🦋🦋🦋
मकड़ी जैसे मत उलझो 🕸️
तुम हम के तने बाने में,
तितली जैसे रंग बिखेरो
हस कर इस जमाने में।😊
🦋🦋🦋
तितली बन कर तुम उड़ती रहती हो
खुशबू तुम जहां में फैलती रहती हो।🌸
तुम कितनी मासूमियत लिए,
हम सबकी सेवा करती हो।
🦋🦋🦋
तितली हमसे पूछ रही है,
की मै फूलों🌺 पर और इंसान
दौलत पर मंडराते है।
🦋🦋🦋
लुप्त हो गए इश्क़ बनकर 💔
तुम भूल कर दिखते भी नहीं,😌
तितली जैसे कुछ तुम, मुझ जैसे
फूल पर टिकते भी नहीं।🌼
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मकड़ी जैसे मत उलझो 🕸️
तुम हम के तने बाने में,
तितली जैसे रंग बिखेरो
हस कर इस जमाने में।😊
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तितली बन कर तुम उड़ती रहती हो
खुशबू तुम जहां में फैलती रहती हो।🌸
तुम कितनी मासूमियत लिए,
हम सबकी सेवा करती हो।
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तितली हमसे पूछ रही है,
की मै फूलों🌺 पर और इंसान
दौलत पर मंडराते है।
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लुप्त हो गए इश्क़ बनकर 💔
तुम भूल कर दिखते भी नहीं,😌
तितली जैसे कुछ तुम, मुझ जैसे
फूल पर टिकते भी नहीं।🌼
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