जम्बुकेश्वर_मन्दिर_तमिलनाडु
अपने बच्चों को बताना की हिंदू मंदिरों के रहस्यों का पता लगाने के लिए कई जन्म लेने की आवश्यकता है फिर भी पूरे नही समझ सकते
1800 वर्ष पुराने जम्बुकेश्वर मन्दिर के गर्भगृह में एक भूमिगत जलधारा है और पानी को बाहर पंप करने के बावजूद यह हमेशा पानी से भरा रहता है
यह मन्दिर भगवान शिव व माता पार्वती को समर्पित है
अपना इतिहास अपनी आने वाली मूर्ख पीढ़ी तक भी पहुंच सके इसलिये ये पोस्ट कर रहा हु ताकि अपने पूर्वजो के महान कार्यों को देखकर स्वयं भी ऐसा कार्य करो कि तुम्हारी भी आनेवाली पीढ़ी तुमपे गर्व कर सके ये नही की Tik Tok में तुम कैसे जोकर बने उसे देखकर शर्मिंदा हो
इसलिए शेयर करो और सबको समझाओ की तुम भी कल अपने इतिहास स्वयं लिखो
जय सनातन धर्म की 🙏
अपने बच्चों को बताना की हिंदू मंदिरों के रहस्यों का पता लगाने के लिए कई जन्म लेने की आवश्यकता है फिर भी पूरे नही समझ सकते
1800 वर्ष पुराने जम्बुकेश्वर मन्दिर के गर्भगृह में एक भूमिगत जलधारा है और पानी को बाहर पंप करने के बावजूद यह हमेशा पानी से भरा रहता है
यह मन्दिर भगवान शिव व माता पार्वती को समर्पित है
अपना इतिहास अपनी आने वाली मूर्ख पीढ़ी तक भी पहुंच सके इसलिये ये पोस्ट कर रहा हु ताकि अपने पूर्वजो के महान कार्यों को देखकर स्वयं भी ऐसा कार्य करो कि तुम्हारी भी आनेवाली पीढ़ी तुमपे गर्व कर सके ये नही की Tik Tok में तुम कैसे जोकर बने उसे देखकर शर्मिंदा हो
इसलिए शेयर करो और सबको समझाओ की तुम भी कल अपने इतिहास स्वयं लिखो
जय सनातन धर्म की 🙏
🚩🛕🕉️अगर कश्मीर में इन मंदिरों के खंडहर ना बचे होते तो कुछ समय बाद हमारे देश के हरामी इतिहासकार यह साबित कर देते की कश्मीर में हिन्दू कभी थे ही नहीं ।😡🤬🥾👇🏻
" मंदिर जिसे देखकर दिमाग नहीं बल्कि हमारी आँखें सोचती हैं "
आखिर हम उनके बलिदानों का ऋण कैसे चुका पाएंगे जिन्होंने ऐसे महान अविष्कारों से हमें सनातनी होने पर प्रत्येक क्षण गर्व करने पर विवश कर दिया ।
(कंदरिया महादेव, मध्यप्रदेश)👇👇👇👇
आखिर हम उनके बलिदानों का ऋण कैसे चुका पाएंगे जिन्होंने ऐसे महान अविष्कारों से हमें सनातनी होने पर प्रत्येक क्षण गर्व करने पर विवश कर दिया ।
(कंदरिया महादेव, मध्यप्रदेश)👇👇👇👇
आँखें चकित हैं..वानरों को देखें ..या दीवारों को..या दीवारों पर बनी नक्काशियों को ..या फिर नक्काशियों के मध्य बनी कलाकृतियों को ।
और दिमाग हैरान है ..यह सोचकर की अगर यह वैभवशाली हिन्दू मंदिर कंबोडिया में है, तो दुनियाँ पर राज करने वाले हिन्दू केवल भारत में ही सिमट कर क्यों रह गए ।👇👇👇👇
और दिमाग हैरान है ..यह सोचकर की अगर यह वैभवशाली हिन्दू मंदिर कंबोडिया में है, तो दुनियाँ पर राज करने वाले हिन्दू केवल भारत में ही सिमट कर क्यों रह गए ।👇👇👇👇
#होयसलेश्वर_मंदिर,
भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है जो कर्नाटक के हलेबिड नामक स्थान पर स्थित है।
मंदिर 1000 साल पुराना है
मंदिर की जो शिल्प कला है वह देखते ही बनती है 1000 साल पहले इतनी अच्छी शिल्प कला और इतनी अच्छी कारीगरी वह भी ऐसे पत्थरों पर जिन्हें आज के टाइम भी काटना बहुत ज्यादा मुश्किल है
मंदिर की बाहरी दीवारों से लेकर मंदिर की छत तक इतनी बारीक कारीगरी की हुई है जिसे कोई भी एक बार देखता है तो देखता रह जाता है
इस मंदिर में आपको सभी देवताओं की मूर्तियां मिलेगी साथ में महाभारत और रामायण काल की कुछ मूर्तियां भी हैं जो महाभारत और रामायण को दर्शा रही हैं
मंदिर के अंदर 108 पिल्लर है जिस पर इतनी अच्छी मोल्डिंग की हुई है वह बिना लेथ मशीन के मुश्किल है और लेथ मशीन का आविष्कार अभी कुछ सालों पहले ही हुआ है तो 1000 साल पहले बिना मशीन के यह सब कैसे हुआ होगा?
कुछ मूर्तियां तो देखने लायक है आपको उनके हाथों में दूरबीन ,मिसाइल दिखाई पड़ती है
अभी कुछ समय पहले ही अमेरिका की एक टीम यहां पहुंची थी इसका निरीक्षण करने के लिए तो उनको समझ नहीं आया कि हजार साल पहले यह कैसे मुमकिन हुआ उन्होंने इस बात को स्वीकारा है कि उनके पास आज से भी ज्यादा उन्नत तकनीक थी . . .
भगवान शिव को समर्पित एक मंदिर है जो कर्नाटक के हलेबिड नामक स्थान पर स्थित है।
मंदिर 1000 साल पुराना है
मंदिर की जो शिल्प कला है वह देखते ही बनती है 1000 साल पहले इतनी अच्छी शिल्प कला और इतनी अच्छी कारीगरी वह भी ऐसे पत्थरों पर जिन्हें आज के टाइम भी काटना बहुत ज्यादा मुश्किल है
मंदिर की बाहरी दीवारों से लेकर मंदिर की छत तक इतनी बारीक कारीगरी की हुई है जिसे कोई भी एक बार देखता है तो देखता रह जाता है
इस मंदिर में आपको सभी देवताओं की मूर्तियां मिलेगी साथ में महाभारत और रामायण काल की कुछ मूर्तियां भी हैं जो महाभारत और रामायण को दर्शा रही हैं
मंदिर के अंदर 108 पिल्लर है जिस पर इतनी अच्छी मोल्डिंग की हुई है वह बिना लेथ मशीन के मुश्किल है और लेथ मशीन का आविष्कार अभी कुछ सालों पहले ही हुआ है तो 1000 साल पहले बिना मशीन के यह सब कैसे हुआ होगा?
कुछ मूर्तियां तो देखने लायक है आपको उनके हाथों में दूरबीन ,मिसाइल दिखाई पड़ती है
अभी कुछ समय पहले ही अमेरिका की एक टीम यहां पहुंची थी इसका निरीक्षण करने के लिए तो उनको समझ नहीं आया कि हजार साल पहले यह कैसे मुमकिन हुआ उन्होंने इस बात को स्वीकारा है कि उनके पास आज से भी ज्यादा उन्नत तकनीक थी . . .
ये नक्शा ब्रिटिश रिकार्ड्स से है इसमें सन 1799 के इस ब्रिटिश नक्शे में भारत का इलाका दिखाया गया है इसमें जो पीला बड़ा हिस्सा है वो मराठा राज्य है और जो हरा हिस्सा उत्तर और दक्षिण में दिख रहा है वो उत्तर में अवध और दक्षिण में टीपू सुल्तान का राज वाला इलाका है पूर्व की तरफ आज के बांग्लादेश बंगाल वाले इलाके पे गुलाबी रंग से ब्रिटिश राज है
अब कोई ये बताए कि 1799 में जब ये हाल था तो मुगल राज था कहा हमारी इतिहास की किताबो में कितना झूठ लिखा गया है इन मुगलों के बारे में सच मे अगर रिसर्च की जाए तो समझ आएगा कि मुगलों की हैसियत इतनी नहीं थी जितनी इतिहास में बताई गई है
जय श्री राम
साभार -
अब कोई ये बताए कि 1799 में जब ये हाल था तो मुगल राज था कहा हमारी इतिहास की किताबो में कितना झूठ लिखा गया है इन मुगलों के बारे में सच मे अगर रिसर्च की जाए तो समझ आएगा कि मुगलों की हैसियत इतनी नहीं थी जितनी इतिहास में बताई गई है
जय श्री राम
साभार -
यह यूरोप नहीं है यह गिलगित है बाल्टिस्तान , भारत देशवासियों करो तैयारी कल हमारा है, #POK_हमारा_है
जेब से 50 का नया नोट निकाल देखिए क्या ये उस पर भी छपा है ये स्टोन चैरट है ! हिंदी में अपने आप समझ लीजिए।
हिंदुस्तान महान 🚩
हिंदुस्तान महान 🚩