Uttar Pradesh Congress
✔
1.05K subscribers
493 photos
242 videos
1 file
57 links
Download Telegram
आपके जज़्बात देश के लिए होने चाहिए।

यही होता है राष्ट्रवाद :

- देशवासियों को लड़ाने में कोई राष्ट्रवाद नहीं है
- देशवासियों से स्वार्थ साधने में कोई राष्ट्रवाद नहीं है
- देशवासियों के जज्बात उभारकर वोट लेना कोई राष्ट्रवाद नहीं

~ श्रीमती प्रियंका गांधी जी
❤5👍1
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जी का बस्ती में विशाल रोड शो।

छठे चरण के प्रचार के अंतिम दिन प्रियंका गांधी जी ने प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। हजारों लोग सड़कों पर जुटे।
❤6👍2
कांग्रेस महासचिव ने आजादी के आंदोलन की स्मृतियों को ताजा करने वाली भूमि मधुबन में आजादी के नायकों को श्रद्धांजलि देते हुए जनसभा को संबोधित किया l।
👍2
कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी ने मुहम्मदाबाद, गोहना में विशाल जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में महिलाओं और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी।

प्रियंका गांधी जी की बातों का लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।

चुनावों में आपके रोजगार, आपके जीवन यापन, किसानों की खेती की बात होनी चाहिए: प्रियंका गांधी जी

कांग्रेस रोटी, रोजगार, महिला सशक्तिकरण, खेती, व्यापार को बढ़ाने वाली राजनीति की पक्षधर है और उसी एजेंडे पर काम कर रही है।
👍2❤1
*Imp खबर*

कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी जी कबीर चौरा मठ में कर रही हैं प्रवास। सुबह सवेरे प्रियंका गांधी जी ने कबीरदास जी की मूलगादी में दर्शन किए एवं महंत जी ने कबीरदास की स्मृतियों को साझा किया।

कबीर चौरा मठ, वाराणसी
❤4👍1
बनारस घराने के गायन, वादन और कथक की तीन पीठों पर सिर नवाया प्रियंका जी ने.

प्रियंका गाँधी इन दिनों बनारस में हैं. वह कबीरचौरा-स्थित विलक्षण संत कवि कबीर की मूलगादी में ही रुकी हुई हैं.

आज सुबह उन्होंने बिल्कुल सादा और अनौपचारिक शिल्प में कबीरमठ-स्थित कबीर के पालनहार माता-पिता नीरू-नीमा की समाधि का दर्शन-अवलोकन किया और मठ में स्थित कबीर के बचपन और उनके व्यवसाय से जुड़ी पुरानी सामग्रियों को भी देखा.

कबीरचौरा संगीत का वैश्विक केंद्र है. उत्तरभारतीय शास्त्रीय संगीत की तीन प्रमुख विधाओं - क्लैसिकल गायकी, कथक नृत्य और तबले की सिद्धपीठ भी है.

कबीरचौरा की सँकरी जनाकीर्ण गलियों से होते हुए प्रियंका जी अपने चुनिंदा सहयोगियों के साथ गायन, वादन और नृत्य के तीनों अंगों के तीन प्रतिनिधि परिवारों तक पहुँची. पद्मविभूषण दिवंगत पंडित किशन महाराज के यशस्वी पुत्र पंडित पूरन महाराज और उनके शिष्यों और परिचितों से मिलीं और कुछ देर तक तबले के बोल सुनती रहीं.
❤4👍1