ऐसे ही सनातनी नहीं हैं हम🚩💪👈
*समुद्र के अंदर शिव प्रतिमा*
700 साल से ज्ञात है श्रीलंका त्रिंकोमाली में कोनेश्वर मंदिर के पास 300 फीट नीचे समुद्र में नीचे।
हालांकि पानी में अभी भी विभूति और कुमकुम बरकरार है।
*🙏🙏🙏हर हर महादेव 🙏🙏🙏*
*समुद्र के अंदर शिव प्रतिमा*
700 साल से ज्ञात है श्रीलंका त्रिंकोमाली में कोनेश्वर मंदिर के पास 300 फीट नीचे समुद्र में नीचे।
हालांकि पानी में अभी भी विभूति और कुमकुम बरकरार है।
*🙏🙏🙏हर हर महादेव 🙏🙏🙏*
'Sickular' भारत मे पीड़ादायक तस्वीर।
यह प्राचीन मंदिर रुद्र महालय है, जो कि गुजरात मे सिद्धपुर में है। मन्दिरो के बीच कैसे जबरन मस्जिद बना दी गयी थी, ये आप अभी भी देख सकते है।
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NCERT में ये सब नही पढाया गया , सिवाय मुगलो के महिमाण्डन के और इसी कारण हमारे बच्चो को कुछ पता ही नही है और वे सिकुलर बन जाते है। हमारे मन्दिरो को हड़प कर अपना नेम प्लेट लगा दिया जाता है और आज भी यही चल रहा है।
यह प्राचीन मंदिर रुद्र महालय है, जो कि गुजरात मे सिद्धपुर में है। मन्दिरो के बीच कैसे जबरन मस्जिद बना दी गयी थी, ये आप अभी भी देख सकते है।
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NCERT में ये सब नही पढाया गया , सिवाय मुगलो के महिमाण्डन के और इसी कारण हमारे बच्चो को कुछ पता ही नही है और वे सिकुलर बन जाते है। हमारे मन्दिरो को हड़प कर अपना नेम प्लेट लगा दिया जाता है और आज भी यही चल रहा है।
शायद आधे से ज़्यादा भारतीयों को अपनी इस महान विरासत का पता ही नही होगा ...
यह अमरकंटक( मध्यप्रदेश) का श्रीयंत्र मंदिर है । एक अद्भुत एवं यूनिक मंदिर ... ऐसा ही एक मंदिर थाईलैंड में भी है । जो यह बताता है कि सम्पूर्ण विश्व की संस्कृति कभी सनातन ही थी ।
हजारो वर्ष पहले इन मंदिरो को प्रचार नही मिल पाया, क्यो की विधर्मी शासनतंत्र ने शायद प्रण ले रखा था, हिंदुओ को उनके अधिकार के सम्मान से दूर रखा जाये , ओर वह हिन्दू विरासत को ही विधर्मी नाम से ताजमहल, लालकिला आदि कहते रहें ।जो मंदिर बचे रह गए, उनका कभी प्रचार तक नही करने दिया ...आइए अब हम शत्रु को हरा दें, इन महान विरासतों का जमकर प्रचार प्रसार करें ।
यह अमरकंटक( मध्यप्रदेश) का श्रीयंत्र मंदिर है । एक अद्भुत एवं यूनिक मंदिर ... ऐसा ही एक मंदिर थाईलैंड में भी है । जो यह बताता है कि सम्पूर्ण विश्व की संस्कृति कभी सनातन ही थी ।
हजारो वर्ष पहले इन मंदिरो को प्रचार नही मिल पाया, क्यो की विधर्मी शासनतंत्र ने शायद प्रण ले रखा था, हिंदुओ को उनके अधिकार के सम्मान से दूर रखा जाये , ओर वह हिन्दू विरासत को ही विधर्मी नाम से ताजमहल, लालकिला आदि कहते रहें ।जो मंदिर बचे रह गए, उनका कभी प्रचार तक नही करने दिया ...आइए अब हम शत्रु को हरा दें, इन महान विरासतों का जमकर प्रचार प्रसार करें ।