#छाया_सोमेश्वर 🙏
#तेलंगाना के नालगोण्डा जिले में 800 वर्ष पुराना यह शिवलिंग आज भी वैज्ञानिकों के लिये एक चुनौती हैं।
आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि अनेक स्तम्भों वाले इस मन्दिर के शिवलिंग पर पूरे दिन एक स्तंभ की छाया पीछे की दीवार पर देखी जा सकती है लेकिन यह किसी स्तंभ की छाया नहीं है । #अदभुत
जय स्तय सनातन..हर हर महादेव..ॐ नमः शिवाय🙏🚩🚩
#तेलंगाना के नालगोण्डा जिले में 800 वर्ष पुराना यह शिवलिंग आज भी वैज्ञानिकों के लिये एक चुनौती हैं।
आपको ये जानकार आश्चर्य होगा कि अनेक स्तम्भों वाले इस मन्दिर के शिवलिंग पर पूरे दिन एक स्तंभ की छाया पीछे की दीवार पर देखी जा सकती है लेकिन यह किसी स्तंभ की छाया नहीं है । #अदभुत
जय स्तय सनातन..हर हर महादेव..ॐ नमः शिवाय🙏🚩🚩
ताजमहल से सेकड़ों साल पहले 40 हजार टन पथ्थर काटकर 13 मंजिली हिन्दू अजूबा बना जिसमे 200 साल और 10 पीढियां लगी , निर्माण हमेशा नीचे से ऊपर होता है , लेकिन कैलाश मंदिर ऊपर से नीचे समूचा पहाड़ काटकर बनाया गया एकाश्मक चट्टान को काटकर 13 मंजिली गुफा निर्माण पद्धति भारत के अलावा और कही नही है । ये मंदिर महाराष्ट्र के वेरुल में है।
हर हर महादेव
हर हर महादेव
बुग्गा रामलिंगेश्वर मंदिर का दक्षिण गोपुरम तड़ीपत्री
हालांकि अधूरा है, गोपुरम विशाल और राजसी और सबसे विस्तृत नक्काशीदार गोपुरमों में से एक है ।
हालांकि अधूरा है, गोपुरम विशाल और राजसी और सबसे विस्तृत नक्काशीदार गोपुरमों में से एक है ।
यह सिर्फ एक मंदिर नहीं है, यह हमारी पहचान का स्त्रोत है, हमारे पूर्वजों का आशीर्वाद है, हमारी भूली हुई महानता की कहानी है।
इस मंदिर का निर्माण परमाल राजा भोज ने आज से लगभग 1000 साल पहले करवाया था, मंदिर का गर्भगृह केवल एक पत्थर को काटकर बनाया गया है ।
✍️Tha rajing indiya🙏
(समाधीश्वरा मंदिर, चित्तौरगढ़)
इस मंदिर का निर्माण परमाल राजा भोज ने आज से लगभग 1000 साल पहले करवाया था, मंदिर का गर्भगृह केवल एक पत्थर को काटकर बनाया गया है ।
✍️Tha rajing indiya🙏
(समाधीश्वरा मंदिर, चित्तौरगढ़)
लोग यहां से नायग्रा वॉटरफॉल देखने जाते है। यह देखो।
🙏 *नमामि देवी नर्मदे ।*
भेडा घाट जबलपुर में पतित पावनी मां नर्मदा का अद्भुत दर्शन ।👇👇👇👇
🙏 *नमामि देवी नर्मदे ।*
भेडा घाट जबलपुर में पतित पावनी मां नर्मदा का अद्भुत दर्शन ।👇👇👇👇