" भारत के हर कोने में इतनी अनूठी और जटिल सनातन विरासत संचनाएँ हैं की पश्चिमी देशों और वामपंथी इतिहासकारों के ब्रेनवाश किये हुए भारतीयों को घूमने के लिए एक जिंदगी कम पड़ जाएगी "
अनगिनत सीढ़ियों वाली इस शानदार बावड़ी को देखिए, माना जाता है कि तुला संक्रांति के दिन कावेरी का पानी इस बावड़ी में रहस्यमय तरीके से प्रवेश करता है, यहीं वजह है कि श्रद्धालुओं के नहाने के लिए इसमें सदैव पानी भरा रहता है ।
(सुब्रमण्य मंदिर, केरल)
अनगिनत सीढ़ियों वाली इस शानदार बावड़ी को देखिए, माना जाता है कि तुला संक्रांति के दिन कावेरी का पानी इस बावड़ी में रहस्यमय तरीके से प्रवेश करता है, यहीं वजह है कि श्रद्धालुओं के नहाने के लिए इसमें सदैव पानी भरा रहता है ।
(सुब्रमण्य मंदिर, केरल)
इस स्तम्भ को देखो, और इसे बनाने वालों के दिमाग के बारे में सोचो ..कितने ब्रिलिएंट रहे होंगे ।
आखिर वो लोग बिना किसी त्रुटि के छोटी से छोटी डिटेल की नक्काशी कैसे कर लेते थे ? छेनी पर हथौड़े का एक गलत प्रहार महीनों के कड़ी मेहनत को नष्ट कर सकती थी ।
वामपंथी इतिहासकारों के तर्क अपनी जगह है लेकिन मेरा मानना है कि इसे बनाने के लिए उन्नत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया होगा ।
(पिल्लला मर्री मंदिर, तेलंगाना)
आखिर वो लोग बिना किसी त्रुटि के छोटी से छोटी डिटेल की नक्काशी कैसे कर लेते थे ? छेनी पर हथौड़े का एक गलत प्रहार महीनों के कड़ी मेहनत को नष्ट कर सकती थी ।
वामपंथी इतिहासकारों के तर्क अपनी जगह है लेकिन मेरा मानना है कि इसे बनाने के लिए उन्नत टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया होगा ।
(पिल्लला मर्री मंदिर, तेलंगाना)
दोस्तो क्या आप विश्वास करोगे अगर मैं कहूँ की यह एक-दो नहीं बल्कि पाँच हजार साल पुराना है ?
आधुनिक पेंटर वैसे चित्र भी नहीं बना सकते जैसी कलाकृति हजारों साल पहले हमारे पूर्वज बना कर चले गए ।
(तिरुवत्तार मंदिर, तमिलनाडु)
आधुनिक पेंटर वैसे चित्र भी नहीं बना सकते जैसी कलाकृति हजारों साल पहले हमारे पूर्वज बना कर चले गए ।
(तिरुवत्तार मंदिर, तमिलनाडु)
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*तुंगनाथ शिव मंदिर* *उत्तराखंड* *दुनिया में सबसे ज्यादा उंचाई पर है*
यह श्रीलंका का प्रसिद्ध सिगिरिया रॉक किला है जिसे रावण के सोने के महल का स्थान माना जाता है, जिसे कुबेर ने डिजाइन किया था।
ऐसा माना जाता है की इसके नीचे कई गुफाओं में से एक गुफा में माँ सीता को बंदी बनाया गया था ।
श्रीलंका का बच्चा बच्चा जानता है कि प्रभु राम यहाँ आये थे मगर भारत के ही कुछ वामपंथियों को लगता है कि राम काल्पनिक हैं ।
ऐसा माना जाता है की इसके नीचे कई गुफाओं में से एक गुफा में माँ सीता को बंदी बनाया गया था ।
श्रीलंका का बच्चा बच्चा जानता है कि प्रभु राम यहाँ आये थे मगर भारत के ही कुछ वामपंथियों को लगता है कि राम काल्पनिक हैं ।
" लोगों को ताजमहल और लालकिला इसलिए अच्छा लगता है क्योकिं उन्होंने अभी तक हमारे मंदिरों को नहीं देखा "
ताजमहल ही तेजोमहालय शिवालय है और लाल किला लाल कोट है।
( योगी स्मृति मंदिर, गुजरात )
ताजमहल ही तेजोमहालय शिवालय है और लाल किला लाल कोट है।
( योगी स्मृति मंदिर, गुजरात )
अद्भुत ! स्वर्ग मंडप
ऐसा साल में एक से दो बार होता है जब चंद्रमा स्वर्ग मंडप के बीचो-बीच होता है । चौंकाने वाली बात है कि ऐसा केवल कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही होता है ।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की दशा और दिशा को ध्यान में रखकर इस मंडप को बनाना ही प्राचीन भारत के वास्तुकला के उन्नत होने का प्रमाण है ।
(कोपेश्वर मंदिर, महाराष्ट्र)
ऐसा साल में एक से दो बार होता है जब चंद्रमा स्वर्ग मंडप के बीचो-बीच होता है । चौंकाने वाली बात है कि ऐसा केवल कार्तिक पूर्णिमा के दिन ही होता है ।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की दशा और दिशा को ध्यान में रखकर इस मंडप को बनाना ही प्राचीन भारत के वास्तुकला के उन्नत होने का प्रमाण है ।
(कोपेश्वर मंदिर, महाराष्ट्र)
वो इतने क्रूर थे कि उन्होंने पहले हमारे मंदिरों को नष्ट किया फिर दावा किया कि सनातन सभ्यता एक गरीब सभ्यता थी..क्योकिं उन्होंने हमारे पास दिखाने को कुछ नही छोड़ा था ।
मुस्लिम आक्रमणकारियों की ऐसी ही क्रूरता का गवाह है खजुराहो, कभी यहाँ 85 मंदिर हुआ करते थे आज 22 बचे हैं, वो भी टूटे-फूटे ..!
(खजुराहो, मध्य प्रदेश)
मुस्लिम आक्रमणकारियों की ऐसी ही क्रूरता का गवाह है खजुराहो, कभी यहाँ 85 मंदिर हुआ करते थे आज 22 बचे हैं, वो भी टूटे-फूटे ..!
(खजुराहो, मध्य प्रदेश)
वामपंथ समर्थित सरकारों ने इन मंदिरों को विश्व आश्चर्य बनाने के लिए यूनेस्को पर दबाव क्यों नही डाला ?
विश्व के सभी आश्चर्यों से इसकी तुलना कर लो, काल-खंड की प्राचीनता और आधुनिक हथियारों की गैरमौजूदगी में बना यह अद्भुत मंदिर हर हाल में सभी आश्चर्यों से आगे निकल जायेगा ।
(एकम्बरेश्वर मंदिर, तमिलनाडु)
विश्व के सभी आश्चर्यों से इसकी तुलना कर लो, काल-खंड की प्राचीनता और आधुनिक हथियारों की गैरमौजूदगी में बना यह अद्भुत मंदिर हर हाल में सभी आश्चर्यों से आगे निकल जायेगा ।
(एकम्बरेश्वर मंदिर, तमिलनाडु)
पुरातत्वविदों ने भी पुष्टि कर दी है कि यह सब 'खराद मशीन' का उपयोग करके बनाया गया था,
लेकिन वे यह नहीं जानते कि उस समय हमारे पूर्वजों को खराद मशीन कैसे मिली !
फ्रेंड्स यह मत भूलिए कि हम +1000 साल पहले की बात कर रहे हैं ।
(होयसला मंदिर, कर्नाटक)
लेकिन वे यह नहीं जानते कि उस समय हमारे पूर्वजों को खराद मशीन कैसे मिली !
फ्रेंड्स यह मत भूलिए कि हम +1000 साल पहले की बात कर रहे हैं ।
(होयसला मंदिर, कर्नाटक)