*ताजमहल से लाख गुना ज्यादा* *सुंदर है वृदांवन का प्रेम मन्दिर*....
*प्रेम का प्रतीक तो मथुरा वृदांवन बरसाना के कण कण में विराजमान है*
*🙏🚩जय सिया राम🚩🙏*
*🙏🦚राधे राधे🦚🙏*
*प्रेम का प्रतीक तो मथुरा वृदांवन बरसाना के कण कण में विराजमान है*
*🙏🚩जय सिया राम🚩🙏*
*🙏🦚राधे राधे🦚🙏*
मोबाइल की कीमत तो उस दिन वसूल होगी जिस दिन
श्री राम के "भव्य मंदिर" के
समक्ष सेल्फी लूँगा
🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
*💥💥 शुभ रात्रि 💥💥*
श्री राम के "भव्य मंदिर" के
समक्ष सेल्फी लूँगा
🚩🚩जय श्री राम🚩🚩
*💥💥 शुभ रात्रि 💥💥*
*हरे कृष्ण🙏🏻🙏🏻*
*💥हमारे सनातन संस्कृति हमारे मंदिर जो आज भी अद्धभुत और विशाल है उसको को जानने के लिये ये ग्रुप में जुड़े 💥👇🏻👇🏻*
*प्राथना इस ग्रुप में जो भी जुड़े सिर्फ मंदिर और संस्कृत के संदेश ही ग्रुप में भेजे अन्यथा और कोई संदेश भेजने पर उन्हें ग्रुप से निकल दिया जायेगा।🙏🏻🙏🏻*
https://chat.whatsapp.com/Hv6TxOyJw0U2sTqPNgavhJ
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*द्वारकाधीश मंदिर, द्वारका, गुजरात*
चार धाम में से एक . . .
यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है।
यह मंदिर गोमती नदी के तट पर तथा इस स्थान पर गोमती नदी अरब सागर से मिलती है
यह स्थान द्वापर में भगवान श्री कृष्ण की राजधानी थी और आज कलयुग में भक्तों के लिए महा तप तीर्थ है।
द्वारकाधीश मंदिर 5 मंजिला इमारत का तथा 72 स्तंभों द्वारा समर्थित, को जगत मंदिर या त्रिलोक सुन्दर (तीनों लोको में सबसे सुन्दर) मंदिर के रूप में जाना जाता है।
पुरातात्विक द्वारा बताया गया हैं कि यह मंदिर 2,200-2000 वर्ष पुराना है
15वीं-16वीं सदी में मंदिर का विस्तार हुआ था।
8वीं शताब्दी के हिन्दू धर्मशास्त्रज्ञ और दार्शनिक आदि शंकराचार्य के बाद, मंदिर भारत में हिंदुओं द्वारा पवित्र माना गया ‘चार धाम’ तीर्थ का हिस्सा बन गया।
अन्य तीनों में रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी शामिल हैं
मंदिर के आसपास की अन्य कलात्मक संरचनाओं का निर्माणा 16वीं शताब्दी में करवाया गया था।
मंदिर के गर्भगृह में चांदी के सिंहासन पर भगवान कृष्ण की श्यामवर्णी चतुर्भुजी प्रतिमा विराजमान है
यहां पर उन्हें रणछोड़ जी के नाम से भी जाना जाता है
यहां से 56 सीढियां चढ़कर स्वर्ग द्वार से मंदिर में प्रवेश किया जाता है।
चार धाम में से एक . . .
यह मंदिर भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है।
यह मंदिर गोमती नदी के तट पर तथा इस स्थान पर गोमती नदी अरब सागर से मिलती है
यह स्थान द्वापर में भगवान श्री कृष्ण की राजधानी थी और आज कलयुग में भक्तों के लिए महा तप तीर्थ है।
द्वारकाधीश मंदिर 5 मंजिला इमारत का तथा 72 स्तंभों द्वारा समर्थित, को जगत मंदिर या त्रिलोक सुन्दर (तीनों लोको में सबसे सुन्दर) मंदिर के रूप में जाना जाता है।
पुरातात्विक द्वारा बताया गया हैं कि यह मंदिर 2,200-2000 वर्ष पुराना है
15वीं-16वीं सदी में मंदिर का विस्तार हुआ था।
8वीं शताब्दी के हिन्दू धर्मशास्त्रज्ञ और दार्शनिक आदि शंकराचार्य के बाद, मंदिर भारत में हिंदुओं द्वारा पवित्र माना गया ‘चार धाम’ तीर्थ का हिस्सा बन गया।
अन्य तीनों में रामेश्वरम, बद्रीनाथ और पुरी शामिल हैं
मंदिर के आसपास की अन्य कलात्मक संरचनाओं का निर्माणा 16वीं शताब्दी में करवाया गया था।
मंदिर के गर्भगृह में चांदी के सिंहासन पर भगवान कृष्ण की श्यामवर्णी चतुर्भुजी प्रतिमा विराजमान है
यहां पर उन्हें रणछोड़ जी के नाम से भी जाना जाता है
यहां से 56 सीढियां चढ़कर स्वर्ग द्वार से मंदिर में प्रवेश किया जाता है।
श्रीराम जन्मभूमि खुदाई में 5 फीट का शिवलिंग मिला है।
🙏❤️ हर हर महादेव❤️🙏
🙏💗जय श्री राम💗🙏
🙏❤️ हर हर महादेव❤️🙏
🙏💗जय श्री राम💗🙏
क्या आप विश्वास करेंगे की जब दुनियाँ प्राकृतिक गुफाओं में ठिकाना ढूंढ रही थी तब आज से हजारों वर्ष पहले दूसरी शताब्दी में हमारे पूर्वजों ने इस अद्भुत गुफा को बनाया था ?
अजंता गाँव से 3 किमी दूर घने जंगलों में पहाड़ काटकर बने इस गुफा की तुलना किसी अजूबे से करना भी इस गुफा का अपमान होगा ।
(अजंता, महाराष्ट्र)
अजंता गाँव से 3 किमी दूर घने जंगलों में पहाड़ काटकर बने इस गुफा की तुलना किसी अजूबे से करना भी इस गुफा का अपमान होगा ।
(अजंता, महाराष्ट्र)
यह भगवान #निक्कलंगेश्वर का मंदिर है,
जो #भावनगर, गुजरात के पास, अरब सागर के अंदर 1KM में स्थित है। प्रतिदिन, दोपहर 1 बजे से 10 बजे के बीच तीर्थयात्रियों को भगवान शिव के दर्शन करने की अनुमति देता है। पांडवों ने इस स्थान की पूजा की थी और उनकी स्मृति में 5 शिवलिंग सथापित किए गए हैं। #स्टोन_टेंपल_फ्लैग (कोडिमाराम प्र दवजस्थमभम) लगभग 20फीट की ऊँचाई पर है जो अब तक बाढ़ या तूफान में अडिग रहा है। प्रतिदिन दोपहर 1 बजे तक, समुद्र का जल स्तर इस स्टोन टेम्पल फ्लैग के शीर्ष को छूता है। दोपहर 1 बजे के बाद, समुद्र का स्तर दोनों तरफ से कम होने लगता है और लोगों को भगवान_शिव की पूजा करने की अनुमति मिलती है! यह इस अद्भुत मंदिर की खासियत है, शायद पूरी दुनिया में यह अपनी तरह का एकमात्र है
दुनिया का एक ऐसा मन्दिर जो रोज #जलस्माधि लेता है।
#हर_हर_महादेव 🚩🚩
जो #भावनगर, गुजरात के पास, अरब सागर के अंदर 1KM में स्थित है। प्रतिदिन, दोपहर 1 बजे से 10 बजे के बीच तीर्थयात्रियों को भगवान शिव के दर्शन करने की अनुमति देता है। पांडवों ने इस स्थान की पूजा की थी और उनकी स्मृति में 5 शिवलिंग सथापित किए गए हैं। #स्टोन_टेंपल_फ्लैग (कोडिमाराम प्र दवजस्थमभम) लगभग 20फीट की ऊँचाई पर है जो अब तक बाढ़ या तूफान में अडिग रहा है। प्रतिदिन दोपहर 1 बजे तक, समुद्र का जल स्तर इस स्टोन टेम्पल फ्लैग के शीर्ष को छूता है। दोपहर 1 बजे के बाद, समुद्र का स्तर दोनों तरफ से कम होने लगता है और लोगों को भगवान_शिव की पूजा करने की अनुमति मिलती है! यह इस अद्भुत मंदिर की खासियत है, शायद पूरी दुनिया में यह अपनी तरह का एकमात्र है
दुनिया का एक ऐसा मन्दिर जो रोज #जलस्माधि लेता है।
#हर_हर_महादेव 🚩🚩
आप चौंक गए ना ?
💎हाँ,, एक भी गलती से नक्काशी टूट सकती थी ।
हाँ,, उस समय मशीन भी नहीं थी ।
💎क्या सचमुच मशीन नहीं थी या वामपंथी इतिहासकारों ने झूठ बोला ?
💎क्या उन्होंने इसलिए झूठ बोला कि हम भारतीय अपनी प्राचीन संस्कृति पर गर्व ना कर सकें ?
💎भारत का आधुनिक इतिहास ज्यादातर वामी दुष्टों ने ही लिखा हो, जो आज की हमारी वर्तमान पीढ़ी पढ़ रही है, लेकिन सोशल मीडिया हमारे हाथों में है ..अपने इतिहास के अनछुए पहलू हम जन जन तक पहुचाएंगे,,
आओ हम इसका प्रचार करें ।
(होयसलेश्वर मंदिर, 12वीं शताब्दी, कर्नाटक)
जय_सनातन🚩🚩🚩🚩
💎हाँ,, एक भी गलती से नक्काशी टूट सकती थी ।
हाँ,, उस समय मशीन भी नहीं थी ।
💎क्या सचमुच मशीन नहीं थी या वामपंथी इतिहासकारों ने झूठ बोला ?
💎क्या उन्होंने इसलिए झूठ बोला कि हम भारतीय अपनी प्राचीन संस्कृति पर गर्व ना कर सकें ?
💎भारत का आधुनिक इतिहास ज्यादातर वामी दुष्टों ने ही लिखा हो, जो आज की हमारी वर्तमान पीढ़ी पढ़ रही है, लेकिन सोशल मीडिया हमारे हाथों में है ..अपने इतिहास के अनछुए पहलू हम जन जन तक पहुचाएंगे,,
आओ हम इसका प्रचार करें ।
(होयसलेश्वर मंदिर, 12वीं शताब्दी, कर्नाटक)
जय_सनातन🚩🚩🚩🚩