Forwarded from Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद* 🙏🏻🌹
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣3⃣
*🌷तिरुपति_बालाजी_में_बाल-क्यों_दिया_जाता-है🌷*
ऑडियो-📀🕰➡18.41
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
ये ऑडियो *टेलीग्राम एप्प* पर भी उपलब्ध होंगे कृपया इस टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻
*Important note*- ये चैनल *official* नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣3⃣
*🌷तिरुपति_बालाजी_में_बाल-क्यों_दिया_जाता-है🌷*
ऑडियो-📀🕰➡18.41
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
ये ऑडियो *टेलीग्राम एप्प* पर भी उपलब्ध होंगे कृपया इस टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻
*Important note*- ये चैनल *official* नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
Telegram
Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
श्री सीताराम
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
Forwarded from Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
AUD-20190131-WA0019.mp3
17.1 MB
Audio from *🌹तव कथामृतम तप्त जीवनम्🌹
Forwarded from सनातन संस्कृत के वीडियो
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद*🙏🏻🌹
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
*वीडियो👆🏻👆🏻👇🏻👇🏻*
🕰➡️5.35
*🙏🏻💐नमामी देवी नमृदे 🙏नमृदा कुंड, अमरकंटक💐🙏🏻*
*👇🏻टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻*
https://t.me/joinchat/AAAAAFKtXqZ-TRwRqPB-Uw
*🙏🏻🌹 हरे कृष्ण 🙏🏻🌹*
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
*वीडियो👆🏻👆🏻👇🏻👇🏻*
🕰➡️5.35
*🙏🏻💐नमामी देवी नमृदे 🙏नमृदा कुंड, अमरकंटक💐🙏🏻*
*👇🏻टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻*
https://t.me/joinchat/AAAAAFKtXqZ-TRwRqPB-Uw
*🙏🏻🌹 हरे कृष्ण 🙏🏻🌹*
Forwarded from सनातन संस्कृत के वीडियो
Media is too big
VIEW IN TELEGRAM
रुद्र महल मन्दिर
ये गुजरात के पाटण जिले में सिद्धपुर में है
सिद्धपुर अहमदाबाद के पहले गुजरात की राजधानी हुआ करता था
930 AD में इसका निर्माण शुरु हुआ और 1140 AD में पूरा हुआ था यह मंदिर भगवान शिव के अन्य रूप 'रुद्र' को समर्पित है रुद्रमहल में कुल 11 मन्दिर थे जहा रुद्रमहादेव की पूजा की जाती थी
12 प्रवेशद्वार , 3 मंझिला इमारत में 1600 खम्भे थे
मन्दिर का अलंकरण विस्तृत था सुंदर नक्काशी व तोरण है इसकी भव्यता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता कि मिरात ए सिकन्दरी किताब में इसकी मूर्तियों को चीन और खेतान की मूर्तियों से श्रेष्ठ बताया गया है
अब इस मंदिर से जुड़ी कथा को जानते हैं
गुजरात के राजा मूलराज ने स्वप्न देखा कि वो सरस्वती नदी के तट पर रुद्र महल बनवा रहे है फिर उन्होंने तुरंत प्रसिद्ध वास्तुकार प्रंधार को बुलाया, प्रंधार ने पत्थरो का चयन किया और कार्य शुरू करवाया
थोड़े समय बाद मूलराज की मृत्यु हो गयी उसके बाद प्रंधार भी स्वर्ग सिधार गये
पाटन की गद्दी पर सिद्धराज जयसिंह आये किसी ने उनके पूर्वज मूलराज के स्वप्न की याद दिलाई फिर सिद्धराज जयसिंह ने रुद्रमहल पूरा बनाने का निश्चय लिया इसके लिए उन्होंने महान ज्योतिष मालवा से मार्कण्ड शास्त्री को बुलाया गया इनके मार्गदर्शन में
नींव रखने के लिए नया स्थान बनाया गया
उन्होंने कहा यहां एक गड्ढा खोदिये और जैसे ही में कहु सोने की कील को जमीन में गाड़ दो
शुभ मुहूर्त में नींव रखी गयी मार्कण्ड शास्त्री जी प्रसन्नचित थे कहा कि अब इस रुद्र महालय को कोई भी स्पर्श न कर सकेगा , समय भी नही जब तक सूरज चांद रहेंगे इसे एक खरोंच तक न आ सकेगी क्योकि सोने की कीलों को शेषनाग के सर पे रखा गया है जिसके सर पर पूरी पृथ्वी है
राजा जयसिंह ने कहा - शास्त्री जी यहां तक कि स्वंय ब्रह्मा ने कोई ऐसी रचना नही की है जिसका कोई अंत न हो,मार्कण्ड जी बोले महाराज मेरी ज्योतिष गणना कभी गलत न हो सकती भले ही कितने प्रलय या संसार का अंत आये वो सब इस महालय के चरणों को नमन करेगें
पर जयसिंह ने ये बाते उपहास में ली कि आप कैसे शेषनाग और सोने की किलो से मन्दिर को अमर रखोगे ? प्रमाण दीजिये की ये शेषनाग के सर पर कीले है
मार्कण्ड जी ने कहा ठीक है आप सोने की कीले वापिस निकलवाईये आपको शेषनाग का रक्त बहता दिखेगा परंतु उन कीलों को तुरंत वापिस लगा देना ,राजा जयसिंह के हठ के आगे कीलो को निकाला गया भारी मात्रा में रक्त की बौछारों से जयसिंह के कपड़े रक्त से भर गए
राजा को प्रमाण मिल चुका था परंतु मार्कण्ड दुःखी हुए कहा कि कील निकालने और वापिस लगाने के दौरान शेषनाग स्थान छोड़ गए हालाकि आप पर शेषनाग का रक्त लगा है आप अजेय होंगे आपका नाम और प्रसिद्धि पीढीयो तक रहेगी पर रुद्रमहल अब समय के साथ धूमिल हो जाएगा ये अब अमरता खो चुका है।
हुआ भी यही मुगलकारी अलाउदीन खिलजी ने 12 वी शताब्दी में इसे पूरी तरह मिटाने की कोशिश की फिर 14 वी शताब्दी में गुजरात के बादशाह अहमद शाह प्रथम और उसके सेनापति ने पूरी तरह ये मंदिर ध्वस्त कर दिया हर हिस्से को तोड़ दिया गया औऱ मस्जिद में बदल दिया गया जो कि आज जामी मस्जिद के नाम से जानी जाती है🙏👏🏼💐
ये गुजरात के पाटण जिले में सिद्धपुर में है
सिद्धपुर अहमदाबाद के पहले गुजरात की राजधानी हुआ करता था
930 AD में इसका निर्माण शुरु हुआ और 1140 AD में पूरा हुआ था यह मंदिर भगवान शिव के अन्य रूप 'रुद्र' को समर्पित है रुद्रमहल में कुल 11 मन्दिर थे जहा रुद्रमहादेव की पूजा की जाती थी
12 प्रवेशद्वार , 3 मंझिला इमारत में 1600 खम्भे थे
मन्दिर का अलंकरण विस्तृत था सुंदर नक्काशी व तोरण है इसकी भव्यता का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता कि मिरात ए सिकन्दरी किताब में इसकी मूर्तियों को चीन और खेतान की मूर्तियों से श्रेष्ठ बताया गया है
अब इस मंदिर से जुड़ी कथा को जानते हैं
गुजरात के राजा मूलराज ने स्वप्न देखा कि वो सरस्वती नदी के तट पर रुद्र महल बनवा रहे है फिर उन्होंने तुरंत प्रसिद्ध वास्तुकार प्रंधार को बुलाया, प्रंधार ने पत्थरो का चयन किया और कार्य शुरू करवाया
थोड़े समय बाद मूलराज की मृत्यु हो गयी उसके बाद प्रंधार भी स्वर्ग सिधार गये
पाटन की गद्दी पर सिद्धराज जयसिंह आये किसी ने उनके पूर्वज मूलराज के स्वप्न की याद दिलाई फिर सिद्धराज जयसिंह ने रुद्रमहल पूरा बनाने का निश्चय लिया इसके लिए उन्होंने महान ज्योतिष मालवा से मार्कण्ड शास्त्री को बुलाया गया इनके मार्गदर्शन में
नींव रखने के लिए नया स्थान बनाया गया
उन्होंने कहा यहां एक गड्ढा खोदिये और जैसे ही में कहु सोने की कील को जमीन में गाड़ दो
शुभ मुहूर्त में नींव रखी गयी मार्कण्ड शास्त्री जी प्रसन्नचित थे कहा कि अब इस रुद्र महालय को कोई भी स्पर्श न कर सकेगा , समय भी नही जब तक सूरज चांद रहेंगे इसे एक खरोंच तक न आ सकेगी क्योकि सोने की कीलों को शेषनाग के सर पे रखा गया है जिसके सर पर पूरी पृथ्वी है
राजा जयसिंह ने कहा - शास्त्री जी यहां तक कि स्वंय ब्रह्मा ने कोई ऐसी रचना नही की है जिसका कोई अंत न हो,मार्कण्ड जी बोले महाराज मेरी ज्योतिष गणना कभी गलत न हो सकती भले ही कितने प्रलय या संसार का अंत आये वो सब इस महालय के चरणों को नमन करेगें
पर जयसिंह ने ये बाते उपहास में ली कि आप कैसे शेषनाग और सोने की किलो से मन्दिर को अमर रखोगे ? प्रमाण दीजिये की ये शेषनाग के सर पर कीले है
मार्कण्ड जी ने कहा ठीक है आप सोने की कीले वापिस निकलवाईये आपको शेषनाग का रक्त बहता दिखेगा परंतु उन कीलों को तुरंत वापिस लगा देना ,राजा जयसिंह के हठ के आगे कीलो को निकाला गया भारी मात्रा में रक्त की बौछारों से जयसिंह के कपड़े रक्त से भर गए
राजा को प्रमाण मिल चुका था परंतु मार्कण्ड दुःखी हुए कहा कि कील निकालने और वापिस लगाने के दौरान शेषनाग स्थान छोड़ गए हालाकि आप पर शेषनाग का रक्त लगा है आप अजेय होंगे आपका नाम और प्रसिद्धि पीढीयो तक रहेगी पर रुद्रमहल अब समय के साथ धूमिल हो जाएगा ये अब अमरता खो चुका है।
हुआ भी यही मुगलकारी अलाउदीन खिलजी ने 12 वी शताब्दी में इसे पूरी तरह मिटाने की कोशिश की फिर 14 वी शताब्दी में गुजरात के बादशाह अहमद शाह प्रथम और उसके सेनापति ने पूरी तरह ये मंदिर ध्वस्त कर दिया हर हिस्से को तोड़ दिया गया औऱ मस्जिद में बदल दिया गया जो कि आज जामी मस्जिद के नाम से जानी जाती है🙏👏🏼💐
ऐतिहासिक मंदिर और उनकी कथा pinned «🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद* 🙏🏻🌹 🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹 🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज* 1⃣4⃣ *🌷तिरुपति_वेंकटेश्वर_धाम_के_तीर्थ_स्थलै🌷* ऑडियो-📀🕰➡7.06 *एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻* ये ऑडियो *टेलीग्राम एप्प* पर भी उपलब्ध…»
Forwarded from Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद* 🙏🏻🌹
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣4⃣
*🌷तिरुपति_वेंकटेश्वर_धाम_के_तीर्थ_स्थलै🌷*
ऑडियो-📀🕰➡7.06
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
ये ऑडियो *टेलीग्राम एप्प* पर भी उपलब्ध होंगे कृपया इस टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻
*Important note*- ये चैनल *official* नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣4⃣
*🌷तिरुपति_वेंकटेश्वर_धाम_के_तीर्थ_स्थलै🌷*
ऑडियो-📀🕰➡7.06
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
ये ऑडियो *टेलीग्राम एप्प* पर भी उपलब्ध होंगे कृपया इस टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻
*Important note*- ये चैनल *official* नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
Telegram
Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
श्री सीताराम
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
Forwarded from ऐतिहासिक मंदिर और उनकी कथा
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद* 🙏🏻🌹
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣5⃣
*🌷श्री तिरुपति बालाजी धाम से 1,000 योजन दूरी से भी तिरुपति बालाजी भगवान को स्मरण करने का महातम.🌷*
ऑडियो-📀🕰➡1.35
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
ये ऑडियो *टेलीग्राम एप्प* पर भी उपलब्ध होंगे कृपया इस टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻
*Important note*- ये चैनल *official* नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣5⃣
*🌷श्री तिरुपति बालाजी धाम से 1,000 योजन दूरी से भी तिरुपति बालाजी भगवान को स्मरण करने का महातम.🌷*
ऑडियो-📀🕰➡1.35
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
ये ऑडियो *टेलीग्राम एप्प* पर भी उपलब्ध होंगे कृपया इस टेलीग्राम चैनल से जुड़े👇🏻
*Important note*- ये चैनल *official* नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
Telegram
Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
श्री सीताराम
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
सनातन इंजीनियरिंग
तमिलनाडु के तंजौर जिले में स्थित पापनाशम मंदिर में भगवान राम द्वारा स्थापित किये गए 107 शिवलिंग और श्री हनुमान जी द्वारा स्थापित एक शिवलिंग सहित कुल 108 ऐतिहासिक शिवलिंग हैं।
मान्यता है कि इन शिवलिंगों की स्थापना भगवान राम द्वारा दैत्यराज रावण के वध से दोषमुक्त होने के लिए किया गया था क्योंकि रावण एक ब्राह्मण था इसलिए उसके वध से ब्रम्हहत्या का दोष लग सकता था... 🌿🔱🌷
तमिलनाडु के तंजौर जिले में स्थित पापनाशम मंदिर में भगवान राम द्वारा स्थापित किये गए 107 शिवलिंग और श्री हनुमान जी द्वारा स्थापित एक शिवलिंग सहित कुल 108 ऐतिहासिक शिवलिंग हैं।
मान्यता है कि इन शिवलिंगों की स्थापना भगवान राम द्वारा दैत्यराज रावण के वध से दोषमुक्त होने के लिए किया गया था क्योंकि रावण एक ब्राह्मण था इसलिए उसके वध से ब्रम्हहत्या का दोष लग सकता था... 🌿🔱🌷
Forwarded from Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद* 🙏🏻🌹
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣6⃣▪1⃣7⃣
*🌷श्री रामदासजी बोधणा भक्त और डाकोर के द्वारिकाधीश की कथा🌷*
ऑडियो-📀🕰➡18.10
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
*Telegram app. Link👇🏻*
Important note- ये चैनल official नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
Telegram app. Link👇🏻
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
🎤🎤 *श्री राजेंद्रदासजी महाराज*
1⃣6⃣▪1⃣7⃣
*🌷श्री रामदासजी बोधणा भक्त और डाकोर के द्वारिकाधीश की कथा🌷*
ऑडियो-📀🕰➡18.10
*एक प्राथना- सुने भी और आगे भी फारवर्ड करें📲📲 और भी लाभ ले 🙏🏻🙏🏻*
*Telegram app. Link👇🏻*
Important note- ये चैनल official नही है
https://t.me/joinchat/AAAAAESqe1WiCGtmko6L5A
🔊🔊🔊🔊
और इस चैनल में भी उपलब्ध है 👇🏻👇🏻
मंदिर और उनकी कथा➡
Telegram app. Link👇🏻
https://t.me/joinchat/AAAAAFTKJrx50fB1EhTzeg
*🙏🏻🌹 हरे कृष्णा 🙏🏻🌹*
Telegram
Malook Peethadhishwar Swami Shri Rajendra Das Ji Maharaj
श्री सीताराम
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
श्रीमद जगद्गुरु मलूक पीठाधीश्वर द्वाराचार्य स्वामी श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज ऑडियो वीडियो एवं समस्त जानकारी और भक्तों को आनंद प्रदान कराने के लिए सेवा का एक प्रकल्प।
🔔Gau sewa karein
Join: https://t.me/shrirajendradassjimaharaj
#शिला_माता_मंदिर_आमेर #कुशवाहा_राजवंश
#इस_मंदिर_में_लगे_हुए_हैं_चाँदी_के_दरवाजे
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
● शिला देवी मंदिर । राजस्थान के जयपुर में आमेर किले में स्थित एक मंदिर है। इसकी स्थापना यहां के महाराजा #सवाई_मानसिंह_द्वितीय द्वारा की गयी थी । इतिहासकारों के अनुसार शिला देवी जयपुर के आमेर जयपुर के कुशवाहा ( कच्छवाहा ) राजपूत राजाओं की कुल देवी रही हैं। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रो में यहां भक्तों की सँख्या माता में अनन्त भक्ति का परिचय करवाती है ।भारी भीड़ माता के दर्शनों के लिए आती है। शिला देवी की मूर्ति के पास में भगवान गणेश और मीणाओं की कुलदेवी हिंगला की मूर्तियाँ भी प्रतिष्ठित है ।
● आमेर दुर्ग के महल में जलेब चौक है जिसके दक्षिणी भाग में शिला माता का ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। ये शिला माता राजपरिवार की कुल देवी भी मानी जाती हैं।जलेब चौक से दूसरे उच्च स्तर पर मौजूद इस मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियाँ चढ़ कर ऊपर मंदिर तक पहुंच सकते है।
● शिला देवी मूलतः अम्बा माता का ही रूप हैं एवं कहा जाता है कि आमेर या आंबेर का नाम इन्हीं अम्बा माता के नाम पर ही अम्बेर पड़ा था जो कालान्तर में आम्बेर या आमेर हो गया। माता की प्रतिमा एक शिला पर उत्कीर्ण होने के कारण इसे शिला देवी कहा जाता है !
#चाँदी_के_दरवाजों_पर_देवियों_का_नाम
● शिला देवी मंदिर में अन्दर जाने पर सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र यहाँ का मुख्य द्वार है जो प्योर चाँदी का बना हुआ है दरवाजे के ऊपर गणेश जी की मूर्ति प्रतिष्ठित है दरवाजे पर नवदुर्गा,शैलपुत्री, कालरात्रि,ब्रम्हचारिणी,चंद्रघण्टा,कमला देवी आदि देविकायों का चित्र चित्रित है ! मंदिर में कलात्मक संगमरमर का कार्य महाराजा मानसिंह द्वितीय ने ( 1906 ) में करवाया था
#मंदिर_का_प्राचीन_इतिहास
● मंदिर के प्रवेश द्वार पर शिलालेख लगे हुए हैं शिलालेख में वर्णित है कि आमेर के राजा #मानसिंह_प्रथम ने 15 वीं शताब्दी मे माता शीला देवी को बंगाल से लाये थे बंगाल के केदार राजा को युद्ध में पराजित करने में असफल रहे तो मानसिंह प्रथम ने युद्ध में अपनी विजय के लिए देवी की प्रतिमा से आशिर्वाद मांगा था इसके बदले देवी ने केदार राजा से अपने आप को स्वप्न में केदार राजा से मुक्त करने की मांग की ! इस शर्त के अनुसार देवि ने मानसिंह को युद्ध में जीतने में सहायता की थी और आमेर के राजा मानसिंह कछवाहा ने केदार राजा से देवी को मुक्त कराया और बंगाल से राजस्थान के आमेर में लाकर स्थापित किया #आमेर_कच्छवाहा_वंश की राजधानी हुआ करती थी ! इतिहासकारों के अनुसार राजा मानसिंह प्रथम ने राजा केदार जब पराजित हो गया तो स्वयं देवी की प्रतिमा मानसिंह को भेंट किया था !
#इस_मंदिर_में_लगे_हुए_हैं_चाँदी_के_दरवाजे
● शिला देवी मंदिर । राजस्थान के जयपुर में आमेर किले में स्थित एक मंदिर है। इसकी स्थापना यहां के महाराजा #सवाई_मानसिंह_द्वितीय द्वारा की गयी थी । इतिहासकारों के अनुसार शिला देवी जयपुर के आमेर जयपुर के कुशवाहा ( कच्छवाहा ) राजपूत राजाओं की कुल देवी रही हैं। वर्ष में दो बार आने वाले नवरात्रो में यहां भक्तों की सँख्या माता में अनन्त भक्ति का परिचय करवाती है ।भारी भीड़ माता के दर्शनों के लिए आती है। शिला देवी की मूर्ति के पास में भगवान गणेश और मीणाओं की कुलदेवी हिंगला की मूर्तियाँ भी प्रतिष्ठित है ।
● आमेर दुर्ग के महल में जलेब चौक है जिसके दक्षिणी भाग में शिला माता का ऐतिहासिक मंदिर स्थित है। ये शिला माता राजपरिवार की कुल देवी भी मानी जाती हैं।जलेब चौक से दूसरे उच्च स्तर पर मौजूद इस मंदिर में जाने के लिए सीढ़ियाँ चढ़ कर ऊपर मंदिर तक पहुंच सकते है।
● शिला देवी मूलतः अम्बा माता का ही रूप हैं एवं कहा जाता है कि आमेर या आंबेर का नाम इन्हीं अम्बा माता के नाम पर ही अम्बेर पड़ा था जो कालान्तर में आम्बेर या आमेर हो गया। माता की प्रतिमा एक शिला पर उत्कीर्ण होने के कारण इसे शिला देवी कहा जाता है !
#चाँदी_के_दरवाजों_पर_देवियों_का_नाम
● शिला देवी मंदिर में अन्दर जाने पर सबसे बड़ा आकर्षण का केंद्र यहाँ का मुख्य द्वार है जो प्योर चाँदी का बना हुआ है दरवाजे के ऊपर गणेश जी की मूर्ति प्रतिष्ठित है दरवाजे पर नवदुर्गा,शैलपुत्री, कालरात्रि,ब्रम्हचारिणी,चंद्रघण्टा,कमला देवी आदि देविकायों का चित्र चित्रित है ! मंदिर में कलात्मक संगमरमर का कार्य महाराजा मानसिंह द्वितीय ने ( 1906 ) में करवाया था
#मंदिर_का_प्राचीन_इतिहास
● मंदिर के प्रवेश द्वार पर शिलालेख लगे हुए हैं शिलालेख में वर्णित है कि आमेर के राजा #मानसिंह_प्रथम ने 15 वीं शताब्दी मे माता शीला देवी को बंगाल से लाये थे बंगाल के केदार राजा को युद्ध में पराजित करने में असफल रहे तो मानसिंह प्रथम ने युद्ध में अपनी विजय के लिए देवी की प्रतिमा से आशिर्वाद मांगा था इसके बदले देवी ने केदार राजा से अपने आप को स्वप्न में केदार राजा से मुक्त करने की मांग की ! इस शर्त के अनुसार देवि ने मानसिंह को युद्ध में जीतने में सहायता की थी और आमेर के राजा मानसिंह कछवाहा ने केदार राजा से देवी को मुक्त कराया और बंगाल से राजस्थान के आमेर में लाकर स्थापित किया #आमेर_कच्छवाहा_वंश की राजधानी हुआ करती थी ! इतिहासकारों के अनुसार राजा मानसिंह प्रथम ने राजा केदार जब पराजित हो गया तो स्वयं देवी की प्रतिमा मानसिंह को भेंट किया था !