UPSC हिंदी माध्यम 🦚
https://indianexpress.com/article/india/india-successfully-test-fires-agni-5-ballistic-missile-from-odisha-10200970/ #misc
भारत ने 20 अगस्त 2025 को उड़ीसा के चांदीपुर से अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण को स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड के तहत किया गया, जिसमें मिसाइल ने सभी तकनीकी और ऑपरेशनल मानकों को पूरा किया, जो भारत की रणनीतिक रक्षा क्षमता को मजबूत करता है। 🚀
👍7❤6👏2
आवृतं ज्ञानमेतेन ज्ञानिनो नित्यवैरिणा।
कामरूपेण कौन्तेय दुष्पूरेणानलेन च॥
कामरूपेण कौन्तेय दुष्पूरेणानलेन च॥
❤7👍3
🔵 World Lake Day
विश्व झील दिवस हर वर्ष 27 अगस्त को मनाया जाता है—यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2024 में घोषित किया गया था और पहली बार 2025 में वैश्विक स्तर पर मनाया गया।
विश्व झील दिवस हर वर्ष 27 अगस्त को मनाया जाता है—यह संयुक्त राष्ट्र द्वारा 2024 में घोषित किया गया था और पहली बार 2025 में वैश्विक स्तर पर मनाया गया।
इस दिवस का उद्देश्य झीलों के पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण, प्रबंधन व पुनर्स्थापन के लिए वैश्विक जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ाना है।
• झीलें हमारे ताजे पानी का करीब 90% स्रोत हैं—पीने, सिंचाई, उद्योग और स्वच्छता के लिए जरूरी।
• ये जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं: मछलियों, उभयचरों, पौधों, प्रवासी पक्षियों व वन्यजीवों का घर।
• जलवायु विनियमन में इनकी अहम भूमिका है: ये कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करती हैं, गर्मी कम करने और बाढ़ रोकने में सहायक हैं।
• झीलों से मछलीपालन, पर्यटन, आजीविका, संस्कृति एवं मनोरंजन को बढ़ावा मिलता है।
आज झीलें प्रदूषण, अतिक्रमण, अत्यधिक दोहन, जलवायु परिवर्तन जैसे संकटों का सामना कर रही हैं।
"इंटीग्रेटेड लैंटिक-लॉटिक बेजिन मैनेजमेंट" (ILLBM) जैसे वैज्ञानिक और नीति-आधारित प्रयासों की आवश्यकता है।
यह दिवस सतत विकास लक्ष्य (SDGs), विशेषकर SDG 6 (साफ जल और स्वच्छता) और SDG 14 (पानी के नीचे जीवन) की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है।
❤3👍3🔥1
UPSC हिंदी माध्यम 🦚 pinned «आवृतं ज्ञानमेतेन ज्ञानिनो नित्यवैरिणा। कामरूपेण कौन्तेय दुष्पूरेणानलेन च॥»
#SnT Article @KevalHindi 🦚
समुंद्रयान परियोजना के प्रमुख बिंदु
समुंद्रयान परियोजना के प्रमुख बिंदु
"समुंद्रयान" भारत की गहरी समुद्री अन्वेषण से जुड़ी पहली मानवरहित मिशन परियोजना है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का विकास करना है
इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य समुद्र की 6000 मीटर (6 किमी) गहराई तक मानवयुक्त पनडुब्बी (Matsya-6000) की सहायता से अन्वेषण करना है
गहरे समुद्र में खनिज पदार्थों (पॉलीमेटेलिक नोड्यूल्स, कोबाल्ट, निकल, मैंगनीज आदि) के अन्वेषण और ऊर्जा तथा समुद्री जैव विविधता का अध्ययन इसके अंतर्गत किया जाएगा
समुद्री संसाधनों की खोज के लिए भारत, अन्य वैश्विक महासागर अन्वेषण राष्ट्रों जैसे अमेरिका, रूस, चीन, जापान और फ्रांस की पंक्ति में शामिल होगा
Matsya-6000 नामक पनडुब्बी तीन लोगों के लिए डिज़ाइन की गई है और यह 72 घंटे तक स्वतंत्र रूप से समुद्र में रह सकती है, अगर इमरजेंसी हो जाए तो 96 घंटे तक जीवित रहने की सुविधा है
इसमें 80 मिमी मोटी टाइटेनियम स्फियर है, जो समुद्र की उच्च दाब को सहन कर सकती है
समुंद्रयान परियोजना का लाभ है कि भारत की ब्लू इकोनॉमी को सशक्त किया जा सकेगा और वैज्ञानिक अनुसंधान को बल मिलेगा
❤2
संरक्षित क्षेत्रों के साथ संयुक्त ईएसजेड भारत के कुल भूमि क्षेत्र के 8.66% (of Ecosensitive zones+ Protected Areas ) से अधिक क्षेत्र को कवर करते हैं l
Source - https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2107821
#data
Source - https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2107821
#data
🔥2❤1