यह चलन कर्नाटक में शुरू हो गया है। कुछ दिल को छू लेने वाला..
आम लोग प्राचीन मंदिरों को खण्डहरों में उठाकर सभ्य आकार में ला रहे हैं। आइए हमारे हजारों प्राचीन देवस्थानों को जीवन में वापस लाएं 🪔🙏
आम लोग प्राचीन मंदिरों को खण्डहरों में उठाकर सभ्य आकार में ला रहे हैं। आइए हमारे हजारों प्राचीन देवस्थानों को जीवन में वापस लाएं 🪔🙏
पेरालास्सेरी सुब्रमण्यम मंदिर तालाब कन्नूर, केरल से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक शांत स्थान है
किंवदंती है कि यह वह स्थान है जहां भगवान राम और भाई लक्ष्मण लंका (रामायण में) जाते समय गए थे।
केरल में अपनी तरह का सबसे बड़ा मंदिर का तालाब बारीक कटे हुए लेटराइट पत्थर का उपयोग करके बनाया गया है
ऐसा माना जाता है कि तुला संक्रांति के दिन कावेरी का पानी बावड़ी तक जाता है। 🙏💐🙂
#अविश्वसनीय भारत🇮🇳
किंवदंती है कि यह वह स्थान है जहां भगवान राम और भाई लक्ष्मण लंका (रामायण में) जाते समय गए थे।
केरल में अपनी तरह का सबसे बड़ा मंदिर का तालाब बारीक कटे हुए लेटराइट पत्थर का उपयोग करके बनाया गया है
ऐसा माना जाता है कि तुला संक्रांति के दिन कावेरी का पानी बावड़ी तक जाता है। 🙏💐🙂
#अविश्वसनीय भारत🇮🇳
*🟠●अद्भुत ●ঔৣ● अकल्पनीय●🟠*
~~~~
🌹दुनिया की सबसे सुन्दर पहाड़ी 36 किमी लंबा रास्ता और इतना चौड़ा कि छः घोड़े एक साथ चल सकते हैं।
परन्तु हमको पढ़ाया चीन की दीवार के बारे में जो थोड़ी लंबी ज्यादा है, पर हमारी कलाकारी के आगे वो कुछ भी नहीं है ।
#कुम्भलगढ_दुर्ग_राजस्थान
#रण_में_भगवाधारी 🚩
*꧁༒ॐ हर हर महादेव ॐ ༒꧂*
🌹दुनिया की सबसे सुन्दर पहाड़ी 36 किमी लंबा रास्ता और इतना चौड़ा कि छः घोड़े एक साथ चल सकते हैं।
परन्तु हमको पढ़ाया चीन की दीवार के बारे में जो थोड़ी लंबी ज्यादा है, पर हमारी कलाकारी के आगे वो कुछ भी नहीं है ।
#कुम्भलगढ_दुर्ग_राजस्थान
#रण_में_भगवाधारी 🚩
*꧁༒ॐ हर हर महादेव ॐ ༒꧂*
दुनिया भर में हनुमानजी के विशाल पैरों के निशान पृथ्वी पर उनकी प्राचीन उपस्थिति के भौतिक निशानों के प्रतीक हैं
मंत्रमुग्ध कर देने वाली अंजयनाद्री पहाड़ी - हनुमान जी का जन्म स्थान।
हनुमान जी - सबसे बड़े ऋषि, योगी और भक्त को अंजनेया के नाम से भी जाना जाता है। इसलिए, पहाड़ी को अंजयनाद्री का नाम दिया गया है।
इसे रामायण में वर्णित वानर साम्राज्य किष्किंधा का स्थल माना जाता है।
पहाड़ी के शीर्ष पर सफेद धुला हुआ हनुमान मंदिर है।
*जय हनुमान*
इसे रामायण में वर्णित वानर साम्राज्य किष्किंधा का स्थल माना जाता है।
पहाड़ी के शीर्ष पर सफेद धुला हुआ हनुमान मंदिर है।
*जय हनुमान*
*🟠●अद्भुत ●ঔৣ● अकल्पनीय●🟠*
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🌹जब #रावण ने अपने दरबार में #अंगद को बैठने के लिए सम्माननीय आसन नही दिया , तो अंगद ने अपने पुंछ से रावण के #सिंहासन से ज्यादा ऊंचा आसन बना कर बैठ गए ...!!
... और .. अंतिम प्रसंग .. #रावण_अंगद के पांव को उठाने आता है ..
बाली पुत्र महा बलधाम..#पतितपावन #सीताराम..
रावण पाँव हटाने आया ...अंगद ने फिर पांव उठाया..
क्षमा करें तुझको #श्रीराम ..पतितपावन सीताराम ..
फ़ोटो - चिन्तला वेंकटरमण स्वामी मंदिर , आंध्र प्रदेश ....
*꧁༒ॐ हर हर महादेव ॐ ༒꧂*
🌹जब #रावण ने अपने दरबार में #अंगद को बैठने के लिए सम्माननीय आसन नही दिया , तो अंगद ने अपने पुंछ से रावण के #सिंहासन से ज्यादा ऊंचा आसन बना कर बैठ गए ...!!
... और .. अंतिम प्रसंग .. #रावण_अंगद के पांव को उठाने आता है ..
बाली पुत्र महा बलधाम..#पतितपावन #सीताराम..
रावण पाँव हटाने आया ...अंगद ने फिर पांव उठाया..
क्षमा करें तुझको #श्रीराम ..पतितपावन सीताराम ..
फ़ोटो - चिन्तला वेंकटरमण स्वामी मंदिर , आंध्र प्रदेश ....
*꧁༒ॐ हर हर महादेव ॐ ༒꧂*
*🟠●अद्भुत ●ঔৣ● अकल्पनीय●🟠*
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🌹अविश्वसनीय किंतु सत्य
ये #गर्भस्थ_शिशु की प्रस्तर प्रतिमा #कुंददम_वादककुनाथ_स्वामी_मन्दिर की दीवारों पर उकीर्ण हैं।
कल्पना करें X-RAY की खोज से हजार साल पहले ये जानकारी उस समय के लोगों को कैसे मिली होगी??
उत्तर है - दिव्यदृष्टि!!
मन्दिर की दूसरी दीवारों पर भी गर्भस्थ शिशु के हर महीने की स्थिति की प्रतिमा उकेरी हुई है।
#सनातन_धर्म संसार का सबसे प्राचीन पहला और आखरी वैज्ञानिक धर्म है।
सनातन ने ही विश्व को विज्ञान दिया।
दृष्टि दी।
जीवन जीने की कला दी।
सहित्य दिया, संस्कृति दी।
विज्ञान दिया, विमान शास्त्र दिया।
चिकित्सा शास्त्र दिया।
अर्थ शास्त्र दिया।
व्याकरण दिया।
दर्शनशास्त्र दिया।
सनातन धर्म करोड़ों वर्षों से वैज्ञानिक अनुसंधान करता आया है।
हमारे ऋषि मुनियों (विज्ञानियों) ने विज्ञान की नींव रखे हैं।
सनातन ऋषियों (विज्ञानियों) ने अपनी हड्डिया गलाकर विश्व को विज्ञान ओर अनुसंधान के दर्शन कराए हैं।
सम्पूर्ण विश्व कभी सनातन के ऋषी मुनियों (विज्ञानियों) के ऋण से उऋण नहीं हो पाएँगे।
इतना दिया है विश्व को हमारे सनातनी पूर्वजों ने।
कुंददम कोयम्बटूर से करीब ८० किलोमीटर की दूरी पर है।
महादेव 🙏🔱🚩🔱 साभार🙏🚩
*꧁༒ॐ हर हर महादेव ॐ ༒꧂*
इमेज👆🏻👇🏻
🌹अविश्वसनीय किंतु सत्य
ये #गर्भस्थ_शिशु की प्रस्तर प्रतिमा #कुंददम_वादककुनाथ_स्वामी_मन्दिर की दीवारों पर उकीर्ण हैं।
कल्पना करें X-RAY की खोज से हजार साल पहले ये जानकारी उस समय के लोगों को कैसे मिली होगी??
उत्तर है - दिव्यदृष्टि!!
मन्दिर की दूसरी दीवारों पर भी गर्भस्थ शिशु के हर महीने की स्थिति की प्रतिमा उकेरी हुई है।
#सनातन_धर्म संसार का सबसे प्राचीन पहला और आखरी वैज्ञानिक धर्म है।
सनातन ने ही विश्व को विज्ञान दिया।
दृष्टि दी।
जीवन जीने की कला दी।
सहित्य दिया, संस्कृति दी।
विज्ञान दिया, विमान शास्त्र दिया।
चिकित्सा शास्त्र दिया।
अर्थ शास्त्र दिया।
व्याकरण दिया।
दर्शनशास्त्र दिया।
सनातन धर्म करोड़ों वर्षों से वैज्ञानिक अनुसंधान करता आया है।
हमारे ऋषि मुनियों (विज्ञानियों) ने विज्ञान की नींव रखे हैं।
सनातन ऋषियों (विज्ञानियों) ने अपनी हड्डिया गलाकर विश्व को विज्ञान ओर अनुसंधान के दर्शन कराए हैं।
सम्पूर्ण विश्व कभी सनातन के ऋषी मुनियों (विज्ञानियों) के ऋण से उऋण नहीं हो पाएँगे।
इतना दिया है विश्व को हमारे सनातनी पूर्वजों ने।
कुंददम कोयम्बटूर से करीब ८० किलोमीटर की दूरी पर है।
महादेव 🙏🔱🚩🔱 साभार🙏🚩
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🌹जो असीमित और अनंत है...
वही सनातन धर्म है।
आकाश की तरह सीमाहीन, सनातन धर्म कोई सीमा नहीं जानता है।
श्री शक्ति मंदिर, बुकिट रोटन,
मलेशिया में हिंदू वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का अद्वितीय नमूना।
*꧁༒ॐ हर हर महादेव ॐ ༒꧂*
🌹जो असीमित और अनंत है...
वही सनातन धर्म है।
आकाश की तरह सीमाहीन, सनातन धर्म कोई सीमा नहीं जानता है।
श्री शक्ति मंदिर, बुकिट रोटन,
मलेशिया में हिंदू वास्तुशिल्प उत्कृष्टता का अद्वितीय नमूना।
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🌹पवित्र धार्मिक ग्रंथ रामायण में वर्णित पक्षीराज जटायु की प्रतिछवि, जो विश्व में किसी पक्षी की सबसे बड़ी प्रतिछवि है.
पुराणों के अनुसार केरल राज्य में स्थित यह वही स्थान है , जहां पक्षीराज जटायु ने देवी सीता को मुक्त कराने के लिए लंकाधिपति रावण से युद्ध किया था.
पक्षीराज जटायु देवी सीता को मुक्त नहीं करा सके थे, किन्तु उन्होंने एक अबला की रक्षार्थ अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया था.
वस्तुत: उक्त पौराणिक आख्यान हमारे देश के महाकाव्य काल का अनुकरणीय प्रसंग है ।
*꧁༒ॐ हर हर महादेव ॐ ༒꧂*
🌹पवित्र धार्मिक ग्रंथ रामायण में वर्णित पक्षीराज जटायु की प्रतिछवि, जो विश्व में किसी पक्षी की सबसे बड़ी प्रतिछवि है.
पुराणों के अनुसार केरल राज्य में स्थित यह वही स्थान है , जहां पक्षीराज जटायु ने देवी सीता को मुक्त कराने के लिए लंकाधिपति रावण से युद्ध किया था.
पक्षीराज जटायु देवी सीता को मुक्त नहीं करा सके थे, किन्तु उन्होंने एक अबला की रक्षार्थ अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया था.
वस्तुत: उक्त पौराणिक आख्यान हमारे देश के महाकाव्य काल का अनुकरणीय प्रसंग है ।
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