ऐतिहासिक मंदिर और उनकी कथा
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हमारी संस्कृति हमारा अभिमान

*इस चैनल मे हमारे मंदिरों की कथा के आडियो विडियो और हमारी सभ्यता से जुड़ी जगह का प्रसारण किया जाता है*

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किसी ने साजिश तो जरूर की होगी वरना हिंदुस्तान सिर्फ ताजमहल से शुरू होकर लाल किले तक खत्म नही होता ..
ग्वालियर का किला
द्वारकाधीश मन्दिर गुजरात ।
जिसे जगत मंदिर भी कहते हैं मंदिर का सबसे लंबा शिखर निज शिखर के नाम से जाना जाता है और यह लगभग 78.3 मीटर की ऊंचाई तक फैला है।
ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण के पोते वज्रनाभ द्वारा इस मन्दिर का निर्माण करवाया गया।
जय श्री कृष्ण 🙏
#IncredibleIndia🚩
#रानीजी_की_बावड़ी, पाटन. #गुजरात

ये थी भारत के सनातन हिन्दू की कलाकृतियां व कलाकारी ।
विदेशी आक्रमणकारियों ने प्रवेश किया और भारत भी उन्हीं की तरह तहस-नहस होता चला गया।

जल प्रबंधन प्रणाली में भूजल संसाधनों के उपयोग की तकनीक का बेहतरीन उदाहरण मान कर 'रानी की वाव' को विश्व विरासत की नई सूची में शामिल किए जाने का औपचारिक ऐलान कर दिया गया है।

पानी की #शुद्धता को उजागर करने वाले एक उल्टे #मंदिर के रूप में #डिजाइन किया गया कदम,

#मूर्तिकला पैनलों के साथ सीढ़ियों के 7 स्तरों में विभाजित है। यह 64 * 20 * 27 क्यूबिक मीटर मापता है।

#रानीजी की #बावड़ी गुजरात के पाटन में स्थित एक #कुआं है, जो #सरस्वती नदी के तट पर स्थित है।

इसके निर्माण का श्रेय सौराष्ट्र के खेंगारा की बेटी #उदयमाती को दिया जाता है, जो 11 वीं शताब्दी के चौलुक्य वंश की रानी और भीम प्रथम की पत्नी हैं।

(नोट: हर सनातन शिल्प की तरह ये भी विज्ञान की नवीनतम कसौटी पे खरा उतरता है।)
आश्चर्य घोषित करने का क्राइटेरिया क्या है ? क्योंकि असली आश्चर्य तो यहाँ है ।

"रामप्पा मंदिर” यह शायद विश्व का एक मात्र मंदिर है जिसका नाम भगवान के नाम पर ना होकर उसके शिल्पी के नाम पर है। कई शक्तिशाली भूकंपो के बाद भी इस मंदिर को नुकसान नहीं पहुँचा तब विशेषज्ञों ने इसकी जाँच शुरू की और अंततः इस मंदिर के एक पत्थर को तोड़कर पानी में डाला तो वह पानी पर तैरने लगा । बाद में पता चला कि ऐसे हल्के पत्थरो से बने होने के कारण ही इस मंदिर को क्षति नहीं पहुँचती । अब सवाल है कि जब दुनियाँ में इस तरह के पत्थर कहीं नहीं मिलते तो क्या रामप्पा ने ही 800 साल पहले ये पत्थर खुद बनाये ?

है ना आश्चर्य ?

(रामप्पा मंदिर, तेलंगाना)
कोई कह रहा था कि आगरा से बाहर कोई आश्चर्य ही नहीं है ..

मंदिर की भीतरी छत को देखिए । इसको देखकर हैरान होते समय याद रखना कि इसे आज से सैकड़ो साल पहले 12वीं शताब्दी में बनाया गया है । ऐसी संरचनाएँ हमारे पाठ्यक्रम में क्यों नहीं है ?

इतिहास लिखना तो वामपंथियों के हाथ में था लेकिन सबको इतिहास बताना हमारे हाथों में है ।

आओ हम इसका प्रचार करें ।

(चेन्नकेशव मंदिर, कर्नाटक)
क्या सात आश्चर्यों की लिस्ट बनाने वाले जवाब देंगे कि इस मंदिर को लिस्ट में शामिल क्यों नहीं किया गया ?

ये विट्टल मंदिर के स्तंभ हैं, ये सारे स्तंभ एक ही तरह के ग्रेनाइट पत्थर से बने हैं लेकिन प्रत्येक स्तंभ एक अलग ध्वनि उत्पन्न करता है,
क्या इसके पीछे की टेक्नोलॉजी आज के वास्तुकारों को पता है ?
अगर नहीं पता तो यह सात आश्चर्यों में क्यों नहीं है
(विट्टल मंदिर, कर्नाटक)
यह गर्भ प्रतिमा कुंडादम वडक्कुनाथ स्वामी मंदिर (कोयंबटूर से लगभग 60 किमी) की एक दीवार पर खुदी हुई है।

कल्पना कीजिए कि एक्स-रे की खोज से एक हजार साल पहले उस समय के लोगों को यह जानकारी कैसे मिली होगी।
मंदिर की अन्य दीवारों पर, हर महीने अजन्मे बच्चे की स्थिति की एक मूर्ति उकेरी जाती है।

सनातन वैदिक धर्म दुनिया का सबसे पुराना, पहला और अंतिम वैज्ञानिक धर्म है। सनातन ने दुनिया को विज्ञान दिया, उसे दृष्टि दी, जीने की कला दी, साहित्य दिया, संस्कृति दी, विज्ञान दिया, विमान का विज्ञान दिया, चिकित्सा विज्ञान दिया, अर्थशास्त्र दिया।

इसलिए मैं कहता हूं,
सनातन धर्म जैसा कोई दूसरा धर्म नहीं है।
सनातन धर्म लाखों वर्षों से वैज्ञानिक अनुसंधान कर रहा है, हमारे ऋषियों ने विज्ञान की नींव रखी है,
सनातन ऋषियों ने अपनी हड्डियों को पिघलाने के बाद, विज्ञान और दर्शन को दुनिया के लिए दृश्यमान बना दिया है।

पूरी दुनिया कभी भी सनातन ऋषियों के ऋण से मुक्त नहीं होगी, हमारे ऋषियों ने दुनिया को बहुत कुछ दिया है।

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😱 *कोई क्रेन नहीं, कोई आधुनिक उपकरण नहीं, कोई इंजीनियरिंग तकनीक नहीं, कोई प्लानर नहीं, लेकिन हमारे पूर्वजों ने आधुनिक उपकरणों के बिना, बिना बिजली, कम्प्यूटर आदि के 100% सटीकता के साथ इसे बनाया . . .*

🙏🏻 *600 ईसवी में निर्मित 1000 खंभों वाले इस मंदिर को देखिए . . .*

📡 *क्या सच में टेक्नोलॉजी नहीं थी ? क्या सच में हम अशिक्षित थे ? क्या सच में उस समय गहन ज्ञान रखने वाले इंजीनियर नहीं थे ? हजारों वर्ष के लिए सुदृढ़ निर्माण करने वाले प्लानर नहीं थे ? उत्कृष्ट आर्किटेक्ट नहीं थे ?*

😡 *या फिर वामपंथी इतिहासकारों ने हमसे झूठ बोला ताकि हम फिर से कभी गर्वित, शिक्षित, समृद्ध भारतवर्ष के इतिहास और वर्तमान ना बन सकें । कभी स्वाभिमान से मस्तक ऊँचा न कर सकें ? ( एकम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम, तमिलनाडु )*
*🦁 हिन्दू गर्जना 🦁*

📢 *अमृतसर* के स्वर्ण मंदिर🚩 के बारे में तो आप सभी जानते हैं...
आईये आपको दक्षिण भारत के *स्वर्ण मंदिर* 🛕 की सैर कराते हैं....

⤵️ तमिलनाडु के वेल्लोर नगर के *मलाईकोड़ी* पहाड़ों पर स्थित इस मंदिर की *सुंदरता* देखते ही बनती है....

👉 पता है इसके निर्माण में *15* हजार किलोग्राम *शुद्ध सोने* का प्रयोग किया गया है, इसीलिए इसे *दक्षिण भारत* का *स्वर्ण मंदिर* कहा जाता है...

रात्रि के समय इसकी छटा देखते ही बनती है....

*(श्री #महालक्ष्मी मंदिर, वेल्लोर, तमिलनाडु)*
https://www.facebook.com/938397972910871/posts/2914841875266461/
🙏🚩🇮🇳🔱🏹🐚🕉
छठी शताब्दी में बनी नागराज की प्रतिमा . . .

नागराज की पांच सर के साथ
एक मानव सर भी है
जो अंदर से बाहर आते हुए प्रतीत हो रहे है ,

शानदार त्रिविमीय (3D) तक्षणकला

ज़रा सोचिए कितने उन्नत थे
हमारे पूर्वज एवम कितनी अद्भुत थी
उनकी स्थापत्यकला . . .
वो भी आज से 1400 साल पहले l

( बादामी गुफा मंदिर ) कर्नाटक
#श्रीयंत्र जैसा दिखने वाला ,संसार का सबसे बड़ा #हिन्दू_मंदिर 9वीं शताब्दी में इसे #शैलेन्द्र_राजवंश द्वारा बनाया गया । यह सेंट्रल जावा इंडोनेशिया में स्थित है।
वर्तमान में इसे #यूनेस्को धरोहर में शामिल किया गया है🚩🚩🚩