तिरंगे में तीन रंगों की यात्रा
1904
👉 सिस्टर निवेदिता द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज का पहला डिज़ाइन।
1906
👉पहला ध्वज: पहला तिरंगा ध्वज, जिस पर "वंदे मातरम" नारा लिखा था।
👉दूसरा ध्वज (कलकत्ता ध्वज): "कलकत्ता ध्वज" के रूप में प्रसिद्ध; पारसी बागान, कलकत्ता में पहली बार फहराया गया।
1907
👉 जर्मनी के स्टटगार्ट में मैडम भीकाजी कामा द्वारा फहराया गया "स्वतंत्रता का ध्वज"।
1917
👉 होम रूल आंदोलन के दौरान एनी बेसेंट द्वारा अपनाया गया यूनियन जैक वाला ध्वज।
1921
👉 पिंगली वेंकैया द्वारा डिज़ाइन किया गया, केंद्र में "चरखा" (कताई का पहिया) वाला तिरंगा ध्वज।
1931
👉 कांग्रेस ध्वज समिति द्वारा संशोधित, जिसके रंग समुदायों के बजाय गुणों के प्रतीक थे।
1947
👉 स्वतंत्रता के बाद चरखे को हटाकर अशोक चक्र को शामिल किया गया; (स्वतंत्र) भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में आधिकारिक तौर पर अपनाया गया।
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अपने दौर के वे Gen-Zs
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◼️प्रधानमंत्री ने लाल किले से शक्ति की सप्तधारा का आह्वान किया
▪️2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य
▪️छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुक्त कोचिंग ,एक करोड़ युवाओं को मिलेगी AI ट्रेनिंग
▪️15 साल तक के बच्चों को खेल प्रतिभा खोज के लिए प्रशिक्षण
▪️अगले दशक में पांच नए परमाणु संयंत्र और 7 सेमीकंडक्टर प्लांट बनेंगे
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▪️अगले दशक में पांच नए परमाणु संयंत्र और 7 सेमीकंडक्टर प्लांट बनेंगे
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