𝐔𝐏𝐒𝐂 𝐌𝐨𝐭𝐢𝐯𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧™️ 🇮🇳
महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई जी के बलिदान दिवस पर उन्हें शत शत नमन 🙏🙏
वीरता ऐसी की दुश्मन भी तारीफ करे
रानी लक्ष्मीबाई के बारे में अंग्रेजों के द्वारा कहें गए वक्तव्य 🙏🙏
• ह्यू रोज़ :- "यहां वह महिला सोई हुई है जो विद्रोहियों में एकमात्र मर्द थी"
• लॉर्ड कंबरलैंड :- "रानी अपनी बहादुरी, चतुराई और दृढ़ता के लिए उल्लेखनीय हैं... इन गुणों ने उन्हें सभी विद्रोही नेताओं में सबसे खतरनाक बना दिया था"
•"कॉर्नेट कोम्ब :- "वह एक अद्भुत महिला हैं, बहुत बहादुर और दृढ़। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि उनके बाकी सैनिक उनके जैसे बिल्कुल नहीं हैं"
रानी लक्ष्मीबाई के बारे में अंग्रेजों के द्वारा कहें गए वक्तव्य 🙏🙏
• ह्यू रोज़ :- "यहां वह महिला सोई हुई है जो विद्रोहियों में एकमात्र मर्द थी"
• लॉर्ड कंबरलैंड :- "रानी अपनी बहादुरी, चतुराई और दृढ़ता के लिए उल्लेखनीय हैं... इन गुणों ने उन्हें सभी विद्रोही नेताओं में सबसे खतरनाक बना दिया था"
•"कॉर्नेट कोम्ब :- "वह एक अद्भुत महिला हैं, बहुत बहादुर और दृढ़। यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि उनके बाकी सैनिक उनके जैसे बिल्कुल नहीं हैं"
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जब तक आपके साथ आपके पिता है
तब तक तो कोई भी परिस्थिति आपका
कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती।
HAPPY FATHER'S DAY ❤️🙏
तब तक तो कोई भी परिस्थिति आपका
कुछ भी नहीं बिगाड़ सकती।
HAPPY FATHER'S DAY ❤️🙏
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उदासी इस बात का संकेत हैं कि आप अतीत में जी रहे हैं
चिंता दर्शाती हैं कि आप भविष्य में जी रहे हैं लेकिन
शांति दर्शाती हैं कि आप वर्तमान में हैं !!
उदासी इस बात का संकेत हैं कि आप अतीत में जी रहे हैं
चिंता दर्शाती हैं कि आप भविष्य में जी रहे हैं लेकिन
शांति दर्शाती हैं कि आप वर्तमान में हैं !!
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मां बाप की सेवा करने से भगवान मिल सकते है लेकिन,
भगवान की सेवा करने से माँ बाप नहीं मिल सकते..!❤️😊
भगवान की सेवा करने से माँ बाप नहीं मिल सकते..!❤️😊
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आधुनिक समय में लड़कियों का बढ़ता आकर्षण, धोखा और सही मार्गदर्शन
आज के आधुनिक और चकाचौंध से भरे दौर में कई लड़कियां केवल पैसा, अच्छा रूप (Good Looks) और लड़के की प्रॉपर्टी देखकर बहुत जल्दी आकर्षित हो जाती हैं, लेकिन इस अस्थाई आकर्षण के चक्कर में अक्सर उन्हें बड़े धोखे का सामना करना पड़ता है। सोशल मीडिया, फिल्मों और रील्स की आभासी दुनिया के कारण आजकल की युवा लड़कियों में एक अलग ही मानसिकता बन रही है, जहाँ मेहनत से सफलता पाने के बजाय तैयार और ऐशो-आराम की जिंदगी पाने की इच्छा बढ़ रही है। अमीर जीवनशैली, ब्रांडेड चीजें, महंगी गाड़ियां और घूमने-फिरने का शौक पूरा करने के लिए वे लड़के की केवल आर्थिक स्थिति देखती हैं, लेकिन लड़के का स्वभाव, उसका चरित्र और उसका असली इरादा समझने में चूक कर देती हैं। केवल बाहरी दिखावे और पैसे को सब कुछ मान लेने के कारण वे गलत लोगों के जाल में आसानी से फँस जाती हैं। कई बार लड़के भी अपने पास बहुत पैसा und प्रॉपर्टी होने का झूठा नाटक करते हैं, महंगी गाड़ियां किराए पर लाकर या झूठा स्टेटस दिखाकर लड़कियों को आकर्षित करते हैं और बाद में उनका भावनात्मक या शारीरिक शोषण करके उन्हें छोड़ देते हैं।
इस प्रकार की धोखाधड़ी और नुकसान से बचने के लिए लड़कियों को अपनी मानसिकता और सोच में बदलाव करना बहुत जरूरी है। बाहरी सुंदरता और पैसा आज है तो कल खत्म हो सकता है, लेकिन इंसान का स्वभाव और उसकी ईमानदारी जीवनभर साथ देती है, यह बात लड़कियों को समझनी होगी। किसी भी लड़के के केवल लुक्स या प्रॉपर्टी पर रीझने के बजाय, वह इंसान कैसा है, उसका दूसरों के प्रति व्यवहार कैसा है और वह महिलाओं का सम्मान करता है या नहीं, यह देखना सबसे महत्वपूर्ण है। माता-पिता को भी अपनी बेटियों को बचपन से ही आत्मनिर्भर (Self-dependent) बनने की शिक्षा देनी चाहिए, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और किसी के पैसे के लालच में न आएं। जब लड़कियों को यह समझ आ जाएगा कि खुद की मेहनत से कमाई हुई जिंदगी सबसे सुरक्षित होती है और जीवन जीने के लिए पैसे से ज्यादा साथी का ईमानदार होना जरूरी है, तब वे ऐसे धोखे से बची रहेंगी। जब समाज में सही नैतिक मूल्यों का विकास होगा, तभी इस तरह के गलत आकर्षण से होने वाले धोखे पूरी तरह रुकेंगे।
आज के आधुनिक और चकाचौंध से भरे दौर में कई लड़कियां केवल पैसा, अच्छा रूप (Good Looks) और लड़के की प्रॉपर्टी देखकर बहुत जल्दी आकर्षित हो जाती हैं, लेकिन इस अस्थाई आकर्षण के चक्कर में अक्सर उन्हें बड़े धोखे का सामना करना पड़ता है। सोशल मीडिया, फिल्मों और रील्स की आभासी दुनिया के कारण आजकल की युवा लड़कियों में एक अलग ही मानसिकता बन रही है, जहाँ मेहनत से सफलता पाने के बजाय तैयार और ऐशो-आराम की जिंदगी पाने की इच्छा बढ़ रही है। अमीर जीवनशैली, ब्रांडेड चीजें, महंगी गाड़ियां और घूमने-फिरने का शौक पूरा करने के लिए वे लड़के की केवल आर्थिक स्थिति देखती हैं, लेकिन लड़के का स्वभाव, उसका चरित्र और उसका असली इरादा समझने में चूक कर देती हैं। केवल बाहरी दिखावे और पैसे को सब कुछ मान लेने के कारण वे गलत लोगों के जाल में आसानी से फँस जाती हैं। कई बार लड़के भी अपने पास बहुत पैसा und प्रॉपर्टी होने का झूठा नाटक करते हैं, महंगी गाड़ियां किराए पर लाकर या झूठा स्टेटस दिखाकर लड़कियों को आकर्षित करते हैं और बाद में उनका भावनात्मक या शारीरिक शोषण करके उन्हें छोड़ देते हैं।
इस प्रकार की धोखाधड़ी और नुकसान से बचने के लिए लड़कियों को अपनी मानसिकता और सोच में बदलाव करना बहुत जरूरी है। बाहरी सुंदरता और पैसा आज है तो कल खत्म हो सकता है, लेकिन इंसान का स्वभाव और उसकी ईमानदारी जीवनभर साथ देती है, यह बात लड़कियों को समझनी होगी। किसी भी लड़के के केवल लुक्स या प्रॉपर्टी पर रीझने के बजाय, वह इंसान कैसा है, उसका दूसरों के प्रति व्यवहार कैसा है और वह महिलाओं का सम्मान करता है या नहीं, यह देखना सबसे महत्वपूर्ण है। माता-पिता को भी अपनी बेटियों को बचपन से ही आत्मनिर्भर (Self-dependent) बनने की शिक्षा देनी चाहिए, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और किसी के पैसे के लालच में न आएं। जब लड़कियों को यह समझ आ जाएगा कि खुद की मेहनत से कमाई हुई जिंदगी सबसे सुरक्षित होती है और जीवन जीने के लिए पैसे से ज्यादा साथी का ईमानदार होना जरूरी है, तब वे ऐसे धोखे से बची रहेंगी। जब समाज में सही नैतिक मूल्यों का विकास होगा, तभी इस तरह के गलत आकर्षण से होने वाले धोखे पूरी तरह रुकेंगे।
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दूसरों के लिए उचित त्याग कीजिये,
लेकिन किसी के लिए भी अपनी जिंदगी बर्बाद मत कीजिये,
क्योंकि जिंदगी में कोई किसी का नहीं होता.
अपने मतलब के लिये लोग, अक्सर बदल जाते हैं,
वे अपनो को पीछे छोड़ कर, आगे निकल जाते हैं,
कोई मरता भी हो तो उनकी बला से,
वो तो मरे पर कदम रखकर, आगे बढ़ जाते हैं.
जाते जाते दुनिया से ये काम कर गये,
हम मरते मरते ये दिल आपके नाम कर गये.
दिक्कत यह भी है इस कातिल दुनिया का,
कोई अगर अच्छा भी है तो वो अच्छा क्यों है.
दूसरो के लिए कभी अपनी जिंदगी बर्बाद मत करना,
क्योंकि इस दुनिया में कोई किसीका अपना नहीं होता है.
Join 🌹✍
@iasipsmotivation
🌺🙏
लेकिन किसी के लिए भी अपनी जिंदगी बर्बाद मत कीजिये,
क्योंकि जिंदगी में कोई किसी का नहीं होता.
अपने मतलब के लिये लोग, अक्सर बदल जाते हैं,
वे अपनो को पीछे छोड़ कर, आगे निकल जाते हैं,
कोई मरता भी हो तो उनकी बला से,
वो तो मरे पर कदम रखकर, आगे बढ़ जाते हैं.
जाते जाते दुनिया से ये काम कर गये,
हम मरते मरते ये दिल आपके नाम कर गये.
दिक्कत यह भी है इस कातिल दुनिया का,
कोई अगर अच्छा भी है तो वो अच्छा क्यों है.
दूसरो के लिए कभी अपनी जिंदगी बर्बाद मत करना,
क्योंकि इस दुनिया में कोई किसीका अपना नहीं होता है.
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..✍
कभी मंदिर से चोरी की खबर आती है।
कहीं ईवीएम के जलने की चर्चा हैं।
कभी शिक्षा मंत्रालय में आग लग जाती है।
कभी होटल तो कभी library में आग लगने से लोग जान गंवा देते हैं और फायर ब्रिगेड वक्त पर नहीं पहुँच पाती।
कहीं अस्पतालों के बाहर इलाज के लिए तरसते लोग...
तो कहीं स्कूलों की छत गिर जाती है।
कभी पेपर लीक से लाखों सपने टूट जाते हैं ...
तो कहीं न्याय की उम्मीद में उम्र निकल रही है।
आए दिन भ्रष्टाचार की खबरें, योजनाओं में घोटालों के आरोप है।
प्रदूषित हवा...गंदा पानी...टूटी सड़कें, गिरते पुल हैं।
महँगाई से जनता की जेब पर बढ़ता बोझ हैं।
आखिर कब तक?
कब तक इस देश का आम आदमी हर मोर्चे पर समझौता करता रहेगा?
खाने में मिलावट स्वीकार कर लो...
शिक्षा में खामियाँ स्वीकार कर लो...
स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली स्वीकार कर लो...
भ्रष्टाचार स्वीकार कर लो...
बेरोज़गारी स्वीकार कर लो...
और फिर कह दो - "ऐसे ही चलता है।"
नहीं...
ऐसे नहीं चलता।
समस्याओं को नियति मानकर हम देश को कमजोर कर रहे हैं
दुनिया के किसी भी विकसित देश ने चुप रहकर विकास नहीं किया।
वहाँ नागरिकों ने सवाल पूछे, जवाब माँगे और व्यवस्था को जवाबदेह बनाया।
आज भारत में करोड़ों ईमानदार लोग हैं- ईमानदार शिक्षक हैं।ईमानदार डॉक्टर हैं।ईमानदार अधिकारी हैं।ईमानदार पत्रकार हैं।ईमानदार कर्मचारी हैं।
लेकिन यदि ये सब अपने-अपने डर, स्वार्थ और मजबूरियों में चुप बैठे रहेंगे तो कुछ भी नहीं बदलेगा।
देश पीछे जा रहा है, क्योंकि गलत को देखकर भी बहुत लोग चुप हैं।
जिस दिन इस देश का आम नागरिक यह तय कर लेगा कि उसके बच्चों को शुद्ध भोजन चाहिए, अच्छी शिक्षा चाहिए, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए, निष्पक्ष परीक्षाएँ चाहिए, सुरक्षित शहर चाहिए और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था चाहिए...
उस दिन से बदलाव शुरू होगा।
गलत को गलत कहने की कीमत चाहे जो हो, चुप मत रहिए।
यह लड़ाई किसी दल, नेता या सरकार के खिलाफ नहीं है।
यह लड़ाई भारत के भविष्य के लिए है।
कभी मंदिर से चोरी की खबर आती है।
कहीं ईवीएम के जलने की चर्चा हैं।
कभी शिक्षा मंत्रालय में आग लग जाती है।
कभी होटल तो कभी library में आग लगने से लोग जान गंवा देते हैं और फायर ब्रिगेड वक्त पर नहीं पहुँच पाती।
कहीं अस्पतालों के बाहर इलाज के लिए तरसते लोग...
तो कहीं स्कूलों की छत गिर जाती है।
कभी पेपर लीक से लाखों सपने टूट जाते हैं ...
तो कहीं न्याय की उम्मीद में उम्र निकल रही है।
आए दिन भ्रष्टाचार की खबरें, योजनाओं में घोटालों के आरोप है।
प्रदूषित हवा...गंदा पानी...टूटी सड़कें, गिरते पुल हैं।
महँगाई से जनता की जेब पर बढ़ता बोझ हैं।
आखिर कब तक?
कब तक इस देश का आम आदमी हर मोर्चे पर समझौता करता रहेगा?
खाने में मिलावट स्वीकार कर लो...
शिक्षा में खामियाँ स्वीकार कर लो...
स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली स्वीकार कर लो...
भ्रष्टाचार स्वीकार कर लो...
बेरोज़गारी स्वीकार कर लो...
और फिर कह दो - "ऐसे ही चलता है।"
नहीं...
ऐसे नहीं चलता।
समस्याओं को नियति मानकर हम देश को कमजोर कर रहे हैं
दुनिया के किसी भी विकसित देश ने चुप रहकर विकास नहीं किया।
वहाँ नागरिकों ने सवाल पूछे, जवाब माँगे और व्यवस्था को जवाबदेह बनाया।
आज भारत में करोड़ों ईमानदार लोग हैं- ईमानदार शिक्षक हैं।ईमानदार डॉक्टर हैं।ईमानदार अधिकारी हैं।ईमानदार पत्रकार हैं।ईमानदार कर्मचारी हैं।
लेकिन यदि ये सब अपने-अपने डर, स्वार्थ और मजबूरियों में चुप बैठे रहेंगे तो कुछ भी नहीं बदलेगा।
देश पीछे जा रहा है, क्योंकि गलत को देखकर भी बहुत लोग चुप हैं।
जिस दिन इस देश का आम नागरिक यह तय कर लेगा कि उसके बच्चों को शुद्ध भोजन चाहिए, अच्छी शिक्षा चाहिए, बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था चाहिए, निष्पक्ष परीक्षाएँ चाहिए, सुरक्षित शहर चाहिए और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था चाहिए...
उस दिन से बदलाव शुरू होगा।
गलत को गलत कहने की कीमत चाहे जो हो, चुप मत रहिए।
यह लड़ाई किसी दल, नेता या सरकार के खिलाफ नहीं है।
यह लड़ाई भारत के भविष्य के लिए है।
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