नरेंद्र और धीरज कुशवाहा आगरा में टेंपो से दूध सप्लाई करते हैं. नरेंद्र को टेंपो चलाना नहीं आता, इसलिए धीरज टेंपो चलाता है. नरेंद्र के मुताबिक, वो और उसका भाई धीरज रोज की तरह दूध सप्लाई करने गए.
एक गली के बाहर टेंपो लगाकर धीरज दूध देने गया, नरेंद्र टेंपो में बैठे थे. तभी पुलिस ने वहां कुछ लोगों को झगड़ा करने के आरोप में पकड़ा. पुलिस वाले टेंपो के पास पहुंचे और नरेंद्र से कहा- हमें टेंपो से थाने तक ले चलो.
नरेंद्र को टेंपो चलाना आता नहीं, इसलिए उसने वही बात बताई कि मुझे टेंपो चलाना नहीं आता. ये सुनकर पुलिस वाले भड़क गए. उन्होंने वहीं नरेंद्र को मारा, फिर पुलिस चौकी ले गए.
वहां भी नरेंद्र के तलवे पर डंडे से मारा गया. ऐसा मारा कि नरेंद्र को चलने में भी तकलीफ हो रही है.
इसके बाद नरेंद्र का शांतिभंग में चालान कर दिया गया. घर वालों ने जमानत पर नरेंद्र को छुड़ाया.
अब नरेंद्र ने पुलिस के अधिकारी से शिकायत की है. शिकायत पर आरोपी चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है.
नरेंद्र का ये भी आरोप है कि पुलिस वालों ने मारपीट के दौरान जेब में पड़े 1,800 रुपए भी छीन लिए.
📍यूपी
एक गली के बाहर टेंपो लगाकर धीरज दूध देने गया, नरेंद्र टेंपो में बैठे थे. तभी पुलिस ने वहां कुछ लोगों को झगड़ा करने के आरोप में पकड़ा. पुलिस वाले टेंपो के पास पहुंचे और नरेंद्र से कहा- हमें टेंपो से थाने तक ले चलो.
नरेंद्र को टेंपो चलाना आता नहीं, इसलिए उसने वही बात बताई कि मुझे टेंपो चलाना नहीं आता. ये सुनकर पुलिस वाले भड़क गए. उन्होंने वहीं नरेंद्र को मारा, फिर पुलिस चौकी ले गए.
वहां भी नरेंद्र के तलवे पर डंडे से मारा गया. ऐसा मारा कि नरेंद्र को चलने में भी तकलीफ हो रही है.
इसके बाद नरेंद्र का शांतिभंग में चालान कर दिया गया. घर वालों ने जमानत पर नरेंद्र को छुड़ाया.
अब नरेंद्र ने पुलिस के अधिकारी से शिकायत की है. शिकायत पर आरोपी चौकी इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है.
नरेंद्र का ये भी आरोप है कि पुलिस वालों ने मारपीट के दौरान जेब में पड़े 1,800 रुपए भी छीन लिए.
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