Tumse ek bat kahu kya tum suno ge .......…......?🙂
Tum se apne dil ka haal kahu
Kya tum suno ge.....…....?🙂
Mai apna bita kal btau kya tum suno ge....….........?🙂
✍️✍️✍️..............…...
Tum se apne dil ka haal kahu
Kya tum suno ge.....…....?🙂
Mai apna bita kal btau kya tum suno ge....….........?🙂
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अगर मौका मिला कभी, तो काग़ज़ पर अपनी थकान लिखूँगा,
मजबूत कंधों के पीछे छुपा, वो छोटा सा इंसान लिखूँगा।
वो जो हर मुश्किल में मुस्कुरा कर कहता है, "सब ठीक है",
उस एक झूठ के पीछे दबे, हज़ारों बेबस तूफ़ान लिखूँगा।
नहीं लिखूँगा मैं सिर्फ अपनी जीत के चर्चे दुनिया में,
मैं हार कर भी जो मुस्कराया, वो लहूलुहान स्वाभिमान लिखूँगा।
लिखूँगा वो रातें, जब तकिया गवाह था मेरी सिसकियों का,
पर सुबह उठकर फिर से पहनना, वो चट्टान जैसा इत्मीनान लिखूँगा।
मैं लिख पाऊँ कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा, अपनी रूह को,
हर ज़ख्म को, अपना ही सम्मान लिखूँगा।
मजबूत कंधों के पीछे छुपा, वो छोटा सा इंसान लिखूँगा।
वो जो हर मुश्किल में मुस्कुरा कर कहता है, "सब ठीक है",
उस एक झूठ के पीछे दबे, हज़ारों बेबस तूफ़ान लिखूँगा।
नहीं लिखूँगा मैं सिर्फ अपनी जीत के चर्चे दुनिया में,
मैं हार कर भी जो मुस्कराया, वो लहूलुहान स्वाभिमान लिखूँगा।
लिखूँगा वो रातें, जब तकिया गवाह था मेरी सिसकियों का,
पर सुबह उठकर फिर से पहनना, वो चट्टान जैसा इत्मीनान लिखूँगा।
मैं लिख पाऊँ कुछ तो, मैं खुद को लिखूँगा, अपनी रूह को,
हर ज़ख्म को, अपना ही सम्मान लिखूँगा।
❤3
मुझ से अब लोग कम ही मिलते हैं
यूँ भी मैं हट गया हूँ मंज़र से
Jaun Elia..........
यूँ भी मैं हट गया हूँ मंज़र से
Jaun Elia..........
❤3
Hasna aata mujhe........💔
mujh se gam ki baat nahi hoti.......😔
meri baaton me majak hota hai .....🥀
par meri har baat majak nahi hoti.............😔🥀💔
mujh se gam ki baat nahi hoti.......😔
meri baaton me majak hota hai .....🥀
par meri har baat majak nahi hoti.............😔🥀💔
😢6
Ki khuda kabhi kisi pe fida na kre ✍️✍️................
Agar kare to kayamat tak judda Na kare 😔🤌✍️.............
Agar kare to kayamat tak judda Na kare 😔🤌✍️.............
❤4🥰1👏1
Me :- अकसर वो कहता था मुझसे ,
की छोटे छोटे ख्वाब है उसके ,
जो मेरे बगैर पूरे नहीं होंगे ,
तो उसीकी तरफ से मेरी ये Poem ...
He :-
आँखे खुलते ही याद आए वो चेहरा है तू ,
मेरी इन आँखों में बसा वो शक्स है तू ,
मेरी इन छोटे छोटे खवाबों का हिस्सा है तू ,
लिख रहा हूँ मैं जो गजल उसका किस्सा है तू ..
आईने में देख तू तुझको सँवारे ,
निंद से उठके मैं बस तुझको निहारू ,
आके पिछे से तेरी कमर पे हाथ रख लूँ ,
खिच के तुझको अपनी बाहो में भर लूँ ,
धिरे से तेरी गालो पे एक किस्सी कर लूँ ,
तू रूठे तब तुझको मैं आईस्क्रीम दिला दूँ ,
लगे जो तेरे लबो पे उसको मैं अपने लबो पे लगा दूँ ,
अगर हो तुम गुस्सा तो प्यार से तेरा नाम पुकारू ,
मिलेंगे तुम और हम तो जिविक्षा का कर्ज उतारू ,
इन ख्वाबों में डूब एक लेबी प्रतिक्षा को पूरा कर दूँ ,
हो जाऊ मैं sad तेरी गोदी में सुकुन ढूँढ लूँ ,
घुमके पूरा जहाँ तुझको मैं सिने से लगा लूँ ,
आके थक हारके तेरे हाथों से खाना खा लूँ ,
छोटे छोटे ख्वाब है मेरे तुमसे मिल पूरे कर लूँ ,
तुमको मैं अपना बनाके सारे ख्वाब को सच बना लूँ ..
की छोटे छोटे ख्वाब है उसके ,
जो मेरे बगैर पूरे नहीं होंगे ,
तो उसीकी तरफ से मेरी ये Poem ...
He :-
आँखे खुलते ही याद आए वो चेहरा है तू ,
मेरी इन आँखों में बसा वो शक्स है तू ,
मेरी इन छोटे छोटे खवाबों का हिस्सा है तू ,
लिख रहा हूँ मैं जो गजल उसका किस्सा है तू ..
आईने में देख तू तुझको सँवारे ,
निंद से उठके मैं बस तुझको निहारू ,
आके पिछे से तेरी कमर पे हाथ रख लूँ ,
खिच के तुझको अपनी बाहो में भर लूँ ,
धिरे से तेरी गालो पे एक किस्सी कर लूँ ,
तू रूठे तब तुझको मैं आईस्क्रीम दिला दूँ ,
लगे जो तेरे लबो पे उसको मैं अपने लबो पे लगा दूँ ,
अगर हो तुम गुस्सा तो प्यार से तेरा नाम पुकारू ,
मिलेंगे तुम और हम तो जिविक्षा का कर्ज उतारू ,
इन ख्वाबों में डूब एक लेबी प्रतिक्षा को पूरा कर दूँ ,
हो जाऊ मैं sad तेरी गोदी में सुकुन ढूँढ लूँ ,
घुमके पूरा जहाँ तुझको मैं सिने से लगा लूँ ,
आके थक हारके तेरे हाथों से खाना खा लूँ ,
छोटे छोटे ख्वाब है मेरे तुमसे मिल पूरे कर लूँ ,
तुमको मैं अपना बनाके सारे ख्वाब को सच बना लूँ ..
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