Finally met one farmer who has sold ethanol to oil companies. He described in detail how he grows sugarcane in acres of land, extracts juice and makes jaggery out of it and the byproduct is ethanol that he sells to Indian Oil for Rs 57.57 per litre. Indian Oil finds the refined petrol much cheaper. But they gotta mix to save the planet so they change the label to green. Green is so soothing to the sleeping eye. When I woke up, I called a friend and he said such farmers don't exist and that I must be dreaming or delusional. Afternoon naps give you weird dreams, I tell ya. Saawan ke sapne bhi hare hare hote hain.
😁13❤2🤔1
अगर लड़कियां मुझे ऐसे ही
ब्लॉक करती रही तो
एक दिन मैं ब्लॉक प्रमुख
बन जाऊंगा ।
— चित्रेश 😌😌☺️
ब्लॉक करती रही तो
एक दिन मैं ब्लॉक प्रमुख
बन जाऊंगा ।
— चित्रेश 😌😌☺️
🤣106😁6❤3😈1
50% टैरिफ का भारत पर प्रभाव
अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने का सीधा असर भारतीय निर्यात, खासकर कपड़ा, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा। इन सेक्टरों में अमेरिका भारतीय सामान का बड़ा आयातक है, इसलिए टैरिफ से भारतीय उत्पाद अपेक्षाकृत महंगे हो जाएंगे और अमेरिका में उनकी प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है।
मुख्य प्रभाव:
कपड़ा, जूते, ज्वेलरी और समुद्री उत्पादों पर निर्यात घट सकता है, जिससे इन सेक्टरों से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा।
भारत के 86 अरब डॉलर के निर्यात पर सीधा खतरा बताया गया है।
दवा, ऊर्जा (कच्चा तेल, कोयला, प्राकृतिक गैस), और कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स पर यह टैरिफ नहीं लगेगा।
रुपये में गिरावट का दबाव बढ़ा है, जिससे आयात महंगा और व्यापार घाटा बढ़ सकता है।
आर्थिक स्तर पर:
भारतीय जीडीपी को नुकसान 0.2% से अधिक तक हो सकता है – एक्सपर्ट और सरकारी अनुमान।
अमेरिका में महंगाई बढ़ सकती है क्योंकि वहां उपभोक्ताओं को महंगे भारतीय उत्पाद मिलेंगे।
भारतीय सरकार ने इसे अनुचित बताते हुए वाणिज्य वार्ता के जरिए समाधान खोजने का भरोसा दिया है, और निर्यातकों के लिए सहायता पोर्टल की घोषणा की है।
भारत के अलावा, ब्राजील पर भी 50% टैरिफ लागू है, जबकि पड़ोसी देशों (चीन, बांग्लादेश आदि) पर दरें 25-40% हैं।
कुल मिलाकर, यह फैसला भारत के बड़े निर्यात क्षेत्रों, विदेशी मुद्रा आय, और आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक दबाव डाल सकता है। भारत सरकार WTO जैसे मंच पर चुनौती देने और व्यापारिक संवाद जारी रखने की रणनीति अपना रही है।
अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने का सीधा असर भारतीय निर्यात, खासकर कपड़ा, समुद्री उत्पाद, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, ऑटो पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा। इन सेक्टरों में अमेरिका भारतीय सामान का बड़ा आयातक है, इसलिए टैरिफ से भारतीय उत्पाद अपेक्षाकृत महंगे हो जाएंगे और अमेरिका में उनकी प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है।
मुख्य प्रभाव:
कपड़ा, जूते, ज्वेलरी और समुद्री उत्पादों पर निर्यात घट सकता है, जिससे इन सेक्टरों से जुड़े लाखों लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा।
भारत के 86 अरब डॉलर के निर्यात पर सीधा खतरा बताया गया है।
दवा, ऊर्जा (कच्चा तेल, कोयला, प्राकृतिक गैस), और कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स पर यह टैरिफ नहीं लगेगा।
रुपये में गिरावट का दबाव बढ़ा है, जिससे आयात महंगा और व्यापार घाटा बढ़ सकता है।
आर्थिक स्तर पर:
भारतीय जीडीपी को नुकसान 0.2% से अधिक तक हो सकता है – एक्सपर्ट और सरकारी अनुमान।
अमेरिका में महंगाई बढ़ सकती है क्योंकि वहां उपभोक्ताओं को महंगे भारतीय उत्पाद मिलेंगे।
भारतीय सरकार ने इसे अनुचित बताते हुए वाणिज्य वार्ता के जरिए समाधान खोजने का भरोसा दिया है, और निर्यातकों के लिए सहायता पोर्टल की घोषणा की है।
भारत के अलावा, ब्राजील पर भी 50% टैरिफ लागू है, जबकि पड़ोसी देशों (चीन, बांग्लादेश आदि) पर दरें 25-40% हैं।
कुल मिलाकर, यह फैसला भारत के बड़े निर्यात क्षेत्रों, विदेशी मुद्रा आय, और आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक दबाव डाल सकता है। भारत सरकार WTO जैसे मंच पर चुनौती देने और व्यापारिक संवाद जारी रखने की रणनीति अपना रही है।
👍12❤4🔥3✍2
घृणा करने के चाहे हज़ार कारण हों
प्रेम करने के हमेशा उससे अधिक होते हैं। यह प्रेम की ताकत है।
अरुण देव
प्रेम करने के हमेशा उससे अधिक होते हैं। यह प्रेम की ताकत है।
अरुण देव
❤35🤣10💊3😈1