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See the power of students 🔥
When students unite, even the strongest systems are forced to listen. ✊
https://x.com/i/status/2085155665656545356
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If Millennials had been as smart and aware as Gen Z, the country might not have faced such difficult times.
https://x.com/i/status/2085600237150998622
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झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों को न तो Anti-National या Urban Naxal कहा जाएगा, न उन पर विदेशी फंडिंग के आरोप लगाए जाएंगे, न लाठीचार्ज होगा और न ही उन्हें आंदोलन करने से रोका जाएगा।
-- झारखंड शिक्षा मंत्री
https://x.com/i/status/2085601385215860804
-- झारखंड शिक्षा मंत्री
https://x.com/i/status/2085601385215860804
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जंतर-मंतर की चिंगारी अब पूरे देश में फैल चुकी है। झारखंड में चल रहा छात्र आंदोलन आज राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया है। छात्रों की एकजुटता और संघर्ष के आगे सरकार को भी संवाद के लिए आगे आना पड़ा है। अब 11 छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सरकार से मुलाकात कर अपनी मांगें रखेगा। छात्र शक्ति की आवाज़ को अब अनदेखा करना आसान नहीं है। ✊🔥
https://youtu.be/Qn9Dk9s099s?si=XPx00TeZe_aPElMT
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YouTube
JPSC Protest: सरकार से बात करने जा रहे प्रदर्शनकारी ने क्या शर्तें सामने रख दीं? Saurabh Dwivedi
Will the Hemant Soren government accept the demands of JPSC students? Watch what the student representative heading for talks revealed!
A major turning point has arrived in the ongoing JPSC and JSSC agitation in Ranchi, Jharkhand. In this exclusive ground…
A major turning point has arrived in the ongoing JPSC and JSSC agitation in Ranchi, Jharkhand. In this exclusive ground…
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देश बचाने का समय आ गया है #GenZ ही अपने देश को बचा सकती है।
#ScientificTemper
https://x.com/i/status/2086432763788333163
#ScientificTemper
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👏6❤1
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झारखंड में छात्रों का विधानसभा घेराव, छात्र अपनी सभी मांगों को पूरा करवाने पर अड़े हुए हैं.छात्रों की जीत निश्चित है ✊️
#Jharkhand #StudentsProtest
https://x.com/i/status/2086765827731357799
#Jharkhand #StudentsProtest
https://x.com/i/status/2086765827731357799
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मध्यप्रदेश के छात्रों को सलाह है..
परीक्षाओं में धांधली से संबंधित किसी भी बिचौलिए या दलाल के चक्कर में न पड़ें, क्योंकि आने वाले समय में जिन परीक्षाओं पर विवाद और संदेह है उनकी निष्पक्ष जांच होगी। परीक्षाएँ रद्द भी हो सकती हैं और धांधली में शामिल सभी लोगों को सख्त सजा भी मिलेगी।
झारखंड में आप देख ही रहे हैं कि पुरानी भर्तियाँ रद्द हो रही हैं और JPSC के चेयरमैन तक को गिरफ्तार किया जा चुका है।
छात्र जाग चुके हैं, अब सब संभव है।
परीक्षाओं में धांधली से संबंधित किसी भी बिचौलिए या दलाल के चक्कर में न पड़ें, क्योंकि आने वाले समय में जिन परीक्षाओं पर विवाद और संदेह है उनकी निष्पक्ष जांच होगी। परीक्षाएँ रद्द भी हो सकती हैं और धांधली में शामिल सभी लोगों को सख्त सजा भी मिलेगी।
झारखंड में आप देख ही रहे हैं कि पुरानी भर्तियाँ रद्द हो रही हैं और JPSC के चेयरमैन तक को गिरफ्तार किया जा चुका है।
छात्र जाग चुके हैं, अब सब संभव है।
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मध्यप्रदेश सरकार ने खुद माना है कि आबकारी परीक्षा में धांधली हुई है। इसी प्रकार पटवारी भर्ती में 2000 फर्जी लोग सरकार से सैलरी ले रहे हैं और अन्य परीक्षाओं में भी धांधली के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ठोस कार्रवाई करने के बजाय कुछ और ही चाहती नजर आती है।
https://x.com/i/status/2087073020838129697
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दिल्ली में इस्तीफा हुआ, झारखंड में गिरफ्तारियाँ हुईं, और यह सिलसिला अन्य राज्यों तक भी पहुँचेगा। यह बदलाव की आवाज़ अब रुकने वाली नहीं है।
मेहनती छात्रों को सलाह है कि किसी भी दलाल या बिचौलिए के झाँसे में न आएँ। ऐसे शॉर्टकट आपके करियर और वर्षों की मेहनत को बर्बाद कर सकते हैं। झारखंड में पाँच साल पुरानी परीक्षाओं तक की जाँच हुई है, कई परीक्षाएँ रद्द हुई हैं, और फर्जीवाड़े के जरिए नौकरी पाने वालों की न केवल नौकरी गई है, बल्कि उन्हें जेल भी जाना पड़ा है। मेहनत पर भरोसा रखें, गलत रास्ते का अंजाम हमेशा भारी पड़ता है।
https://x.com/i/status/2087425214523285712
मेहनती छात्रों को सलाह है कि किसी भी दलाल या बिचौलिए के झाँसे में न आएँ। ऐसे शॉर्टकट आपके करियर और वर्षों की मेहनत को बर्बाद कर सकते हैं। झारखंड में पाँच साल पुरानी परीक्षाओं तक की जाँच हुई है, कई परीक्षाएँ रद्द हुई हैं, और फर्जीवाड़े के जरिए नौकरी पाने वालों की न केवल नौकरी गई है, बल्कि उन्हें जेल भी जाना पड़ा है। मेहनत पर भरोसा रखें, गलत रास्ते का अंजाम हमेशा भारी पड़ता है।
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दिल्ली से लेकर रांची तक और पूरे देश में छात्र आंदोलनों का मुख्य कारण क्या है?
मेडिकल की प्रवेश परीक्षा और नौकरी के लिए होने वाली परीक्षाओं में धांधली।
छात्रों ने पूरे देश के परीक्षा सिस्टम को हिला दिया।
लेकिन आश्चर्यजनक बात आप देखिए परीक्षाओं में सबसे ज्यादा धांधली का जहां काम हुआ व्यापम मध्य प्रदेश में वहां न पहले कुछ हुआ न अब कुछ हो रहा है।
भाजपा सरकार पर आरोप लगे थे।
बीच में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार भी आई।
लेकिन कुछ नहीं हुआ।
मेडिकल सहित अन्य नौकरियों के लिए प्रवेश परीक्षाएं लेने वाली सरकारी संस्था व्यापम में यह घोटाले 2008 में शिवराज सिंह चौहान के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद से शुरू हो गए थे। लेकिन सबसे बड़ा कांड 2013 में पकड़ा गया।
जब मेडिकल कॉलेज की प्रवेश परीक्षा पीएमटी के लिए परीक्षा देते हुए छात्रों के बदले 20 अन्य लोग पकड़े गए थे।
लेकिन भाजपा सरकार उन मामलों को हमेशा दबाती रही और व्यापम का बचाव करती रही।
कांग्रेस ने खूब आरोप लगाए।
लेकिन जब 2018 में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनी तो उसने आश्चर्यजनक रूप से कुछ नहीं किया।
प्रसंग से बाहर बात है लेकिन जरूरी है की कमलनाथ सरकार ने इस तरह के एक और सबसे बड़े मामले सीडी कांड में भी कोई जांच नहीं की।
जबकि उसमें बीजेपी के नेताओं ने ही अपने तमाम बड़े और बहुत बड़े नेताओं पर शामिल होने के आरोप लगाए थे। तमाम सीडी भी थीं।
कमलनाथ ने कहा था मेरे पास भी है लेकिन किया कुछ नहीं।
खैर फिलहाल उस मामले को छोड़िए।
व्यापम का बता रहे हैं।
तो उसमें 55 के करीब लोगों की मौत हुई है जिसमें आत्महत्या हत्या के संदेह सब शामिल हैं।
सबसे बड़ी मौत वहां के राज्यपाल रहे रामनरेश यादव के बेटे शैलेश यादव की थी। इन पर भी व्यापम से जुड़े होने का आरोप था।
एक मेडिकल कॉलेज के डीन, जेल के अंदर मौत, एक पत्रकार की मृत्यु जो इस मामले की जांच कर रहा था ऐसे बहुत मामले हैं।
इस समय जब बाकी परीक्षाओं की धांधलियों की परतें खुल रही हैं तो व्यापम का सच भी पूरी तरह सामने आना चाहिए।
मध्य प्रदेश के लाखों छात्र युवाओं की जिंदगी इसने बर्बाद की है।
सोचिए 2009 से 2026!
16 साल!
कितने बच्चे इससे प्रभावित हुए होंगे?
मध्य प्रदेश में अविश्वास का दूसरा नाम व्यापम है।
जो मुख्यमंत्री होता है उसे सब जानकारी होती है।
कमलनाथ से भी सवाल होना चाहिए कि उन्हें क्या पता है?
और कार्रवाई क्यों नहीं की?
Post by Journalist👇
https://x.com/i/status/2087375544841339383
मेडिकल की प्रवेश परीक्षा और नौकरी के लिए होने वाली परीक्षाओं में धांधली।
छात्रों ने पूरे देश के परीक्षा सिस्टम को हिला दिया।
लेकिन आश्चर्यजनक बात आप देखिए परीक्षाओं में सबसे ज्यादा धांधली का जहां काम हुआ व्यापम मध्य प्रदेश में वहां न पहले कुछ हुआ न अब कुछ हो रहा है।
भाजपा सरकार पर आरोप लगे थे।
बीच में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार भी आई।
लेकिन कुछ नहीं हुआ।
मेडिकल सहित अन्य नौकरियों के लिए प्रवेश परीक्षाएं लेने वाली सरकारी संस्था व्यापम में यह घोटाले 2008 में शिवराज सिंह चौहान के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद से शुरू हो गए थे। लेकिन सबसे बड़ा कांड 2013 में पकड़ा गया।
जब मेडिकल कॉलेज की प्रवेश परीक्षा पीएमटी के लिए परीक्षा देते हुए छात्रों के बदले 20 अन्य लोग पकड़े गए थे।
लेकिन भाजपा सरकार उन मामलों को हमेशा दबाती रही और व्यापम का बचाव करती रही।
कांग्रेस ने खूब आरोप लगाए।
लेकिन जब 2018 में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनी तो उसने आश्चर्यजनक रूप से कुछ नहीं किया।
प्रसंग से बाहर बात है लेकिन जरूरी है की कमलनाथ सरकार ने इस तरह के एक और सबसे बड़े मामले सीडी कांड में भी कोई जांच नहीं की।
जबकि उसमें बीजेपी के नेताओं ने ही अपने तमाम बड़े और बहुत बड़े नेताओं पर शामिल होने के आरोप लगाए थे। तमाम सीडी भी थीं।
कमलनाथ ने कहा था मेरे पास भी है लेकिन किया कुछ नहीं।
खैर फिलहाल उस मामले को छोड़िए।
व्यापम का बता रहे हैं।
तो उसमें 55 के करीब लोगों की मौत हुई है जिसमें आत्महत्या हत्या के संदेह सब शामिल हैं।
सबसे बड़ी मौत वहां के राज्यपाल रहे रामनरेश यादव के बेटे शैलेश यादव की थी। इन पर भी व्यापम से जुड़े होने का आरोप था।
एक मेडिकल कॉलेज के डीन, जेल के अंदर मौत, एक पत्रकार की मृत्यु जो इस मामले की जांच कर रहा था ऐसे बहुत मामले हैं।
इस समय जब बाकी परीक्षाओं की धांधलियों की परतें खुल रही हैं तो व्यापम का सच भी पूरी तरह सामने आना चाहिए।
मध्य प्रदेश के लाखों छात्र युवाओं की जिंदगी इसने बर्बाद की है।
सोचिए 2009 से 2026!
16 साल!
कितने बच्चे इससे प्रभावित हुए होंगे?
मध्य प्रदेश में अविश्वास का दूसरा नाम व्यापम है।
जो मुख्यमंत्री होता है उसे सब जानकारी होती है।
कमलनाथ से भी सवाल होना चाहिए कि उन्हें क्या पता है?
और कार्रवाई क्यों नहीं की?
Post by Journalist👇
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Shakeel Akhtar (@shakeelNBT) on X
दिल्ली से लेकर रांची तक और पूरे देश में छात्र आंदोलनों का मुख्य कारण क्या है?
मेडिकल की प्रवेश परीक्षा और नौकरी के लिए होने वाली परीक्षाओं में धांधली।
छात्रों ने पूरे देश के परीक्षा सिस्टम को हि…
मेडिकल की प्रवेश परीक्षा और नौकरी के लिए होने वाली परीक्षाओं में धांधली।
छात्रों ने पूरे देश के परीक्षा सिस्टम को हि…
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छात्रों को अक्सर अपनी पहचान उजागर होने का डर रहता है। बिहार के छात्रों ने अपनी बात रखने का एक प्रभावी तरीका अपनाया है। मध्यप्रदेश के छात्र भी इसी तरह अपनी आवाज़ उठा सकते हैं।
https://x.com/i/status/2087600113372066054
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We have seen many caste-based and religious organizations in India that mobilize people on identity issues. Now India needs organizations like #CJP to organize and mobilize citizens on education, healthcare, and better public facilities.
https://x.com/i/status/2087869752421322888
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𝗚𝗲𝗻-𝗔𝗹𝗽𝗵𝗮
“अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते?”
स्कूल की टूटी पट्टियाँ, जर्जर भवन और हर पल हादसे का खतरा क्या किसी बच्चे की जान जाने का इंतज़ार किया जा रहा है ?
📍राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, थानागाजी, जोधावास, अलवर।
https://x.com/i/status/2088141205595197814
“अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते?”
स्कूल की टूटी पट्टियाँ, जर्जर भवन और हर पल हादसे का खतरा क्या किसी बच्चे की जान जाने का इंतज़ार किया जा रहा है ?
📍राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, थानागाजी, जोधावास, अलवर।
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