𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
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🇮🇳इस ग्रुप का उद्देश्य आपको इतिहास विषय से विभिन्न एग्जाम यथा UGC NET,SET,NVS,KVS,EMRS, Ass. Professor,PGT, RPSC ,UPPSC,MPSC ,DSSSB
आदि में सफलता प्राप्त करने में मदद करना एवम इतिहास विषय के ज्ञान से अवगत कराना है ।
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प्रथम आँग्ल सिक्ख युद्ध की लड़ाइयों को क्रम से लगाइए- 1. मुदकी की लड़ाई 2. आलीवाल की बद्दोवाल की लड़ाई 3. फिरोजबाद की लड़ाई 4 सबरायो का युद्ध
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24%
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कांग्रेस के मुस्लिम अध्यक्षों को उनकी अध्यक्षता के तिथिक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए --

1.) सैयद बदरूद्दीन तयबजी 2.) रहीमतुल्लाह एम.सयानी 3.) सैयद हसन इमाम 4.) मौलाना अबुल कलाम आजाद
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A.) 1 , 2 , 3 , 4
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B.) 3 , 2 , 1 , 4
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C.) 2 , 1 , 3 , 4
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D.) 1 , 3 , 2 , 4
𝐇𝐢𝐬𝐭𝐨𝐫𝐲 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐲 𝐓𝐢𝐦𝐞 ᵁᵍᶜ ⁿᵉᵗ ᴿᵖˢᶜ ᶠⁱʳˢᵗ ᴳʳᵃᵈᵉ
कांग्रेस के मुस्लिम अध्यक्षों को उनकी अध्यक्षता के तिथिक्रमानुसार व्यवस्थित कीजिए --

1.) सैयद बदरूद्दीन तयबजी 2.) रहीमतुल्लाह एम.सयानी 3.) सैयद हसन इमाम 4.) मौलाना अबुल कलाम आजाद
• सैयद बदरूद्दीन तयबजी -- 1887 , मद्रास
• रहीमतुल्लाह एम. सयानी -- 1896 , कलकत्ता
• नवाब सैयद मोहम्मद बहादुर -- 1913 , कराची
• सैयद हसन इमाम -- 1918 , बम्बई विशेष अधिवेशन
• हकीम अजमल खान -- 1921 , अहमदाबाद में सी. आर. दास के स्थान पर कार्यवाहक
• मौलाना अबुल कलाम आजाद -- 1923 , दिल्ली के विशेष अधिवेशन , 1940 रामगढ अधिवेशन से 1946 तक
• एम. ए. अंसारी -- 1927 , मद्रास
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📜 1887 का इतिहास
🌿 भारत का इतिहास (Indian History – 1887)
वायसराय – लॉर्ड डफरिन (1884–1888)
1887 में भारत के वायसराय लॉर्ड डफरिन थे।
उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की प्रारंभिक गतिविधियों पर नजर रखी।
कांग्रेस की स्थापना 1885 में हुई थी, और 1887 में यह अपनी तीसरी वार्षिक बैठक (Madras Session) कर रही थी।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का तीसरा अधिवेशन (1887, मद्रास)
अध्यक्ष: बदरुद्दीन तैयबजी (Badruddin Tyabji)
वे कांग्रेस के पहले मुस्लिम अध्यक्ष बने।
इस अधिवेशन में राष्ट्रीय एकता और हिंदू–मुस्लिम एकता पर ज़ोर दिया गया।
कांग्रेस ने पहली बार यह स्पष्ट किया कि वह सरकार से वफादारी रखते हुए सुधारों की मांग करती है।
ब्रिटिश नीतियाँ और शासन
अंग्रेजों ने 1887 में कुछ प्रशासनिक सुधारों पर विचार किया, लेकिन भारतीय प्रतिनिधित्व बहुत सीमित रखा।
अंग्रेजी शिक्षा और नौकरशाही के ज़रिए भारत पर नियंत्रण बढ़ाया गया।
सामाजिक–धार्मिक आंदोलन
इस समय आर्य समाज (स्वामी दयानंद सरस्वती का आंदोलन) और ब्राह्मो समाज (राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित) का प्रभाव बढ़ रहा था।
समाज सुधारक स्वामी श्रद्धानंद और रामकृष्ण परमहंस के विचार लोकप्रिय हो रहे थे।
प्रमुख घटनाएँ
ब्रिटिश सरकार ने जमीनदारों और किसानों के संबंधों पर नए कानून लागू करने की तैयारी की।
कृषि संकट और कर्ज़ में डूबे किसानों की स्थिति पर बहस चल रही थी।
🌍 विश्व इतिहास (World History – 1887)
ब्रिटेन में घटनाएँ
ब्रिटेन में महारानी विक्टोरिया के शासन का स्वर्ण काल चल रहा था (Victorian Era)।
साम्राज्यवादी नीति अपने चरम पर थी — भारत, अफ्रीका और एशिया में उपनिवेशों का विस्तार।
फ्रांस
फ्रांस में तीसरा गणराज्य (Third Republic) स्थापित था।
राजनीतिक अस्थिरता और समाजवादी विचारधारा का उदय शुरू हुआ।
जर्मनी
ओटो वॉन बिस्मार्क (Otto von Bismarck) जर्मनी के चांसलर थे।
उन्होंने यूरोप में शक्ति संतुलन की नीति अपनाई।
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA)
औद्योगिक क्रांति का विस्तार।
मजदूर आंदोलन और आठ घंटे कार्य दिवस की मांग ज़ोर पकड़ रही थी।
अफ्रीका और एशिया में उपनिवेशवाद
यूरोपीय शक्तियाँ अफ्रीका में अपने उपनिवेश बढ़ा रही थीं — जिसे “Scramble for Africa” कहा जाता है।
एशिया में ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेशों का विस्तार हुआ।
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हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन में निम्नलिखित में से किसने सुभाषचंद्र बोस को अध्यक्ष के रूप में नामित किया था ?
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18%
राजेंद्र प्रसाद
26%
अबुल कलाम आजाद
31%
महात्मा गांधी
13%
फिरोजशाह मेहता
12%
सुरेंद्रनाथ बनर्जी
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निम्नलिखित में से किसने सुभाष चन्द्र बोस को " देशनायक " की उपाधि से सम्मानित किया था ?
Anonymous Quiz
26%
महात्मा गांधी
33%
रवींद्रनाथ टैगोर
28%
जयप्रकाश नारायण
8%
रास बिहारी बोस
5%
जवाहर लाल नेहरू
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भारत की प्राचीन कला परम्पराओं को पुनर्जीवित करने के लिए एक " इंडियन सोसाइटी ऑफ ओरिएंटल आर्ट " की स्थापना की थी ?
Anonymous Quiz
56%
अबनींद्रनाथ टैगोर ने
14%
जवाहरलाल नेहरू ने
22%
नंदलाल बोस ने
6%
सी. आर. दास ने
2%
डब्ल्यू.सी. बनर्जी ने
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दिसम्बर , 1916 में " इंडियन नेशनल क्रांग्रेस " तथा " इंडियन मुस्लिम लीग " ने एक ही समय अपने अधिवेशन आयोजित किऐ थे ?
Anonymous Quiz
10%
इलाहाबाद में
17%
बनारस में
11%
मद्रास में
13%
कलकत्ता में
50%
लखनऊ में
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🏺 कालीबंगा का इतिहास (Kalibangan History)
🔹 परिचय
कालीबंगा राजस्थान के हनुमानगढ़ ज़िले में घग्घर नदी (सरस्वती नदी) के तट पर स्थित एक सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) का प्रमुख स्थल है।
यह स्थल 1960 के दशक में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा खुदाई में खोजा गया।
‘कालीबंगा’ नाम का अर्थ है — “काले रंग की चूड़ियाँ” (काला + बंगा = चूड़ी), जो इस स्थान पर बड़ी संख्या में मिली थीं।
🔹 खोज और उत्खनन
खोजकर्ता: ए. घोष (A. Ghosh) और बी. बी. लाल (B. B. Lal)
खुदाई का समय: 1953–1965 ई.
खुदाई का संचालन: B. K. Thapar द्वारा किया गया।
🔹 दो स्तर की बस्तियाँ
कालीबंगा से दो मुख्य कालखंड की बस्तियाँ मिलीं —
कालीबंगा-I (पूर्व-हरप्पा काल)
यह हरप्पा सभ्यता से पहले की बस्ती है।
मिट्टी के बर्तन लाल रंग के हैं जिन पर काली पेंटिंग की गई है।
कृषि का प्रारंभिक रूप यहाँ दिखाई देता है।
घर कच्ची ईंटों के बने थे।
अग्निकुंड (Fire altars) के अवशेष पाए गए।
कालीबंगा-II (परिपक्व हरप्पा काल)
हरप्पा सभ्यता का पूर्ण विकसित रूप।
नगर नियोजन में उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम दिशा में सड़कें बनी थीं।
घरों में नालियाँ, स्नानघर आदि थे।
अनाज को संग्रहित करने के लिए कोठार (granary) पाए गए।
ताम्र उपकरण, मनके, चूड़ियाँ, खिलौने आदि वस्तुएँ मिलीं।
🔹 कृषि के प्रमाण
यहाँ हलों के निशान (Ploughed Field Marks) मिले हैं — जो इसे विश्व का सबसे प्राचीन हल चलाने वाला क्षेत्र सिद्ध करते हैं।
दोहरी फसल प्रणाली का प्रमाण: गेहूँ और जौ के साथ कुछ मोटे अनाज भी।
यह खोज दर्शाती है कि सिंधु घाटी सभ्यता में कृषि अत्यंत विकसित थी।
🔹 धार्मिक प्रमाण
अग्निकुंडों का होना दर्शाता है कि लोग अग्नि-पूजन करते थे।
मूर्तिपूजा का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।
पशुबलि के कुछ संकेत मिले हैं।
🔹 सामाजिक और आर्थिक जीवन
लोग कृषि, पशुपालन, मिट्टी के बर्तन बनाना, और व्यापार करते थे।
व्यापार के लिए मुद्राएँ (Seals) और तौल-माप मिले हैं।
स्त्रियाँ आभूषण और चूड़ियाँ पहनती थीं — इसलिए नाम “कालीबंगा” प्रसिद्ध हुआ।
🔹 पतन के कारण
संभवतः नदी का मार्ग बदल जाना,
भूकंप या जलवायु परिवर्तन,
और आर्थिक पतन इसके अवसान के कारण रहे।
🔹 कालीबंगा का महत्व
सबसे प्राचीन हल चलाने वाले खेत का प्रमाण।
हरप्पा सभ्यता के नगर नियोजन का उदाहरण।
अग्निकुंडों से धार्मिक जीवन की झलक।
पूर्व-हरप्पा और परिपक्व हरप्पा दोनों चरणों के प्रमाण एक ही स्थल पर।
सिंधु सभ्यता के पूर्वी विस्तार का उत्कृष्ट उदाहरण।
🔹 परीक्षोपयोगी तथ्य (UGC NET के लिए महत्वपूर्ण)
बिंदु
विवरण
स्थान
घग्घर नदी के तट, राजस्थान
खोजकर्ता
बी. बी. लाल, बी. के. थापर
सभ्यता का चरण
पूर्व-हरप्पा व परिपक्व हरप्पा दोनों
प्रसिद्ध अवशेष
हल के निशान, अग्निकुंड, लाल बर्तन, चूड़ियाँ
धार्मिक जीवन
अग्नि-पूजन के प्रमाण
आर्थिक जीवन
कृषि, पशुपालन, मिट्टी के बर्तन, व्यापार
विशेषता
विश्व का सबसे प्राचीन हल चला हुआ खेत
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18 वर्ष की आयु में स्नातक , 20 वर्ष की आयु में प्रोफेसर तथा सुधारक के सह संपादक , 25 वर्ष की आयु में सार्वजनिक सभा और प्रांतीय सम्मेलन के मंत्री , 29 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय कांग्रेस के मंत्री , 31 वर्ष की आयु में महत्वपूर्ण राॅयल कमीशन के समक्ष , 34 वर्ष की आयु में प्रांतीय विधायक , 36 वर्ष की आयु में इम्पीरियल विधायक , 39 वर्ष की आयु में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष .... एक देशभक्त , जिसे महात्मा गांधी ने स्वयं अपना गुरू माना है । " इन शब्दों में एक जीवनीकार ने वर्णन किया है --
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