Forwarded from सनातन संस्कृत के वीडियो
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे गोविंद*🙏🏻🌹
🙏🏻🌹 *जय जय श्री राधे* 🙏🏻🌹
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🕰➡️4.36
*🙏🏻💐भिम कुंड की अनोखी जानकारी🙏🏻💐🚩💐🙏🏻*
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*🙏🏻🌹 हरे कृष्ण 🙏🏻🌹*
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चौंक गए ना ?
भारतीय #वास्तुकला का अद्भुत नमूना.....
मात्र एक ,, एक भी गलती से #नक्काशी टूट सकती थी
हाँ,, उस समय मशीन भी नहीं थी ।
क्या सचमुच मशीन नहीं थी या #वामपंथी इतिहासकारों ने झूठ बोला ?
क्या उन्होंने इसलिए झूठ बोला कि हम भारतीय अपनी प्राचीन संस्कृति पर गर्व ना कर सकें ?
भारत का आधुनिक इतिहास ज्यादातर वामी दुष्टों ने ही लिखा हो, जो आज की हमारी वर्तमान पीढ़ी पढ़ रही है, लेकिन सोशल मीडिया हमारे हाथों में है ..अपने इतिहास के अनछुए पहलू हम जन जन तक पहुचाएंगे,,
(होयसलेश्वर मंदिर,12वीं शताब्दी,कर्नाटक)
पहियों पर मंदिर (बाणशंकरी, बादामी - कर्नाटक)
भारत की महान स्थापत्य कला का अद्भुत दृश्य
भारतीय #वास्तुकला का अद्भुत नमूना.....
मात्र एक ,, एक भी गलती से #नक्काशी टूट सकती थी
हाँ,, उस समय मशीन भी नहीं थी ।
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क्या उन्होंने इसलिए झूठ बोला कि हम भारतीय अपनी प्राचीन संस्कृति पर गर्व ना कर सकें ?
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(होयसलेश्वर मंदिर,12वीं शताब्दी,कर्नाटक)
पहियों पर मंदिर (बाणशंकरी, बादामी - कर्नाटक)
भारत की महान स्थापत्य कला का अद्भुत दृश्य
*🛕इतगी महादेव मंदिर,कोप्पल (कर्नाटक)*
*♦️इतगी महादेव मंदिर कर्नाटक के कोप्पल के उत्तर-पश्चिम में 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है*
*♦️महादेव को समर्पित यह मंदिर 1112 ईस्वी में कल्याणी चालुक्य राजा विक्रमादित्य VI के शासनकाल में बनाया गया था। 900+ वर्ष पहले!*
*♦️मंदिर के आविश्वस्नीय नक्काशी के स्तर और मूर्तिकला के कारण यह मंदिर 'देवालय चक्रवर्ती ' के नाम से भी जाना जाता है।*
*♦️मंदिर मुख्यता 13 छोटे मंदिरों से घिरा है, प्रत्येक के अंदर एक शिवलिंग है। सुशोभित शिखर, स्तंभ, मूर्तियां और उत्तम नक्काशी मानव सम्भावनाओ के उत्तम स्तर को प्रदर्शित करतीं है!*
*♦️इतगी महादेव मंदिर कर्नाटक के कोप्पल के उत्तर-पश्चिम में 26 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है*
*♦️महादेव को समर्पित यह मंदिर 1112 ईस्वी में कल्याणी चालुक्य राजा विक्रमादित्य VI के शासनकाल में बनाया गया था। 900+ वर्ष पहले!*
*♦️मंदिर के आविश्वस्नीय नक्काशी के स्तर और मूर्तिकला के कारण यह मंदिर 'देवालय चक्रवर्ती ' के नाम से भी जाना जाता है।*
*♦️मंदिर मुख्यता 13 छोटे मंदिरों से घिरा है, प्रत्येक के अंदर एक शिवलिंग है। सुशोभित शिखर, स्तंभ, मूर्तियां और उत्तम नक्काशी मानव सम्भावनाओ के उत्तम स्तर को प्रदर्शित करतीं है!*