निःस्वार्थ भाव, सच्ची मानवता: Forest Guard 2023 DV Skip महा-नायक
"किसी एक का एक छोटा-सा त्याग, किसी दूसरे के पूरे परिवार के सपने को साकार कर देता है।"
प्रतियोगी परीक्षाओं के इस कठिन दौर में जहाँ हर कोई एक नौकरी के लिए वर्षों संघर्ष करता है, वहाँ पहले से चयनित या अन्य पदों पर कार्यरत होने के बाद अपनी सीट छोड़ देना (DV Skip करना) केवल बड़प्पन नहीं, बल्कि देव-तुल्य त्याग है।
आपके इस एक सकारात्मक कदम से किसी जरूरतमंद भाई-बहन के घर में खुशियों का चिराग जलेगा और उनके माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान आएगी। आप सभी का यह योगदान प्रतियोगी जगत में सच्ची सहकारिता और इंसानियत की सबसे सुंदर मिसाल है।
संकल्प की टीम की तरफ से आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद 🙏🙏🙏🙏, जिन्होंने डीवी स्किप में भाइयों का साथ दे रहे है😊😊😊😊😊❤️❤️❤️❤️❤️
"किसी एक का एक छोटा-सा त्याग, किसी दूसरे के पूरे परिवार के सपने को साकार कर देता है।"
प्रतियोगी परीक्षाओं के इस कठिन दौर में जहाँ हर कोई एक नौकरी के लिए वर्षों संघर्ष करता है, वहाँ पहले से चयनित या अन्य पदों पर कार्यरत होने के बाद अपनी सीट छोड़ देना (DV Skip करना) केवल बड़प्पन नहीं, बल्कि देव-तुल्य त्याग है।
आपके इस एक सकारात्मक कदम से किसी जरूरतमंद भाई-बहन के घर में खुशियों का चिराग जलेगा और उनके माता-पिता के चेहरे पर मुस्कान आएगी। आप सभी का यह योगदान प्रतियोगी जगत में सच्ची सहकारिता और इंसानियत की सबसे सुंदर मिसाल है।
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Forwarded from RANK INSIGHT (कालचक्र)
lekhpal promotion order.pdf
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Forwarded from RANK INSIGHT (कालचक्र)
SSC Steno
UP SI steno
AHC steno
Upsssc steno
इनमें से अगर कुछ चुनने को मिले तो
अगर घर के बाहर रहना पसंद है तो SSC स्टेनो सबसे बेहतरीन सुविधाएं।
घर के पास प्रदेश में सबसे बेस्ट का क्रम
1. UPSSSC स्टेनो
2. UP SI STENO
3. AHC DISTRICT COURT स्टेनो
UP SI steno
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घर के पास प्रदेश में सबसे बेस्ट का क्रम
1. UPSSSC स्टेनो
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3. AHC DISTRICT COURT स्टेनो
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लक्ष्यमणि🏹UTTAR PRADESH EXAMS🏹
हेलो फ्रेंड्स 😅
जेवर एयरपोर्ट: एक विस्तृत अवलोक
1. जेवर एयरपोर्ट का इतिहास (History)
शुरुआती योजना (2001): इस एयरपोर्ट का प्रस्ताव सबसे पहले 2001 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल में रखा गया था।
रुकावटें: केंद्र सरकार की पुरानी नीति (जिसमें दो हवाई अड्डों के बीच कम से कम 150 किमी की दूरी होना अनिवार्य था) और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह परियोजना लगभग 15 वर्षों तक ठंडे बस्ते में रही।
मंजूरी (2017-2018): 2017 में नरेंद्र मोदी सरकार और योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा इस परियोजना को पुनर्जीवित किया गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से शुरू हुआ।
2. कब से बन रहा है? (Construction Timeline)
कंपनी का चयन (2019): स्विट्जरलैंड की कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी (Zurich Airport AG) ने एयरपोर्ट को विकसित करने की बोली जीती।
शिलान्यास (नवंबर 2021): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट की आधारशिला रखी, जिसके बाद इसका भौतिक निर्माण कार्य तेजी से शुरू हुआ।
3. यह कब तक चालू होगा? (Opening/Operational Date)
जेवर एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें (Commercial Flights) अप्रैल 2025 तक शुरू होने की संभावना है।
एयरपोर्ट पर रनवे और टर्मिनल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, तथा नेविगेशन इंस्ट्रूमेंट्स (ILS) और कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्ट पूरे किए जा रहे हैं। अंतिम लाइसेंस प्रक्रिया (DGCA Approval) के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
4. एयरपोर्ट की प्रमुख विशेषताएं
क्षेत्रफल: यह लगभग 5,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर विकसित किया जा रहा है और पूरा बनने के बाद यह भारत का सबसे बड़ा और एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा।
रनवे: पहले चरण में 2 रनवे चालू होंगे, जबकि भविष्य में इसे 5 से 6 रनवे तक विस्तार देने की योजना है।
कनेक्टिविटी: इसे यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, और भविष्य में रैपिड रेल (RRTS) व मेट्रो से सीधे जोड़ा जाएगा
1. जेवर एयरपोर्ट का इतिहास (History)
शुरुआती योजना (2001): इस एयरपोर्ट का प्रस्ताव सबसे पहले 2001 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल में रखा गया था।
रुकावटें: केंद्र सरकार की पुरानी नीति (जिसमें दो हवाई अड्डों के बीच कम से कम 150 किमी की दूरी होना अनिवार्य था) और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण यह परियोजना लगभग 15 वर्षों तक ठंडे बस्ते में रही।
मंजूरी (2017-2018): 2017 में नरेंद्र मोदी सरकार और योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा इस परियोजना को पुनर्जीवित किया गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से शुरू हुआ।
2. कब से बन रहा है? (Construction Timeline)
कंपनी का चयन (2019): स्विट्जरलैंड की कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी (Zurich Airport AG) ने एयरपोर्ट को विकसित करने की बोली जीती।
शिलान्यास (नवंबर 2021): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट की आधारशिला रखी, जिसके बाद इसका भौतिक निर्माण कार्य तेजी से शुरू हुआ।
3. यह कब तक चालू होगा? (Opening/Operational Date)
जेवर एयरपोर्ट से व्यावसायिक उड़ानें (Commercial Flights) अप्रैल 2025 तक शुरू होने की संभावना है।
एयरपोर्ट पर रनवे और टर्मिनल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, तथा नेविगेशन इंस्ट्रूमेंट्स (ILS) और कैलिब्रेशन फ्लाइट टेस्ट पूरे किए जा रहे हैं। अंतिम लाइसेंस प्रक्रिया (DGCA Approval) के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
4. एयरपोर्ट की प्रमुख विशेषताएं
क्षेत्रफल: यह लगभग 5,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर विकसित किया जा रहा है और पूरा बनने के बाद यह भारत का सबसे बड़ा और एशिया के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक होगा।
रनवे: पहले चरण में 2 रनवे चालू होंगे, जबकि भविष्य में इसे 5 से 6 रनवे तक विस्तार देने की योजना है।
कनेक्टिविटी: इसे यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, और भविष्य में रैपिड रेल (RRTS) व मेट्रो से सीधे जोड़ा जाएगा
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नोबेल शांति सम्मान 2026
❗️भारतवंशी नवनेथेम पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार, दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में की मदद
नॉर्वे की नोबेल समिति ने 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार भारतवंशी नवनेथेम ‘नावी’ पिल्लै को देने का ऐलान किया है।
उन्हें दुनिया में शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की कोशिशों के लिए यह सम्मान दिया जाएगा।
❗️भारतवंशी नवनेथेम पिल्लै को नोबेल शांति पुरस्कार, दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ लड़ाई में की मदद
नॉर्वे की नोबेल समिति ने 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार भारतवंशी नवनेथेम ‘नावी’ पिल्लै को देने का ऐलान किया है।
उन्हें दुनिया में शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून को बढ़ावा देने की कोशिशों के लिए यह सम्मान दिया जाएगा।
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केरलम में भारतीय डाक विभाग, बहादुरी का परिचय देने वाले भारतीय पायलट कैप्टन #SmitMachchhar के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित करेगा और विशेष आवरण जारी करेगा।
कैप्टन ने पिछले महीने की 30 तारीख को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार 174 लोगों की जान बचाई थी।
कैप्टन ने पिछले महीने की 30 तारीख को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में सवार 174 लोगों की जान बचाई थी।
❤38🙏1
कुल मिलाकर सरकार ने आज कॉकरोचों का प्रोटेस्ट फ्लॉप करा ही दिया
एक बार फिर से इन लोगों को लगा पिछली बार के तरह इन्हें सफलता मिल जाएगी लेकिन ये भूल गये वो विरोध का कारण युवाओं का मुद्दा था, पेपर लीक के खिलाफ लोगों के सेंटिमेंट्स जुड़ गये थे इसलिए आम जनता ने भी साथ दिया था लेकिन ये एक प्रकार से राजनीतिक मुद्दा है जो पिछले 15 साल से विपक्ष EVM HACK और वोट चोरी का आरोप लगा रहा
ये लोग जहां जीत जाते वहां सब सही रहता है और जहां हारते हैं वहां वोट चोरी का रोना करते हैं ।
संविधान, आरक्षण, जातिवाद और अब वोट चोरी के नाम पर देश में अराजकता का माहौल जितना भी बना लें जनता समझदार है उसे अपने असली मुद्दे शिक्षा , स्वास्थ्य और रोजगार से ही मतलब है , भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाने वालों के मंसूबों से नहीं 😊👍
एक बार फिर से इन लोगों को लगा पिछली बार के तरह इन्हें सफलता मिल जाएगी लेकिन ये भूल गये वो विरोध का कारण युवाओं का मुद्दा था, पेपर लीक के खिलाफ लोगों के सेंटिमेंट्स जुड़ गये थे इसलिए आम जनता ने भी साथ दिया था लेकिन ये एक प्रकार से राजनीतिक मुद्दा है जो पिछले 15 साल से विपक्ष EVM HACK और वोट चोरी का आरोप लगा रहा
ये लोग जहां जीत जाते वहां सब सही रहता है और जहां हारते हैं वहां वोट चोरी का रोना करते हैं ।
संविधान, आरक्षण, जातिवाद और अब वोट चोरी के नाम पर देश में अराजकता का माहौल जितना भी बना लें जनता समझदार है उसे अपने असली मुद्दे शिक्षा , स्वास्थ्य और रोजगार से ही मतलब है , भारत को नेपाल और बांग्लादेश बनाने वालों के मंसूबों से नहीं 😊👍
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