हर हादसे के बाद यही ड्रामा होता है।
कुछ दिन छापेमारी, कुछ नोटिस, कुछ फोटो और फिर सब पहले जैसा।
जब तक भ्रष्ट अधिकारियों, लापरवाह संस्थानों और जिम्मेदार मंत्रियों पर सख्त कार्रवाई, जवाबदेही और इस्तीफा नहीं होगा, तब तक बच्चों की जान ऐसे ही जाती रहेगी।
यह दुर्घटना नहीं, व्यवस्था की नाकामी और भ्रष्टाचार से हुई हत्या है।
#LucknowFireIncident #NoAccountability
https://x.com/i/status/2069638684555747792
कुछ दिन छापेमारी, कुछ नोटिस, कुछ फोटो और फिर सब पहले जैसा।
जब तक भ्रष्ट अधिकारियों, लापरवाह संस्थानों और जिम्मेदार मंत्रियों पर सख्त कार्रवाई, जवाबदेही और इस्तीफा नहीं होगा, तब तक बच्चों की जान ऐसे ही जाती रहेगी।
यह दुर्घटना नहीं, व्यवस्था की नाकामी और भ्रष्टाचार से हुई हत्या है।
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Media is too big
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पहले मंदिर के नाम पर जनता को लूटा,
फिर मंदिर बनते ही उसी को लूट लिया।
भेड़ की खाल में छिपे भेड़िए, धर्म नहीं—अपने कर्मों से पहचाने जाते हैं।
https://x.com/i/status/2071537889541071316
फिर मंदिर बनते ही उसी को लूट लिया।
भेड़ की खाल में छिपे भेड़िए, धर्म नहीं—अपने कर्मों से पहचाने जाते हैं।
https://x.com/i/status/2071537889541071316
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सूचना
इंदौर के प्रमुख लाइब्रेरी संस्थानों से निवेदन है कि छात्रों की सुरक्षा, सुविधाओं और शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में सुरक्षा नियमों और छात्रों के हितों की अनदेखी न की जाए।
कुछ स्थानों से यह जानकारी सामने आ रही है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के नाम पर लाइब्रेरी शुल्क में वृद्धि की जा रही है। कई लाइब्रेरी में ₹1600 से ₹2000 तक शुल्क लिया जा रहा है, जो कई छात्रों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए चिंता का विषय है।
अतः सभी लाइब्रेरी संचालकों से आग्रह है कि शुल्क निर्धारण करते समय छात्रों की आर्थिक परिस्थितियों का ध्यान रखें। साथ ही फीस वापसी की स्पष्ट व्यवस्था, बेहतर सुरक्षा मानक और छात्रों के प्रति अपनी सभी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करें।
लाइब्रेरी केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य निर्माण का माध्यम है। इसलिए सभी संस्थान छात्र हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक वातावरण और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
- TEAM NEYU
इंदौर के प्रमुख लाइब्रेरी संस्थानों से निवेदन है कि छात्रों की सुरक्षा, सुविधाओं और शासन द्वारा निर्धारित सभी मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करें। किसी भी स्थिति में सुरक्षा नियमों और छात्रों के हितों की अनदेखी न की जाए।
कुछ स्थानों से यह जानकारी सामने आ रही है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करने के नाम पर लाइब्रेरी शुल्क में वृद्धि की जा रही है। कई लाइब्रेरी में ₹1600 से ₹2000 तक शुल्क लिया जा रहा है, जो कई छात्रों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए चिंता का विषय है।
अतः सभी लाइब्रेरी संचालकों से आग्रह है कि शुल्क निर्धारण करते समय छात्रों की आर्थिक परिस्थितियों का ध्यान रखें। साथ ही फीस वापसी की स्पष्ट व्यवस्था, बेहतर सुरक्षा मानक और छात्रों के प्रति अपनी सभी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से पालन करें।
लाइब्रेरी केवल एक व्यवसाय नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य निर्माण का माध्यम है। इसलिए सभी संस्थान छात्र हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक वातावरण और सुरक्षित सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
- TEAM NEYU
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MP में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर नहीं होगी नौकरी, आयुक्त ने जारी किया बड़ा आदेश https://thesootr.com/state/madhya-pradesh/mp-fake-disability-certificate-job-action-12144453
The Sootr
MP में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट पर नहीं होगी नौकरी, आयुक्त ने जारी किया बड़ा आदेश
मप्र में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट से नौकरी लेने वालों की लगातार शिकायतों के बाद अब मप्र शासन ने बड़ा आदेश दिया है। द सूत्र द्वारा लगातार यह मुद्दा उठाया गया। हाल ही में फूड सेफ्टी ऑफिसर में भी फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट का मुद्दा उठाया था। मध्य प्रदेश
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प्रदेश के लाखों युवाओं की मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना देने तक की अनुमति इंदौर पुलिस ने नहीं दी थी।
वहीं दतिया में गुंडागर्दी, हाईवे जाम और पुलिस पर पथराव जैसी घटनाओं के बाद भी पुलिस मीडिया में आकर मिमिया रही है
यही काम प्रदेश के युवा करते तो उनको Anti National घोषित करके जेल में डाल दिया जाता..
https://x.com/i/status/2075809442113937864
वहीं दतिया में गुंडागर्दी, हाईवे जाम और पुलिस पर पथराव जैसी घटनाओं के बाद भी पुलिस मीडिया में आकर मिमिया रही है
यही काम प्रदेश के युवा करते तो उनको Anti National घोषित करके जेल में डाल दिया जाता..
https://x.com/i/status/2075809442113937864
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