🔴सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती
31 अक्टूबर – राष्ट्रीय एकता दिवस
भारत के लौह पुरुष – सरदार वल्लभभाई पटेल ✨
▪️संक्षिप्त परिचय - 📝
जन्म – 31 अक्टूबर 1875, नाडियाड (गुजरात)
उपाधि – “सरदार” (बारडोली सत्याग्रह, 1928)
पद – स्वतंत्र भारत के प्रथम उप-प्रधानमंत्री व गृह मंत्री
उपनाम – लौह पुरुष (Iron Man of India)
▪️मुख्य योगदान - 📝
रियासतों का एकीकरण
आज़ादी के समय भारत में लगभग 562 देशी रियासतें थीं।
सरदार पटेल ने अपने राजनीतिक कौशल, दृढ़ संकल्प और समझदारी से
इनमें से लगभग 549 रियासतों का शांतिपूर्ण विलय भारतीय संघ में कराया
▪️तीन प्रमुख रियासतों का विलय - 📝
• जूनागढ़ – नवाब पाकिस्तान में विलय चाहता था, पर जनता ने भारत का समर्थन किया।
विलय तिथि: 9 नवम्बर 1947 (जनमत संग्रह के बाद भारत में शामिल)
• हैदराबाद – निज़ाम भारत में शामिल नहीं होना चाहता था।
“ऑपरेशन पोलो” (13–18 सितम्बर 1948) के तहत सेना ने विलय कराया।
• कश्मीर – पाकिस्तान के हमले के बाद
राजा हरि सिंह ने 26 अक्टूबर 1947 को भारत में विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
इस तरह 1949 तक भारत लगभग पूर्ण रूप से एकीकृत राष्ट्र बन गया।
▪️सम्मान और स्मृति - 📝
Statue of Unity – नर्मदा नदी के तट (गुजरात) पर स्थित
ऊँचाई: 182 मीटर (विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा
उद्घाटन: 31 अक्टूबर 2018
▪️प्रेरक संदेश - 📝
“सरदार पटेल ने हमें सिखाया कि सच्ची एकता ताक़त से नहीं, विश्वास और देशप्रेम से आती है।”
✍आज के दिन संकल्प लें 📝
राष्ट्र की एकता, अखंडता और भाईचारे को सदैव बनाए रखेंगे।
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