HAM Radio Communication
#SnT
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https://indianexpress.com/article/explained/explained-sci-tech/shubhanshu-shukla-ham-radio-communication-10106016/
⦁ हैम रेडियो एक लाइसेंस प्राप्त सेवा है, जिसका उपयोग व्यक्तिगत, शौकिया और आपातकालीन संचार के लिए किया जाता है—यहाँ तक कि अंतरिक्ष में भी।
⦁ इसमें रेडियो वेव, ट्रांसीवर और एंटीना का इस्तेमाल कर दो लाइसेंसधारी ऑपरेटर कहीं से भी—लोकल, ग्लोबल या अंतरिक्ष (जैसे ISS)—बात कर सकते हैं।
⦁ भारत में 12 साल से ऊपर कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय से लाइसेंस ले सकता है।
⦁ अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भी हैम रेडियो (ARISS) है, जिससे एस्ट्रोनॉट्स जैसे शुभांशु शुक्ला छात्रों से जुड़ते हैं और STEM में रुचि बढ़ाते हैं।
⦁ हैम रेडियो का पहली बार स्पेस में इस्तेमाल 1983 में हुआ था और यह आपदाओं (भूकंप, बाढ़, सुनामी) के समय बहुत भरोसेमंद साबित हुआ है।
⦁ ISS से संपर्क करने का समय आमतौर पर 5-8 मिनट का होता है, जब वह पृथ्वी की कक्षा में घूमता है।
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⦁ हैम रेडियो एक लाइसेंस प्राप्त सेवा है, जिसका उपयोग व्यक्तिगत, शौकिया और आपातकालीन संचार के लिए किया जाता है—यहाँ तक कि अंतरिक्ष में भी।
⦁ इसमें रेडियो वेव, ट्रांसीवर और एंटीना का इस्तेमाल कर दो लाइसेंसधारी ऑपरेटर कहीं से भी—लोकल, ग्लोबल या अंतरिक्ष (जैसे ISS)—बात कर सकते हैं।
⦁ भारत में 12 साल से ऊपर कोई भी व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय से लाइसेंस ले सकता है।
⦁ अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भी हैम रेडियो (ARISS) है, जिससे एस्ट्रोनॉट्स जैसे शुभांशु शुक्ला छात्रों से जुड़ते हैं और STEM में रुचि बढ़ाते हैं।
⦁ हैम रेडियो का पहली बार स्पेस में इस्तेमाल 1983 में हुआ था और यह आपदाओं (भूकंप, बाढ़, सुनामी) के समय बहुत भरोसेमंद साबित हुआ है।
⦁ ISS से संपर्क करने का समय आमतौर पर 5-8 मिनट का होता है, जब वह पृथ्वी की कक्षा में घूमता है।
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Rubin observatory in Chile #SnT
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https://indianexpress.com/article/explained/explained-sci-tech/explained-its-eye-on-dark-mysteries-rubin-will-reveal-the-cosmos-like-never-before-10112490/
UPSC के लिए Rubin Observatory
⦁ स्थान व उद्देश्य: वेरा सी. रुबिन ऑब्जर्वेटरी चिली के एंडीज़ पर्वतों में स्थित है, जो ब्रह्मांड के रहस्यों (डार्क मैटर, डार्क एनर्जी, मिल्की वे की संरचना, सौर मंडल की खोज) को उजागर करने के लिए बनाई गई है।
⦁ तकनीकी विशेषताएँ: इसमें दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा (3,200 मेगापिक्सल) है, जो 40 पूर्ण चंद्रमाओं जितना बड़ा आकाश एक साथ देख सकता है। इसकी तीन-दर्पण डिजाइन और तेज़ मूवमेंट इसे अनूठा बनाती है।
⦁ कार्यशैली: यह हर रात 20 टेराबाइट डेटा इकट्ठा करेगा, 10 साल तक पूरे दक्षिणी गोलार्ध के आकाश को स्कैन करेगा, और हर बदलाव पर 1 करोड़ अलर्ट जनरेट करेगा।
⦁ महत्त्व: इससे डार्क मैटर/एनर्जी की समझ बढ़ेगी, लाखों नए क्षुद्रग्रह और धूमकेतु मिलेंगे, और ब्रह्मांड का सबसे विस्तृत टाइम-लैप्स मैप बनेगा।
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UPSC के लिए Rubin Observatory
⦁ स्थान व उद्देश्य: वेरा सी. रुबिन ऑब्जर्वेटरी चिली के एंडीज़ पर्वतों में स्थित है, जो ब्रह्मांड के रहस्यों (डार्क मैटर, डार्क एनर्जी, मिल्की वे की संरचना, सौर मंडल की खोज) को उजागर करने के लिए बनाई गई है।
⦁ तकनीकी विशेषताएँ: इसमें दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा (3,200 मेगापिक्सल) है, जो 40 पूर्ण चंद्रमाओं जितना बड़ा आकाश एक साथ देख सकता है। इसकी तीन-दर्पण डिजाइन और तेज़ मूवमेंट इसे अनूठा बनाती है।
⦁ कार्यशैली: यह हर रात 20 टेराबाइट डेटा इकट्ठा करेगा, 10 साल तक पूरे दक्षिणी गोलार्ध के आकाश को स्कैन करेगा, और हर बदलाव पर 1 करोड़ अलर्ट जनरेट करेगा।
⦁ महत्त्व: इससे डार्क मैटर/एनर्जी की समझ बढ़ेगी, लाखों नए क्षुद्रग्रह और धूमकेतु मिलेंगे, और ब्रह्मांड का सबसे विस्तृत टाइम-लैप्स मैप बनेगा।
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#prelims #snt
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की एयर डिफेंस को चकमा देने के लिए 30 किलो का AI-पावर्ड डिकॉय X-Guard इस्तेमाल किया। यह डिकॉय राफेल जेट के पीछे फाइबर-ऑप्टिक केबल से जुड़ा रहता है और ऐसे सिग्नल भेजता है कि दुश्मन के रडार और मिसाइल उसे असली विमान समझ लेते हैं—इससे पाकिस्तान को लगा कि उसने राफेल गिरा दिया, जबकि असल में सिर्फ डिकॉय नष्ट हुआ।
एक पूर्व अमेरिकी F-16 पायलट ने इसे "अब तक की सबसे बेहतरीन धोखाधड़ी" कहा, क्योंकि इसने एडवांस्ड चीनी रडार और मिसाइलों को भी पूरी तरह से गुमराह कर दिया, पायलट्स को सुरक्षित रखा और मिशन के बाद फिर से इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में बड़ा गेमचेंजर है! 😎
क्या आप जानना चाहेंगे कि X-Guard पुराने डिकॉय सिस्टम्स से कैसे अलग है?
हां 👍🏻
नहीं ♥️
यही काफ़ी है भैया 😄
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की एयर डिफेंस को चकमा देने के लिए 30 किलो का AI-पावर्ड डिकॉय X-Guard इस्तेमाल किया। यह डिकॉय राफेल जेट के पीछे फाइबर-ऑप्टिक केबल से जुड़ा रहता है और ऐसे सिग्नल भेजता है कि दुश्मन के रडार और मिसाइल उसे असली विमान समझ लेते हैं—इससे पाकिस्तान को लगा कि उसने राफेल गिरा दिया, जबकि असल में सिर्फ डिकॉय नष्ट हुआ।
एक पूर्व अमेरिकी F-16 पायलट ने इसे "अब तक की सबसे बेहतरीन धोखाधड़ी" कहा, क्योंकि इसने एडवांस्ड चीनी रडार और मिसाइलों को भी पूरी तरह से गुमराह कर दिया, पायलट्स को सुरक्षित रखा और मिशन के बाद फिर से इस्तेमाल भी किया जा सकता है। यह इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में बड़ा गेमचेंजर है! 😎
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Approved semiconductor units under Indian Semiconductor Mission #SnT
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भारत सरकार ने India Semiconductor Mission (ISM) के तहत 4 नए सेमीकंडक्टर उत्पादन यूनिट्स को मंजूरी दी है, जिससे कुल मंजूर परियोजनाओं की संख्या 10 हो गई है।
⦁ इन परियोजनाओं में लगभग ₹1.60 लाख करोड़ का निवेश शामिल है, जो भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को मजबूत करेगा और हजारों कुशल रोजगार सृजित करेगा।
⦁ मंजूर कंपनियां—SiCSem (ओडिशा), Continental Device India (पंजाब), 3D Glass Solutions (ओडिशा), और ASIP Technologies (आंध्र प्रदेश)—विशेष तकनीकों जैसे सिलिकॉन कार्बाइड आधारित सेमीकंडक्टर और ग्लास-पैकेजिंग संस्थापन स्थापित करेंगी।
⦁ यह पहल भारत को टेलिकॉम, ऑटोमोटिव, डेटा सेंटर, और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
⦁ भारत अपनी पहली वाणिज्यिक कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब और आधुनिक पैकेजिंग यूनिट स्थापित कर रहा है।
ये सब ISM के तहत भारत के सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ाकर ग्लोबल सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
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#SnT Article @KevalHindi 🦚
समुंद्रयान परियोजना के प्रमुख बिंदु
समुंद्रयान परियोजना के प्रमुख बिंदु
"समुंद्रयान" भारत की गहरी समुद्री अन्वेषण से जुड़ी पहली मानवरहित मिशन परियोजना है, जिसका उद्देश्य वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं का विकास करना है
इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य समुद्र की 6000 मीटर (6 किमी) गहराई तक मानवयुक्त पनडुब्बी (Matsya-6000) की सहायता से अन्वेषण करना है
गहरे समुद्र में खनिज पदार्थों (पॉलीमेटेलिक नोड्यूल्स, कोबाल्ट, निकल, मैंगनीज आदि) के अन्वेषण और ऊर्जा तथा समुद्री जैव विविधता का अध्ययन इसके अंतर्गत किया जाएगा
समुद्री संसाधनों की खोज के लिए भारत, अन्य वैश्विक महासागर अन्वेषण राष्ट्रों जैसे अमेरिका, रूस, चीन, जापान और फ्रांस की पंक्ति में शामिल होगा
Matsya-6000 नामक पनडुब्बी तीन लोगों के लिए डिज़ाइन की गई है और यह 72 घंटे तक स्वतंत्र रूप से समुद्र में रह सकती है, अगर इमरजेंसी हो जाए तो 96 घंटे तक जीवित रहने की सुविधा है
इसमें 80 मिमी मोटी टाइटेनियम स्फियर है, जो समुद्र की उच्च दाब को सहन कर सकती है
समुंद्रयान परियोजना का लाभ है कि भारत की ब्लू इकोनॉमी को सशक्त किया जा सकेगा और वैज्ञानिक अनुसंधान को बल मिलेगा
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https://www.thehindu.com/sci-tech/science/lumpy-skin-disease-vaccine-developed-by-bharat-biotech-group-firm-with-icar-gets-cdsco-licence/article69201969.ece #SnT
The Hindu
Lumpy skin disease vaccine developed by Bharat Biotech group firm with ICAR gets CDSCO licence
Biovet receives CDSCO license for LSD vaccine, a game-changer for animal health, developed in collaboration with ICAR.
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मध्यम दूरी की अग्नि-प्राइम मिसाइल का 24 सितंबर 2025 को रेल आधारित मोबाइल लॉन्चर से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। यह सामरिक बलों की शक्ति में वृद्धि करेगा, साथ ही सड़क और रेल मार्ग में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
#Snt
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