ऐतिहासिक मंदिर और उनकी कथा
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हमारी संस्कृति हमारा अभिमान

*इस चैनल मे हमारे मंदिरों की कथा के आडियो विडियो और हमारी सभ्यता से जुड़ी जगह का प्रसारण किया जाता है*

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हिंदी अनुवाद:
हमारी प्राचीन सभ्यता पर गर्व होना चाहिए।
देखो, हमारे पूर्वज ईश्वर के प्रति अपने को समर्पित करते थे और उनके द्वारा बनाई गई चमत्कार सभी जगह जीवित हैं।भगवान कृष्ण को समर्पित
मिट्टी के ढांचे ( टेराकोटा शिल्पकला) में राधा-कृष्ण के दृश्यों का चित्रण है।
बंगलादेश।
टेराकोटा: मिट्टी से बनी इटे या कवेलू
#श्री_चौमुख_नाथ_धाम_मंदिर
सलेहा जिला पन्ना में स्थित सलेहा से 6 किलोमीटर दूर ग्राम हजारों साल पुराना

वैसे तो अपनी-अपनी जगह सभी शिव मंदिरों का महत्व है लेकिन सलेहा क्षेत्र के नचने का चौमुख नाथ महादेव मंदिर का इतिहास ही अनोखा है। कहते है अति प्राचीन इस मंदिर में भगवान शिव के चार मुख वाली प्रतिमा स्थापित है। प्रतिमा का हर मुख अलग-अलग रूप वाला है।

चतुर्मुखी प्रतिमा में एक मुख भगवान के दूल्हे के वेष का है। इसको गौर से देखने पर भगवान के दूल्हे के रूप के दर्शन होते हैं। दूसरे मुख में भगवान अर्धनारीश्वर रूप में हैं। तीसरा मुख भगवान का समाधि में लीन स्थिति का है और चौथा उनके विषपान करने का है। प्रतिमा का सूक्ष्मता के साथ दर्शन करने पर सभी रूप उभरकर आते हैं। यह प्रतिमा अपने आप में अद्भुद है और दुर्लभ है।...

इनके पूजा और दर्शन करने से पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है। यहां हर समय स्थानीय श्रद्धालु आते हैं लेकिन सावन के महीने में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। यहां भगवान के दर्शन करने के लिए प्रत्येक सावन के सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालुजन पहुंचते हैं।

इसी मंदिर परिसर में पार्वती मंदिर है जो दुनिया के सबसे प्राचीनतम मंदिरों में से है। यह मंदिर गुप्त कालीन करीब पांचवीं सदी का माना जाता है। माना जाता है जब इंसान मंदिरों के निर्माण की कला सीख रहा था तब इस मंदिर का निर्माण कराया गया। यह केंद्र संरक्षित स्मारक है। यहा सावन सोमवार में पूजा अर्चना करने वालों की भारी भीड़ पहुचती है।
#हर_हर_महादेव..🙏
Malappa temple
Telangana
Photo from SHRI RADHE🙏🏻🙏🏻
यह भगवान #निक्कलंगेश्वर का मंदिर है,

जो #भावनगर, गुजरात के पास, अरब सागर के अंदर 1KM में स्थित है। प्रतिदिन, दोपहर 1 बजे से 10 बजे के बीच तीर्थयात्रियों को भगवान शिव के दर्शन करने की अनुमति देता है। पांडवों ने इस स्थान की पूजा की थी और उनकी स्मृति में 5 शिवलिंग सथापित किए गए हैं। #स्टोन_टेंपल_फ्लैग (कोडिमाराम प्र दवजस्थमभम) लगभग 20फीट की ऊँचाई पर है जो अब तक बाढ़ या तूफान में अडिग रहा है। प्रतिदिन दोपहर 1 बजे तक, समुद्र का जल स्तर इस स्टोन टेम्पल फ्लैग के शीर्ष को छूता है। दोपहर 1 बजे के बाद, समुद्र का स्तर दोनों तरफ से कम होने लगता है और लोगों को भगवान_शिव की पूजा करने की अनुमति मिलती है! यह इस अद्भुत मंदिर की खासियत है, शायद पूरी दुनिया में यह अपनी तरह का एकमात्र है

दुनिया का एक ऐसा मन्दिर जो रोज #जलस्माधि लेता है।

#हर_हर_महादेव 🚩🚩
मुगल शासक औरंगजेब द्वारा तोड़े गए काशी विश्वनाथ मंदिर की तस्वीर(Lithograph) . फ़ोटो- जेम्स प्रिंसेप/ ब्रिटिश लाइब्रेरी via @indiahistorypic
यही है स्वर्ण काल और मुगल वास्तुकला का असली नमूना
😰
रहस्यमयी !
अलौकिक!
अतुलनीय!

जहाँ पेड़,रास्ते ,मंदिर और गाँव में तीस हज़ार नाग मूर्तियां स्थापित हैं।🐍
विश्व में अपनी तरह का एक मात्र नागालय मंदिर!!!

#मनारशाला_नाग_मंदिर (केरल)
मंदिर के एक गर्भगृह में बांसुरी बजाते हुए भगवान श्री कृष्ण . . .

इस प्रतिमा को देखो पता नहीं वर्ष हो गए पर आज भी वही सुंदरता दिखाई देती है जो हजारो वर्ष पहले थी l

#श्री_चेन्नेकसवा_मंदिर, सोमनाथपुरा, कर्नाटक
माल्टा देश की सरकार ने 2003 में मेवाड़ के शूरवीर महाराणा प्रताप पर चांदी का सिक्का जारी किया था। एक किलोग्राम वजनी यह सिक्का दुनिया में सबसे बड़ा सिक्का है, जिसके एक ओर महाराणा प्रताप का चित्र और उनके जन्म-मृत्यु की तारीख अंकित है ताे दूसरी ओर माल्टा देश का चिह्न व नाम है। माल्टा सरकार ने ऐसे 100 सिक्के जारी किए थे
सौलहवीं शताब्दी के एक हिन्दु राजा को एक राष्ट्र के द्वारा दिया गया सम्मान जो हमसें 6500 किलोमीटर दूर है,दुनिया पर महाराणा के प्रभाव को दर्शाता हैं
ओर यहाँ भारत में अकबर ही महान था और महान हैं।🤔🤔
झूठी इस्लामी स्थापत्य कला बहुत पढ़ ली, अब सनातन धर्म की गौरवमयी कलाकारी देखो....🙏

8वीं सदी में दक्षिण भारत के "पल्लव वंश" के सूर्यवंशी क्षत्रियों द्वारा निर्मित यह मंदिर एक.... बेहद रहस्यमयी मंदिर है...🚩
यह गुफा एक ही पत्थर को काटकर बनाई गई है, ऊपर जो मंदिर है, वह भी उसी पहाड़ का हिस्सा है !
यह कैसे किया गया ?? इसका तो हमारे पास क्या...पूरी दुनिया के पास नहीं है !
पता नहीं, कैसे ज्ञानी और ध्यानी थें हमारे पूर्वज, जो वह कार्य कर गए, जिसकी कल्पना भी शायद हम नही कर सकतें...

यह केवल खुद तक सीमित मत रखना, अपने बच्चों को जरूर बताना...की हमारा भारत और उसकी सांस्कृतिक विरासत कितनी महान है, उसके बाद उनके मन में सनातन धर्म को लेकर कभी सवाल खड़े नही होंगे !

जिसको अपनी महान विरासत का स्मरण हो, उसका धर्मपरिवर्तन कोई नहीं करवा सकता...🚩

ओल्क्कन्ननेश्वर मंदिर, महाबलिपुरम तमिलनाडु