धुआँ छँटा, पाबंदियाँ टूटीं! 💥
लाठीचार्ज और आँसू गैस की बौछार भी नहीं रोक पाई जन-सैलाब का रास्ता—राँची विधानसभा के बाहर गूँजे हक़ के नारे! ✊🔥
हक़ और इंसाफ़ की इस लड़ाई में जब युवाओं का हौसला सड़कों पर उतरता है, तो कोई भी पाबंदी उनके क़दम नहीं रोक सकती। आँखों में आँसू गैस की जलन और जिस्म पर लाठियों की चोट भी झारखंड के छात्रों के बुलंद इरादों को डिगा नहीं पाई।
यह सिर्फ़ एक प्रदर्शन नहीं, युवाओं के भविष्य को बचाने की हुंकार है! अपने अधिकारों और बेहतर कल के लिए यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
#jharkhandstudentprotest #jharkhandprotest
लाठीचार्ज और आँसू गैस की बौछार भी नहीं रोक पाई जन-सैलाब का रास्ता—राँची विधानसभा के बाहर गूँजे हक़ के नारे! ✊🔥
हक़ और इंसाफ़ की इस लड़ाई में जब युवाओं का हौसला सड़कों पर उतरता है, तो कोई भी पाबंदी उनके क़दम नहीं रोक सकती। आँखों में आँसू गैस की जलन और जिस्म पर लाठियों की चोट भी झारखंड के छात्रों के बुलंद इरादों को डिगा नहीं पाई।
यह सिर्फ़ एक प्रदर्शन नहीं, युवाओं के भविष्य को बचाने की हुंकार है! अपने अधिकारों और बेहतर कल के लिए यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक न्याय नहीं मिल जाता।
छात्र एकता ज़िंदाबाद! ✊📚
#jharkhandstudentprotest #jharkhandprotest
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📢 नई सरकारी शिक्षक भर्ती/पद सृजन
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 126 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नियमित पद सृजित करने की स्वीकृति दी है।
कुल स्वीकृत पद — 1,840
👨🏫 प्रधानाचार्य: 68
👩🏫 प्रवक्ता: 680
📚 सहायक अध्यापक (LT): 819
🧑💼 कनिष्ठ सहायक: 185
🏫 कुल विद्यालय: 126
विद्यालयों का विवरण:
59 राजकीय इंटर कॉलेज (कक्षा 6–12)
9 उच्चीकृत राजकीय इंटर कॉलेज (कक्षा 11–12)
58 राजकीय हाईस्कूल (कक्षा 9–10)
प्रवक्ता व LT शिक्षकों सहित अधिकांश पदों की भर्ती संबंधित उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग/अधीनस्थ सेवा चयन आयोग तथा पदोन्नति के निर्धारित नियमों के अनुसार होगी।
मुख्य बात: यह आदेश 126 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में नए नियमित पद सृजित करने की सरकारी स्वीकृति से संबंधित है; यह स्वयं भर्ती विज्ञापन नहीं है।
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“एक बार विदाई दे मां, घूरे आसी...”
(माँ, मुझे एक बार विदा करो, मैं फिर वापस आऊँगा...)
मात्र 18 साल की उम्र में जब आम युवा अपने भविष्य के सपने देखता है, तब खुदीराम बोस ने भारत माता की आज़ादी के लिए फांसी का फंदा चुन लिया।
आज उनके बलिदान दिवस पर उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि युवाओं को किसी भी प्रकार के अन्याय के सामने झुकना नहीं चाहिए, बल्कि पूरी ताकत से लड़ना चाहिए। उनका यह अमर बलिदान देश के हर नागरिक के दिल में राष्ट्रप्रेम की ज्योति जलाए रखेगा।
(माँ, मुझे एक बार विदा करो, मैं फिर वापस आऊँगा...)
मात्र 18 साल की उम्र में जब आम युवा अपने भविष्य के सपने देखता है, तब खुदीराम बोस ने भारत माता की आज़ादी के लिए फांसी का फंदा चुन लिया।
आज उनके बलिदान दिवस पर उनका जीवन हमें यह सीख देता है कि युवाओं को किसी भी प्रकार के अन्याय के सामने झुकना नहीं चाहिए, बल्कि पूरी ताकत से लड़ना चाहिए। उनका यह अमर बलिदान देश के हर नागरिक के दिल में राष्ट्रप्रेम की ज्योति जलाए रखेगा।
अमर शहीद खुदीराम बोस को भावभीनी श्रद्धांजलि! 🇮🇳🕊️
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Revised Tentative Vacancies Steno 2026.pdf
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SSC Stenographer 2026 Grade 'C' & Grade 'D' Revised Vacancies