमें स्थान परिवर्तित होता रहा है... पिछली कई वर्षों तक गनेङीवाल था लेकिन पिछली कई परीक्षाओं में यह विकल्प में ही नहीं आता है।
नवीन अनुसन्धान के बाद सम्पूर्ण सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल राखीगढ़ी है और दूसरे नम्बर पर मोहनजोदड़ो है।
और केवल भारत मे सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल पूछा जाए तो सबसे बङा राखीगढ़ी और दूसरे नम्बर पर धौलावीरा होगा।
▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता के लोग शिल्प कला में तलवार से परिचित नहीं थे लेकिन मोहनजोदड़ो में एक तथ्य पढ़ने को मिलता है कि यहां श्लाकायुक्त तलवार मिली है।
*इसका कारण यह है कि*- सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता के लोग तलवार से परिचित नहीं थे और मोहनजोदड़ो से तलवार जैसे दो धारी औजार मिले हैं, जिन्हें तलवार माना गया है
*यहाँ परीक्षा की दृष्टि से ऐसे याद रखें कि*-
हङप्पा सभ्यता के लोग तलवार से परिचित थे?
Answer - नहीं
हङप्पा सभ्यता के किस स्थल से श्लाकायुक्त तलवार (तलवार जैसा दो धारी औजार) मिला है?
Answer- मोहनजोदड़ो
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो कन्फ्यूज करते हैं,इन्हें समझे 👇
▶️ *रहमान ढेरी* पुरास्थल पाकिस्तान के पंजाब में और *ढेर* पुरास्थल भारत के पंजाब में है।
▶️ *माण्डा* पुरास्थल जम्मू में चिनाब नदी के तट पर है,जो सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का भारतीय सीमा में सर्वाधिक उत्तरी पुरास्थल है और *माण्डी* पुरास्थल उत्तरप्रदेश में है,जो हङप्पा सभ्यता का टकसाल गृह (Mint House) था।
▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता की नगर योजना के दो भाग थे...एक पश्चिमी टीला और दूसरा पूर्वी टीला।
(१) पश्चिमी टीला नगर से ऊंचा होता था तथा यह दुर्ग या किला क्षेत्र कहलाता था।
(२) पूर्वी टीले को निचला नगर कहते थे,यहां सामान्य जनता रहती थी और इसे आवासीय क्षेत्र कहा जाता था।
इस नगर के जो दो भाग थे , उनमें पश्चिमी भाग यानि दुर्ग क्षेत्र रक्षा प्राचीर से घिरा हुआ होता था और पूर्वी टीला यानि निचला नगर रक्षा प्राचीर से घिरा हुआ नहीं था।
इस रक्षा प्राचीर (चारदिवारी) से सम्बन्धित तीन महत्वपूर्ण तथ्य 👇
(१) कालीबंगा में दुर्ग व नगर अलग-अलग रक्षा प्राचीर से घिरे थे...इसका तात्पर्य है कि इस सभ्यता की नगर योजना में केवल दुर्ग ही रक्षा प्राचीर से घिरा था लेकिन कालीबंगा एक ऐसा नगर था जिसमें पूर्वी टीला भी रक्षा प्राचीर से घिरा था और वो भी अलग- अलग यानि दुर्ग क्षेत्र के अलग दीवार थी और पूर्वी टीले के अलग दीवार।
(२) लोथल व सुरकोटङा एक ही रक्षा प्राचीर से घिरे थे...इसका तात्पर्य है कि इन दोनों नगर में दुर्ग के साथ पूर्वी टीला भी दीवार से घिरा था लेकिन यह दीवार दोनों के एक ही थी।
(३) चन्हूदङो से एक ही टीला मिला है जिसके चारों ओर कोई रक्षा प्राचीर नहीं है...इसका तात्पर्य है कि चन्हूदङो से दुर्ग नहीं मिला है तो फिर रक्षा प्राचीर भी नहीं है, यहां केवल पूर्वी टीला भी था।
▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा नगर या सबसे बड़ा स्थल कौनसा है?
नवीन अनुसन्धान के कारण इसमें स्थान परिवर्तित होता रहा है... पिछली कई वर्षों तक गनेङीवाल था लेकिन पिछली कई परीक्षाओं में यह विकल्प में ही नहीं आता है।
नवीन अनुसन्धान के बाद सम्पूर्ण सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल राखीगढ़ी है और दूसरे नम्बर पर मोहनजोदड़ो है।
और केवल भारत मे सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल पूछा जाए तो सबसे बङा राखीगढ़ी और दूसरे नम्बर पर धौलावीरा होगा।
▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता के लोग शिल्प कला में तलवार से परिचित नहीं थे लेकिन मोहनजोदड़ो में एक तथ्य पढ़ने को मिलता है कि यहां श्लाकायुक्त तलवार मिली है।
*इसका कारण यह है कि*- सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता के लोग तलवार से परिचित नहीं थे और मोहनजोदड़ो से तलवार जैसे दो धारी औजार मिले हैं, जिन्हें तलवार माना गया है
*यहाँ परीक्षा की दृष्टि से ऐसे याद रखें कि*-
हङप्पा सभ्यता के लोग तलवार से परिचित थे?
Answer - नहीं
हङप्पा सभ्यता के किस स्थल से श्लाकायुक्त तलवार (तलवार जैसा दो धारी औजार) मिला है?
Answer- मोहनजोदड़ो
गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳 pinned «मंगल पांडे की कहानी https://youtube.com/watch?v=CLluHdfdLFY&si=CDZ8yotpHfPYC0Od»