- स्रोत और अध्ययन:
- "Vastu: The Indian Art of Living" by V. S. R. Murthy: इस पुस्तक में यूरोपीय संदर्भ में वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का अनुप्रयोग और उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Indian-Art-Living-Murthy/dp/8120736324)
इन संदर्भों से आप विभिन्न देशों में वास्तु शास्त्र के विभिन्न अनुप्रयोगों और प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- "Vastu: The Indian Art of Living" by V. S. R. Murthy: इस पुस्तक में यूरोपीय संदर्भ में वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों का अनुप्रयोग और उनकी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Indian-Art-Living-Murthy/dp/8120736324)
इन संदर्भों से आप विभिन्न देशों में वास्तु शास्त्र के विभिन्न अनुप्रयोगों और प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
वास्तु शास्त्र और बाढ़ की समस्याओं के विस्तृत कारण और उपाय
### वास्तु शास्त्र और बाढ़ के कारण
1. भवन का गलत स्थान और दिशा
कारण:
- जलस्त्रोतों के निकटता: भवन यदि जलस्त्रोतों जैसे नदियाँ, तालाब, या नाले के अत्यधिक करीब स्थित हो, तो बारिश के पानी के संचय से बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है।
- ढलान और भूमि का झुकाव: अगर साइट पर भूमि का झुकाव ऐसा है कि पानी भवन की ओर बह सकता है, तो यह बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है।
उपाय:
- भवन को ऊँचाई पर बनाना: जलस्त्रोतों से कम से कम 50-100 मीटर की दूरी पर और ऊँचाई पर भवन का निर्माण करना चाहिए।
- वास्तु दिशा और दिशा: भवन के मुख्य द्वार और खिड़कियाँ जल प्रवाह के विपरीत दिशा में होनी चाहिए ताकि पानी का प्रवाह भवन की ओर न आए।
- भवन की ऊँचाई और ग्राउंड लेवल: भवन की ऊँचाई और ग्राउंड लेवल का समायोजन सही तरीके से करें ताकि बारिश का पानी संचय न हो।
स्रोत:
- "Vastu Shastra: A New Approach" by B. V. Rao: इस पुस्तक में भवन की दिशा और स्थिति की महत्वपूर्णता पर विस्तृत चर्चा की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Shastra-New-Approach-Rao/dp/8170170828)
2. अविकसित जल निकासी प्रणाली
कारण:
- जल निकासी का अभाव: भवन के चारों ओर जल निकासी की व्यवस्था की कमी से बारिश के पानी का संचय हो सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उपाय:
- साइट प्लानिंग: साइट की जल निकासी प्रणाली को पहले से ही निर्धारित करें। सुनिश्चित करें कि भवन के चारों ओर नालियाँ और ड्रेनेज सिस्टम स्थापित हों।
- पानी के बहाव की दिशा: साइट पर पानी के बहाव की दिशा के अनुसार ग्राउंड लेवल और निकासी प्रणाली को सही तरीके से डिज़ाइन करें।
- नाली और पाइपलाइन: नालियाँ और पाइपलाइन को नियमित रूप से साफ और अवरुद्ध न करें ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो।
स्रोत:
- "The Complete Book of Vastu Shastra" by B. B. Puri: जल निकासी और साइट प्लानिंग के वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Complete-Book-Vastu-Shastra-Puri/dp/8172542302)
3. भूमि की अवैधता और अयथार्थ निर्माण
कारण:
- अवैध भूमि उपयोग: यदि भूमि का सही मूल्यांकन नहीं किया गया या अयथार्थ निर्माण किया गया है, तो इससे बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
उपाय:
- भूमि मूल्यांकन: भूमि का सही मूल्यांकन और सही स्थान पर भवन का निर्माण सुनिश्चित करें।
- प्राकृतिक जलवायु: भवन निर्माण के लिए भूमि के प्राकृतिक जलवायु और भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखें।
- वैध निर्माण: वैध निर्माण कार्य और भूमि उपयोग की अनुमति प्राप्त करें।
स्रोत:
- "Vastu: The Indian Art of Living" by V. S. R. Murthy: भूमि के मूल्यांकन और उपयोग पर ध्यान देने के महत्व की जानकारी दी गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Indian-Art-Living-Murthy/dp/8120736324)
4. अन्य प्राकृतिक तत्वों का असंतुलन
कारण:
- पंचतत्व का असंतुलन: वास्तु शास्त्र में पंचतत्व (जल, पृथ्वी, अग्नि, वायु, आकाश) का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। यदि जल तत्व का संतुलन बिगड़ जाता है, तो बाढ़ जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
उपाय:
- पंचतत्व का संतुलन: पंचतत्व का संतुलन बनाए रखें। जल तत्व की स्थिति और प्रवाह को सही दिशा में रखें।
- जल स्रोत और जल प्रवाह: जल स्रोतों और जल प्रवाह की दिशा को वास्तु के अनुसार समायोजित करें ताकि बाढ़ की समस्याओं को कम किया जा सके।
स्रोत:
- "Vastu: Transcendental Home Design in Harmony with Nature" by Shashi S. Shukla: पंचतत्व और उनके भवन डिज़ाइन पर प्रभाव की जानकारी दी गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Transcendental-Design-Harmony-Nature/dp/0974381240)
### प्रमुख संदर्भ
1. "Vastu Shastra: A New Approach" by B. V. Rao
- विवरण: भवन की दिशा और स्थिति की महत्वपूर्णता पर चर्चा की गई है, जिसमें जल प्रवाह के विपरीत दिशा में निर्माण के सुझाव दिए गए हैं।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Shastra-New-Approach-Rao/dp/8170170828)
2. "The Complete Book of Vastu Shastra" by B. B. Puri
- विवरण: जल निकासी और साइट प्लानिंग के वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Complete-Book-Vastu-Shastra-Puri/dp/8172542302)
### वास्तु शास्त्र और बाढ़ के कारण
1. भवन का गलत स्थान और दिशा
कारण:
- जलस्त्रोतों के निकटता: भवन यदि जलस्त्रोतों जैसे नदियाँ, तालाब, या नाले के अत्यधिक करीब स्थित हो, तो बारिश के पानी के संचय से बाढ़ की संभावना बढ़ जाती है।
- ढलान और भूमि का झुकाव: अगर साइट पर भूमि का झुकाव ऐसा है कि पानी भवन की ओर बह सकता है, तो यह बाढ़ की स्थिति पैदा कर सकता है।
उपाय:
- भवन को ऊँचाई पर बनाना: जलस्त्रोतों से कम से कम 50-100 मीटर की दूरी पर और ऊँचाई पर भवन का निर्माण करना चाहिए।
- वास्तु दिशा और दिशा: भवन के मुख्य द्वार और खिड़कियाँ जल प्रवाह के विपरीत दिशा में होनी चाहिए ताकि पानी का प्रवाह भवन की ओर न आए।
- भवन की ऊँचाई और ग्राउंड लेवल: भवन की ऊँचाई और ग्राउंड लेवल का समायोजन सही तरीके से करें ताकि बारिश का पानी संचय न हो।
स्रोत:
- "Vastu Shastra: A New Approach" by B. V. Rao: इस पुस्तक में भवन की दिशा और स्थिति की महत्वपूर्णता पर विस्तृत चर्चा की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Shastra-New-Approach-Rao/dp/8170170828)
2. अविकसित जल निकासी प्रणाली
कारण:
- जल निकासी का अभाव: भवन के चारों ओर जल निकासी की व्यवस्था की कमी से बारिश के पानी का संचय हो सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उपाय:
- साइट प्लानिंग: साइट की जल निकासी प्रणाली को पहले से ही निर्धारित करें। सुनिश्चित करें कि भवन के चारों ओर नालियाँ और ड्रेनेज सिस्टम स्थापित हों।
- पानी के बहाव की दिशा: साइट पर पानी के बहाव की दिशा के अनुसार ग्राउंड लेवल और निकासी प्रणाली को सही तरीके से डिज़ाइन करें।
- नाली और पाइपलाइन: नालियाँ और पाइपलाइन को नियमित रूप से साफ और अवरुद्ध न करें ताकि पानी का प्रवाह बाधित न हो।
स्रोत:
- "The Complete Book of Vastu Shastra" by B. B. Puri: जल निकासी और साइट प्लानिंग के वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Complete-Book-Vastu-Shastra-Puri/dp/8172542302)
3. भूमि की अवैधता और अयथार्थ निर्माण
कारण:
- अवैध भूमि उपयोग: यदि भूमि का सही मूल्यांकन नहीं किया गया या अयथार्थ निर्माण किया गया है, तो इससे बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
उपाय:
- भूमि मूल्यांकन: भूमि का सही मूल्यांकन और सही स्थान पर भवन का निर्माण सुनिश्चित करें।
- प्राकृतिक जलवायु: भवन निर्माण के लिए भूमि के प्राकृतिक जलवायु और भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखें।
- वैध निर्माण: वैध निर्माण कार्य और भूमि उपयोग की अनुमति प्राप्त करें।
स्रोत:
- "Vastu: The Indian Art of Living" by V. S. R. Murthy: भूमि के मूल्यांकन और उपयोग पर ध्यान देने के महत्व की जानकारी दी गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Indian-Art-Living-Murthy/dp/8120736324)
4. अन्य प्राकृतिक तत्वों का असंतुलन
कारण:
- पंचतत्व का असंतुलन: वास्तु शास्त्र में पंचतत्व (जल, पृथ्वी, अग्नि, वायु, आकाश) का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। यदि जल तत्व का संतुलन बिगड़ जाता है, तो बाढ़ जैसी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
उपाय:
- पंचतत्व का संतुलन: पंचतत्व का संतुलन बनाए रखें। जल तत्व की स्थिति और प्रवाह को सही दिशा में रखें।
- जल स्रोत और जल प्रवाह: जल स्रोतों और जल प्रवाह की दिशा को वास्तु के अनुसार समायोजित करें ताकि बाढ़ की समस्याओं को कम किया जा सके।
स्रोत:
- "Vastu: Transcendental Home Design in Harmony with Nature" by Shashi S. Shukla: पंचतत्व और उनके भवन डिज़ाइन पर प्रभाव की जानकारी दी गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Transcendental-Design-Harmony-Nature/dp/0974381240)
### प्रमुख संदर्भ
1. "Vastu Shastra: A New Approach" by B. V. Rao
- विवरण: भवन की दिशा और स्थिति की महत्वपूर्णता पर चर्चा की गई है, जिसमें जल प्रवाह के विपरीत दिशा में निर्माण के सुझाव दिए गए हैं।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Shastra-New-Approach-Rao/dp/8170170828)
2. "The Complete Book of Vastu Shastra" by B. B. Puri
- विवरण: जल निकासी और साइट प्लानिंग के वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Complete-Book-Vastu-Shastra-Puri/dp/8172542302)
3. "Vastu: The Indian Art of Living" by V. S. R. Murthy
- विवरण: भूमि के मूल्यांकन और उपयोग पर ध्यान देने के महत्व की जानकारी दी गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Indian-Art-Living-Murthy/dp/8120736324)
4. "Vastu: Transcendental Home Design in Harmony with Nature" by Shashi S. Shukla
- विवरण: पंचतत्व और उनके भवन डिज़ाइन पर प्रभाव की जानकारी दी गई है, जिससे बाढ़ की समस्याओं को कम किया जा सकता है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Transcendental-Design-Harmony-Nature/dp/0974381240)
इन विस्तृत कारणों और उपायों के माध्यम से, आप बाढ़ की समस्याओं से बचने के लिए वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों को समझ सकते हैं और लागू कर सकते हैं।
- विवरण: भूमि के मूल्यांकन और उपयोग पर ध्यान देने के महत्व की जानकारी दी गई है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Indian-Art-Living-Murthy/dp/8120736324)
4. "Vastu: Transcendental Home Design in Harmony with Nature" by Shashi S. Shukla
- विवरण: पंचतत्व और उनके भवन डिज़ाइन पर प्रभाव की जानकारी दी गई है, जिससे बाढ़ की समस्याओं को कम किया जा सकता है।
- स्रोत: [Amazon](https://www.amazon.com/Vastu-Transcendental-Design-Harmony-Nature/dp/0974381240)
इन विस्तृत कारणों और उपायों के माध्यम से, आप बाढ़ की समस्याओं से बचने के लिए वास्तु शास्त्र के सिद्धांतों को समझ सकते हैं और लागू कर सकते हैं।
### वास्तु शास्त्र: भारतीय वास्तुकला का विज्ञान
वास्तु शास्त्र एक प्राचीन भारतीय वास्तुकला प्रणाली है जो इमारतों को प्रकृति और ब्रह्मांड के साथ सामंजस्य में लाने पर केंद्रित है। इसका मूल सिद्धांत यह है कि भवन की डिजाइन और संरचना इसके निवासियों के स्वास्थ्य, समृद्धि, और संपूर्ण कल्याण को प्रभावित कर सकती है। वास्तु शास्त्र पंचभूत (पाँच तत्व) और दिक्पाल (दिशाओं के रक्षक) की अवधारणाओं पर आधारित है।
### वास्तु शास्त्र के मुख्य सिद्धांत:
1. पंचभूत (पाँच तत्व):
- पृथ्वी (Earth): स्थिरता और संतुलन का प्रतीक।
- जल (Water): तरलता और संचार का प्रतीक।
- अग्नि (Fire): ऊर्जा और परिवर्तन का प्रतीक।
- वायु (Air): गति और परिवर्तन का प्रतीक।
- आकाश (Space): खुलापन और विस्तार का प्रतीक।
2. दिक्पाल (दिशाओं के रक्षक):
- ईशान कोण (उत्तर-पूर्व): जल से संबंधित।
- आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व): अग्नि से संबंधित।
- नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम): पृथ्वी से संबंधित।
- वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम): वायु से संबंधित।
उत्तर-पश्चिम दिशा को वास्तु शास्त्र में "वायु" दिशा कहा जाता है क्योंकि यह वायु तत्व से प्रभावित मानी जाती है। यह दिशा गति, परिवर्तन, और ऊर्जा के प्रवाह से संबंधित होती है।
### वास्तु शास्त्र पर महत्वपूर्ण ग्रंथ और स्रोत:
1. मयमत:
- मयमत एक प्राचीन ग्रंथ है जो वास्तु शास्त्र पर केंद्रित है और इसे ऋषि मया द्वारा लिखा गया माना जाता है। इसमें भवनों की योजना, निर्माण, कक्षों की दिशा, और स्थान के उपयोग के सिद्धांतों पर चर्चा की गई है। यह ग्रंथ दिशाओं और तत्वों के संबंध को समझने के लिए एक प्रमुख स्रोत है।
2. मानसार:
- मानसार एक और प्राचीन ग्रंथ है जो वास्तु शास्त्र पर विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान करता है। इसमें नगर नियोजन, वास्तुकला, और निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है, जिसमें इमारतों को दिशाओं के साथ संरेखित करने के सिद्धांत शामिल हैं।
3. समरांगण सूत्रधार:
- राजा भोज द्वारा रचित यह ग्रंथ भारतीय वास्तुकला पर एक महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें वास्तु शास्त्र भी शामिल है। इसमें निर्माण विज्ञान पर गहन विचार किया गया है, जिसमें दिशाओं, सामग्री, और भवन डिजाइन में अनुपात का महत्व बताया गया है।
4. विश्वकर्मा प्रकाश:
- यह एक अन्य प्राचीन ग्रंथ है जो विश्वकर्मा, हिन्दू पौराणिक कथाओं के दिव्य वास्तुकार, को समर्पित है। इसमें वास्तुकला पर व्यापक ज्ञान संकलित है, जिसमें वास्तु शास्त्र में दिशाओं और तत्वों की भूमिका पर चर्चा की गई है।
### आधुनिक व्याख्याएं और संदर्भ:
1. "Vastu Shastra: An Indian Science of Architecture" - बी. बी. पुरी:
- यह पुस्तक वास्तु शास्त्र की आधुनिक व्याख्या है। इसमें प्राचीन वास्तु सिद्धांतों को आधुनिक वास्तुकला और शहरी नियोजन में कैसे लागू किया जा सकता है, इस पर चर्चा की गई है। लेखक बी. बी. पुरी वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए प्रसिद्ध हैं।
2. "The Penguin Guide to Vaastu: The Classical Indian Science of Architecture and Design" - शशिकला अनंत:
- शशिकला अनंत एक प्रसिद्ध वास्तु सलाहकार और लेखक हैं जिन्होंने इस विषय पर विस्तृत रूप से लिखा है। उनकी पुस्तक में आधुनिक इमारतों और घरों में वास्तु सिद्धांतों को लागू करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।
3. "Vastu: The Indian Art of Placement" - रोहित आर्य:
- यह पुस्तक वास्तु शास्त्र के पारंपरिक विज्ञान और इसके आधुनिक जीवन में अनुप्रयोग का अन्वेषण करती है। इसमें वास्तु के आध्यात्मिक और दार्शनिक पहलुओं के साथ-साथ रोजमर्रा की वास्तुकला में इन सिद्धांतों के उपयोग के लिए व्यावहारिक सलाह दी गई है।
### इन स्रोतों तक कैसे पहुंचें:
- पुस्तकालय: "मयमत," "मानसार," और "समरांगण सूत्रधार" जैसे प्राचीन ग्रंथ विश्वविद्यालय पुस्तकालयों या भारतीय अध्ययन या वास्तुकला पर केंद्रित संस्थानों में मिल सकते हैं।
- ऑनलाइन प्लेटफार्म: बी. बी. पुरी और शशिकला अनंत जैसे आधुनिक लेखकों की पुस्तकें ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं जैसे अमेज़न पर खरीदी जा सकती हैं या डिजिटल पुस्तकालयों में मिल सकती हैं।
- अनुसंधान पत्र: भारतीय वास्तुकला या सांस्कृतिक अध्ययन पर आधारित पत्रिकाओं में वास्तु शास्त्र पर शोध पत्र मिलते हैं, जो ऐतिहासिक और समकालीन दृष्टिकोण दोनों का अन्वेषण करते हैं।
वास्तु शास्त्र एक प्राचीन भारतीय वास्तुकला प्रणाली है जो इमारतों को प्रकृति और ब्रह्मांड के साथ सामंजस्य में लाने पर केंद्रित है। इसका मूल सिद्धांत यह है कि भवन की डिजाइन और संरचना इसके निवासियों के स्वास्थ्य, समृद्धि, और संपूर्ण कल्याण को प्रभावित कर सकती है। वास्तु शास्त्र पंचभूत (पाँच तत्व) और दिक्पाल (दिशाओं के रक्षक) की अवधारणाओं पर आधारित है।
### वास्तु शास्त्र के मुख्य सिद्धांत:
1. पंचभूत (पाँच तत्व):
- पृथ्वी (Earth): स्थिरता और संतुलन का प्रतीक।
- जल (Water): तरलता और संचार का प्रतीक।
- अग्नि (Fire): ऊर्जा और परिवर्तन का प्रतीक।
- वायु (Air): गति और परिवर्तन का प्रतीक।
- आकाश (Space): खुलापन और विस्तार का प्रतीक।
2. दिक्पाल (दिशाओं के रक्षक):
- ईशान कोण (उत्तर-पूर्व): जल से संबंधित।
- आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व): अग्नि से संबंधित।
- नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम): पृथ्वी से संबंधित।
- वायव्य कोण (उत्तर-पश्चिम): वायु से संबंधित।
उत्तर-पश्चिम दिशा को वास्तु शास्त्र में "वायु" दिशा कहा जाता है क्योंकि यह वायु तत्व से प्रभावित मानी जाती है। यह दिशा गति, परिवर्तन, और ऊर्जा के प्रवाह से संबंधित होती है।
### वास्तु शास्त्र पर महत्वपूर्ण ग्रंथ और स्रोत:
1. मयमत:
- मयमत एक प्राचीन ग्रंथ है जो वास्तु शास्त्र पर केंद्रित है और इसे ऋषि मया द्वारा लिखा गया माना जाता है। इसमें भवनों की योजना, निर्माण, कक्षों की दिशा, और स्थान के उपयोग के सिद्धांतों पर चर्चा की गई है। यह ग्रंथ दिशाओं और तत्वों के संबंध को समझने के लिए एक प्रमुख स्रोत है।
2. मानसार:
- मानसार एक और प्राचीन ग्रंथ है जो वास्तु शास्त्र पर विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान करता है। इसमें नगर नियोजन, वास्तुकला, और निर्माण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई है, जिसमें इमारतों को दिशाओं के साथ संरेखित करने के सिद्धांत शामिल हैं।
3. समरांगण सूत्रधार:
- राजा भोज द्वारा रचित यह ग्रंथ भारतीय वास्तुकला पर एक महत्वपूर्ण कृति है, जिसमें वास्तु शास्त्र भी शामिल है। इसमें निर्माण विज्ञान पर गहन विचार किया गया है, जिसमें दिशाओं, सामग्री, और भवन डिजाइन में अनुपात का महत्व बताया गया है।
4. विश्वकर्मा प्रकाश:
- यह एक अन्य प्राचीन ग्रंथ है जो विश्वकर्मा, हिन्दू पौराणिक कथाओं के दिव्य वास्तुकार, को समर्पित है। इसमें वास्तुकला पर व्यापक ज्ञान संकलित है, जिसमें वास्तु शास्त्र में दिशाओं और तत्वों की भूमिका पर चर्चा की गई है।
### आधुनिक व्याख्याएं और संदर्भ:
1. "Vastu Shastra: An Indian Science of Architecture" - बी. बी. पुरी:
- यह पुस्तक वास्तु शास्त्र की आधुनिक व्याख्या है। इसमें प्राचीन वास्तु सिद्धांतों को आधुनिक वास्तुकला और शहरी नियोजन में कैसे लागू किया जा सकता है, इस पर चर्चा की गई है। लेखक बी. बी. पुरी वास्तु शास्त्र के क्षेत्र में अपने कार्यों के लिए प्रसिद्ध हैं।
2. "The Penguin Guide to Vaastu: The Classical Indian Science of Architecture and Design" - शशिकला अनंत:
- शशिकला अनंत एक प्रसिद्ध वास्तु सलाहकार और लेखक हैं जिन्होंने इस विषय पर विस्तृत रूप से लिखा है। उनकी पुस्तक में आधुनिक इमारतों और घरों में वास्तु सिद्धांतों को लागू करने के लिए व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।
3. "Vastu: The Indian Art of Placement" - रोहित आर्य:
- यह पुस्तक वास्तु शास्त्र के पारंपरिक विज्ञान और इसके आधुनिक जीवन में अनुप्रयोग का अन्वेषण करती है। इसमें वास्तु के आध्यात्मिक और दार्शनिक पहलुओं के साथ-साथ रोजमर्रा की वास्तुकला में इन सिद्धांतों के उपयोग के लिए व्यावहारिक सलाह दी गई है।
### इन स्रोतों तक कैसे पहुंचें:
- पुस्तकालय: "मयमत," "मानसार," और "समरांगण सूत्रधार" जैसे प्राचीन ग्रंथ विश्वविद्यालय पुस्तकालयों या भारतीय अध्ययन या वास्तुकला पर केंद्रित संस्थानों में मिल सकते हैं।
- ऑनलाइन प्लेटफार्म: बी. बी. पुरी और शशिकला अनंत जैसे आधुनिक लेखकों की पुस्तकें ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं जैसे अमेज़न पर खरीदी जा सकती हैं या डिजिटल पुस्तकालयों में मिल सकती हैं।
- अनुसंधान पत्र: भारतीय वास्तुकला या सांस्कृतिक अध्ययन पर आधारित पत्रिकाओं में वास्तु शास्त्र पर शोध पत्र मिलते हैं, जो ऐतिहासिक और समकालीन दृष्टिकोण दोनों का अन्वेषण करते हैं।
*Jho corona भूत को maanke डर फैला रहा था 2020 में उनसे तार्किक सवाल*
👇👇👇
1) *Dehli किसान Andolan में tabh corona कहा taa??? 2020-21 मे Andolan के waqt ,,और विशेषकर uss Andolan में सबसे ज्यादा बुजुर्ग ही te, तो उन्हें क्यूँ corona नहीं hua*??
2) *चुनाव रैली में किसी नेता को मास्क पहनते देखा है?? हकीकत में logh हॉस्पिटल में जाके mar रहे थे वो भी remedisivir जैसे drug trial se, jho विदेशों में बैन taa.. घर में नहीं logh नहीं मर रहे थे .....,,,*
3) *Aur Sandeep Maheshwari का video यूट्यूब ने kyun हटाया ?? Aghar यूट्यूब इतना ही सच्चा है तो legally karwaai क्यु nahi ki, वीडियो हटाया क्यु,, ये कायरों वालों का काम हुआ कि नहीं...*
4) *क्या 2020 में सिर्फ corona corona से ही मर रहे थे, tabh अन्य बीमारियों से कोई नहीं mara क्या?'* पूछता है भारत. ✍️✍️✍️G. Rajuu
👇👇👇
1) *Dehli किसान Andolan में tabh corona कहा taa??? 2020-21 मे Andolan के waqt ,,और विशेषकर uss Andolan में सबसे ज्यादा बुजुर्ग ही te, तो उन्हें क्यूँ corona नहीं hua*??
2) *चुनाव रैली में किसी नेता को मास्क पहनते देखा है?? हकीकत में logh हॉस्पिटल में जाके mar रहे थे वो भी remedisivir जैसे drug trial se, jho विदेशों में बैन taa.. घर में नहीं logh नहीं मर रहे थे .....,,,*
3) *Aur Sandeep Maheshwari का video यूट्यूब ने kyun हटाया ?? Aghar यूट्यूब इतना ही सच्चा है तो legally karwaai क्यु nahi ki, वीडियो हटाया क्यु,, ये कायरों वालों का काम हुआ कि नहीं...*
4) *क्या 2020 में सिर्फ corona corona से ही मर रहे थे, tabh अन्य बीमारियों से कोई नहीं mara क्या?'* पूछता है भारत. ✍️✍️✍️G. Rajuu
इंडीया से भारत कि ओर pinned «*Jho corona भूत को maanke डर फैला रहा था 2020 में उनसे तार्किक सवाल* 👇👇👇 1) *Dehli किसान Andolan में tabh corona कहा taa??? 2020-21 मे Andolan के waqt ,,और विशेषकर uss Andolan में सबसे ज्यादा बुजुर्ग ही te, तो उन्हें क्यूँ corona नहीं hua*?? 2) *चुनाव रैली…»
Forwarded from क्रांतिकारी
*💉💉 वैक्सीन से महिला की मौत मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिल गेट्स और सीरम इंस्टीट्यूट को भेजा नोटिस...*
_खबर -=02 सितंबर 2022.._
सोर्स -
https://www.indiatoday.in/law/story/bill-gates-serum-institute-of-india-bombay-high-court-notice-death-due-to-covishiled-vaccine-1995801-2022-09-02
https://www.hindustantimes.com/india-news/serum-institute-bill-gates-get-bombay-high-court-notice-as-petitioner-claims-vaccine-killed-his-daughter-101662165640777.html
https://www.abplive.com/news/india/bombay-hc-issues-notice-to-goi-bill-gates-and-others-over-plea-on-alleged-death-from-due-to-covishield-vaccine-dose-2206940
https://hindi.asianetnews.com/national-news/bombay-high-court-issued-notices-bill-gates-and-serum-institute-of-india-over-alleged-vaccine-death-vva-rhlbkq
_खबर -=02 सितंबर 2022.._
सोर्स -
https://www.indiatoday.in/law/story/bill-gates-serum-institute-of-india-bombay-high-court-notice-death-due-to-covishiled-vaccine-1995801-2022-09-02
https://www.hindustantimes.com/india-news/serum-institute-bill-gates-get-bombay-high-court-notice-as-petitioner-claims-vaccine-killed-his-daughter-101662165640777.html
https://www.abplive.com/news/india/bombay-hc-issues-notice-to-goi-bill-gates-and-others-over-plea-on-alleged-death-from-due-to-covishield-vaccine-dose-2206940
https://hindi.asianetnews.com/national-news/bombay-high-court-issued-notices-bill-gates-and-serum-institute-of-india-over-alleged-vaccine-death-vva-rhlbkq
India Today
Bill Gates, Serum Institute get Bombay High Court notice over alleged vaccine death
Microsoft founder Bill Gates and the Serum Institute of India were issued notices by the Bombay High Court on Friday after a petition in the court alleged that a woman died from the "side effects of Covishield vaccine".
इंडीया से भारत कि ओर pinned «*💉💉 वैक्सीन से महिला की मौत मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिल गेट्स और सीरम इंस्टीट्यूट को भेजा नोटिस...* _खबर -=02 सितंबर 2022.._ सोर्स - https://www.indiatoday.in/law/story/bill-gates-serum-institute-of-india-bombay-high-court-notice-death-due-to-covishiled…»
भिंड (मध्यप्रदेश) में टीडी वैक्सीन के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, 4 की हालत गंभीर, जिला अस्पताल में भर्ती
(नवभारत टाइम्स, 30 अगस्त 2024)
मध्यप्रदेश के भिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय स्कूल क्यारीपुरा में एक अभियान के तहत 10वीं कक्षा की छात्राओं को टेटनस-डिप्थीरिया (TD) वैक्सीन का टीका लगाया गया, जिसके बाद कुछ छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल छात्राओं को तत्काल शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
परिजनों के अनुसार वैक्सीन लगाने के बाद छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी, घबराहट आदि परेशानियां होनी शुरू हो गई. इस दौरान 6 छात्राओं की हालत जायदा खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. इस दौरान भर्ती छात्राओं में 4 की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.
चीफ़ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफ़िसर शिवराम कुशवाह ने बताया कि एक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक स्कूल में अध्यनरत बच्चों को डिप्थीरिया और टेटनिस से बचाव के लिए TD वैक्सीन लगा रहा है. इसी अभियान के तहत इन छात्राओं का टीकाकरण किया गया था.
https://navbharattimes.indiatimes.com/state/madhya-pradesh/bhind/bhind-after-td-vaccination-health-of-many-girl-students-deteriorated-condition-of-4-is-critical-admitted-in-district-hospital/articleshow/112916997.cms
भारत सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को टीडी वैक्सीन लगाने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत हर गुरुवार को मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में वैक्सीन लगाने का काम कर रही है.
दस से 16 साल की उम्र के छात्र-छात्राओं को टीके लगाए जा रहे हैं.
https://mpcg.ndtv.in/madhya-pradesh-news/school-girls-fell-ill-after-taking-td-vaccine-in-bhind-treatment-is-still-going-on-6455628
(नवभारत टाइम्स, 30 अगस्त 2024)
मध्यप्रदेश के भिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय स्कूल क्यारीपुरा में एक अभियान के तहत 10वीं कक्षा की छात्राओं को टेटनस-डिप्थीरिया (TD) वैक्सीन का टीका लगाया गया, जिसके बाद कुछ छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल छात्राओं को तत्काल शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
परिजनों के अनुसार वैक्सीन लगाने के बाद छात्राओं को पेट दर्द, उल्टी, घबराहट आदि परेशानियां होनी शुरू हो गई. इस दौरान 6 छात्राओं की हालत जायदा खराब होने पर उन्हें इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. इस दौरान भर्ती छात्राओं में 4 की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया.
चीफ़ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफ़िसर शिवराम कुशवाह ने बताया कि एक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग प्रत्येक स्कूल में अध्यनरत बच्चों को डिप्थीरिया और टेटनिस से बचाव के लिए TD वैक्सीन लगा रहा है. इसी अभियान के तहत इन छात्राओं का टीकाकरण किया गया था.
https://navbharattimes.indiatimes.com/state/madhya-pradesh/bhind/bhind-after-td-vaccination-health-of-many-girl-students-deteriorated-condition-of-4-is-critical-admitted-in-district-hospital/articleshow/112916997.cms
भारत सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को टीडी वैक्सीन लगाने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत हर गुरुवार को मध्य प्रदेश स्वास्थ्य विभाग की टीम स्कूलों में वैक्सीन लगाने का काम कर रही है.
दस से 16 साल की उम्र के छात्र-छात्राओं को टीके लगाए जा रहे हैं.
https://mpcg.ndtv.in/madhya-pradesh-news/school-girls-fell-ill-after-taking-td-vaccine-in-bhind-treatment-is-still-going-on-6455628
Navbharat Times
MP News: भिंड में टीडी वैक्सीन के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, 4 की हालत गंभीर, जिला अस्पताल में भर्ती
Bhind News: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक वैक्सीनेशन अभियान के दौरान 10वीं कक्षा की छात्राओं को टीडी वैक्सीन लगाई गई, जिसके बाद कुछ छात्राओं की तबीयत खराब हो गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां उनका इलाज जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार अब…
बनारस में BHU की छात्रा के साथ गैंगरेप करने वाले BJP IT Cell के दो पदाधिकारी जेल से छूट गए हैं।
खबरों के मुताबिक, जब ये जेल से बाहर आए तो जश्न मनाया गया और धूमधाम से इनका स्वागत किया गया।
सनद रहे- गैंगरेप करने के बाद BJP IT Cell के इन पदाधिकारियों को मध्य प्रदेश में BJP का प्रचार करने के लिए भेज दिया गया था और वहां ये ‘मोदी की गारंटी’ को घर-घर बांट रहे थे।
सब जानते हैं कि गैंगरेप करने वाले BJP IT Cell के ये पदाधिकारी अपनी पार्टी में बड़ा कद रखते हैं। इनकी तस्वीरें मोदी-योगी, जेपी नड्डा और BJP के बड़े नेताओं के साथ मौजूद है।
ये पूरी घटना नरेंद्र मोदी और BJP के कथित 'महिला सुरक्षा' के ढोंग का पर्दाफाश करती है।
मोदी-योगी के साथ गैंगरेप के आरोपियों की तस्वीर 👆🏻
*सौजन्य से INC*
खबरों के मुताबिक, जब ये जेल से बाहर आए तो जश्न मनाया गया और धूमधाम से इनका स्वागत किया गया।
सनद रहे- गैंगरेप करने के बाद BJP IT Cell के इन पदाधिकारियों को मध्य प्रदेश में BJP का प्रचार करने के लिए भेज दिया गया था और वहां ये ‘मोदी की गारंटी’ को घर-घर बांट रहे थे।
सब जानते हैं कि गैंगरेप करने वाले BJP IT Cell के ये पदाधिकारी अपनी पार्टी में बड़ा कद रखते हैं। इनकी तस्वीरें मोदी-योगी, जेपी नड्डा और BJP के बड़े नेताओं के साथ मौजूद है।
ये पूरी घटना नरेंद्र मोदी और BJP के कथित 'महिला सुरक्षा' के ढोंग का पर्दाफाश करती है।
मोदी-योगी के साथ गैंगरेप के आरोपियों की तस्वीर 👆🏻
*सौजन्य से INC*
"कोरोना के टीके से चलते-फिरते मर रहे लोग": झारखंड मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
(नवभारत टाइम्स, 04 सितंबर 2024)
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने कोरोना के दौरान देश में करोड़ों लोगों को ऐसा टीका लगाया, जिसका दुष्प्रभाव साफ दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि आज चलते-फिरते लोगों की मौत हो रही है। बुजुर्गों को तो छोड़िए, स्वस्थ युवा भी देखते-देखते मौत का शिकार हो रहे हैं।
https://navbharattimes.indiatimes.com/state/jharkhand/ranchi/people-are-dying-while-walking-due-to-corona-vaccine-hemant-soren-started-covid-era-politics-in-jharkhand/articleshow/113071964.cms
(नवभारत टाइम्स, 04 सितंबर 2024)
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने कोरोना के दौरान देश में करोड़ों लोगों को ऐसा टीका लगाया, जिसका दुष्प्रभाव साफ दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि आज चलते-फिरते लोगों की मौत हो रही है। बुजुर्गों को तो छोड़िए, स्वस्थ युवा भी देखते-देखते मौत का शिकार हो रहे हैं।
https://navbharattimes.indiatimes.com/state/jharkhand/ranchi/people-are-dying-while-walking-due-to-corona-vaccine-hemant-soren-started-covid-era-politics-in-jharkhand/articleshow/113071964.cms
Navbharat Times
Jharkhand Politics: 'कोरोना के टीका से चलते-फिरते मर रहे लोग', झारखंड में हेमंत सोरेन ने शुरू किया कोविड काल सियासत
Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कोविड काल की सियासत शुरू की है। उन्होंने एक कार्यक्रम में केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि कोरोना के लिए ऐसा टीका दिया गया कि लोग चलते-फिरते मौत के शिकार हो रहे हैं। हेमंत सोरेन के इस बयान से राज्य की सियासत…
दिल्ली में आयरन की गोली खाकर बच्चे बीमार
(आज तक, 18 जुलाई 2013)
https://tinyurl.com/6setjh7w
देहरादून (उत्तराखंड) में आयरन की गोलियां खाकर बच्चे हुए बीमार
(अमर उजाला, 19 जुलाई 2013)
https://tinyurl.com/54n9wdea
गुड़गांव (हरियाणा) में आयरन की गोली खाने से बीमार हुए डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चे
(जागरण, 23 जुलाई 2013)
https://tinyurl.com/mt58bcxj
मथुरा (उत्तर प्रदेश) में आयरन की गोलियां खाने से दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार
(नवभारत टाइम्स, 16 सितंबर 2013)
https://tinyurl.com/3uvpmduw
रायपुर (छत्तीसगढ़): स्कूलों में आयरन की गोली खाकर बीमार हो रहे बच्चे
(दैनिक भास्कर, 2014)
"स्कूल के संकुल समन्वयक का कहना है कि सालभर से ऐसी शिकायत मिल रही है. बच्चे दवा खाने से मना कर रहे थे. इसके बाद भी जबरदस्ती दवा खिलाई जा रही थी."
https://tinyurl.com/hh2xcc5m
मेरठ (उत्तर प्रदेश) में आयरन की गोली खाने से बीमार बच्चों की संख्या हुई 100
(News18, Sep 18, 2015)
https://tinyurl.com/3d7dhf4j
रतलाम (मध्य प्रदेश) में आयरन की दवा पीने के बाद 14 बच्चे बीमार
(नई दुनिया, 29 मई 2016)
https://tinyurl.com/yvyvr2c8
महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) में आयरन की गोली खाने से 24 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती
(NDTV, 01अगस्त 2017)
https://tinyurl.com/yypjj9j3
मुंबई के स्कूल में आयरन की गोली से 247 छात्र बीमार, एक बच्ची की मौत, चार की हालत चिंताजनक
(स्वदेश, 10 अगस्त 2018)
https://tinyurl.com/4rk64m5s
हल्द्वानी (उत्तराखंड) में आयरन की गोली खाने के बाद 40 से अधिक बच्चे बीमार
(जागरण, 05 फ़रवरी 2019)
https://tinyurl.com/38669tpp
खंडवा (मध्य प्रदेश) में आयरन की गोली खाने से 40 बच्चे बीमार
(IBC24, साल 2019)
https://tinyurl.com/2casa7t7
असम: आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां खाने से 50 स्टूडेंट्स बीमार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
(आज तक, 27 नवंबर 2022)
https://tinyurl.com/4vsn4yw7
बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) में आयरन की गोली खाने के बाद 41 बच्चे बीमार, इलाज जारी
(OneIndia, 15 फ़रवरी 2023)
https://tinyurl.com/mr3m6cka
गोपालगंज (बिहार) में सरकारी स्कूल में खिलाई गई आयरन की गोली, 18 बच्चों की तबीयत बिगड़ी
(एबीपी, 08 फ़रवरी 2024)
https://tinyurl.com/ymfmwm43
बगहा (बिहार) में आयरन की गोली खाने से बीमार हुए स्कूली बच्चे
(News18, July 27, 2024)
https://tinyurl.com/47f3kbak
(आज तक, 18 जुलाई 2013)
https://tinyurl.com/6setjh7w
देहरादून (उत्तराखंड) में आयरन की गोलियां खाकर बच्चे हुए बीमार
(अमर उजाला, 19 जुलाई 2013)
https://tinyurl.com/54n9wdea
गुड़गांव (हरियाणा) में आयरन की गोली खाने से बीमार हुए डेढ़ सौ से ज्यादा बच्चे
(जागरण, 23 जुलाई 2013)
https://tinyurl.com/mt58bcxj
मथुरा (उत्तर प्रदेश) में आयरन की गोलियां खाने से दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार
(नवभारत टाइम्स, 16 सितंबर 2013)
https://tinyurl.com/3uvpmduw
रायपुर (छत्तीसगढ़): स्कूलों में आयरन की गोली खाकर बीमार हो रहे बच्चे
(दैनिक भास्कर, 2014)
"स्कूल के संकुल समन्वयक का कहना है कि सालभर से ऐसी शिकायत मिल रही है. बच्चे दवा खाने से मना कर रहे थे. इसके बाद भी जबरदस्ती दवा खिलाई जा रही थी."
https://tinyurl.com/hh2xcc5m
मेरठ (उत्तर प्रदेश) में आयरन की गोली खाने से बीमार बच्चों की संख्या हुई 100
(News18, Sep 18, 2015)
https://tinyurl.com/3d7dhf4j
रतलाम (मध्य प्रदेश) में आयरन की दवा पीने के बाद 14 बच्चे बीमार
(नई दुनिया, 29 मई 2016)
https://tinyurl.com/yvyvr2c8
महाराजगंज (उत्तर प्रदेश) में आयरन की गोली खाने से 24 बच्चे बीमार, अस्पताल में भर्ती
(NDTV, 01अगस्त 2017)
https://tinyurl.com/yypjj9j3
मुंबई के स्कूल में आयरन की गोली से 247 छात्र बीमार, एक बच्ची की मौत, चार की हालत चिंताजनक
(स्वदेश, 10 अगस्त 2018)
https://tinyurl.com/4rk64m5s
हल्द्वानी (उत्तराखंड) में आयरन की गोली खाने के बाद 40 से अधिक बच्चे बीमार
(जागरण, 05 फ़रवरी 2019)
https://tinyurl.com/38669tpp
खंडवा (मध्य प्रदेश) में आयरन की गोली खाने से 40 बच्चे बीमार
(IBC24, साल 2019)
https://tinyurl.com/2casa7t7
असम: आयरन फॉलिक एसिड की गोलियां खाने से 50 स्टूडेंट्स बीमार, उल्टी और पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती
(आज तक, 27 नवंबर 2022)
https://tinyurl.com/4vsn4yw7
बुरहानपुर (मध्य प्रदेश) में आयरन की गोली खाने के बाद 41 बच्चे बीमार, इलाज जारी
(OneIndia, 15 फ़रवरी 2023)
https://tinyurl.com/mr3m6cka
गोपालगंज (बिहार) में सरकारी स्कूल में खिलाई गई आयरन की गोली, 18 बच्चों की तबीयत बिगड़ी
(एबीपी, 08 फ़रवरी 2024)
https://tinyurl.com/ymfmwm43
बगहा (बिहार) में आयरन की गोली खाने से बीमार हुए स्कूली बच्चे
(News18, July 27, 2024)
https://tinyurl.com/47f3kbak
आज तक
दिल्ली में आयरन की गोली खाकर बच्चे बीमार
बिहार के जानलेवा मिड-डे मील कांड की तपिश अभी ठंडी भी नहीं पड़ी कि राजधानी दिल्ली में कुछ इसी तरह का हादसा सामने आ गया. दिल्ली में आयरन की गोली खाने से दर्जनों बच्चे बीमार पड़ गए.
इंडीया से भारत कि ओर pinned «भिंड (मध्यप्रदेश) में टीडी वैक्सीन के बाद कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ी, 4 की हालत गंभीर, जिला अस्पताल में भर्ती (नवभारत टाइम्स, 30 अगस्त 2024) मध्यप्रदेश के भिंड जिले के सुरपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शासकीय स्कूल क्यारीपुरा में एक अभियान के तहत…»
Forwarded from श्री राजीव दीक्षित जी RDX
Media is too big
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We Went Inside Indian Dairy Farms (with Hidden Cameras) 😳(720P_HD)