बचपन मे कभी हामिद के त्याग को पढ़कर, दो बैलों की कथा सुनकर हमारे बाल-मन में जिस करुणा और संवेदना ने पहली बार जन्म लिया था, उसके असल रचयिता मुंशी प्रेमचंद ही तो थे। मेले की चकाचौंध के बीच एक बच्चे का अपनी बूढ़ी दादी के लिए अपनी इच्छाएं मार कर चिमटा खरीद लाना हो, या हीरा और मोती के मूक संवादों में छिपी आज़ादी की तड़प हो; मुंशी जी ने अपनी कहानियों के ज़रिए हमें ज़िंदगी के उन कच्चे और खुरदरे पन्नों से रूबरू कराया जिन्हें समाज अक्सर अनदेखा कर देता है। वे केवल एक लेखक नहीं थे, बल्कि फटे जूतों में खड़े उस बेबस हिंदुस्तान का आईना थे जिसने महलों के तिलिस्म को तोड़कर साहित्य को गांव की पगडंडियों, खेतों की माटी और किसानों के पसीने से जोड़ दिया।
आज उनकी जयंती पर जब हम गोदान के होरी की गाय के लिए टूटती हुई सांसों, बूढ़ी काकी की उस तड़पा देने वाली भूख, और कफ़न के घीसू-माधव की उस संवेदनहीनता को याद करते हैं, तो अनायास ही आँखें नम हो जाती हैं।
जब तक इस देश में किसी होरी के माथे पर कर्ज़ का पसीना रहेगा और किसी ग़रीब माँ की उँगलियाँ रोटियां सेंकते हुए जलेंगी, तब तक मुंशी जी हमारी धड़कनों में ज़िंदा रहेंगे। 🙏🙏
आज उनकी जयंती पर जब हम गोदान के होरी की गाय के लिए टूटती हुई सांसों, बूढ़ी काकी की उस तड़पा देने वाली भूख, और कफ़न के घीसू-माधव की उस संवेदनहीनता को याद करते हैं, तो अनायास ही आँखें नम हो जाती हैं।
जब तक इस देश में किसी होरी के माथे पर कर्ज़ का पसीना रहेगा और किसी ग़रीब माँ की उँगलियाँ रोटियां सेंकते हुए जलेंगी, तब तक मुंशी जी हमारी धड़कनों में ज़िंदा रहेंगे। 🙏🙏
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उत्तर प्रदेश परीक्षा | शिक्षक भर्ती UPSSSC PET लेखपाल VDO | UPSC
बचपन मे कभी हामिद के त्याग को पढ़कर, दो बैलों की कथा सुनकर हमारे बाल-मन में जिस करुणा और संवेदना ने पहली बार जन्म लिया था, उसके असल रचयिता मुंशी प्रेमचंद ही तो थे। मेले की चकाचौंध के बीच एक बच्चे का अपनी बूढ़ी दादी के लिए अपनी इच्छाएं मार कर चिमटा खरीद लाना…
मुंशी प्रेमचंद (31 जुलाई 1880–8 अक्टूबर 1936) हिंदी और उर्दू के महान कथाकार, उपन्यासकार तथा आधुनिक हिंदी कथा-साहित्य के 'उपन्यास सम्राट' माने जाते हैं।
उनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के लमही गाँव में हुआ था। उनका मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था तथा उन्होंने 'नवाब राय' और बाद में 'प्रेमचंद' उपनाम से लेखन किया।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा फारसी-उर्दू में हुई और 1919 में उन्होंने बी.ए. की उपाधि प्राप्त की। वे शिक्षक तथा शिक्षा विभाग में इंस्पेक्टर रहे, किंतु 1921 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रेरित होकर सरकारी नौकरी छोड़ दी।
उनकी प्रमुख रचनाओं में गोदान, गबन, निर्मला, सेवासदन, रंगभूमि, कर्मभूमि और प्रेमाश्रम जैसे उपन्यास तथा कफन, ईदगाह, पूस की रात, पंच परमेश्वर, दो बैलों की कथा और बूढ़ी काकी जैसी प्रसिद्ध कहानियाँ शामिल हैं।
प्रेमचंद ने अपने साहित्य में किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों और समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं का यथार्थ चित्रण किया, जिसके कारण उन्हें हिंदी कथा-साहित्य का सबसे प्रभावशाली साहित्यकार माना जाता है।
उनका जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद के लमही गाँव में हुआ था। उनका मूल नाम धनपत राय श्रीवास्तव था तथा उन्होंने 'नवाब राय' और बाद में 'प्रेमचंद' उपनाम से लेखन किया।
उनकी प्रारंभिक शिक्षा फारसी-उर्दू में हुई और 1919 में उन्होंने बी.ए. की उपाधि प्राप्त की। वे शिक्षक तथा शिक्षा विभाग में इंस्पेक्टर रहे, किंतु 1921 में महात्मा गांधी के असहयोग आंदोलन से प्रेरित होकर सरकारी नौकरी छोड़ दी।
उनकी प्रमुख रचनाओं में गोदान, गबन, निर्मला, सेवासदन, रंगभूमि, कर्मभूमि और प्रेमाश्रम जैसे उपन्यास तथा कफन, ईदगाह, पूस की रात, पंच परमेश्वर, दो बैलों की कथा और बूढ़ी काकी जैसी प्रसिद्ध कहानियाँ शामिल हैं।
प्रेमचंद ने अपने साहित्य में किसानों, मजदूरों, महिलाओं, दलितों और समाज के वंचित वर्गों की समस्याओं का यथार्थ चित्रण किया, जिसके कारण उन्हें हिंदी कथा-साहित्य का सबसे प्रभावशाली साहित्यकार माना जाता है।
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उत्तर प्रदेश परीक्षा | शिक्षक भर्ती UPSSSC PET लेखपाल VDO | UPSC
◼️भारत में जूडो में 15 मिनट के अंदर जीते 2 गोल्ड ◼️अस्मिता डे और हर्ष ने फाइनल में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक
भारत की 23-वर्षीय अस्मिता डे ने ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं के 48-किलोग्राम जूडो फाइनल में कनाडा की हेइडी क्वाच को हराकर भारत के लिए जूडो में स्वर्ण पदक जीता है।
यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का जूडो में पहला स्वर्ण पदक है।
CWG-2026 में भारत अबतक 4 स्वर्ण सहित कुल 18-पदक जीत चुका है।
यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत का जूडो में पहला स्वर्ण पदक है।
CWG-2026 में भारत अबतक 4 स्वर्ण सहित कुल 18-पदक जीत चुका है।
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◼️भारत में जूडो में 15 मिनट के अंदर जीते 2 गोल्ड ◼️अस्मिता डे और हर्ष ने फाइनल में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक
भारत के हर्ष सिंह ने CWG 2026 में जूडो में पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है।
उन्होंने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज़ को मात दी और वह CWG इतिहास में जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं।
यह CWG 2026 में भारत का 5वां गोल्ड है।
उन्होंने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज़ को मात दी और वह CWG इतिहास में जूडो में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बन गए हैं।
यह CWG 2026 में भारत का 5वां गोल्ड है।
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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को 2026–27 से 2030–31 तक जारी रखने को मंज़ूरी दी।
▪️योजना के लिए ₹3.15 लाख करोड़ का प्रावधान
▪️पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की सहायता सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से
▪️अब तक 23 किस्तों में किसानों के खातों में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे भेजी जा चुकी है।
▪️महिला किसानों को अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की सहायता मिली है।
▪️यह योजना किसानों के कृषि निवेश, आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मज़बूत करेगी।
▪️योजना के लिए ₹3.15 लाख करोड़ का प्रावधान
▪️पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की सहायता सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से
▪️अब तक 23 किस्तों में किसानों के खातों में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे भेजी जा चुकी है।
▪️महिला किसानों को अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की सहायता मिली है।
▪️यह योजना किसानों के कृषि निवेश, आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मज़बूत करेगी।
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CWG-2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यश वीर सिंह ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता है।
ऐसा पहली बार हुआ जब CWG में पुरुषों की जैवलिन स्पर्धा के पोडियम पर दो भारतीय ऐथलीट एकसाथ थे।
नीरज ने 85.83 मीटर का सीज़न-बेस्ट थ्रो जबकि यश ने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का पर्सनल-बेस्ट थ्रो दर्ज किया।
ऐसा पहली बार हुआ जब CWG में पुरुषों की जैवलिन स्पर्धा के पोडियम पर दो भारतीय ऐथलीट एकसाथ थे।
नीरज ने 85.83 मीटर का सीज़न-बेस्ट थ्रो जबकि यश ने आखिरी प्रयास में 85.41 मीटर का पर्सनल-बेस्ट थ्रो दर्ज किया।
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भारतीय बॉक्सर प्रीति पवार ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराकर CWG 2026 में महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक जीता है 🥇🇮🇳।
CWG 2026 में बॉक्सिंग में भारत का यह पहला गोल्ड मेडल है 🏅। 22 वर्षीय प्रीति ने अपने पहले CWG में यह खिताब हासिल किया है 🎉।
इससे पहले उन्होंने एशियन गेम्स 2022 में कांस्य पदक जीता था 🥉।
CWG 2026 में बॉक्सिंग में भारत का यह पहला गोल्ड मेडल है 🏅। 22 वर्षीय प्रीति ने अपने पहले CWG में यह खिताब हासिल किया है 🎉।
इससे पहले उन्होंने एशियन गेम्स 2022 में कांस्य पदक जीता था 🥉।
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