गुरुकुल इतिहास सूरतगढ़ History for Rpsc 🇮🇳
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Forwarded from No Document No History (वृषभानुदुलारी राधा रानी ...........)
*Topic:- सिन्धु सभ्यता/हङप्पा सभ्यता*

कुछ महत्वपूर्ण तथ्य जो कन्फ्यूज करते हैं,इन्हें समझे 👇

▶️ *रहमान ढेरी* पुरास्थल पाकिस्तान के पंजाब में और *ढेर* पुरास्थल भारत के पंजाब में है।

▶️ *माण्डा* पुरास्थल जम्मू में चिनाब नदी के तट पर है,जो सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का भारतीय सीमा में सर्वाधिक उत्तरी पुरास्थल है और *माण्डी* पुरास्थल उत्तरप्रदेश में है,जो हङप्पा सभ्यता का टकसाल गृह (Mint House) था।

▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता की नगर योजना के दो भाग थे...एक पश्चिमी टीला और दूसरा पूर्वी टीला।
(१) पश्चिमी टीला नगर से ऊंचा होता था तथा यह दुर्ग या किला क्षेत्र कहलाता था।
(२) पूर्वी टीले को निचला नगर कहते थे,यहां सामान्य जनता रहती थी और इसे आवासीय क्षेत्र कहा जाता था।

इस नगर के जो दो भाग थे , उनमें पश्चिमी भाग यानि दुर्ग क्षेत्र रक्षा प्राचीर से घिरा हुआ होता था और पूर्वी टीला यानि निचला नगर रक्षा प्राचीर से घिरा हुआ नहीं था।

इस रक्षा प्राचीर (चारदिवारी) से सम्बन्धित तीन महत्वपूर्ण तथ्य 👇

(१) कालीबंगा में दुर्ग व नगर अलग-अलग रक्षा प्राचीर से घिरे थे...इसका तात्पर्य है कि इस सभ्यता की नगर योजना में केवल दुर्ग ही रक्षा प्राचीर से घिरा था लेकिन कालीबंगा एक ऐसा नगर था जिसमें पूर्वी टीला भी रक्षा प्राचीर से घिरा था और वो भी अलग- अलग यानि दुर्ग क्षेत्र के अलग दीवार थी और पूर्वी टीले के अलग दीवार।

(२) लोथल व सुरकोटङा एक ही रक्षा प्राचीर से घिरे थे...इसका तात्पर्य है कि इन दोनों नगर में दुर्ग के साथ पूर्वी टीला भी दीवार से घिरा था लेकिन यह दीवार दोनों के एक ही थी।

(३) चन्हूदङो से एक ही टीला मिला है जिसके चारों ओर कोई रक्षा प्राचीर नहीं है...इसका तात्पर्य है कि चन्हूदङो से दुर्ग नहीं मिला है तो फिर रक्षा प्राचीर भी नहीं है, यहां केवल पूर्वी टीला भी था।

▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा नगर या सबसे बड़ा स्थल कौनसा है?
नवीन अनुसन्धान के कारण इसमें स्थान परिवर्तित होता रहा है... पिछली कई वर्षों तक गनेङीवाल था लेकिन पिछली कई परीक्षाओं में यह विकल्प में ही नहीं आता है।
नवीन अनुसन्धान के बाद सम्पूर्ण सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल राखीगढ़ी है और दूसरे नम्बर पर मोहनजोदड़ो है।

और केवल भारत मे सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता का सबसे बड़ा स्थल पूछा जाए तो सबसे बङा राखीगढ़ी और दूसरे नम्बर पर धौलावीरा होगा।

▶️ सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता के लोग शिल्प कला में तलवार से परिचित नहीं थे लेकिन मोहनजोदड़ो में एक तथ्य पढ़ने को मिलता है कि यहां श्लाकायुक्त तलवार मिली है।

*इसका कारण यह है कि*- सिन्धु सभ्यता या हङप्पा सभ्यता के लोग तलवार से परिचित नहीं थे और मोहनजोदड़ो से तलवार जैसे दो धारी औजार मिले हैं, जिन्हें तलवार माना गया है
*यहाँ परीक्षा की दृष्टि से ऐसे याद रखें कि*-
हङप्पा सभ्यता के लोग तलवार से परिचित थे?
Answer - नहीं
हङप्पा सभ्यता के किस स्थल से श्लाकायुक्त तलवार (तलवार जैसा दो धारी औजार) मिला है?
Answer- मोहनजोदड़ो
त्रिमुख यक्ष प्रतिमा - राजघाट (वाराणसी)

त्रिमुख यक्ष - जैन धर्म के चौबीस शासन यक्षों में से तीसरे तीर्थंकर, श्री संभवनाथ भगवान के रक्षक और सेवक देव (शासन यक्ष) हैं।
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उत्तराधिकार युद्ध के चलते एक माह तक मुगल बादशाह बहादुर शाह प्रथम को दफनाया भी नहीं जा सका
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ध्यान रखना
मेही व मेहरगढ़ दोनों अलग-अलग स्थान है और दोनों में दो अलग-अलग तथ्य।

यह लगभग किताबों में एक ही लिख रखा है.