ऐतिहासिक मंदिर और उनकी कथा
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हमारी संस्कृति हमारा अभिमान

*इस चैनल मे हमारे मंदिरों की कथा के आडियो विडियो और हमारी सभ्यता से जुड़ी जगह का प्रसारण किया जाता है*

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🔔 *जय बाबा बर्फानी*🔔

अमरनाथ के कपाट खुलने का आलौकिक व दुर्लभ दृश्य।दर्शन का लाभ ले व सभी को भेजकर पुण्य अर्जित करें।🙏🙏🙏🙏🙏
1800 साल पुराना मंदिर, बहुत से रहस्य समेटे हुए है, मंदिर के अंदर एक पानी का कुंड है जो लगातार पानी को बाहर फेंकता रहता है..
मंदिर प्रकृति को दर्शाता है, जिससे मानव शरीर निर्मित है, हवा पानी जल पृथ्वी आकाश का सम्मल्लित रुप है, पानी का स्त्रोत और हवा का प्रेशर जो लगातार पानी को बाहर फेंकता रहता है मंदिर के अंदर फर्स के उपर से मुख द्वार से बाहर निकलता है, कोई भी अभी तक रहस्य का पता नहीं लगा पाया..
ऐसे अनगिनत रहस्य और हमारी संस्कृति को कांग्रेसी सरकारों ने हमसे छिपाये रखा , चोल वंश द्वारा निर्मित # जंबूकेश्वर_मंदिर तिरुचिरापल्ली तमिलनाडु..
हमारी इन तमाम विरासतों को कांगी वामी इतिहासकारों ने हमसे बहुत ही कुटिल और शातिर तरीके से हमसे छिपाए रखा है..
# जय_हिन्दू_राष्ट्र
दोस्तों ! हमारे महादेव को समर्पित श्रीकांतेश्वर मंदिर को देखिए

भारत का प्राचीन आर्किटेक्चर दुनियाँ में सबसे अच्छा था! अगर किसी को लगता है कि मैं मिथ्या अभिमानी हूँ तो..आगे बढ़ो और चुनौती दो..मुझे विश्वास है कि मेरी उन्नत संस्कृति के उदाहरणों के तीर के आगे आपके तर्क धराशायी हो जाएंगे ।

(श्रीकांतेश्वर मंदिर, कर्नाटक)
नंदी ! ऐसा लगता है कि पत्थर में तब्दील होने से पहले यह एक प्राणी की तरह जीवित थे ।

केवल एक पत्थर को काटकर बने नंदी की प्रतिमा को देखिए, इसकी लंबाई 8.23 मीटर और ऊंचाई 4.5 मीटर है । यह दुनियाँ के सबसे बड़े नंदी प्रतिमाओं में से एक है ।

(लेपाक्षी मंदिर, आंध्रप्रदेश)
क़ुतुब मीनार के परिसर की कुछ तस्वीरें। आप ही सोचिए ये पहले मंदिर था या कोई इस्लामिक
"ताजमहल" देखकर वाह वाह करने वालों हिमाचल प्रदेश का "शिवमहल" भी देख लिया करो। सुंदरता, नक्काशी के मामले में "ताजमहल" से सौ गुना बेहतर है।
यह_मंदिर_देवराज_इंद्र_ने_बनवाया_था

मीनाक्षी मंदिर - इसी मंदिर में शिव विवाह हुआ था ?? - मीनाक्षी मंदिर, मदुरई -

जिसके आगे दुनिया की प्रत्येक सुंदर से सुंदर चीज कुछ नही ...

कांची तु कामाक्षी, मदुरै मिनाक्षी,
दक्षिणे कन्याकुमारी ममः शक्ति रूपेण भगवती ।
नमो नमः नमो नमः।।

अर्थात , शक्ति का कांची ने नाम कामाक्षी जी, मदुरई में मीनाक्षी, दक्षिण में कन्याकुमारी ।

यहां के लोगो की मान्यता है, की भगवान शिव का विवाह इसी मंदिर में हुआ था । मां का यह विशाल भव्य मंदिर तमिलनाडू के मदुरै शहर में है। यह मंदिर मीनाक्षी अम्मन मंदिर प्राचीन भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंदिरों में से एक है। माँ मीनाक्षी का यह अम्मन मंदिर को विश्व के नए सात अजूबों के लिए नामित किया गया है।

इस मन्दिर का स्थापत्य एवं वास्तु आश्चर्यचकित कर देने वाला है, जिस कारण यह आधुनिक विश्व के सात आश्चर्यों की सूची में प्रथम स्थान पर स्थित है, एवं इसका कारण इसका विस्मयकारक स्थापत्य ही है।

इस इमारत समूह में 12 भव्य गोपुरम हैं, जो अतीव विस्तृत रूप से शिल्पित हैं। इन पर बडी़ महीनता एवं कुशलतापूर्वक रंग एवं चित्रकारी की गई है, जो देखते ही बनती है।

यह मन्दिर तमिल लोगों का एक अति महत्वपूर्ण द्योतक है, एवं इसका वर्णन तमिल साहित्य में पुरातन काल से ही होता रहा है
थिरुथानी मुरुगन मंदिर एक हिंदू मंदिर है, जो #तमिलनाडु की #तिरुवल्लूर जिले के #थिरुथानी पहाड़ी पर अबस्थित है, ये मंदिर भगवान #मुरुगा को समर्पित है।

पहाड़ी में 365 सीढ़ियां हैं जो वर्ष के 365 दिनों का संकेत देते हैं। यह भगवान #मुरुगन के छह पवित्र निवासों में से एक है।

जय_सनातन🚩🚩🚩🚩🚩
कीर्तिस्तंभ चितौड़गढ़
दुनिया में इससे खूबसूरत शायद ही कोई और स्तंभ हों ।
राणा कुम्भा ने यही पर महमूद खिलजी को हराया था ।
कौन थे राणा कुम्भा...?
राणा कुम्भा को कुम्भकरण और कँहू राणा कुम्भा के नाम से भी जाना जाता है. उनका जन्म चितौड़ के राजा राणा मोकल के घर में हुआ था. चूंकि उनके पिता एक प्रतापी राजा थे इस लिहाज से वीरता उन्हें विरासत में ही मिल गयी थी. आगे 1431 ई. में उनके पिता की मृत्यु हो गई, तो 1433 में वह मेवाड़ की गद्दी पर बैठे और सबसे पहले अपने दुश्मन देवड़ा चौहानों को हराकर आबू पर अपना कब्जा जमाया.
इसके बाद वह मालवा की तरफ आगे बढ़े और सुलतान महमूद खिलजी को बुरी तरह से हार का स्वाद चखाया. अपनी इस जीत को यादगार बनाने के लिए उन्होंने चित्तौड़ में एक कीर्तिस्तंभ बनवाया, जोकि बहुत विख्यात है.

आगे भी उनकी जीत का सिलसिला चलता रहा ।


 
हिंदी अनुवाद:
अविश्वसनीय भारत
ऐतिहासिक जगह (पंचागंगा मंदिर )
महाबलेश्वर है।
इस प्रसिद्ध मंदिर को राजा सिंघंदेव द्वारा बनाया गया था वह 13 वीं शताब्दी में देवगिरी के यादव के राजा थे।
16 वीं शताब्दी में मंदिर में मराठा सम्राट छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा जीर्णोद्धार किया गया था। यह जल पांच अलग-अलग नदियों से बना है जो कि कोयना, वेन, सावित्री और गायत्री।
इस स्थान पर शामिल है।पांच नदियों के संगम में पंचगंगा का नाम पंचगंगा है, जहां पंच का अर्थ पाँच है और गंगा का अर्थ है नदी।सभी नदियां # गाय के मुंह से निकलती हैं जो पत्थर से बनाई गई है। इस प्रकार स्थान को पंचगंगा मंदिर कहा जाता है।