𝐔𝐏𝐒𝐂 𝐌𝐨𝐭𝐢𝐯𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧™️ 🇮🇳
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मोटिवेशन की आग जो आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मजबूर कर दे।🎊
आपको पढ़ाई करने पर मजबूर कर दे..!🏆📚

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✆ 𝘾𝙤𝙣𝙩𝙖𝙘𝙩
@Aspirant_bot

MOTIVATION 🔜success
🇮🇳गर्व है भारतीय होने का.......!🇮🇳
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श्रेष्ठता संस्कारों से मिलती है ।

परंतु सिद्ध व्यवहार से होती है ।।
      


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@iasipsmotivation
🌺🙏
❤58👍9🤩2🤝2
एक लड़की को आगे बढ़ता देख
समाज के लोग उसके संघर्ष
पे नहीं उसके चरित्र पर
सवाल उठाते हैं
🤐🥺🫢
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😢14❤3🕊1
Khud ka best version bano

Kisi ke bharose apni life kharab mat karo log hamesha sath nahi rahte... ✅


🙏For girls and boys

Kisi ladke ya ladki ke bharose mt raho na shadi ke pahile na shadi ke bad..
💯62👏14❤10🤬1
...

संकट कटै मिटै सब पीरा।

जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥
❤️
❤138👏33👍6🤣3💯2
कमरे की दीवारों पर लगे मैप,
मेज पर बिखरी पड़ी किताबें
बेतरतीब फैले हुए नोट्स,
कुछ अधूरे ख्वाब,
ढेर सारी उम्मीदें,
और कुछ अनकहे सवाल,
सब साक्षी हैं हमारे संघर्ष के
किसी रोज जब जीतेंगे तो
इन सब का शुक्रिया करेंगे...✍️


╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉
@UPSCEXAMTIPS
💯65❤37👍9
तुमने कभी गौर किया है कि किन चीजों में तुम्हें आलस आता है?

फिजूल काम में कभी आलस नहीं आता।
जहाँ तुम्हारे स्वार्थ सिद्ध हो रहे हों वहाँ भी तुम्हें कभी आलस नहीं आता।

जहाँ वृत्तियों को रस आ रहा हो।
जहाँ राग-रंग हो, वहाँ तुम आधी रात को भी दौड़ लगा दोगे।

पर जब कोई ढंग का काम करना हो।
तो तुम्हें बड़ा आलस आता है।

कोई काम है जिसमें संघर्ष हो उसमें तुम्हारा मन बड़ा विरोध करता है। आलस अगर तुम्हारी मजबूरी ही होती, तो तुम्हें उन कामों में भी आलस आता जो बड़े मजे के होते हैं।

आलस तुम्हारी मजबूरी नहीं।
आलस तुम्हारा चुनाव है।

चुन-चुनकर आलस करते हो।
तो जो काम नहीं करने हैं, उनके प्रति आलसी हो जाओ।
और जो काम जरूरी हैं, उनके प्रति उत्सुक रहो, ऊर्जावान रहो।
🌻
💯73❤24🥰10👏1
पुरुष होने की पहली शर्त है,

स्त्री का सम्मान करना. !! ✨❤️
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जब आप अपना दिन शुरू करते हैं,
अपनी जेब में 3 शब्द रखें,


कोशिश, सच और विश्वास,

कोशिश- बेहतर भविष्य के लिए,
सच – अपने काम के साथ,
विश्वास- भगवान में रखो


तो सफलता आपके पैरों पर होगी!

अगर इंसान शिक्षा के पहले संस्कार,
व्यापार से पहले व्यवहार और
भगवान से पहले
माता पिता को पहचान ले तो
जिन्दगी में
कभी कोई कठिनाई नहीं आयेगी।


╭─❀⊰ 𝐉𝐨𝐢𝐧 📚
👉
@UPSCEXAMTIPS
❤58🏆13👍2👏1
✅ पीढ़ीगत संपत्ति (Generational wealth) केवल धन-दौलत से नहीं होती... यह एक ऐसे वातावरण में पले-बढ़े होने से मिलती है जहाँ:

• एक-दूसरे से क्षमा कैसे मांगनी है, यह ज्ञात होता है।

• अपनी आवश्यकताओं को बिना किसी भय के प्रकट किया जा सकता है।

• विवाद करने से अधिक एक साथ हंसने-मुस्कुराने को महत्त्व दिया जाता है।

• दूसरों की भावनाओं को समझकर उन्हें संबल दिया जाता है।

• किसी की आलोचना या निर्णय के डर के बिना अपने विचार रखे जा सकते हैं।

• एक-दूसरे को वैसे ही स्वीकार किया जाता है जैसे वे वास्तव में हैं।

• और मुख्य रूप से, बिना किसी शर्त के असीम और निरपेक्ष प्रेम (Unconditional Love) का अनुभव मिलता है।
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शारदीय नवरात्रि की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! 🙏🌺

माँ दुर्गा के चरणों में झुककर बस इतनी सी प्रार्थना है -

मन में विश्वास रहे, जीवन में धैर्य रहे और हर कठिन राह पर माँ का आशीर्वाद साथ रहे।

जय माता दी ❤️✨

#ShubhNavratri
🙏70❤18😍14
कुछ बच्चे सचमुच पढ़ने के लिए लाइब्रेरी आते हैं — जिनके कंधे मेहनत से झुक चुके हैं, आँखों पर चश्मा स्थायी हो गया है, रीढ़ की हड्डी तक थकान से जवाब दे चुकी है, फिर भी उनके भीतर उम्मीद की एक लौ जलती रहती है कि “इस बार नहीं तो अगली बार सही, एक दिन ज़रूर चयन होगा।”

दूसरी ओर, कुछ ऐसे भी हैं जो लाइब्रेरी को पढ़ाई नहीं, मौज-मस्ती का अड्डा बना चुके हैं। हर पंद्रह मिनट में मोबाइल की टन-टन, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम की झिलमिल
यही इनका पाठ है। कभी पानी का बहाना, कभी टॉयलेट का बहाना, ताकि खुद भी चैन पा लें और दूसरों की एकाग्रता भी तोड़ दें। ये वही लोग हैं जो सीढ़ियों पर पंचायतें कर अपना समय बरबाद करते हैं।


जब तुम्हें पढ़ना ही नहीं तो ₹500 या ₹700 की फीस देकर किसे छल रहे हो —खुद को या अपने माँ-बाप को, जो हर सुबह तुम्हारे लिए टिफ़िन बनाते हैं इस उम्मीद में कि एक दिन उनका बेटा या बेटी नौकरी पाएगा। यह ठंडी ए.सी. की हवा, मुफ़्त वाई-फाई और रील्स का नशा एक दिन तुम्हें बहुत पीड़ा देगा, जब तुम्हारे अपने बच्चे भी यही सब दोहराएँगे और तुम उनकी आँखों में वही बेबसी देखोगे जो आज तुम्हारे माता-पिता की आँखों में है।

इसलिए अभी भी वक़्त है संभल जाओ, किताबों की ओर लौटो, क्योंकि संघर्ष वही जीतता है जो अनुशासन से नहीं डिगता।
दीपेश जांगिड झुंझुनू ✍️❤️
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When your parents are not rich but still afford to give you a beautiful life, appreciate their success.
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