UPPCS मेन्स: फर्जी सूचनाओं का प्रभाव
✅ पीसीएस-2025 का आंकड़ा - यूपीपीएससी ने पीसीएस-2025 मुख्य परीक्षा के आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद 410 अभ्यर्थियों को बाहर कर दिया है।
❌इनमें से 260 अभ्यर्थियों के पास आवेदित पद के लिए आवश्यक शैक्षिक अर्हता ही नहीं थी।
👉 आरक्षण का गलत दावा - दर्जनों छात्रों ने बिना प्रमाण-पत्र के आरक्षित श्रेणियों में आवेदन किया और प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) पास कर ली। बाद में मुख्य परीक्षा का फॉर्म भरते समय उन्होंने आयोग से अपनी श्रेणी बदलने का अनुरोध किया या आवेदन ही नहीं किया।
⚠️योग्य अभ्यर्थियों को नुकसान - प्रारंभिक परीक्षा में सीटों की संख्या के केवल 15 गुना अभ्यर्थियों को ही मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया जाता है। इन फर्जी दावों और गलत सूचनाओं के कारण वास्तव में योग्य अभ्यर्थियों के अवसर छिन जाते हैं।
👉पिछले वर्षों की स्थिति - यह समस्या नई नहीं है; इससे पहले पीसीएस 2024 में 259 और पीसीएस 2023 में 153 अभ्यर्थियों को अर्ह न होने या अन्य कारणों से मुख्य परीक्षा से बाहर किया गया था।
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