UPSC CSE (Civil Services Examination) 2025 Prelims Admit Card Out
Get ready everyone, make best out of these last 12 days!
https://upsconline.gov.in/eadmitcard/admitcard_csp_2025/admit_card.php#hhh1
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सरकार ने अब यह अनिवार्य कर दिया है कि देश में सभी कानूनी, व्यावसायिक, डिजिटल और प्रशासनिक कामों में सिर्फ Indian Standard Time (IST) का ही इस्तेमाल होगा। इसका मतलब है कि अब कोई भी दूसरा टाइम रेफरेंस (जैसे विदेशी समय) बिना अनुमति के इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा — सब कुछ IST के अनुसार ही चलेगा।
इससे डिजिटल लेन-देन, बिलिंग, ट्रांसपोर्ट, और कम्युनिकेशन जैसी चीज़ों में एकरूपता, सुरक्षा और सटीकता आएगी, और भारत विदेशी टाइम सोर्सेज़ पर निर्भर नहीं रहेगा।
क्या आपको लगता है कि इससे आपके रोज़मर्रा के कामों में कोई फर्क पड़ेगा? ⏰
इससे डिजिटल लेन-देन, बिलिंग, ट्रांसपोर्ट, और कम्युनिकेशन जैसी चीज़ों में एकरूपता, सुरक्षा और सटीकता आएगी, और भारत विदेशी टाइम सोर्सेज़ पर निर्भर नहीं रहेगा।
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UPSC ने ‘UPSC PRATIBHA सेतु’ लॉन्च किया - UPSC उम्मीदवारों के लिए परीक्षा से आगे बढ़ने का एक दूसरा मार्ग।
UPSC PRATIBHA सेतु (PRATIBHA का मतलब है, प्रोफेशनल रिसोर्स एंड टैलेंट इंटीग्रेशन - हायरिंग एस्पिरेंट्स के लिए पुल), जिसे पहले सार्वजनिक सूचना योजना (PDS) के रूप में जाना जाता था, एक रणनीतिक पहल है जो प्रमाणित नियोक्ताओं को - मंत्रालयों, PSU, स्वायत्त निकायों और निजी संगठनों सहित - गैर-सिफारिशित इच्छुक उम्मीदवारों के विवरण तक पहुंचने की अनुमति देती है, जिन्होंने UPSC परीक्षा के सभी स्तरों को पास किया लेकिन अंतिम मेरिट सूची में नहीं हैं। @Kevalhindi 🦚
UPSC PRATIBHA सेतु (PRATIBHA का मतलब है, प्रोफेशनल रिसोर्स एंड टैलेंट इंटीग्रेशन - हायरिंग एस्पिरेंट्स के लिए पुल), जिसे पहले सार्वजनिक सूचना योजना (PDS) के रूप में जाना जाता था, एक रणनीतिक पहल है जो प्रमाणित नियोक्ताओं को - मंत्रालयों, PSU, स्वायत्त निकायों और निजी संगठनों सहित - गैर-सिफारिशित इच्छुक उम्मीदवारों के विवरण तक पहुंचने की अनुमति देती है, जिन्होंने UPSC परीक्षा के सभी स्तरों को पास किया लेकिन अंतिम मेरिट सूची में नहीं हैं। @Kevalhindi 🦚
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UPSC हिंदी माध्यम 🦚
https://news24online.com/india/papa-aap-kaun-se-collector-ban-gaye-the-17-year-old-girl-beaten-to-death-by-headmaster-father-over-low-neet-marks/592186/
साधना भोसले, सांगली की एक होनहार छात्रा, जिसने दसवीं में 92% अंक हासिल किए थे। उसका सपना था डॉक्टर बनने का और वह NEET की तैयारी कर रही थी।
उसके पिता, धोंदिराम भोसले, जो एक स्कूल के प्रिंसिपल हैं, अक्सर पढ़ाई को लेकर उस पर मानसिक अत्याचार करते थे। “ये नंबर बहुत कम हैं, वो सब्जेक्ट कमजोर है, अगर सिलेक्ट नहीं हुई तो देख लेना”, ऐसी बातें आम थीं।
कल साधना ने एक NEET मॉक टेस्ट में अपेक्षाकृत कम अंक पाए, जिससे उसके पिता भड़क गए। उन्होंने चिल्लाना और मारना शुरू कर दिया। थकी हुई साधना ने भी जवाब दिया, “बस करो पापा। आपके भी तो कम नंबर आए थे। आप कौन से कलेक्टर बन गए?”
ये बात उसके असुरक्षित पिता की नाजुक ईगो को चुभ गई। उन्होंने पिसाई के पत्थर का लकड़ी का हैंडल उठाया और अपनी बेटी पर हमला कर दिया, अपनी पत्नी और बेटे के सामने, जब तक वो गिर नहीं गई। बाद में अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
जो माता-पिता बच्चों पर पढ़ाई को लेकर शारीरिक या मानसिक अत्याचार करते हैं, वे राक्षस हैं। बच्चे आपकी फिक्स्ड डिपॉजिट, रिटायरमेंट प्लान या जीवन की दूसरी कोशिश नहीं हैं। वे अपनी खुद की इच्छाओं, सीमाओं और भावनात्मक ज़रूरतों वाले इंसान हैं। उन्हें अपनी असफलताओं का प्रोजेक्ट समझकर मत चलाओ। ऐसे ही माता-पिता कोटा जैसे शहरों में बच्चों को आत्महत्या की कगार पर पहुँचा देते हैं, जहाँ पहले ही दबाव बहुत है। अगर आप में अपने बच्चों को सफलता और असफलता में संभालने की समझदारी नहीं है, तो आपको बच्चे पैदा करने का कोई हक नहीं है। सिर्फ जीवन बर्बाद करने के लिए बच्चे मत पैदा करो।
— द स्किन डॉक्टर
उसके पिता, धोंदिराम भोसले, जो एक स्कूल के प्रिंसिपल हैं, अक्सर पढ़ाई को लेकर उस पर मानसिक अत्याचार करते थे। “ये नंबर बहुत कम हैं, वो सब्जेक्ट कमजोर है, अगर सिलेक्ट नहीं हुई तो देख लेना”, ऐसी बातें आम थीं।
कल साधना ने एक NEET मॉक टेस्ट में अपेक्षाकृत कम अंक पाए, जिससे उसके पिता भड़क गए। उन्होंने चिल्लाना और मारना शुरू कर दिया। थकी हुई साधना ने भी जवाब दिया, “बस करो पापा। आपके भी तो कम नंबर आए थे। आप कौन से कलेक्टर बन गए?”
ये बात उसके असुरक्षित पिता की नाजुक ईगो को चुभ गई। उन्होंने पिसाई के पत्थर का लकड़ी का हैंडल उठाया और अपनी बेटी पर हमला कर दिया, अपनी पत्नी और बेटे के सामने, जब तक वो गिर नहीं गई। बाद में अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
जो माता-पिता बच्चों पर पढ़ाई को लेकर शारीरिक या मानसिक अत्याचार करते हैं, वे राक्षस हैं। बच्चे आपकी फिक्स्ड डिपॉजिट, रिटायरमेंट प्लान या जीवन की दूसरी कोशिश नहीं हैं। वे अपनी खुद की इच्छाओं, सीमाओं और भावनात्मक ज़रूरतों वाले इंसान हैं। उन्हें अपनी असफलताओं का प्रोजेक्ट समझकर मत चलाओ। ऐसे ही माता-पिता कोटा जैसे शहरों में बच्चों को आत्महत्या की कगार पर पहुँचा देते हैं, जहाँ पहले ही दबाव बहुत है। अगर आप में अपने बच्चों को सफलता और असफलता में संभालने की समझदारी नहीं है, तो आपको बच्चे पैदा करने का कोई हक नहीं है। सिर्फ जीवन बर्बाद करने के लिए बच्चे मत पैदा करो।
— द स्किन डॉक्टर
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मुख्य बिंदु: चीन ने भारत को स्पेशलिटी फर्टिलाइज़र (विशेष उर्वरक) की आपूर्ति रोक दी है, जिससे भारत की कृषि पर असर पड़ सकता है क्योंकि भारत 80% ऐसे उर्वरक चीन से आयात करता है। इस वजह से भारत को अब वैकल्पिक स्रोतों की तलाश और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की ज़रूरत है। 🌾
#Mains @kevalHindi 🦚
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Flash flood fury in Dharamshala after cloudburst in Himachal Pradesh @KevalHindi 🦚
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एक्सिओम-4 सफलतापूर्वक अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर पहुंच गया है। @KevalHindi 🦚
AXIOM-4 मिशन: अपडेट
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रच दिया है—वो कर्मन लाइन पार करने वाले दूसरे भारतीय बने हैं, स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा के बाद। अब वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर काम करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री भी बन गए हैं।
कल लॉन्च के बाद से अब तक ये हुआ:
⦁ ड्रैगन कैप्सूल "Grace" ने Falcon 9 से लॉन्च के नौ मिनट बाद अलग होकर 27,000 किमी/घंटा की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा शुरू की।
⦁ नोज़ कोन (nose cone) डिप्लॉय हुआ।
⦁ नेविगेशन इंस्ट्रूमेंट्स और डॉकिंग सेंसर्स एक्टिवेट हुए, जिससे स्पेसक्राफ्ट ने ISS की ओर सटीक पीछा शुरू किया।
⦁ कैप्सूल ने सफलतापूर्वक ISS से डॉकिंग कर ली।
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रच दिया है—वो कर्मन लाइन पार करने वाले दूसरे भारतीय बने हैं, स्क्वाड्रन लीडर राकेश शर्मा के बाद। अब वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर काम करने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री भी बन गए हैं।
कल लॉन्च के बाद से अब तक ये हुआ:
⦁ ड्रैगन कैप्सूल "Grace" ने Falcon 9 से लॉन्च के नौ मिनट बाद अलग होकर 27,000 किमी/घंटा की रफ्तार से पृथ्वी की परिक्रमा शुरू की।
⦁ नोज़ कोन (nose cone) डिप्लॉय हुआ।
⦁ नेविगेशन इंस्ट्रूमेंट्स और डॉकिंग सेंसर्स एक्टिवेट हुए, जिससे स्पेसक्राफ्ट ने ISS की ओर सटीक पीछा शुरू किया।
⦁ कैप्सूल ने सफलतापूर्वक ISS से डॉकिंग कर ली।
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UPSC हिंदी माध्यम 🦚
https://thefederal.com/category/states/south/karnataka/discrimination-against-dalit-women-many-parts-rural-karnatakas-anganwadis-schools-193734
यह घटना UPSC CSE Ethics के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें सामाजिक न्याय, समानता, संवैधानिक मूल्य और नैतिक नेतृत्व के कई पहलू हैं:
⦁ समानता और सामाजिक न्याय: संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 के तहत जातीय भेदभाव प्रतिबंधित है, फिर भी ग्रामीण कर्नाटक में दलित महिलाओं के खिलाफ भेदभाव जारी है।
⦁ नैतिक साहस और नेतृत्व: दलित महिला को कुक के रूप में नियुक्त करना प्रशासनिक नैतिकता और साहस का उदाहरण है, लेकिन सामुदायिक बहिष्कार से पता चलता है कि सामाजिक सुधार के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना भी जरूरी है।
⦁ सामूहिक नैतिक विफलता: बच्चों को स्कूल से निकालना, केवल जाति के आधार पर, सामूहिक नैतिक पतन और संस्थागत उपेक्षा को दर्शाता है।
⦁ नैतिक दुविधा: अधिकारी और शिक्षक सामाजिक दबाव और संवैधानिक कर्तव्यों के बीच फंसे रहते हैं—यह प्रशासनिक नैतिकता में एक क्लासिक dilemma है।
⦁ Empathy और Inclusion: ऐसी घटनाएँ empathy, inclusiveness और dignity of individual जैसे मूल्यों की आवश्यकता को उजागर करती हैं। #Ethics #Mains @KevalHindi 🦚
⦁ समानता और सामाजिक न्याय: संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 17 के तहत जातीय भेदभाव प्रतिबंधित है, फिर भी ग्रामीण कर्नाटक में दलित महिलाओं के खिलाफ भेदभाव जारी है।
⦁ नैतिक साहस और नेतृत्व: दलित महिला को कुक के रूप में नियुक्त करना प्रशासनिक नैतिकता और साहस का उदाहरण है, लेकिन सामुदायिक बहिष्कार से पता चलता है कि सामाजिक सुधार के लिए केवल कानून पर्याप्त नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना भी जरूरी है।
⦁ सामूहिक नैतिक विफलता: बच्चों को स्कूल से निकालना, केवल जाति के आधार पर, सामूहिक नैतिक पतन और संस्थागत उपेक्षा को दर्शाता है।
⦁ नैतिक दुविधा: अधिकारी और शिक्षक सामाजिक दबाव और संवैधानिक कर्तव्यों के बीच फंसे रहते हैं—यह प्रशासनिक नैतिकता में एक क्लासिक dilemma है।
⦁ Empathy और Inclusion: ऐसी घटनाएँ empathy, inclusiveness और dignity of individual जैसे मूल्यों की आवश्यकता को उजागर करती हैं। #Ethics #Mains @KevalHindi 🦚
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