इन #मूर्तियों का #रहस्य, क्या रहस्य ही बना रहेगा ???
उनाकोटि के जंगल- यहां #शिव और समस्त देवताओं की मूर्ति पहाड़ो पर उकेरी हुई है, या पहाड़ो को काटकर बनाई हुई है । यहां की जनसँख्या भी इतनी नही है, यह मूर्ति किसने बनाई, कब बनाई इसका कोई इतिहास नही है ।
सिर्फ अनुमान है कि ये मूर्तियां लाखो वर्ष पुरानी है । हम कहते है , ईसापूर्व मनुष्य इतना उन्नत नही था , तो पहाड़ो को काटकर ऐसी मूर्तियां बनी कैसे ?
हम शायद आज अत्याधुनिक मशीनों से पहाड़ो को काटकर भी ऐसी मूर्तियां नही बना सकते ।
सनातन ने तो पहाड़ काटकर मूर्तियां बनाई है,,,,,
किसी का भवन लूटकर नाम नहीं दिया है अपना,
#उनाकोटि(त्रिपुरा), भारत
ये है दिव्य , भव्य , समृद्ध , श्रेष्ठ और उत्कृष्ट भारत
उनाकोटि के जंगल- यहां #शिव और समस्त देवताओं की मूर्ति पहाड़ो पर उकेरी हुई है, या पहाड़ो को काटकर बनाई हुई है । यहां की जनसँख्या भी इतनी नही है, यह मूर्ति किसने बनाई, कब बनाई इसका कोई इतिहास नही है ।
सिर्फ अनुमान है कि ये मूर्तियां लाखो वर्ष पुरानी है । हम कहते है , ईसापूर्व मनुष्य इतना उन्नत नही था , तो पहाड़ो को काटकर ऐसी मूर्तियां बनी कैसे ?
हम शायद आज अत्याधुनिक मशीनों से पहाड़ो को काटकर भी ऐसी मूर्तियां नही बना सकते ।
सनातन ने तो पहाड़ काटकर मूर्तियां बनाई है,,,,,
किसी का भवन लूटकर नाम नहीं दिया है अपना,
#उनाकोटि(त्रिपुरा), भारत
ये है दिव्य , भव्य , समृद्ध , श्रेष्ठ और उत्कृष्ट भारत
आयरलैण्ड का २२ एकड़ में फैला एक विश्व प्रसिद्ध पार्क है।जिसमें भगवान गणेश के अद्भुत दर्शनीय विग्रह हैं।
संगीत भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है।इस पार्क में भगवान गणेश विभिन्न वाद्ययंत्रों का वादन करते हुए दिखाए गए हैं।
एक विग्रह जिसमें वीणा वादक गणेश जी के चरण सान्निध्य में मूषक (चूहा) विद्यमान है वो दर्शनीय है 👇आयरलैण्ड का २२ एकड़ में फैला एक विश्व प्रसिद्ध पार्क है।जिसमें भगवान गणेश के अद्भुत दर्शनीय विग्रह हैं।
संगीत भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है।इस पार्क में भगवान गणेश विभिन्न वाद्ययंत्रों का वादन करते हुए दिखाए गए हैं।
एक विग्रह जिसमें वीणा वादक गणेश जी के चरण सान्निध्य में मूषक (चूहा) विद्यमान है वो दर्शनीय है 👇
संगीत भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है।इस पार्क में भगवान गणेश विभिन्न वाद्ययंत्रों का वादन करते हुए दिखाए गए हैं।
एक विग्रह जिसमें वीणा वादक गणेश जी के चरण सान्निध्य में मूषक (चूहा) विद्यमान है वो दर्शनीय है 👇आयरलैण्ड का २२ एकड़ में फैला एक विश्व प्रसिद्ध पार्क है।जिसमें भगवान गणेश के अद्भुत दर्शनीय विग्रह हैं।
संगीत भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है।इस पार्क में भगवान गणेश विभिन्न वाद्ययंत्रों का वादन करते हुए दिखाए गए हैं।
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Forwarded from सनातन संस्कृत के वीडियो
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद*🙏🏻🌹
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
*वीडियो👆🏻👆🏻👇🏻👇🏻*
🕰➡️2.20
*🙏🏻💐मन्दिर दर्शन में भाग 2 आज का पड़ाव श्री मरघट वाले बाबा हनुमान मन्दिर यमुना बाजार दिल्ली💐🙏🏻*
🚩 *सनातन धर्म को पहचानो* 🚩
*👇🏻टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻*
https://t.me/joinchat/AAAAAFKtXqZ-TRwRqPB-Uw
*🙏🏻🌹 हरे कृष्ण 🙏🏻🌹*
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
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Video from jaikey
क्या एक सुंदर अनुग्रह…!!अपने शिशु पुत्र गणेशजी के साथ माता देवी पार्वती की शानदार मूर्ति..यह भारत में नहीं है,
विला सर्ना उबूड, बाली, इंडोनेशिया में है
विला सर्ना उबूड, बाली, इंडोनेशिया में है
*🛕हवा महल, जयपुर*
*🔶राजाओं और रजवाड़ो की ऐतिहासिक भूमि राजस्थान में कई ऐसे भव्य महल और किले हैं जिनकी सुंदरता की बात ही निराली है। पूरी दुनिया में इन महलों और किलों की प्रशंसा होती है।*
*🔶 हवामहल की खिड़कियों को इस तरह जालीदार बनाया गया है कि बाहर से अंदर की गतिविधियों को नहीं देखा जा सकता है परन्तु अंदर खड़ा व्यक्ति बाहर की गतिविधियों का स्पष्ट रूप से अवलोकन कर सकता है। 953 अत्यंत सुंदर खिड़कियों वाला यह पांच-मंजिला महल महाराजा सवाई प्रताप सिंह नें 1799 में बनवाया था।*
*🔶इस 5 मंजिला में किसी भी मंजिल में सिढ़ी नहीं है। हवा महल में सभी मंजिलों में जाने के लिए ढलान किए रास्तों का उपयोग किया जाता है।*
*🔶राजाओं और रजवाड़ो की ऐतिहासिक भूमि राजस्थान में कई ऐसे भव्य महल और किले हैं जिनकी सुंदरता की बात ही निराली है। पूरी दुनिया में इन महलों और किलों की प्रशंसा होती है।*
*🔶 हवामहल की खिड़कियों को इस तरह जालीदार बनाया गया है कि बाहर से अंदर की गतिविधियों को नहीं देखा जा सकता है परन्तु अंदर खड़ा व्यक्ति बाहर की गतिविधियों का स्पष्ट रूप से अवलोकन कर सकता है। 953 अत्यंत सुंदर खिड़कियों वाला यह पांच-मंजिला महल महाराजा सवाई प्रताप सिंह नें 1799 में बनवाया था।*
*🔶इस 5 मंजिला में किसी भी मंजिल में सिढ़ी नहीं है। हवा महल में सभी मंजिलों में जाने के लिए ढलान किए रास्तों का उपयोग किया जाता है।*
*🛕प्रेम मंदिर, वृंदावन*
*🔶प्रेम मंदिर को बनने में लगभग 11 वर्षों का समय लगा था। वर्ष 2000 में प्रेम मंदिर का शिलान्यास हुआ था। 14 फरवरी 2001 में कृपालु जी महाराज ने इस मंदिर के निर्माण की पहली ईंट रखी थी। फरवरी 2012 में ये बनकर तैयार हुआ।*
*🔶वृंदावन में 54 एकड़ में बना यह प्रेम मंदिर 125 फुट ऊंचा, 122 फुट लंबा और 115 फुट चौड़ा है। इसमें हरियाली भरे बगीचे, फव्वारे, श्रीकृष्ण की मनोहर झांकियां, श्रीगोवर्धन धारण लीला, कालिया नाग दमन लीला, झूलन लीलाएं दिखाई गई हैं, जिससे भक्त सरल से समझ सकें।*
*🔶ये पूरा मंदिर सफेद पत्थरों से बना है। इसे बनाने के लिए इटैलियन संगमरमर का प्रयोग किया गया है। मंदिर की दीवारों पर सफेद संगमरमर से चमचमाती बारीक नक्काशी इसकी भव्यता को कई अधिक बड़ा देती है।*
*🔶प्रेम मंदिर को बनने में लगभग 11 वर्षों का समय लगा था। वर्ष 2000 में प्रेम मंदिर का शिलान्यास हुआ था। 14 फरवरी 2001 में कृपालु जी महाराज ने इस मंदिर के निर्माण की पहली ईंट रखी थी। फरवरी 2012 में ये बनकर तैयार हुआ।*
*🔶वृंदावन में 54 एकड़ में बना यह प्रेम मंदिर 125 फुट ऊंचा, 122 फुट लंबा और 115 फुट चौड़ा है। इसमें हरियाली भरे बगीचे, फव्वारे, श्रीकृष्ण की मनोहर झांकियां, श्रीगोवर्धन धारण लीला, कालिया नाग दमन लीला, झूलन लीलाएं दिखाई गई हैं, जिससे भक्त सरल से समझ सकें।*
*🔶ये पूरा मंदिर सफेद पत्थरों से बना है। इसे बनाने के लिए इटैलियन संगमरमर का प्रयोग किया गया है। मंदिर की दीवारों पर सफेद संगमरमर से चमचमाती बारीक नक्काशी इसकी भव्यता को कई अधिक बड़ा देती है।*